गांव-कस्बों में ऐसे लाखों युवा हैं जिनके पास मेहनत करने का जज्बा तो है, लेकिन कोई हुनर (स्किल) नहीं। नौकरी के विज्ञापन देखते हैं तो हर जगह “अनुभव” और “सर्टिफिकेट” मांगा जाता है। प्राइवेट ट्रेनिंग सेंटर की फीस सुनकर ही हौसला टूट जाता है — कई कोर्स की फीस 20-30 हजार रुपये तक होती है। ऐसे में सवाल उठता है: क्या सरकार गरीब और वंचित वर्ग के युवाओं को मुफ्त में कोई हुनर सिखाती है?
जवाब है — हां। केंद्र सरकार की एक ऐसी योजना है जो बिल्कुल मुफ्त स्किल ट्रेनिंग देती है, और ट्रेनिंग के दौरान हर महीने स्टाइपेंड भी देती है। इस लेख में हम इसी योजना की पूरी जानकारी देंगे — कौन आवेदन कर सकता है, कौन से 4 तरह के कोर्स हैं, कितना स्टाइपेंड मिलता है, कौन से दस्तावेज चाहिए और ऑनलाइन आवेदन का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका क्या है। साथ ही 22 अक्टूबर 2026 को जारी हुई ताजा सरकारी रिपोर्ट के आंकड़े भी बताएंगे, जिसमें खुलासा हुआ है कि अब तक कितने युवाओं को ट्रेनिंग मिली और कितनों को नौकरी मिली।
PM DAKSH Yojana 2026: एक नजर में
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| योजना का पूरा नाम | प्रधानमंत्री दक्षता और कुशलता संपन्न हितग्राही (PM DAKSH Yojana) |
| शुरू | वर्ष 2020-21 में |
| मंत्रालय | सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार |
| योजना का प्रकार | केंद्रीय क्षेत्र की योजना (100% केंद्र सरकार का खर्च) |
| लक्षित वर्ग | SC, OBC, EWS, DNT, सफाई कर्मचारी (कचरा बीनने वाले सहित) |
| उम्र सीमा | 18 से 45 वर्ष |
| ट्रेनिंग फीस | बिल्कुल मुफ्त |
| स्टाइपेंड | ₹1,000 से ₹1,500 प्रति माह (नॉन-रेजिडेंशियल कोर्स में) |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन — pmdaksh.dosje.gov.in |
| आधिकारिक पोर्टल | pmdaksh.dosje.gov.in |
22 अक्टूबर 2026 की ताजा रिपोर्ट: 1.87 लाख युवाओं को ट्रेनिंग
22 अक्टूबर 2026 को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने PM DAKSH योजना पर एक तथ्यात्मक रिपोर्ट (फैक्टशीट) जारी की है। इसके मुताबिक वर्ष 2020-21 से 2023-24 के बीच इस योजना के तहत कुल 1,87,305 युवाओं को स्किल ट्रेनिंग दी गई, जिनमें से 96,162 को नौकरी या स्वरोजगार के ऑफर मिले। यानी ट्रेनिंग पाने वालों में से लगभग आधे से ज्यादा को काम मिल गया।
रिपोर्ट में एक मूल्यांकन अध्ययन का हवाला भी दिया गया है, जिसमें 90% से ज्यादा लाभार्थियों ने कहा कि ट्रेनिंग उनके करियर के लक्ष्य और स्थानीय रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुरूप थी। खास बात यह है कि महिलाओं और वंचित वर्गों में आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान बढ़ने जैसे फायदे भी दर्ज किए गए।
एक और बड़ा फैसला इस रिपोर्ट में सामने आया है — वर्ष 2024-25 से PM DAKSH को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) में मिला दिया गया है। इसकी वजह यह बताई गई कि दोनों योजनाओं के जॉब रोल एक ही स्किल इंडिया डिजिटल हब पोर्टल से लिए जाते थे, इसलिए दोहराव से बचने के लिए विलय किया गया। इसका मतलब यह नहीं कि योजना बंद हो गई — पात्र युवाओं के लिए ट्रेनिंग अब PMKVY के ढांचे के तहत जारी है।
PM DAKSH Yojana क्या है
PM DAKSH का पूरा नाम है — प्रधानमंत्री दक्षता और कुशलता संपन्न हितग्राही योजना। इसे सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने वर्ष 2020-21 में शुरू किया था। यह एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, यानी इसका पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाती है।
इस योजना का मकसद समाज के वंचित वर्गों — अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), विमुक्त-घुमंतू-अर्धघुमंतू जनजाति (DNT) और सफाई कर्मचारियों (कचरा बीनने वाले सहित) — के युवाओं को रोजगारपरक हुनर सिखाना है, ताकि वे नौकरी पा सकें या खुद का काम शुरू कर सकें।
7 अगस्त 2021 को तत्कालीन सामाजिक न्याय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने PM-DAKSH पोर्टल और मोबाइल ऐप लॉन्च किया था। तब से पात्र युवा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करके अपने जिले के नजदीकी प्रशिक्षण संस्थानों में दाखिला ले सकते हैं।
कौन आवेदन कर सकता है: पात्रता की शर्तें
आवेदक की उम्र 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए आवेदन के समय न्यूनतम उम्र 18 वर्ष तय है। इसके अलावा आवेदक को नीचे दिए गए वर्गों में से किसी एक में आना चाहिए:
| वर्ग | आय सीमा | जरूरी प्रमाणपत्र |
|---|---|---|
| अनुसूचित जाति (SC) | कोई आय सीमा नहीं | राज्य सरकार का जाति प्रमाणपत्र |
| अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) | पारिवारिक आय ₹3 लाख/वर्ष से कम | OBC प्रमाणपत्र + आय प्रमाणपत्र |
| आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) | पारिवारिक आय ₹3 लाख/वर्ष से कम | EWS प्रमाणपत्र + आय प्रमाणपत्र |
| आर्थिक पिछड़ा वर्ग (EBC) | पारिवारिक आय ₹1 लाख/वर्ष से कम | आय प्रमाणपत्र (जाति प्रमाणपत्र जरूरी नहीं) |
| विमुक्त/घुमंतू/अर्धघुमंतू जनजाति (DNT) | कोई आय सीमा नहीं | स्व-घोषणा + समुदाय प्रधान का समर्थन |
| सफाई कर्मचारी (कचरा बीनने वाले सहित) व आश्रित | कोई आय सीमा नहीं | व्यवसाय प्रमाणपत्र |
| ट्रांसजेंडर समुदाय | — | नेशनल पोर्टल का प्रमाणपत्र व ID कार्ड |
ध्यान रखें: आय प्रमाणपत्र राज्य सरकार के सक्षम अधिकारी द्वारा जारी होना चाहिए, या स्व-प्रमाणित होकर राजपत्रित अधिकारी द्वारा सत्यापित होना चाहिए। ग्राम प्रधान, सरपंच, पार्षद या नोटरी का समर्थन आय प्रमाण के लिए मान्य नहीं है। हालांकि वैध BPL कार्ड और अंत्योदय अन्न योजना (AAY) कार्ड भी ₹1 लाख तक की आय के प्रमाण के रूप में स्वीकार किए जाते हैं।
एक अहम नियम: कोई भी व्यक्ति इस योजना के तहत सिर्फ एक बार ही स्किल ट्रेनिंग ले सकता है। यानी एक कोर्स पूरा करने के बाद दूसरा कोर्स इसी योजना में नहीं मिलेगा — इसलिए कोर्स का चुनाव सोच-समझकर करें।
4 तरह के ट्रेनिंग प्रोग्राम
PM DAKSH के तहत चार प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रम चलाए जाते हैं। अपनी जरूरत और समय के हिसाब से कोई एक चुन सकते हैं:
1. अप-स्किलिंग / री-स्किलिंग (Up-skilling / Re-skilling)
यह उन लोगों के लिए है जो पहले से कोई काम करते हैं — जैसे कारीगर, घरेलू कामगार, सफाई कर्मचारी। इसमें उनके मौजूदा हुनर को निखारा जाता है, साथ में वित्तीय और डिजिटल साक्षरता भी सिखाई जाती है। अवधि: 32 से 80 घंटे (लगभग एक महीने में)। पहले से काम कर रहे प्रशिक्षुओं को वेतन-क्षति की भरपाई के तौर पर ₹2,500 (PM-DAKSH से) + ₹500 (कॉमन कॉस्ट नॉर्म्स से) दिए जाते हैं। सफाई मित्रों और कचरा बीनने वालों को RPL के तहत ₹500 प्रति व्यक्ति स्टाइपेंड मिलता है।
2. शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग (Short Term Training)
नौकरी या स्वरोजगार पर फोकस वाले कोर्स — जैसे दर्जी का काम, फर्नीचर बनाना, फूड प्रोसेसिंग आदि। अवधि: सामान्यतः 200 से 600 घंटे (अधिकतम 6 महीने)। नॉन-रेजिडेंशियल ट्रेनिंग में 80% या उससे ज्यादा उपस्थिति पर स्टाइपेंड मिलता है।
3. लॉन्ग टर्म ट्रेनिंग (Long Term Training)
उन क्षेत्रों में लंबे कोर्स जहां नौकरी की अच्छी मांग है — जैसे प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी, प्लास्टिक प्रोसेसिंग, अपैरल टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर सेक्टर। अवधि: 5 महीने से 1 साल तक (1000 घंटे तक)। नॉन-रेजिडेंशियल प्रोग्राम में स्टाइपेंड का प्रावधान है।
4. उद्यमिता विकास कार्यक्रम (Entrepreneurship Development Programme – EDP)
खुद का व्यवसाय शुरू करने की सोच रखने वाले SC/OBC युवाओं के लिए — खासकर वे जिन्होंने PMKVY के तहत ट्रेनिंग ली हो। RSETI, NIESBUD, IIE जैसी संस्थाएं इसे संचालित करती हैं। बिजनेस आइडिया, मार्केट सर्वे, वर्किंग कैपिटल और बिजनेस प्लान जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं। अवधि: 80-90 घंटे (10-15 दिन)।
स्टाइपेंड कितना मिलेगा
ट्रेनिंग पूरी तरह मुफ्त है — सरकार प्रशिक्षण संस्थानों को पूरा खर्च अनुदान के रूप में देती है। इसके अलावा पात्र प्रशिक्षुओं को स्टाइपेंड भी मिलता है:
| प्रशिक्षु वर्ग | स्टाइपेंड (नॉन-रेजिडेंशियल, 80%+ उपस्थिति पर) |
|---|---|
| SC प्रशिक्षु | ₹1,500 प्रति माह |
| सफाई कर्मचारी व कचरा बीनने वाले | ₹1,500 प्रति माह |
| OBC / EBC / DNT प्रशिक्षु | ₹1,000 प्रति माह |
| अप-स्किलिंग में वेतन-क्षति भरपाई | ₹2,500 + ₹500 (कुल ₹3,000) |
स्टाइपेंड सीधे प्रशिक्षु के बैंक खाते में भेजा जाता है, इसलिए रजिस्ट्रेशन के समय बैंक खाते का सही विवरण देना जरूरी है।
जरूरी दस्तावेज
आवेदन से पहले ये दस्तावेज तैयार रखें:
- आधार कार्ड
- जाति प्रमाणपत्र (SC/OBC के लिए)
- आय प्रमाणपत्र (OBC/EWS/EBC के लिए, जहां लागू)
- व्यवसाय प्रमाणपत्र (सफाई कर्मचारियों के लिए)
- स्व-घोषणा पत्र (DNT वर्ग के लिए)
- निवास प्रमाणपत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो
- मोबाइल नंबर (OTP वेरिफिकेशन के लिए)
- बैंक खाते का विवरण
ऑनलाइन आवेदन: स्टेप-बाय-स्टेप तरीका
उम्मीदवार रजिस्ट्रेशन (Candidate Registration):
- सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल pmdaksh.dosje.gov.in खोलें।
- होमपेज पर “Candidate Registration” विकल्प पर क्लिक करें (सीधा लिंक: pmdaksh.dosje.gov.in/student)।
- रजिस्ट्रेशन फॉर्म में बुनियादी जानकारी भरें — नाम, पिता/पति का नाम, जन्मतिथि, लिंग, राज्य, जिला, पता, शिक्षा, वर्ग, मोबाइल नंबर आदि।
- अपनी फोटो अपलोड करें।
- “Send OTP” पर क्लिक करें — मोबाइल पर आए OTP से नंबर वेरिफाई करें।
- “Next Step” पर क्लिक करके ट्रेनिंग का विवरण चुनें (कौन सा कोर्स, कौन सा संस्थान)।
- “Next” पर क्लिक करके बैंक खाते का विवरण दर्ज करें।
- आखिर में फॉर्म सबमिट कर दें — रजिस्ट्रेशन पूरा हो जाएगा।
लॉगिन कैसे करें:
पोर्टल पर “Login” पर क्लिक करें या सीधे pmdaksh.dosje.gov.in/student/login पर जाएं। स्टूडेंट अपनी यूजर ID और पासवर्ड डालकर लॉगिन कर सकते हैं।
संस्थान रजिस्ट्रेशन (Institute Registration):
ट्रेनिंग संस्थान भी इसी पोर्टल पर रजिस्टर होते हैं — होमपेज पर “Institute Registration” विकल्प से संस्थान का नाम, राज्य/जिला, पता, कानूनी इकाई, मोबाइल, ईमेल और मूल्यांकन संस्था की जानकारी देकर आवेदन किया जाता है।
एक और रास्ता: स्किल इंडिया डिजिटल हब (skillindiadigital.gov.in) पर भी रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है, क्योंकि जॉब रोल इसी पोर्टल से लिए जाते हैं।
ट्रेनिंग के बाद क्या होगा: सर्टिफिकेट और नौकरी
ट्रेनिंग पूरी होने के बाद मूल्यांकन (असेसमेंट) होता है। सफल प्रशिक्षुओं को सर्टिफिकेट दिया जाता है। इसके बाद प्रशिक्षण संस्थान नौकरी दिलाने में मदद करते हैं — वेतन-रोजगार के लिए प्लेसमेंट सहायता और स्वरोजगार चुनने वालों को अपना उद्यम शुरू करने का मार्गदर्शन दिया जाता है।
यहां एक सख्त नियम जानना जरूरी है: प्रशिक्षण संस्थानों के लिए कम से कम 70% प्रशिक्षुओं को प्लेसमेंट देना अनिवार्य है। अगर कोई संस्थान यह लक्ष्य पूरा नहीं करता, तो ट्रेनिंग लागत की तीसरी किस्त (कुल लागत का 30%) जब्त कर ली जाती है। यानी संस्थान पर भी नौकरी दिलाने का दबाव रहता है — यह नियम आपके हक में है।
PMKVY में विलय: अब आपके लिए क्या बदला
जैसा कि 22 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट में बताया गया, वर्ष 2024-25 से PM DAKSH को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) में समाहित कर दिया गया है। घबराने की जरूरत नहीं — इसका मतलब योजना बंद होना नहीं है।
विलय की वजह यह थी कि PM DAKSH के जॉब रोल स्किल इंडिया डिजिटल हब से लिए जाते थे, जो PMKVY में भी इस्तेमाल होते हैं — दोहराव से बचने के लिए दोनों को एक ढांचे में लाया गया। पात्र वर्गों (SC, OBC, EWS, DNT, सफाई कर्मचारी) के लिए मुफ्त ट्रेनिंग और स्टाइपेंड की व्यवस्था जारी है। आवेदन अब भी pmdaksh.dosje.gov.in पोर्टल के जरिए होता है।
आवेदन में होने वाली 5 आम गलतियां
- गलत वर्ग चुनना: OBC/EWS/EBC में आय सीमा लागू होती है, जबकि SC/DNT/सफाई कर्मचारियों पर नहीं। अपना सही वर्ग और सही प्रमाणपत्र चुनें।
- आय प्रमाणपत्र में गड़बड़ी: सरपंच या नोटरी का समर्थन मान्य नहीं है — राजपत्रित अधिकारी का सत्यापन या सक्षम प्राधिकारी का प्रमाणपत्र ही चलेगा।
- बैंक खाते की गलती: स्टाइपेंड सीधे खाते में आता है। खाता संख्या या IFSC गलत हुआ तो पैसा अटक जाएगा।
- एक से ज्यादा कोर्स की उम्मीद: योजना में एक व्यक्ति सिर्फ एक बार ट्रेनिंग ले सकता है — पहला कोर्स ही सोच-समझकर चुनें।
- फर्जी वेबसाइटों से सावधान: आवेदन सिर्फ आधिकारिक पोर्टल pmdaksh.dosje.gov.in पर करें। कोई भी व्यक्ति पैसे मांगकर “पक्का दाखिला” का दावा करे तो समझ जाएं — वह ठग है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
PM DAKSH Yojana में ट्रेनिंग सच में मुफ्त है?
हां, पूरी तरह मुफ्त। सरकार प्रशिक्षण संस्थानों को ट्रेनिंग की पूरी लागत अनुदान के रूप में देती है। प्रशिक्षु से कोई फीस नहीं ली जाती, उल्टा पात्रता के अनुसार हर महीने स्टाइपेंड मिलता है।
PM DAKSH Yojana के लिए उम्र सीमा क्या है?
18 से 45 वर्ष। ट्रांसजेंडर आवेदकों के लिए मूल्यांकन/प्रमाणन के समय न्यूनतम उम्र 18 वर्ष होनी चाहिए।
PM DAKSH में कितना स्टाइपेंड मिलता है?
शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म नॉन-रेजिडेंशियल कोर्स में 80% या अधिक उपस्थिति पर SC और सफाई कर्मचारियों को ₹1,500 प्रति माह, जबकि OBC/EBC/DNT को ₹1,000 प्रति माह स्टाइपेंड मिलता है। अप-स्किलिंग में वेतन-क्षति की भरपाई के तौर पर ₹3,000 तक मिलते हैं।
क्या एक से ज्यादा बार ट्रेनिंग ले सकते हैं?
नहीं। योजना के नियमों के अनुसार एक व्यक्ति सिर्फ एक बार ही स्किल ट्रेनिंग ले सकता है। इसलिए कोर्स चुनते समय अपनी रुचि और स्थानीय रोजगार की संभावनाओं को ध्यान में रखें।
PM DAKSH Yojana में रजिस्ट्रेशन कहां करें?
आधिकारिक पोर्टल pmdaksh.dosje.gov.in पर “Candidate Registration” से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करें। वैकल्पिक रूप से स्किल इंडिया डिजिटल हब (skillindiadigital.gov.in) पर भी रजिस्टर किया जा सकता है।
क्या PM DAKSH योजना अभी चल रही है?
हां। वर्ष 2024-25 से इसे PMKVY में समाहित किया गया है, लेकिन पात्र वर्गों के लिए मुफ्त ट्रेनिंग जारी है। 22 अक्टूबर 2026 की सरकारी रिपोर्ट के अनुसार अब तक 1,87,305 युवाओं को ट्रेनिंग मिल चुकी है।
ट्रेनिंग के बाद नौकरी की गारंटी है?
गारंटी शब्द आधिकारिक नहीं है, लेकिन संस्थानों के लिए 70% प्लेसमेंट अनिवार्य है — लक्ष्य न पूरा करने पर उनकी 30% राशि जब्त हो जाती है। रिपोर्ट के अनुसार अब तक 96,162 प्रशिक्षुओं को प्लेसमेंट ऑफर मिले हैं।
सफाई कर्मचारी या कचरा बीनने वाले कैसे आवेदन करें?
उनके लिए कोई आय सीमा नहीं है। व्यवसाय प्रमाणपत्र (Occupation Certificate) के साथ आश्रित भी आवेदन कर सकते हैं।
जरूरी आधिकारिक लिंक
| लिंक | पता |
|---|---|
| PM DAKSH आधिकारिक पोर्टल | pmdaksh.dosje.gov.in |
| उम्मीदवार रजिस्ट्रेशन | pmdaksh.dosje.gov.in/student |
| उम्मीदवार लॉगिन | pmdaksh.dosje.gov.in/student/login |
| पात्रता जांच | pmdaksh.dosje.gov.in/eligibility |
| सवाल-जवाब (FAQ) | pmdaksh.dosje.gov.in/faq |
| स्किल इंडिया डिजिटल हब | skillindiadigital.gov.in |
| मंत्रालय | socialjustice.gov.in |
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अस्वीकरण: GramSuvidha एक निजी सूचना पोर्टल है, सरकारी वेबसाइट नहीं। योजना की ताजा और आधिकारिक जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक पोर्टल pmdaksh.dosje.gov.in या सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की वेबसाइट देखें।
Last Updated: 22 अक्टूबर 2026





