हरियाणा में रहने वाले हर व्यक्ति को सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार है, और राज्य सरकार की कई योजनाएं इसी सोच पर बनी हैं। कुछ योजनाएं बहुत प्रसिद्ध हो जाती हैं, उनके बारे में हर जगह चर्चा होती है, लेकिन कुछ योजनाएं ऐसी भी हैं जो बहुत काम की होने के बाद भी कम लोगों तक पहुंच पाती हैं। आज हम ऐसी ही एक योजना के बारे में विस्तार से बात करने जा रहे हैं, जो हरियाणा के उन नागरिकों के लिए बनाई गई है जिनका कद सामान्य से कम है और जिन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
इस लेख को पढ़ने के बाद आपको इस योजना से जुड़ा हर जरूरी सवाल का जवाब मिल जाएगा। यह योजना किसके लिए है, इसमें कौन आवेदन कर सकता है, कौन से कागजात चाहिए, आवेदन कहां और कैसे करना है, और आवेदन के बाद क्या प्रक्रिया होती है, यह सब कुछ यहां सरल भाषा में समझाया गया है। अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य इस योजना के दायरे में आता है, तो यह लेख आपके लिए बहुत काम का साबित हो सकता है। इसलिए लेख को अंत तक पढ़ें, और अंत में दिए गए अक्सर पूछे जाने वाले सवालों को भी जरूर देखें।
Haryana Bauna Bhatta Yojana क्या है
Haryana Bauna Bhatta Yojana हरियाणा सरकार के Social Justice and Empowerment Department की एक सामाजिक सुरक्षा योजना है। विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर इस योजना का नाम Allowance to Dwarfs लिखा गया है। इस योजना के तहत राज्य में रहने वाले बौने व्यक्तियों को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि वे अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को सम्मान के साथ पूरा कर सकें।
यह योजना 1 जून 2006 से चल रही है। शुरुआत में इसके तहत हर महीने 300 रुपये की सहायता दी जाती थी। समय-समय पर सरकार ने इस राशि को बढ़ाया है, और आज यह सहायता पहले के मुकाबले कई गुना ज्यादा हो चुकी है। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह एक बार की मदद नहीं है, बल्कि हर महीने मिलने वाली नियमित सहायता है। जब तक लाभार्थी पात्रता की शर्तों को पूरा करता रहता है, तब तक उसे यह सहायता मिलती रहती है।
हरियाणा में सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी कई योजनाएं चलती हैं, जैसे बुढ़ापा सम्मान भत्ता, विधवा पेंशन और दिव्यांग पेंशन। बौना भत्ता योजना उन्हीं योजनाओं की श्रेणी में आती है। इसका मकसद उन लोगों को आर्थिक सहारा देना है, जिनके छोटे कद की वजह से कामकाज और रोजगार में मुश्किलें आती हैं। सरकार ने इस योजना में कद को ही पात्रता का मुख्य आधार बनाया है, और साथ में उम्र, निवास और चिकित्सा प्रमाण पत्र की शर्तें भी रखी हैं।
योजना की मुख्य जानकारी एक नजर में
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | Haryana Bauna Bhatta Yojana (Allowance to Dwarfs) |
| विभाग | Department of Social Justice and Empowerment, Haryana |
| शुरुआत | 1 जून 2006 |
| मासिक भत्ता (वर्तमान) | 3,200 रुपये प्रति माह, 1 नवंबर 2025 से लागू |
| वार्षिक सहायता | 38,400 रुपये (3,200 रुपये x 12 महीने) |
| न्यूनतम उम्र | 18 वर्ष |
| पुरुषों के लिए अधिकतम कद | 3 फुट 8 इंच या उससे कम |
| महिलाओं के लिए अधिकतम कद | 3 फुट 3 इंच या उससे कम |
| निवास शर्त | हरियाणा का मूल निवासी, आवेदन के समय राज्य में कम से कम 1 साल से रह रहा हो |
| जरूरी प्रमाण पत्र | Civil Surgeon द्वारा जारी बौनापन प्रमाण पत्र |
| आवेदन का तरीका | फॉर्म भरकर जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय में जमा करें |
भत्ता राशि का इतिहास: 2006 से 2025 तक
इस योजना की राशि एक ही बार में नहीं बढ़ी है, बल्कि सरकार ने इसे कई चरणों में बढ़ाया है। विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित दर सूची के अनुसार भत्ते का सफर इस तरह रहा है। शुरुआत में, 1 जून 2006 को, यह राशि 300 रुपये प्रति माह थी। इसके बाद 1 जनवरी 2016 से यह 1,400 रुपये प्रति माह हो गई। फिर 1 नवंबर 2016 से राशि बढ़कर 1,600 रुपये प्रति माह हुई।
इसके बाद 1 नवंबर 2017 से भत्ता 1,800 रुपये प्रति माह, 1 नवंबर 2018 से 2,000 रुपये प्रति माह और 1 जनवरी 2020 से 2,250 रुपये प्रति माह हो गया। फिर 1 अप्रैल 2021 से यह राशि 2,500 रुपये प्रति माह और 1 अप्रैल 2023 से 2,750 रुपये प्रति माह हुई। 1 जनवरी 2024 से भत्ता 3,000 रुपये प्रति माह हो गया था। सबसे ताजा बढ़ोतरी 1 नवंबर 2025 से लागू हुई है, जिसके तहत अब हर महीने 3,200 रुपये दिए जाते हैं।
| लागू तारीख | मासिक भत्ता |
|---|---|
| 1 जून 2006 | 300 रुपये |
| 1 जनवरी 2016 | 1,400 रुपये |
| 1 नवंबर 2016 | 1,600 रुपये |
| 1 नवंबर 2017 | 1,800 रुपये |
| 1 नवंबर 2018 | 2,000 रुपये |
| 1 जनवरी 2020 | 2,250 रुपये |
| 1 अप्रैल 2021 | 2,500 रुपये |
| 1 अप्रैल 2023 | 2,750 रुपये |
| 1 जनवरी 2024 | 3,000 रुपये |
| 1 नवंबर 2025 | 3,200 रुपये |
इस बढ़ोतरी की घोषणा हरियाणा सरकार ने फरवरी 2026 में की थी, और इसे 1 नवंबर 2025 से पूर्व प्रभाव से लागू किया गया। यानी पुरानी राशि 3,000 रुपये थी, जिसमें 200 रुपये की बढ़ोतरी करके इसे 3,200 रुपये किया गया। यही 200 रुपये की बढ़ोतरी बुढ़ापा सम्मान भत्ता, विधवा पेंशन और दिव्यांग पेंशन जैसी अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में भी लागू हुई थी। अगर आप साल भर का हिसाब लगाएं, तो 3,200 रुपये प्रति माह के हिसाब से एक लाभार्थी को साल में 38,400 रुपये की सहायता मिलती है। यह रकम एकमुश्त नहीं मिलती, बल्कि हर महीने किस्त के रूप में दी जाती है।
कौन आवेदन कर सकता है: पात्रता की शर्तें
इस योजना का लाभ हर किसी को नहीं मिलता। विभाग ने पात्रता के लिए साफ शर्तें तय की हैं। आवेदन करने से पहले इन सभी शर्तों को ध्यान से पढ़ें और खुद जांच लें कि आप इन पर खरे उतरते हैं या नहीं। अगर कोई एक शर्त भी पूरी नहीं होती, तो आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पहली शर्त उम्र की है। आवेदक की उम्र 18 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। यानी केवल वयस्क व्यक्ति ही इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चे इस योजना के दायरे में नहीं आते।
दूसरी शर्त निवास की है। आवेदक हरियाणा राज्य का मूल निवासी होना चाहिए, और आवेदन जमा करते समय वह हरियाणा में कम से कम पिछले एक साल से रह रहा हो। अगर आप हाल ही में दूसरे राज्य से हरियाणा आए हैं, तो एक साल पूरा होने के बाद ही आप आवेदन कर पाएंगे।
तीसरी और सबसे अहम शर्त कद की है। पुरुष आवेदक का कद 3 फुट 8 इंच या उससे कम होना चाहिए, और महिला आवेदक का कद 3 फुट 3 इंच या उससे कम होना चाहिए। विभाग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस कद वाले व्यक्ति को 60 प्रतिशत दिव्यांग के बराबर माना जाता है। यहां एक बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। इंटरनेट पर कुछ पुरानी वेबसाइटों पर इस योजना के लिए 70 प्रतिशत दिव्यांग लिखा हुआ मिलता है, लेकिन विभाग की वर्तमान आधिकारिक जानकारी में 60 प्रतिशत लिखा है। इसलिए 60 प्रतिशत वाली जानकारी को ही सही मानें, और किसी पुराने लेख पर भरोसा करके आवेदन न करें।
| आवेदक | अधिकतम कद |
|---|---|
| पुरुष | 3 फुट 8 इंच या उससे कम |
| महिला | 3 फुट 3 इंच या उससे कम |
चौथी शर्त चिकित्सा प्रमाण पत्र की है। आवेदक को Civil Surgeon का प्रमाण पत्र देना होता है, जिसमें यह लिखा हो कि वह बौना है और उसका कद योजना की तय सीमा के अंदर है। यह प्रमाण पत्र ही पात्रता का सबसे बड़ा सबूत होता है। बिना इस प्रमाण पत्र के आवेदन पूरा नहीं माना जाता।
एक और बात जो जानना जरूरी है, वह यह है कि विभाग की योजना जानकारी में इस योजना के लिए किसी आय सीमा का उल्लेख नहीं है। यानी आधिकारिक योजना पेज पर यह नहीं लिखा है कि परिवार की सालाना आय इतनी होनी चाहिए। फिर भी आवेदन करने से पहले अपने जिले के समाज कल्याण कार्यालय से एक बार जरूर पूछ लें, क्योंकि नियमों में बदलाव हो सकता है। अगर कोई व्यक्ति या एजेंट आपसे यह कहे कि आय सीमा के नाम पर वह आपका काम करवा देगा, तो उससे सावधान रहें।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदन करने से पहले सभी दस्तावेज तैयार रखना बहुत जरूरी है। दस्तावेज अधूरे होने पर आवेदन अटक सकता है या वापस भी हो सकता है। नीचे दी गई सूची के हिसाब से अपने कागजात तैयार करें।
- Civil Surgeon का बौनापन प्रमाण पत्र: यह सबसे जरूरी दस्तावेज है। इसमें आवेदक का कद और बौनेपन की पुष्टि होनी चाहिए।
- हरियाणा मूल निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate): इससे यह साबित होता है कि आप हरियाणा के निवासी हैं।
- निवास का सबूत: पिछले एक साल से हरियाणा में रहने का प्रमाण, जैसे राशन कार्ड या वोटर कार्ड।
- उम्र का सबूत: जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल प्रमाण पत्र या वोटर कार्ड, जिससे 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र साबित हो।
- पहचान पत्र: आधार कार्ड या वोटर कार्ड।
- बैंक खाते का विवरण: भत्ता सीधे बैंक खाते में भेजा जाता है, इसलिए बैंक पासबुक की कॉपी या खाता संख्या की जानकारी साथ रखें।
- पासपोर्ट साइज फोटो: फॉर्म के साथ लगाने के लिए हाल की फोटो रखें।
सभी दस्तावेजों की फोटोकॉपी के साथ मूल दस्तावेज भी साथ रखें, क्योंकि जांच के समय अधिकारी मूल कागजात देख सकते हैं। फॉर्म भरते समय नाम, पता, उम्र, कद और बैंक खाते की जानकारी बिल्कुल सही भरें। एक छोटी सी गलती भी आवेदन में देरी कर सकती है।
आवेदन कैसे करें: Step by Step प्रक्रिया
इस योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया सीधी है, लेकिन इसे सही क्रम में करना जरूरी है। नीचे दिए गए चरणों को एक-एक करके पूरा करें।
- फॉर्म प्राप्त करें: सबसे पहले बौना भत्ता योजना का आवेदन फॉर्म प्राप्त करें। यह फॉर्म हरियाणा पेंशन पोर्टल pension.socialjusticehry.gov.in पर उपलब्ध है। इसके अलावा विभाग की वेबसाइट पर फॉर्म वाला पेज socialjusticehry.gov.in/form/application-form-for-dwarf-allowance/ पर भी यह फॉर्म मिलता है। फॉर्म अपने जिले के समाज कल्याण कार्यालय से भी लिया जा सकता है।
- Civil Surgeon का प्रमाण पत्र बनवाएं: अगर आपके पास पहले से बौनापन प्रमाण पत्र नहीं है, तो सबसे पहले अपने जिले के Civil Surgeon से जांच करवाकर प्रमाण पत्र बनवाएं। यह काम आवेदन से पहले करना जरूरी है, क्योंकि बिना प्रमाण पत्र के फॉर्म अधूरा रहेगा।
- फॉर्म ध्यान से भरें: फॉर्म में अपना नाम, पता, उम्र, कद, बैंक खाते की जानकारी और अन्य विवरण सही-सही भरें। फॉर्म हिंदी या अंग्रेजी में भरा जा सकता है, लेकिन जानकारी सही होनी चाहिए।
- दस्तावेज जोड़ें: ऊपर बताई गई सूची के सभी दस्तावेजों की कॉपी फॉर्म के साथ लगाएं। Civil Surgeon का प्रमाण पत्र सबसे ऊपर रखें, ताकि जांच करने वाले अधिकारी को वह आसानी से मिल जाए।
- फॉर्म जमा करें: भरा हुआ फॉर्म अपने जिले के District Social Welfare Officer के कार्यालय में जमा करें। कुछ जिलों में फॉर्म Common Service Centre के जरिए ऑनलाइन अपलोड करके संबंधित BDPO या नगर निगम कार्यालय में भी जमा किया जाता है। अपने जिले में कौन सी व्यवस्था है, यह कार्यालय से पूछकर पक्का कर लें।
- जांच और स्वीकृति: फॉर्म जमा होने के बाद जांच अधिकारी आवेदन की जांच करता है। जांच सही पाए जाने पर मामला Section Officer के जरिए District Social Welfare Officer के पास जाता है, जो भत्ता मंजूर करने का अधिकारी होता है।
- भत्ता मिलना शुरू: मंजूरी के बाद लाभार्थी को हर महीने भत्ता मिलना शुरू हो जाता है। योजना की जानकारी के अनुसार सेवा की समय सीमा 60 दिन तय है, इसलिए आवेदन के बाद अपने आवेदन की स्थिति के बारे में कार्यालय से जानकारी लेते रहें।
आवेदन करते समय किसी भी एजेंट या बिचौलिए को पैसे न दें। यह योजना पूरी तरह मुफ्त है, और फॉर्म जमा करने के लिए कोई फीस नहीं ली जाती। अगर कोई व्यक्ति पैसे मांगता है, तो वह गलत काम कर रहा है। सीधे जिला समाज कल्याण कार्यालय से संपर्क करें।
आवेदन के बाद क्या होता है
आवेदन जमा करने के बाद उसकी जांच होती है। जांच अधिकारी आपके दस्तावेजों और दी गई जानकारी को जांचता है। अगर जानकारी सही पाई जाती है, तो District Social Welfare Officer भत्ता मंजूर कर देता है। अगर जानकारी में कोई कमी पाई जाती है, तो आपको उसे ठीक करने का मौका दिया जा सकता है। इसलिए फॉर्म में अपना मोबाइल नंबर सही लिखें, ताकि कार्यालय आपसे संपर्क कर सके।
एक और जरूरी बात यह है कि जब लाभार्थी की उम्र 60 वर्ष हो जाती है, तो बौना भत्ता Old Age Samman Allowance में बदल दिया जाता है। यानी 60 साल की उम्र के बाद भी सहायता बंद नहीं होती, वह बुढ़ापा सम्मान भत्ते के रूप में जारी रहती है। यह व्यवस्था विभाग की ओर से ही की जाती है।
अगर आवेदन में दी गई जानकारी गलत पाई जाती है, तो District Social Welfare Officer को भत्ता रोकने का अधिकार है। लाभार्थी की मृत्यु होने पर भी भत्ता बंद हो जाता है। अगर लाभार्थी दूसरे जिले में चला जाता है, तो उसे नए जिले में भत्ता जारी रखने के लिए आवेदन करना पड़ता है। इसलिए पते में बदलाव होने पर तुरंत अपने कार्यालय को बताएं।
आवेदन करते समय होने वाली आम गलतियां
कई बार छोटे-छोटे कारणों से आवेदन अटक जाता है। इन गलतियों से बचना आसान है, बस थोड़ी सावधानी रखनी होती है। पहली गलती यह होती है कि लोग Civil Surgeon का प्रमाण पत्र लिए बिना ही फॉर्म जमा कर देते हैं। यह प्रमाण पत्र सबसे जरूरी है, इसलिए पहले इसे बनवाएं।
दूसरी गलती यह होती है कि लोग पुरानी जानकारी पर भरोसा कर लेते हैं। इंटरनेट पर कई वेबसाइटों पर इस योजना की राशि अब भी 1,800 रुपये लिखी हुई है, जो कई साल पुरानी है। वर्तमान राशि 3,200 रुपये है, जो 1 नवंबर 2025 से लागू है। हमेशा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी को ही सही मानें।
तीसरी गलती यह है कि लोग फॉर्म में गलत बैंक खाता संख्या लिख देते हैं। भत्ता सीधे बैंक खाते में आता है, इसलिए खाता संख्या दो बार जांचकर लिखें। चौथी गलती यह है कि लोग आवेदन जमा करने के बाद उसकी स्थिति के बारे में पूछते ही नहीं। आवेदन के बाद समय-समय पर कार्यालय से संपर्क करते रहें, ताकि कोई कमी हो तो समय पर ठीक हो सके।
हरियाणा की अन्य योजनाएं भी देखें
अगर आप हरियाणा के निवासी हैं, तो बौना भत्ता योजना के साथ-साथ राज्य की अन्य योजनाओं के बारे में भी जानना आपके काम आ सकता है। हरियाणा में बेरोजगार युवाओं के लिए बेरोजगारी भत्ता योजना चलती है, जिसके बारे में आप हमारी इस पोस्ट में पढ़ सकते हैं: Berojgari Bhatta Yojana 2026। राशन और गरीबी रेखा से जुड़ी जानकारी के लिए Haryana BPL List 2026 देखें। हरियाणा सरकार की सेवाओं के लिए एक ही जगह आवेदन करने वाले Saral Portal के बारे में जानने के लिए Saral Haryana Portal 2026 पढ़ें।
महत्वपूर्ण आधिकारिक लिंक
| काम | आधिकारिक लिंक |
|---|---|
| योजना की जानकारी (SEWA विभाग) | sewa.haryana.gov.in/allowance-to-dwarfs/ |
| हरियाणा पेंशन पोर्टल | pension.socialjusticehry.gov.in |
| बौना भत्ता आवेदन फॉर्म | socialjusticehry.gov.in/form/application-form-for-dwarf-allowance/ |
| विभाग की वेबसाइट | socialjusticehry.gov.in |
किसी भी योजना के लिए आवेदन करने से पहले हमेशा आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी को जांच लें। अगर आधिकारिक पोर्टल खुलने में परेशानी हो, तो अपने जिले के District Social Welfare Office में जाकर जानकारी लें। किसी भी अनजान वेबसाइट या सोशल मीडिया पोस्ट पर दिए गए लिंक पर भरोसा न करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Haryana Bauna Bhatta Yojana में हर महीने कितना भत्ता मिलता है?
वर्तमान में हर महीने 3,200 रुपये मिलते हैं। यह राशि 1 नवंबर 2025 से लागू है। इससे पहले, 1 जनवरी 2024 से, यह राशि 3,000 रुपये प्रति माह थी। साल भर में कुल 38,400 रुपये की सहायता मिलती है।
बौना भत्ता योजना के लिए कौन पात्र है?
हरियाणा का मूल निवासी, जिसकी उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक हो, और जो आवेदन के समय राज्य में कम से कम एक साल से रह रहा हो, वह पात्र है। पुरुष का कद 3 फुट 8 इंच या उससे कम और महिला का कद 3 फुट 3 इंच या उससे कम होना चाहिए। साथ में Civil Surgeon का बौनापन प्रमाण पत्र जरूरी है।
क्या इस योजना में आय सीमा है?
विभाग की आधिकारिक योजना जानकारी में इस योजना के लिए किसी आय सीमा का उल्लेख नहीं है। फिर भी आवेदन करने से पहले अपने जिले के समाज कल्याण कार्यालय से एक बार जरूर पूछ लें, क्योंकि नियमों में बदलाव हो सकता है। अगर कोई इस बारे में पक्की जानकारी न दे सके, तो check official notification।
बौना भत्ता के लिए आवेदन कैसे करें?
आवेदन फॉर्म हरियाणा पेंशन पोर्टल pension.socialjusticehry.gov.in या विभाग की वेबसाइट के फॉर्म पेज से डाउनलोड करें। फॉर्म भरकर, Civil Surgeon का प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज लगाकर, अपने जिले के District Social Welfare Officer के कार्यालय में जमा करें।
क्या बौना भत्ता 60 साल की उम्र के बाद भी मिलता है?
60 साल की उम्र होने पर बौना भत्ता बंद नहीं होता, बल्कि उसे Old Age Samman Allowance में बदल दिया जाता है। यानी सहायता जारी रहती है, बस योजना का नाम बदल जाता है। यह व्यवस्था विभाग की ओर से की जाती है।
अगर आवेदन में जानकारी गलत पाई जाए तो क्या होगा?
अगर आवेदन में दी गई जानकारी गलत पाई जाती है, तो District Social Welfare Officer को भत्ता रोकने का अधिकार है। इसलिए फॉर्म में हमेशा सही और सच्ची जानकारी दें। गलत जानकारी देने पर भत्ता बंद होने के साथ-साथ आगे की कार्रवाई भी हो सकती है।
भत्ता कब से मिलना शुरू होता है और कितने दिन में मंजूरी मिलती है?
योजना की जानकारी के अनुसार सेवा की समय सीमा 60 दिन तय है। मंजूरी के बाद भत्ता हर महीने दिया जाता है। अगर 60 दिन में कोई जवाब न मिले, तो अपने जिले के समाज कल्याण कार्यालय में जाकर आवेदन की स्थिति पूछें।
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Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के लिए है। GramSuvidha एक निजी सूचना पोर्टल (सरकारी वेबसाइट नहीं) है। योजना की राशि, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया में समय-समय पर बदलाव हो सकता है। आवेदन करने से पहले हरियाणा Social Justice and Empowerment Department की आधिकारिक वेबसाइट या अपने जिले के समाज कल्याण कार्यालय से जानकारी जरूर जांच लें।





