Bal Seva Yojana 2026: UP Mukhyamantri Bal Seva Yojana — Labh, Yogta, Aavedan Prakriya

उत्तर प्रदेश में कई बच्चे ऐसे हैं जिनके माता-पिता में से कोई एक या दोनों नहीं रहे, या जिनकी पारिवारिक स्थिति अचानक बदल गई है। ऐसे बच्चों के लिए पढ़ाई जारी रखना, रोज़ की ज़रूरतें पूरी करना और एक सुरक्षित भविष्य की तरफ बढ़ना मुश्किल हो जाता है। बाल सेवा योजना ऐसे ही बच्चों के लिए बनाई गई है।

इस लेख में आपको इस योजना की पूरी जानकारी एक ही जगह मिलेगी। योजना क्या है, कौन इसके लिए योग्य है, कौन से दस्तावेज़ चाहिए, ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन कैसे करना है, और आवेदन के बाद क्या होता है — हर सवाल का जवाब आगे के हिस्सों में मिलेगा।

इसके अलावा आपको इस लेख में COVID श्रेणी और सामान्य श्रेणी के बीच का अंतर, केंद्र की PM CARES योजना से इसका फ़र्क, 2026 की ताज़ा स्थिति और दूसरे राज्यों में चल रही ऐसी ही योजनाओं की तुलना भी मिलेगी, ताकि आप सही योजना चुन सकें और कोई गलती न हो।

बाल सेवा योजना क्या है?

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक योजना है, जो महिला कल्याण विभाग के द्वारा चलाई जाती है। इस योजना का मकसद उन बच्चों की मदद करना है जिनके माता-पिता की मृत्यु हो गई हो, या जिनके माता-पिता किसी कारण से उनकी देखभाल करने की स्थिति में न हों।

योजना की घोषणा 29-30 May 2021 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की थी। उस समय देश COVID-19 की दूसरी लहर से गुज़र रहा था और कई बच्चे अपने माता-पिता को खो चुके थे। योजना शुरू में उन्हीं बच्चों के लिए थी, लेकिन बाद में इसका दायरा बढ़ाकर सामान्य श्रेणी भी जोड़ी गई, ताकि COVID के अलावा दूसरे कारणों से अनाथ हुए बच्चे, तलाकशुदा या परित्यक्त महिलाओं के बच्चे, जेल में बंद माता-पिता के बच्चे और बचाए गए बाल श्रमिक या भीख माँगने वाले बच्चे भी इसका लाभ ले सकें।

योजना के अंतर्गत बच्चे को हर महीने आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में DBT के माध्यम से मिलती है। इसके अलावा मुफ़्त शिक्षा, किताब, टैबलेट या लैपटॉप और लड़कियों के विवाह के लिए सहायता जैसे लाभ भी दिए जाते हैं। योजना का उद्देश्य सिर्फ़ पैसे देना नहीं है, बल्कि बच्चे की पढ़ाई, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन को बनाए रखना है।

योजना के लिए आवेदन UP मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के आधिकारिक पोर्टल mbsyup.in पर ऑनलाइन किया जा सकता है। पोर्टल पर नया पंजीकरण और लॉगिन दोनों की सुविधा है। आवेदन करते समय सही मोबाइल नंबर देना ज़रूरी है, क्योंकि उसी पर जानकारी और OTP से जुड़ी सूचना आती है। एक ही बच्चे के लिए duplicate आवेदन करने पर आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है, इसलिए पहले आवेदन की स्थिति जाँच लें।

एक नज़र में मुख्य जानकारी

जानकारी विवरण
योजना का नाम मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (उत्तर प्रदेश)
चलाने वाला विभाग महिला कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश (mahilakalyan.up.nic.in)
घोषणा 29-30 May 2021, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
आवेदन पोर्टल mbsyup.in (UPMBSY)
COVID श्रेणी सहायता Rs 4,000 प्रति महीना, 18 साल की उम्र तक
सामान्य श्रेणी सहायता Rs 2,500 प्रति महीना, 18 साल की उम्र तक; उच्च शिक्षा के लिए 23 साल तक
आवेदन की समय सीमा माता-पिता की मृत्यु के 2 साल के अंदर
आय सीमा COVID श्रेणी (एक माता-पिता जीवित हों तो) Rs 2 lakh प्रति वर्ष; सामान्य श्रेणी Rs 3 lakh प्रति वर्ष; दोनों माता-पिता की मृत्यु पर कोई आय सीमा नहीं
सत्यापन पहचान के 15 दिन के अंदर जाँच; जिला स्तरीय टास्क फोर्स से अनुमोदन
लाभ का माध्यम DBT — सीधे बैंक खाते में

COVID श्रेणी vs सामान्य श्रेणी — क्या अंतर है?

योजना के दो हिस्से हैं और इनके लाभ, योग्यता और दायरा अलग है। आवेदन करने से पहले अपनी श्रेणी को सही पहचान लेना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि गलत श्रेणी में आवेदन करने पर आवेदन अटक सकता है या अस्वीकार हो सकता है।

विषय COVID श्रेणी सामान्य श्रेणी
किसके लिए COVID-19 के कारण माता-पिता को खोने वाले बच्चे COVID के अलावा अन्य कारणों से अनाथ बच्चे; तलाकशुदा या परित्यक्त माँ के बच्चे; जेल में बंद माता-पिता के बच्चे; बचाए गए बाल श्रमिक, भीख या तस्करी के शिकार बच्चे
मासिक सहायता Rs 4,000 प्रति महीना Rs 2,500 प्रति महीना
उम्र सीमा 18 साल तक 18 साल तक; उच्च शिक्षा (स्नातक/डिप्लोमा, Class 12 के बाद) के लिए 23 साल तक; NEET-JEE-CLAT जैसे परीक्षाओं में सफल बच्चों के लिए भी 23 साल तक
मुफ़्त शिक्षा Class 12 तक मुफ़्त शिक्षा; Atal Residential School या Kasturba Gandhi Balika Vidyalaya में प्रवेश योजना के नियमों के अनुसार शिक्षा संबंधी सहायता
टैबलेट / लैपटॉप Class 9 से टैबलेट या लैपटॉप उपलब्ध लाभों के अनुसार
लड़की के विवाह पर सहायता Rs 1,01,000 योजना के नियमों के अनुसार
संपत्ति की सुरक्षा जिलाधिकारी (DM) के द्वारा बच्चे की संपत्ति की रक्षा लागू नियमों के अनुसार
आय सीमा एक माता-पिता जीवित हों तो पारिवारिक आय Rs 2 lakh प्रति वर्ष से ज़्यादा नहीं; दोनों की मृत्यु पर कोई आय सीमा नहीं Rs 3 lakh प्रति वर्ष; दोनों माता-पिता की मृत्यु पर कोई आय सीमा नहीं

PM CARES से अंतर — दोनों को एक न समझें

बाल सेवा योजना और PM CARES for Children योजना को अक्सर एक ही समझ लिया जाता है, लेकिन ये दो अलग योजनाएँ हैं। इनका अंतर समझना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि इनके लाभ और इनकी शर्तें बिल्कुल अलग हैं।

PM CARES for Children एक केंद्रीय योजना है, जो 29 May 2021 को शुरू हुई थी। इसमें बच्चे को 18 साल की उम्र पर Rs 10 lakh की राशि का corpus मिलता है, 18 से 23 साल के बीच मासिक stipend मिलता है, 23 साल की उम्र पर Rs 10 lakh की एक-मुश्त राशि मिलती है, Rs 5 lakh का PM-JAY स्वास्थ्य कवर और PM CARES Children Scholarship के तहत Rs 20,000 प्रति वर्ष की छात्रवृत्ति मिलती है। इस योजना में नामांकन की अवधि 11 March 2020 से 31 December 2021 तक थी और ये अवधि अब बंद हो चुकी है।

स्पष्ट रूप से समझ लें: PM CARES का Rs 10 lakh बाल सेवा योजना का लाभ नहीं है। बाल सेवा योजना उत्तर प्रदेश सरकार की राज्य योजना है, जिसमें मासिक सहायता Rs 4,000 (COVID) या Rs 2,500 (सामान्य) मिलती है। PM CARES केंद्र सरकार की अलग योजना है। अगर आप PM CARES के लाभार्थी हैं या उसके बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं तो हमारा लेख पढ़ें: PM CARES Children Scholarship Aadhaar 2026 (English में: PM CARES Children Scholarship Aadhaar 2026 Guide).

दोनों योजनाओं के लिए अलग-अलग आवेदन और अलग प्रक्रिया है। किसी भी व्यक्ति के यह कहने पर भरोसा न करें कि बाल सेवा योजना में Rs 10 lakh मिलते हैं या PM CARES में अभी नया आवेदन हो सकता है। सही जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या जिला कार्यालय से ही संपर्क करें।

कौन आवेदन कर सकता है? — योग्यता की शर्तें

योजना का लाभ लेने के लिए नीचे दी गई शर्तें पूरी करनी होती हैं:

  • बच्चा उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए।
  • बच्चे की उम्र 18 साल से कम होनी चाहिए। उच्च शिक्षा वाली श्रेणी में Class 12 के बाद स्नातक या डिप्लोमा कर रहे बच्चे 23 साल तक लाभ ले सकते हैं। NEET-JEE-CLAT जैसे परीक्षाओं में सफल बच्चों के लिए भी 23 साल तक का प्रावधान है।
  • COVID श्रेणी में, अगर एक माता-पिता जीवित हैं तो पारिवारिक आय Rs 2 lakh प्रति वर्ष से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए। दोनों माता-पिता की मृत्यु की स्थिति में कोई आय सीमा नहीं है।
  • सामान्य श्रेणी में पारिवारिक आय Rs 3 lakh प्रति वर्ष से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए। दोनों माता-पिता की मृत्यु पर यहाँ भी कोई आय सीमा नहीं है।
  • आवेदन माता-पिता की मृत्यु के 2 साल के अंदर करना होता है। ये समय सीमा बहुत महत्वपूर्ण है — देर करने पर आवेदन अस्वीकार हो सकता है।
  • सामान्य श्रेणी में योजना उन बच्चों को भी कवर करती है जिनकी माँ तलाकशुदा या परित्यक्त हैं, जिनके माता-पिता जेल में हैं, या जो बाल श्रम, भीख या तस्करी से बचाए गए हैं।

आय सीमा की बारीक बात को समझना ज़रूरी है। कई लोग ये मान लेते हैं कि हर स्थिति में आय सीमा लगती है, जबकि दोनों माता-पिता की मृत्यु की स्थिति में आय सीमा लागू नहीं होती। इसी तरह, COVID और सामान्य श्रेणी की आय सीमा अलग है — Rs 2 lakh और Rs 3 lakh। आवेदन से पहले अपनी श्रेणी के अनुसार सही आय प्रमाण पत्र तैयार रखें।

ज़रूरी दस्तावेज़ — पहले से तैयार रखें

आवेदन शुरू करने से पहले नीचे दिए गए दस्तावेज़ तैयार रखें, ताकि आवेदन बीच में न अटके:

  • माता-पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र (death certificate) — एक या दोनों, जैसी स्थिति हो।
  • बच्चे का आधार कार्ड और अभिभावक (guardian) का आधार कार्ड।
  • बच्चे के जन्म या उम्र का प्रमाण — जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल रिकॉर्ड।
  • उत्तर प्रदेश में निवासी होने का प्रमाण — निवासी प्रमाण पत्र या उसके समकक्ष दस्तावेज़।
  • आय प्रमाण पत्र — जहाँ आय सीमा लागू होती हो। दोनों माता-पिता की मृत्यु पर आय सीमा नहीं है, फिर भी विभाग के निर्देश के अनुसार दस्तावेज़ रखें।
  • बैंक पासबुक — बच्चे या अभिभावक के बैंक खाते की कॉपी, जिसमें खाता संख्या और IFSC साफ़ दिख रहा हो। DBT के लिए खाता आधार से जुड़ा होना चाहिए।
  • स्कूल में नामांकन का प्रमाण पत्र — स्कूल enrolment certificate।
  • बच्चे की पासपोर्ट साइज़ फोटो।

दस्तावेज़ों की स्कैन कॉपी साफ़ और पढ़ने लायक होनी चाहिए। धुँधली या अधूरी कॉपी के कारण आवेदन वापस भी हो सकता है। आवेदन करने से पहले हर दस्तावेज़ पर नाम, जन्म तिथि और पता एक जैसे होने की जाँच कर लें। अगर किसी दस्तावेज़ में नाम की स्पेलिंग अलग है तो पहले उसे ठीक करवाएँ।

आवेदन कैसे करें? — ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके

ऑनलाइन आवेदन — mbsyup.in पर

  1. सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल https://mbsyup.in/ खोलें।
  2. पोर्टल पर New Registration (नया पंजीकरण) पर क्लिक करें। पहले से पंजीकृत हैं तो Login करें।
  3. अपना सही मोबाइल नंबर दर्ज करें और OTP से सत्यापन करें।
  4. आवेदन फॉर्म में बच्चे की जानकारी, अभिभावक की जानकारी, माता-पिता से जुड़ी जानकारी और बैंक खाते की जानकारी सही-सही भरें।
  5. अपनी श्रेणी — COVID या सामान्य — सही चुनें।
  6. ऊपर बताए गए सारे दस्तावेज़ अपलोड करें। हर फाइल साफ़ और सही फॉर्मेट में होनी चाहिए।
  7. फॉर्म को एक बार पूरा पढ़कर जाँच लें और फिर सबमिट करें।
  8. सबमिट करने के बाद आवेदन संख्या (application number) को सुरक्षित लिख लें या स्क्रीनशॉट ले लें। इसी से आवेदन की स्थिति जाँची जा सकेगी।

ऑफलाइन आवेदन — गाँव और शहर के लिए अलग रास्ता

जो परिवार ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते, वे ऑफलाइन भी आवेदन कर सकते हैं:

  • ग्रामीण क्षेत्रों में: ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी या ब्लॉक कार्यालय से संपर्क करें। आवेदन जिला प्रोबेशन अधिकारी (District Probation Officer) के कार्यालय तक पहुँचाया जाता है।
  • शहरी क्षेत्रों में: लेखपाल या तहसील कार्यालय से संपर्क करें। यहाँ से भी आवेदन जिला प्रोबेशन अधिकारी के पास जाता है।

आवेदन के बाद क्या होता है?

आवेदन जमा होने के बाद बच्चे की पहचान के 15 दिन के अंदर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसके बाद जिला स्तरीय टास्क फोर्स आवेदन पर अनुमोदन देती है। अनुमोदन के बाद मासिक सहायता DBT के माध्यम से सीधे बैंक खाते में आने लगती है।

अगर आवेदन में कोई कमी निकले तो विभाग से संपर्क करके उसे ठीक करें। अपने आवेदन की स्थिति पोर्टल पर या जिला प्रोबेशन अधिकारी के कार्यालय में जाकर जाँचते रहें। किसी बिचौलिए को पैसे न दें — सरकारी योजना के आवेदन के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता और कोई एजेंट आवेदन स्वीकृत नहीं करवा सकता।

2026 में योजना की स्थिति — ताज़ा आँकड़े

June 2026 में आई PTI की खबर के अनुसार, सामान्य श्रेणी के अंतर्गत 1,03,611 बच्चे इस योजना से जुड़ चुके हैं और Rs 200 crore से ज़्यादा की राशि वितरित की जा चुकी है। COVID श्रेणी में 4,500 से ज़्यादा अनाथ बच्चे कवर किए गए हैं।

योजना उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू है। अब तक 8,300 से ज़्यादा लैपटॉप बच्चों को वितरित किए जा चुके हैं। ये आँकड़े योजना के बढ़ते दायरे को दिखाते हैं — शुरू में सिर्फ़ COVID से प्रभावित बच्चों के लिए बनी योजना अब हज़ारों ग़ैर-COVID बच्चों तक भी पहुँच चुकी है।

महिला कल्याण विभाग के आधिकारिक पेज (mahilakalyan.up.nic.in/en/OurProgram_en.aspx) पर 7 November 2026 को योजना की जानकारी लाइव थी, जिसमें सामान्य श्रेणी के लिए Rs 2,500 प्रति महीना, 18 साल से कम उम्र और Class 12 के बाद स्नातक या डिप्लोमा के लिए 18 से 23 साल तक की सुविधा की पुष्टि होती है।

ध्यान दें कि यहाँ दिए गए आँकड़े June 2026 की PTI खबर और विभाग के पेज पर आधारित हैं। आवेदन करने से पहले mbsyup.in और mahilakalyan.up.nic.in पर ताज़ा जानकारी ज़रूर जाँच लें।

दूसरे राज्यों में ऐसी ही योजनाएँ — तुलना

उत्तर प्रदेश के अलावा कई राज्यों में अनाथ बच्चों के लिए ऐसी ही योजनाएँ चल रही हैं। इनकी तुलना से ये समझना आसान होता है कि हर राज्य में लाभ और शर्तें अलग हैं — एक राज्य का लाभ दूसरे राज्य में लागू नहीं होता।

राज्य योजना / लाभ मुख्य जानकारी
गुजरात Rs 2,000 प्रति महीना (एक माता-पिता की मृत्यु पर); Rs 4,000 प्रति महीना (दोनों की मृत्यु पर) 18 साल तक; पढ़ाई जारी रखने पर 21 साल तक Rs 6,000 प्रति महीना; बेटी के विवाह पर Rs 2 lakh का अनुदान (विवाह 1 April 2023 या उसके बाद हुआ हो, विवाह के 2 साल के अंदर आवेदन करें)
हरियाणा Rs 2,500 प्रति महीना + Rs 12,000 प्रति वर्ष शिक्षा सहायता + Rs 51,000 विवाह सहायता 16 June 2021 को अधिसूचित
मध्य प्रदेश Rs 5,000 प्रति महीना, 21 साल तक पोर्टल: covidbalkalyan.mp.gov.in (ये जानकारी द्वितीय स्रोत पर आधारित है)
अरुणाचल प्रदेश Rs 1,500 प्रति महीना April 2025 में विस्तार करके सभी अनाथ बच्चों को शामिल किया गया

ऊपर दी गई तुलना से साफ़ है कि मासिक राशि, उम्र सीमा और अतिरिक्त लाभ हर राज्य में अलग हैं। आप जिस राज्य के निवासी हैं, उसी राज्य की योजना के लिए आवेदन करें। उत्तर प्रदेश के निवासी होने पर ही UP बाल सेवा योजना का लाभ मिलेगा।

आम गलतियाँ और समाधान — Troubleshooting

  • गलत श्रेणी चुनना: COVID और सामान्य श्रेणी के लाभ और शर्तें अलग हैं। अपनी स्थिति के अनुसार सही श्रेणी चुनें। गलत श्रेणी में आवेदन अस्वीकार हो सकता है।
  • 2 साल की समय सीमा चूकना: माता-पिता की मृत्यु के 2 साल के अंदर आवेदन करें। देर होने पर आवेदन अस्वीकार हो सकता है, इसलिए दस्तावेज़ मिलते ही आवेदन करें।
  • Duplicate आवेदन: एक ही बच्चे के लिए दो बार आवेदन न करें। Duplicate आवेदन अस्वीकार किए जाते हैं। पहले आवेदन की स्थिति पोर्टल पर जाँचें।
  • गलत मोबाइल नंबर: पोर्टल पर सही और चालू मोबाइल नंबर दें, क्योंकि OTP और आवेदन से जुड़ी सूचना उसी पर आती है।
  • बैंक खाता आधार से न जुड़ना: DBT के लिए बैंक खाता आधार से जुड़ा होना चाहिए। बैंक में जाकर ये जाँच लें कि खाता सक्रिय है और आधार seeding पूरी है।
  • धुँधले दस्तावेज़ अपलोड करना: साफ़ स्कैन कॉपी अपलोड करें। धुँधली कॉपी पर आवेदन वापस हो सकता है।
  • PM CARES से भ्रम: PM CARES का Rs 10 lakh बाल सेवा योजना का लाभ नहीं है और उसका नामांकन बंद हो चुका है। कोई व्यक्ति इस नाम पर पैसे माँगे तो तुरंत सावधान हो जाएँ।
  • महाराष्ट्र वाली योजना से भ्रम: महाराष्ट्र की Shravan Bal Seva Rajya Nivruttivetan Yojana 65 साल से ज़्यादा उम्र के बुज़ुर्गों के लिए Rs 1,500 प्रति महीना की old-age pension है। ये बच्चों वाली बाल सेवा योजना से बिल्कुल अलग है — दोनों को एक न समझें।
  • किसी एजेंट को पैसे देना: सरकारी योजना के आवेदन के लिए कोई एजेंट या बिचौलिया ज़रूरी नहीं है। आवेदन मुफ़्त है। कोई पैसे माँगे तो उसकी शिकायत करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. बाल सेवा योजना में हर महीने कितने पैसे मिलते हैं?

COVID श्रेणी में Rs 4,000 प्रति महीना और सामान्य श्रेणी में Rs 2,500 प्रति महीना मिलते हैं। राशि DBT के माध्यम से सीधे बैंक खाते में आती है।

2. क्या योजना सिर्फ़ COVID में अनाथ हुए बच्चों के लिए है?

नहीं। योजना शुरू में COVID से प्रभावित बच्चों के लिए थी, लेकिन अब सामान्य श्रेणी में ग़ैर-COVID कारणों से अनाथ हुए बच्चे, तलाकशुदा या परित्यक्त माँ के बच्चे, जेल में बंद माता-पिता के बच्चे और बचाए गए बाल श्रमिक भी शामिल हैं।

3. आवेदन करने की आख़िरी तारीख़ क्या है?

इस योजना में कोई एक निश्चित आख़िरी तारीख़ नहीं है, लेकिन आवेदन माता-पिता की मृत्यु के 2 साल के अंदर करना होता है। इसलिए जल्दी आवेदन करना ही सही रहेगा।

4. क्या दोनों माता-पिता की मृत्यु पर भी आय सीमा लगती है?

नहीं। दोनों माता-पिता की मृत्यु की स्थिति में कोई आय सीमा नहीं है। आय सीमा तब लगती है जब एक माता-पिता जीवित हों — COVID श्रेणी में Rs 2 lakh और सामान्य श्रेणी में Rs 3 lakh प्रति वर्ष।

5. 18 साल के बाद भी लाभ मिल सकता है?

हाँ, उच्च शिक्षा के मामले में। Class 12 के बाद स्नातक या डिप्लोमा कर रहे बच्चे 23 साल तक लाभ ले सकते हैं। NEET-JEE-CLAT जैसे परीक्षाओं में सफल बच्चों के लिए भी 23 साल तक का प्रावधान है।

6. लड़कियों के विवाह के लिए कितनी सहायता मिलती है?

COVID श्रेणी में लड़की के विवाह पर Rs 1,01,000 की सहायता का प्रावधान है। सामान्य श्रेणी में विवाह सहायता योजना के नियमों के अनुसार मिलती है — आवेदन से पहले विभाग के पेज या जिला कार्यालय से ताज़ा नियम जाँच लें।

7. आवेदन की स्थिति कैसे जाँचें?

आवेदन के बाद मिली आवेदन संख्या से mbsyup.in पोर्टल पर स्थिति जाँची जा सकती है। आप जिला प्रोबेशन अधिकारी के कार्यालय में भी संपर्क कर सकते हैं।

8. क्या टैबलेट या लैपटॉप सभी बच्चों को मिलता है?

COVID श्रेणी में Class 9 से टैबलेट या लैपटॉप का प्रावधान है। June 2026 तक 8,300 से ज़्यादा लैपटॉप वितरित किए जा चुके हैं। सही और ताज़ा जानकारी के लिए विभाग के पेज या जिला कार्यालय से संपर्क करें।

आधिकारिक लिंक — यहीं से आवेदन करें

  • आवेदन पोर्टल: https://mbsyup.in/
  • महिला कल्याण विभाग, UP: https://mahilakalyan.up.nic.in/
  • विभाग का योजना पेज: https://mahilakalyan.up.nic.in/en/OurProgram_en.aspx
  • PM CARES के बारे में हमारा लेख: PM CARES Children Scholarship Aadhaar 2026

योजना से जुड़ी कोई भी जानकारी सिर्फ़ ऊपर दिए गए आधिकारिक लिंक या अपने जिले के Probation अधिकारी कार्यालय से ही लें। किसी अनजान लिंक, WhatsApp मैसेज या एजेंट के भरोसे आवेदन न करें।

अस्वीकरण: GramSuvidha एक निजी सूचना पोर्टल है (सरकारी वेबसाइट नहीं)। यह लेख केवल जानकारी के लिए है। कृपया कोई भी आवेदन या निर्णय लेने से पहले आधिकारिक पोर्टल mbsyup.in पर जानकारी की पुष्टि ज़रूर करें।

अंतिम अपडेट: 7 नवंबर 2026