Updated: 6 November 2026
उत्तराखंड के पहाड़ी गाँवों में आज भी कई परिवार ऐसे हैं जहाँ बेटी के जन्म पर खुशी के साथ-साथ एक चिंता भी आ जाती है। चिंता पढ़ाई की, चिंता आगे की राह की, चिंता इस बात की कि बेटी बड़े होकर अपनी पढ़ाई पूरी कर पाएगी या नहीं। हर माता-पिता चाहते हैं कि उनकी बेटी पढ़े, आगे बढ़े और अपने पैरों पर खड़ी हो। लेकिन कई बार पैसों की कमी इस सपने के बीच में आ जाती है।
इसी चिंता को कम करने के लिए उत्तराखंड सरकार एक योजना चला रही है जो बेटी के जीवन के दो सबसे अहम मोड़ों पर परिवार के साथ खड़ी होती है। पहला मोड़ वह होता है जब बेटी इस दुनिया में आती है, और दूसरा मोड़ वह होता है जब वह अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी करके आगे की पढ़ाई की तरफ बढ़ती है। इस लेख में हम इस योजना की पूरी जानकारी आसान भाषा में समझेंगे। आवेदन कहाँ करना है, कौन आवेदन कर सकता है, कौन से कागजात चाहिए और आवेदन करते समय कौन सी गलतियाँ नहीं करनी हैं, यह सब आपको यहाँ मिलेगा।
लेख को अंत तक पढ़ें, क्योंकि आखिर में हमने वे सवाल भी जोड़े हैं जो परिवार सबसे ज्यादा पूछते हैं। अगर आप उत्तराखंड के स्थायी निवासी हैं और आपके घर में बेटी है, तो यह जानकारी आपके बहुत काम आ सकती है।
नंदा गौरा योजना 2026: एक नज़र में
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | नंदा गौरा योजना (Nanda Gaura Yojana) |
| पहला नाम | गौरा देवी कन्या धन योजना |
| राज्य | उत्तराखंड |
| विभाग | महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, उत्तराखंड |
| लाभ किसे | उत्तराखंड की स्थायी निवासी बालिकाओं को |
| लाभ के चरण | दो चरण – जन्म पर और कक्षा 12 उत्तीर्ण करने पर |
| कुल लाभ | 62,000 रुपये (दोनों चरण मिलाकर) |
| एक परिवार में लाभ | अधिकतम दो बालिकाओं को |
| आवेदन का तरीका | केवल ऑनलाइन, ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं |
| आधिकारिक पोर्टल | nandagaurauk.in |
| कक्षा 12 चरण के आवेदन शुरू | 22 अगस्त 2026 |
| कक्षा 12 चरण की अंतिम तिथि | 30 नवंबर 2026 |
| जन्म चरण की समय सीमा | जन्म के 6 महीने के भीतर |
नंदा गौरा योजना क्या है
नंदा गौरा योजना उत्तराखंड सरकार की एक बेटी-केंद्रित योजना है। इसका मकसद साफ है: बेटी के जन्म को बोझ नहीं, बल्कि खुशी का मौका बनाना, और बेटी की पढ़ाई को बीच में रुकने से रोकना। योजना के तहत परिवार को दो बार आर्थिक मदद दी जाती है। पहली मदद तब मिलती है जब घर में बेटी का जन्म होता है। दूसरी मदद तब मिलती है जब बेटी कक्षा 12 पास करके आगे की पढ़ाई में दाखिला लेती है।
यह योजना पहले गौरा देवी कन्या धन योजना के नाम से जानी जाती थी। बाद में इसका नाम बदलकर नंदा गौरा योजना कर दिया गया। नाम बदला, लेकिन मकसद वही रहा: बेटियों को जन्म से लेकर पढ़ाई तक सहारा देना। आज यह योजना उत्तराखंड के महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के तहत चल रही है, और इसके सारे आवेदन आधिकारिक पोर्टल nandagaurauk.in पर ऑनलाइन भरे जाते हैं।
योजना की एक खास बात यह है कि इसमें पैसा सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजा जाता है। बीच में कोई नकद लेन-देन नहीं होता। इसी वजह से आवेदन करते समय बैंक खाते की जानकारी सही भरना बहुत जरूरी होता है। खाता आधार से जुड़ा होना चाहिए, और जन्म चरण में माता-पिता या अभिभावक के साथ बेटी का संयुक्त खाता देना होता है, जबकि कक्षा 12 चरण में छात्रा का अपना बैंक खाता देना होता है।
फरवरी 2026 में इस योजना के तहत 33,251 लाभार्थी बालिकाओं के खातों में करीब 145.93 करोड़ रुपये सीधे भेजे गए थे। यह बताता है कि योजना सिर्फ कागजों पर नहीं है, बल्कि इसका लाभ सच में परिवारों तक पहुँच रहा है।
दोनों चरणों में कितनी मदद मिलती है
नंदा गौरा योजना का लाभ दो चरणों में दिया जाता है। दोनों चरणों की राशि अलग-अलग है और दोनों के लिए अलग-अलग समय पर आवेदन करना होता है। नीचे दी गई तालिका से यह साफ हो जाएगा।
| चरण | कब मिलता है | राशि |
|---|---|---|
| पहला चरण | बेटी के जन्म पर | 11,000 रुपये |
| दूसरा चरण | कक्षा 12 उत्तीर्ण करने पर | 51,000 रुपये |
| कुल | दोनों चरण मिलाकर | 62,000 रुपये |
पहला चरण जन्म से जुड़ा है। बेटी के जन्म के 6 महीने के भीतर आवेदन करना जरूरी है। अगर 6 महीने बीत गए, तो पोर्टल आवेदन स्वीकार नहीं करेगा। इसलिए जन्म के बाद जन्म प्रमाण पत्र और संस्थागत प्रसव का प्रमाण पत्र मिलते ही आवेदन की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।
दूसरा चरण कक्षा 12 से जुड़ा है। हर वित्तीय वर्ष में इस चरण के आवेदन की अंतिम तिथि 30 नवंबर तय की गई है। इस साल कक्षा 12 उत्तीर्ण करने वाली छात्राओं के लिए आवेदन 22 अगस्त 2026 से शुरू हो चुके हैं और 30 नवंबर 2026 तक भरे जा सकते हैं। इस तारीख के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
एक बात और जान लें: यह योजना बजट की उपलब्धता के अनुसार पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर चलती है। यानी अंतिम तिथि का इंतजार करना समझदारी नहीं है। कागजात तैयार होते ही आवेदन कर देना बेहतर रहता है।
नोट: पोर्टल के मुख्य पेज पर आवेदन की तारीखें और नियम विस्तार से दिए गए हैं, लेकिन राशि की सूची वहाँ अलग से नहीं दिखती। ऊपर दी गई राशि योजना के प्रकाशित दिशा-निर्देशों के अनुसार है। आवेदन से पहले पोर्टल पर दी गई जानकारी भी एक बार जरूर देख लें।
कौन आवेदन कर सकता है: पात्रता
इस योजना का लाभ हर परिवार को नहीं मिलता। इसके लिए कुछ साफ शर्तें तय की गई हैं। आवेदन करने से पहले इन शर्तों को ध्यान से पढ़ लें, क्योंकि गलत जानकारी भरने पर आवेदन रद्द कर दिया जाता है।
- स्थायी निवासी: बेटी उत्तराखंड राज्य की मूल या स्थायी निवासी होनी चाहिए। दूसरे राज्य के निवासी इस योजना का लाभ नहीं ले सकते। स्थायी निवास प्रमाण पत्र आवेदन के साथ देना होता है।
- दो बेटियों की सीमा: एक परिवार की अधिकतम दो जीवित बालिकाओं को ही इस योजना का लाभ दिया जाएगा। तीसरी बेटी के लिए आवेदन स्वीकार नहीं होगा।
- जन्म चरण की शर्त: जन्म पर लाभ के लिए आवेदन बेटी के जन्म के 6 महीने के भीतर करना अनिवार्य है। 6 महीने के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- कक्षा 12 चरण की शर्त: दूसरे चरण का लाभ सिर्फ उसी बालिका को मिलेगा जिसने कक्षा 12 (इंटर) उत्तीर्ण की हो। साथ ही उच्च शिक्षा में दाखिले के दस्तावेज भी माँगे जाते हैं, यानी स्नातक या डिप्लोमा पाठ्यक्रम में दाखिला जरूरी है।
- अविवाहित होना: दूसरे चरण के लिए शपथ पत्र में यह बताना होता है कि लाभ लेने वाली बेटी अविवाहित है।
- आय सीमा: परिवार की वार्षिक आय 72,000 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए, यानी महीने के करीब 6,000 रुपये। आय प्रमाण पत्र आवेदन के साथ देना होता है।
- बैंक खाता: बैंक खाता सक्रिय हो और आधार से जुड़ा हो। जन्म चरण में माता-पिता या अभिभावक और शिशु का संयुक्त खाता चाहिए, जबकि कक्षा 12 चरण में छात्रा का अपना खाता चाहिए। जन-धन खाता नहीं देना है।
- एक चरण, एक आवेदन: एक बालिका के लिए एक चरण के लिए एक से अधिक बार आवेदन करने पर आवेदन रद्द कर दिया जाएगा।
अगर आपका परिवार इन शर्तों को पूरा करता है, तो आप आवेदन कर सकते हैं। अगर कोई शर्त पूरी नहीं होती, तो आवेदन करने से पहले उसे पूरा करने की कोशिश करें, जैसे आय प्रमाण पत्र या निवास प्रमाण पत्र बनवाना।
जन्म चरण के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए
बेटी के जन्म पर आवेदन के लिए पोर्टल पर दस्तावेजों की लंबी सूची दी गई है। सारे दस्तावेज पहले से तैयार करके रखें, ताकि फॉर्म भरते समय रुकना न पड़े। हर दस्तावेज का आकार 200 KB से ज्यादा नहीं होना चाहिए और वह साफ पढ़ने लायक होना चाहिए। धुंधला या अपठनीय दस्तावेज मिलने पर आवेदन रद्द हो सकता है।
- कन्या शिशु की नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो
- माता-पिता या अभिभावक के हस्ताक्षर
- स्थायी निवास प्रमाण पत्र
- परिवार रजिस्टर की नकल या सभासद या पार्षद द्वारा दिया गया प्रमाण पत्र
- राशन कार्ड की प्रति
- संस्थागत प्रसव का प्रमाण पत्र
- जन्म पंजीकरण का प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- माता और पिता या अभिभावक का आधार कार्ड
- नगरीय या ग्रामीण स्थानीय निकाय द्वारा दिया गया गृह कर या किराया समझौते के कागजात; न होने पर ग्राम प्रधान या पार्षद द्वारा दिया गया प्रमाण पत्र
- माता और पिता या अभिभावक का पैन कार्ड
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा दिया गया प्रमाण पत्र
- मातृ शिशु प्रतिरक्षण या एमसीपी (टीकाकरण) कार्ड
- परिवार के सभी सदस्यों के बैंक पासबुक की प्रति और पिछले एक साल के बैंक स्टेटमेंट की प्रति
- सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना (SECC) में परिवार की स्थिति के आंकलन की प्रति, यदि उपलब्ध हो
- शपथ पत्र, जिसमें यह लिखा हो कि यह लाभ प्रथम या द्वितीय पुत्री द्वारा लिया जा रहा है और परिवार के सभी खातों का विवरण दे दिया गया है
- परिवार के पिछले तीन बार के बिजली के बिलों की प्रति और एक बार के पानी के बिल की प्रति; कनेक्शन न होने पर शपथ पत्र में इसका उल्लेख करें
कक्षा 12 चरण के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए
कक्षा 12 उत्तीर्ण करने के बाद आवेदन के लिए दस्तावेजों की सूची थोड़ी अलग है। इसमें पढ़ाई से जुड़े प्रमाण पत्र भी शामिल होते हैं।
- छात्रा की नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो
- छात्रा के हस्ताक्षर और माता-पिता या अभिभावक के हस्ताक्षर
- हाईस्कूल का प्रमाण पत्र
- कक्षा 12 उत्तीर्ण का अंक पत्र और प्रमाण पत्र; राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय या अन्य शिक्षण संस्थान से उत्तीर्ण होने पर स्वप्रमाणित अंक पत्र की छायाप्रति
- छात्रा और माता-पिता या अभिभावक का आधार कार्ड
- छात्रा और माता-पिता या अभिभावक का पैन कार्ड
- छात्रा का स्थायी निवास प्रमाण पत्र
- गृह कर या किराया समझौते के कागजात; न होने पर ग्राम प्रधान या पार्षद द्वारा दिया गया प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- परिवार रजिस्टर की नकल या सभासद या पार्षद द्वारा दिया गया प्रमाण पत्र और राशन कार्ड की प्रति; राशन कार्ड में बालिका का नाम होना अनिवार्य है
- सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना में परिवार की स्थिति के आंकलन की प्रति, यदि उपलब्ध हो
- परिवार के पिछले तीन बार के बिजली के बिलों की प्रति और एक बार के पानी के बिल की प्रति
- शपथ पत्र, जिसमें यह लिखा हो कि यह लाभ प्रथम या द्वितीय पुत्री द्वारा लिया जा रहा है और पुत्री अविवाहित है
- लाभार्थी बालिका के बैंक पासबुक की छाया प्रति
- परिवार के सभी सदस्यों के बैंक पासबुक की प्रति और पिछले एक साल के बैंक स्टेटमेंट की प्रति
- उच्च शिक्षा में दाखिले के पूर्ण दस्तावेजों की प्रति
- प्रधानाचार्य द्वारा कक्षा 12 उत्तीर्ण का निर्गत प्रमाण पत्र, सिर्फ संस्थागत छात्रा के लिए; निजी विद्यालयों की छात्राओं के लिए आरटीई के तहत पंजीकृत प्रमाण पत्र
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा दिया गया प्रमाण पत्र
अनाथ आश्रम, बालिका निकेतन या नारी निकेतन में रहने वाली छात्राओं के लिए दस्तावेजों की सूची अलग है। उनके लिए संस्था की अधीक्षिका द्वारा जारी प्रमाण पत्र और अविवाहित होने का प्रमाण पत्र भी देना होता है। ऐसी छात्राओं को पोर्टल पर दी गई तीसरी सूची को ध्यान से पढ़ना चाहिए।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें: स्टेप बाय स्टेप
नंदा गौरा योजना पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है। किसी भी दशा में ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाते। इसलिए फॉर्म सिर्फ आधिकारिक पोर्टल nandagaurauk.in पर ही भरें। किसी एजेंट या बिचौलिए को पैसे देकर फॉर्म भरवाने की जरूरत नहीं है। नीचे दिए गए चरणों को क्रम से अपनाएँ।
चरण 1: पोर्टल खोलें। अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर आधिकारिक पोर्टल nandagaurauk.in खोलें। पोर्टल के मुख्य पेज पर आवेदन से पहले पढ़ने वाले निर्देश दिए गए हैं। फॉर्म भरने से पहले उन निर्देशों को ध्यान से पढ़ें, क्योंकि उन्हीं में सारी शर्तें और समय सीमाएँ लिखी हैं।
चरण 2: रजिस्ट्रेशन करें। अगर आप पहली बार आवेदन कर रहे हैं, तो पोर्टल पर नए उपयोगकर्ता के रूप में रजिस्ट्रेशन करें। अपनी सही जानकारी भरें और लॉगिन विवरण संभालकर रखें। यही लॉगिन आगे आवेदन की स्थिति देखने के काम आएगा।
चरण 3: सही चरण चुनें। पोर्टल पर जन्म चरण और कक्षा 12 चरण के लिए अलग-अलग आवेदन होते हैं। अपनी बेटी की स्थिति के अनुसार सही चरण चुनें। गलत चरण चुनने पर आवेदन गलत हो जाएगा।
चरण 4: फॉर्म में जानकारी भरें। आवेदन फॉर्म में बेटी का नाम, जन्म तिथि, माता-पिता का नाम, पता, आय और बैंक खाते की जानकारी पूरी तरह सही भरें। अधूरी या गलत जानकारी भरने पर आवेदन रद्द कर दिया जाएगा। फॉर्म सबमिट करने से पहले हर जानकारी को दो बार जाँच लें।
चरण 5: दस्तावेज अपलोड करें। ऊपर दी गई सूची के अनुसार अपने चरण के सारे दस्तावेज अपलोड करें। हर दस्तावेज 200 KB से छोटा हो और साफ पढ़ने लायक हो। फोटो और हस्ताक्षर भी साफ होने चाहिए।
चरण 6: बैंक खाते की जानकारी जाँचें। बैंक खाता नंबर और आईएफएससी कोड ध्यान से भरें। खाता आधार से जुड़ा हो और सक्रिय हो। जन्म चरण में संयुक्त खाता और कक्षा 12 चरण में छात्रा का अपना खाता दें। जन-धन खाता न दें।
चरण 7: फॉर्म सबमिट करें और रसीद संभालें। सारी जानकारी और दस्तावेज जाँचने के बाद फॉर्म सबमिट करें। सबमिट करने के बाद मिली आवेदन संख्या या रसीद को संभालकर रखें। यही संख्या आगे आवेदन की स्थिति जानने में काम आएगी।
चरण 8: स्थिति जाँचते रहें। आवेदन के बाद पोर्टल पर उसी लॉगिन से आवेदन की स्थिति देखी जा सकती है। अगर विभाग को कोई दस्तावेज और चाहिए, तो पोर्टल पर सूचना मिलेगी। इसलिए आवेदन के बाद पोर्टल को समय-समय पर देखते रहें।
आवेदन करते समय ये गलतियाँ न करें
हर साल कई आवेदन छोटी-छोटी गलतियों की वजह से रद्द हो जाते हैं। नीचे दी गई गलतियों से बचकर आप अपना आवेदन सुरक्षित रख सकते हैं।
- गलत या अधूरी जानकारी: फॉर्म में नाम, जन्म तिथि या पते में गलती करना सबसे बड़ी वजह है। जानकारी दस्तावेजों से मिलाकर ही भरें।
- धुंधले दस्तावेज: 200 KB से बड़ा या साफ न पढ़ा जा सकने वाला दस्तावेज अपलोड न करें। हर दस्तावेज को अपलोड करने से पहले खोलकर देख लें।
- गलत बैंक खाता: बंद खाता, गलत खाता नंबर या जन-धन खाता देने से पैसा अटक सकता है। खाता सक्रिय हो और आधार से जुड़ा हो, यह पक्का करें।
- देरी करना: जन्म चरण में 6 महीने और कक्षा 12 चरण में 30 नवंबर की समय सीमा के बाद आवेदन स्वीकार नहीं होगा। आखिरी दिन का इंतजार न करें।
- एक ही चरण के लिए दो आवेदन: एक बालिका के लिए एक चरण के लिए एक से ज्यादा बार आवेदन करने पर आवेदन रद्द हो जाता है।
- ऑफलाइन फॉर्म भरना: योजना पूरी तरह ऑनलाइन है। कागज पर भरा गया फॉर्म किसी भी दशा में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- किसी को पैसे देना: यह योजना मुफ्त है। अगर कोई व्यक्ति आवेदन के नाम पर पैसे माँगे, तो वह ठगी हो सकती है। सिर्फ आधिकारिक पोर्टल का ही इस्तेमाल करें।
आवेदन की स्थिति कैसे जाँचें
फॉर्म सबमिट करने के बाद आवेदन की स्थिति जानने के लिए आधिकारिक पोर्टल nandagaurauk.in पर अपने लॉगिन से अंदर जाएँ। वहाँ आपके आवेदन की मौजूदा स्थिति दिखेगी। अगर आवेदन में कोई कमी होगी, तो विभाग की तरफ से सूचना मिलेगी। ऐसी स्थिति में माँगे गए दस्तावेज या जानकारी समय पर जमा कर दें। आवेदन की स्थिति के बारे में जानकारी पाने के लिए किसी अन्य वेबसाइट या व्यक्ति पर भरोसा न करें।
नंदा गौरा योजना से जुड़ी जरूरी बातें
इस योजना को समझने के लिए कुछ बातें और जानना जरूरी है। पहली बात, यह योजना सिर्फ उत्तराखंड की बेटियों के लिए है। दूसरी बात, इसमें लाभ दो ही बार मिलता है, बीच के किसी चरण में नहीं। तीसरी बात, दूसरे चरण का लाभ पाने के लिए कक्षा 12 पास करना ही काफी नहीं है, उच्च शिक्षा में दाखिला भी जरूरी है। चौथी बात, योजना पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर चलती है, इसलिए समय पर आवेदन करना ही सबसे बड़ी समझदारी है।
अगर आपके गाँव या शहर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं, तो उनसे भी मदद ले सकते हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा दिया गया प्रमाण पत्र आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेजों में शामिल है, और वे आवेदन की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दे सकती हैं।
बेटियों की पढ़ाई से जुड़ी अन्य योजनाओं के बारे में भी जानना फायदेमंद रहता है। केंद्र सरकार की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा पर काम करती है, और सुकन्या समृद्धि योजना बेटी के भविष्य के लिए बचत का अच्छा साधन है। इनके बारे में हमारी साइट पर विस्तार से पढ़ें: बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना 2026। महिलाओं के लिए आवास से जुड़ी मदद के बारे में जानने के लिए यह लेख भी पढ़ें: लाडली बहना आवास योजना 2026।
महत्वपूर्ण लिंक
| काम | लिंक |
|---|---|
| आधिकारिक पोर्टल – आवेदन करें | nandagaurauk.in |
| महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, उत्तराखंड | wecd.uk.gov.in |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
नंदा गौरा योजना में कुल कितनी मदद मिलती है?
कुल 62,000 रुपये मिलते हैं। बेटी के जन्म पर 11,000 रुपये और कक्षा 12 उत्तीर्ण करने पर 51,000 रुपये। दोनों चरणों के लिए अलग-अलग आवेदन करने होते हैं।
कक्षा 12 चरण के आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?
हर वित्तीय वर्ष में दूसरे चरण के आवेदन की अंतिम तिथि 30 नवंबर तय है। इस साल के लिए आवेदन 22 अगस्त 2026 से शुरू हो चुके हैं और 30 नवंबर 2026 तक भरे जा सकते हैं। इस तारीख के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बेटी के जन्म पर आवेदन कब तक करना होता है?
जन्म के 6 महीने के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है। 6 महीने बीत जाने पर आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा, इसलिए जन्म प्रमाण पत्र मिलते ही आवेदन की तैयारी शुरू कर दें।
एक परिवार की कितनी बेटियों को लाभ मिलेगा?
एक परिवार की अधिकतम दो जीवित बालिकाओं को ही इस योजना का लाभ दिया जाएगा। तीसरी बेटी के लिए आवेदन स्वीकार नहीं होगा।
क्या इस योजना के लिए ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं?
नहीं। यह योजना पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है। किसी भी दशा में ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएँगे। आवेदन सिर्फ आधिकारिक पोर्टल nandagaurauk.in पर ही करें।
कक्षा 12 चरण के लिए क्या उच्च शिक्षा में दाखिला जरूरी है?
हाँ। पोर्टल पर माँगे गए दस्तावेजों में उच्च शिक्षा में दाखिले के पूर्ण दस्तावेज भी शामिल हैं। इसलिए कक्षा 12 पास करने के बाद स्नातक या डिप्लोमा पाठ्यक्रम में दाखिला लेना जरूरी है।
आवेदन रद्द होने की सबसे आम वजह क्या है?
गलत या अधूरी जानकारी, धुंधले या 200 KB से बड़े दस्तावेज, गलत बैंक खाता और समय सीमा के बाद आवेदन करना सबसे आम वजहें हैं। फॉर्म सबमिट करने से पहले हर जानकारी और दस्तावेज को दो बार जाँच लें।
क्या योजना के लिए कोई शुल्क देना होता है?
नहीं। आवेदन मुफ्त है। अगर कोई व्यक्ति आवेदन के नाम पर पैसे माँगे, तो उस पर भरोसा न करें और सिर्फ आधिकारिक पोर्टल का इस्तेमाल करें।
अस्वीकरण: यह लेख सिर्फ जानकारी के लिए है। योजना के नियम समय-समय पर बदल सकते हैं। आवेदन करने से पहले आधिकारिक पोर्टल nandagaurauk.in पर दी गई नवीनतम जानकारी जरूर देख लें। GramSuvidha एक निजी सूचना पोर्टल (सरकारी वेबसाइट नहीं) है।





