हरियाणा के किसान भाइयों के लिए रबी का मौसम शुरू हो चुका है। खेतों में जुताई चल रही है, गेहूं की बुवाई की तैयारी जोरों पर है, और हर किसान के मन में एक ही सवाल है — इस बार अपनी फसल का पंजीकरण कैसे कराएं, ताकि मंडी में फसल बेचने पर सही दाम मिले और पैसा सीधे बैंक खाते में आए। अगर फसल का पंजीकरण समय पर नहीं हुआ, तो मंडी में फसल बेचने में दिक्कत आ सकती है, और सरकारी खरीद का लाभ भी छूट सकता है।
इसी परेशानी को दूर करने के लिए हरियाणा सरकार ने Meri Fasal Mera Byora पोर्टल शुरू किया है। यह पोर्टल किसानों के लिए एक ही जगह पर फसल पंजीकरण, मंडी में बिक्री, गेट पास और भुगतान की जानकारी देता है। इस लेख में हम आपको इस पोर्टल की पूरी जानकारी देंगे — रबी 2026-27 के लिए पंजीकरण कैसे करें, कौन से दस्तावेज चाहिए, किस फसल पर कितना न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलेगा, पंजीकरण की स्थिति कैसे जांचें, और भुगतान कब और कैसे मिलेगा। लेख को अंत तक पढ़ें, क्योंकि आखिर में हमने वे सवाल-जवाब भी दिए हैं जो हर किसान के मन में आते हैं, और वे गलतियां भी बताई हैं जिनसे पंजीकरण अटक जाता है।
एक बात पहले ही साफ कर दें — इस लेख में दी गई हर जानकारी उपलब्ध सरकारी और समाचार स्रोतों पर आधारित है। रबी 2026-27 के पंजीकरण की ठीक-ठीक शुरू होने की तारीख और अंतिम तारीख अभी सरकारी पोर्टल पर साफ तौर पर घोषित नहीं हुई है, इसलिए लेख में जहां भी तारीख को लेकर अनिश्चितता है, वहां हमने साफ-साफ लिख दिया है। आवेदन करने से पहले एक बार fasal.haryana.gov.in पर जरूर देख लें।
Meri Fasal Mera Byora क्या है?
Meri Fasal Mera Byora हरियाणा सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग का एक ऑनलाइन पोर्टल है। इसका पूरा नाम ही इसका काम बता देता है — मेरी फसल, मेरा ब्योरा। यानी किसान अपनी फसल का पूरा ब्योरा सरकार को खुद दर्ज करता है — कौन सी फसल बोई है, कितने क्षेत्र में बोई है, और किस खेत में बोई है।
इस पोर्टल की शुरुआत 2019 में हुई थी। इसका मकसद यह है कि सरकार को पहले से पता चल जाए कि राज्य में किस फसल की कितनी पैदावार होने वाली है, ताकि मंडियों में खरीद की तैयारी समय पर हो सके। किसान के लिए इसका फायदा यह है कि पंजीकरण कराने के बाद वह अपनी फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर सरकारी मंडी में बेच सकता है, और भुगतान सीधे उसके बैंक खाते में आता है। बिना पंजीकरण के फसल बेचने पर यह सुविधा नहीं मिलती।
पोर्टल पर पंजीकरण हर सीजन में अलग-अलग करना होता है। खरीफ और रबी के लिए अलग पंजीकरण होता है। अगर आपने खरीफ 2026-27 में पंजीकरण कराया था, तो रबी 2026-27 के लिए फिर से पंजीकरण कराना होगा। पुराना पंजीकरण रबी सीजन में अपने आप काम नहीं करेगा। यह बात बहुत से किसान भूल जाते हैं, और फिर मंडी में जाकर पता चलता है कि उनका नाम रबी की सूची में है ही नहीं।
इस पोर्टल से एक और पोर्टल जुड़ा हुआ है — ई-खरीद (e-Kharid), जिसका पता है ekharid.haryana.gov.in। फसल की खरीद, गेट पास और जे-फॉर्म का काम ई-खरीद पोर्टल से होता है। Meri Fasal Mera Byora पर पंजीकरण कराना पहला कदम है, और मंडी में बिक्री का काम ई-खरीद से जुड़ा हुआ है। दोनों पोर्टल एक-दूसरे से जुड़े हैं, इसलिए पंजीकरण के समय दिया गया मोबाइल नंबर और किसान आईडी संभालकर रखें।
हरियाणा में सरकार 24 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करती है। इसका मतलब यह है कि अगर आप इन फसलों में से कोई फसल उगाते हैं और पोर्टल पर पंजीकरण कराते हैं, तो आप अपनी फसल सरकार को MSP पर बेच सकते हैं। रबी सीजन की मुख्य फसलें गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों और कुसुम हैं, जिनके MSP की पूरी सूची इस लेख में आगे दी गई है।
एक नजर में जरूरी जानकारी
| बात | जानकारी |
|---|---|
| पोर्टल का नाम | Meri Fasal Mera Byora |
| पोर्टल का पता | fasal.haryana.gov.in |
| विभाग | कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, हरियाणा सरकार |
| खरीद पोर्टल | ई-खरीद — ekharid.haryana.gov.in |
| पंजीकरण शुल्क | मुफ्त — कोई फीस नहीं |
| पंजीकरण कब | हर सीजन में नया पंजीकरण — खरीफ और रबी अलग-अलग |
| रबी 2026-27 स्थिति | नवंबर 2026 की शुरुआत में पंजीकरण खुला बताया गया है; अंतिम तारीख अभी घोषित नहीं हुई है |
| खरीफ 2026-27 स्थिति | बंद हो चुका है — अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 थी, फिर 21 से 27 सितंबर 2026 तक दोबारा खुला था |
| कौन पंजीकरण कर सकता है | हरियाणा के 18 साल या उससे अधिक उम्र के किसान — जमीन मालिक और बटाईदार दोनों |
| लॉगिन का तरीका | आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर और OTP |
| भुगतान का तरीका | DBT से सीधे पंजीकृत बैंक खाते में |
| पोर्टल शुरू हुआ | 2019 |
यह तालिका इस लेख की सबसे जरूरी जानकारी एक जगह पर देती है। अगर आपके पास समय कम है, तो सिर्फ इस तालिका और आगे दिए गए MSP वाले हिस्से को पढ़ लें, फिर पंजीकरण के कदमों को देख लें। लेकिन अगर आप पहली बार पंजीकरण करा रहे हैं, तो पूरा लेख पढ़ना बेहतर रहेगा, क्योंकि आधे-अधूरे पंजीकरण से मंडी में परेशानी होती है।
Rabi 2026-27 पंजीकरण की स्थिति — क्या चल रहा है?
रबी 2026-27 के लिए Meri Fasal Mera Byora पोर्टल पर पंजीकरण नवंबर 2026 की शुरुआत में खुला बताया गया है। SarkariSaral ने 4 नवंबर 2026 को लिखा कि पंजीकरण 4 नवंबर 2026 से शुरू हुआ है, iHaryana ने 5 नवंबर 2026 को लिखा कि पंजीकरण शुरू हो गया है, और CWB Hindi News ने 7 नवंबर 2026 को लिखा कि पोर्टल रबी 2026-27 के लिए सक्रिय है। लेकिन एक बात साफ तौर पर कहनी जरूरी है — पंजीकरण शुरू होने की ठीक-ठीक तारीख की पुष्टि सरकारी पोर्टल से अभी नहीं हुई है। इसलिए हम इस लेख में 4 नवंबर को पक्की तारीख के रूप में नहीं लिख रहे हैं।
सही स्थिति यह है: रबी 2026-27 का पंजीकरण नवंबर 2026 की शुरुआत में खुला बताया गया है, और अंतिम तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। पंजीकरण करने से पहले fasal.haryana.gov.in पर जाकर ताजा स्थिति जरूर देख लें। अगर पोर्टल पर पंजीकरण का विकल्प दिख रहा है, तो बिना देर किए पंजीकरण करा लें। अंतिम तारीख का इंतजार करना ठीक नहीं है, क्योंकि आखिरी दिनों में पोर्टल पर भीड़ बढ़ जाती है और OTP या सर्वर की दिक्कत आ सकती है।
एक और ताजा खबर यह है कि हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने 4 नवंबर 2026 को घोषणा की थी कि Meri Fasal Mera Byora पर पंजीकृत किसानों को वर्मीकम्पोस्ट की खरीद पर 80 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। यह खबर hryojna.com पर 5 नवंबर 2026 को छपी थी। लेकिन इस अनुदान की सीमा और अंतिम तारीख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है, इसलिए इस बारे में पोर्टल या कृषि विभाग से पुष्टि जरूर कर लें। हम इसे इस लेख में सिर्फ एक खबर के रूप में बता रहे हैं, पक्के लाभ के रूप में नहीं।
कुछ वेबसाइटों पर इस योजना को लेकर गलत जानकारी भी फैली हुई है, जिससे किसान भ्रमित हो जाते हैं। कुछ साइटों ने अंतिम तारीख के रूप में 31 सितंबर लिखा है — सितंबर में 31 तारीख होती ही नहीं, इसलिए ऐसी तारीख पर भरोसा न करें। Bajaj Finserv की एक वेबसाइट इसे तेलंगाना का प्लेटफॉर्म बताती है, जो गलत है — यह हरियाणा सरकार का पोर्टल है। IndiaFilings की वेबसाइट पुराने डोमेन fasalhry.in का लिंक देती है। किसानों को सिर्फ एक ही पते पर भरोसा करना चाहिए — fasal.haryana.gov.in। यही सरकारी पोर्टल है।
Rabi 2026-27 के लिए MSP — किस फसल पर कितना दाम मिलेगा
न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP वह कीमत है जिस पर सरकार किसानों से फसल खरीदती है। रबी 2026-27 के लिए MSP को केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) ने 1 अक्टूबर 2025 को मंजूरी दी थी, और इसकी जानकारी प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) ने जारी की थी। नीचे दी गई तालिका में रबी 2026-27 की सभी छह फसलों का MSP दिया गया है, साथ में यह भी बताया गया है कि पिछले साल के मुकाबले कितनी बढ़ोतरी हुई है।
| फसल | MSP 2026-27 (प्रति क्विंटल) | बढ़ोतरी |
|---|---|---|
| गेहूं | 2,585 रुपये | 160 रुपये |
| जौ | 2,150 रुपये | 170 रुपये |
| चना | 5,875 रुपये | 225 रुपये |
| मसूर (दाल) | 7,000 रुपये | 300 रुपये |
| सरसों और राई | 6,200 रुपये | 250 रुपये |
| कुसुम | 6,540 रुपये | 600 रुपये |
गेहूं हरियाणा की सबसे बड़ी रबी फसल है, इसलिए गेहूं के MSP पर सबसे ज्यादा ध्यान जाता है। रबी 2026-27 के लिए गेहूं का MSP 2,585 रुपये प्रति क्विंटल है, जो पिछले साल से 160 रुपये ज्यादा है। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी कुसुम में हुई है — 600 रुपये प्रति क्विंटल। मसूर में 300 रुपये, सरसों में 250 रुपये, चने में 225 रुपये और जौ में 170 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
यहां एक भ्रम से बचकर रहें। कुछ खबरों में रबी विपणन सत्र 2027-28 के लिए गेहूं का MSP 2,610 रुपये बताया गया है, जिसकी घोषणा 30 सितंबर 2026 को हुई थी। वह अगले सत्र का दाम है, रबी 2026-27 का नहीं। रबी 2026-27 के लिए गेहूं का सही MSP 2,585 रुपये प्रति क्विंटल ही है। अगर कोई आढ़ती या एजेंट आपको 2,610 रुपये का हवाला देकर इस सीजन का दाम बताता है, तो समझ लें कि वह गलत जानकारी दे रहा है।
MSP का लाभ तभी मिलेगा जब आपका पंजीकरण सही हो और आपकी फसल का ब्योरा पोर्टल पर दर्ज हो। मंडी में फसल बेचते समय गेट पास और जे-फॉर्म भी इसी पंजीकरण से जुड़े होते हैं। इसलिए MSP की तालिका देखकर खुश होने से पहले पंजीकरण पूरा करना जरूरी है।
खरीफ 2026-27 के MSP — जानने के लिए
खरीफ 2026-27 का पंजीकरण बंद हो चुका है, लेकिन जिन किसानों ने खरीफ में पंजीकरण कराया था, उनके लिए उस सीजन के MSP जानना उपयोगी है। खरीफ 2026-27 के कुछ मुख्य MSP इस प्रकार हैं — धान सामान्य 2,441 रुपये प्रति क्विंटल, धान ग्रेड ए 2,461 रुपये, बाजरा 2,900 रुपये, मक्का 2,410 रुपये, मूंग 8,780 रुपये, उड़द 8,200 रुपये और कपास (मध्यम) 8,267 रुपये प्रति क्विंटल। हरियाणा में कुल 24 फसलों की खरीद MSP पर की जाती है। अगर आपने खरीफ में पंजीकरण कराया था और भुगतान अभी तक नहीं आया है, तो इस लेख में आगे दिया गया भुगतान जांचने का तरीका देखें।
कौन पंजीकरण करा सकता है?
Meri Fasal Mera Byora पर पंजीकरण कराने के लिए कुछ शर्तें हैं। ये शर्तें बहुत सख्त नहीं हैं, लेकिन इन्हें जानना जरूरी है ताकि पंजीकरण के समय कोई दिक्कत न आए।
- हरियाणा का निवासी किसान: पंजीकरण कराने वाला किसान हरियाणा का निवासी होना चाहिए, और उसकी उम्र 18 साल या उससे अधिक होनी चाहिए।
- जमीन मालिक: जिस किसान के नाम पर जमीन है, वह अपने खेत का ब्योरा दर्ज करके पंजीकरण करा सकता है। जमीन के कागजात — खेवट, खतौनी, खसरा या किला नंबर और जमाबंदी — पंजीकरण के समय चाहिए।
- बटाईदार और किरायेदार किसान: जो किसान किसी और की जमीन पर खेती करता है, वह भी पंजीकरण करा सकता है। बटाईदार किसान को किरायेदारी समझौता या जमीन मालिक की सहमति का प्रमाण देना होगा। सिर्फ जमीन मालिक ही नहीं, बटाई पर खेती करने वाला किसान भी इस पोर्टल का लाभ ले सकता है।
- पड़ोसी राज्य के किसान: पड़ोसी राज्य के वे किसान जिनकी जमीन हरियाणा में है, वे भी पंजीकरण करा सकते हैं। शर्त यह है कि जमीन हरियाणा में होनी चाहिए और उसके कागजात सही होने चाहिए।
- आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर: पंजीकरण और लॉगिन के लिए आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर जरूरी है, क्योंकि OTP उसी नंबर पर आता है। अगर आपका मोबाइल नंबर आधार से जुड़ा नहीं है, तो पहले उसे जुड़वाएं।
एक और बात ध्यान रखें — पंजीकरण हर सीजन में नया करना होता है। खरीफ का पंजीकरण रबी में काम नहीं आएगा। अगर आपने पिछले सीजन में पंजीकरण कराया था, तो भी इस सीजन के लिए नया पंजीकरण कराना होगा। यह नियम इसलिए है क्योंकि हर सीजन में फसल और बोया गया क्षेत्र बदल जाता है।
अगर आप PM Kisan योजना के लाभार्थी हैं, तो भी Meri Fasal Mera Byora पर अलग से पंजीकरण कराना होगा। PM Kisan से मिलने वाली किस्त और फसल की बिक्री दो अलग-अलग चीजें हैं। PM Kisan के बारे में पूरी जानकारी के लिए आप हमारी PM Kisan Yojana 2026 वाली खबर पढ़ सकते हैं। इसी तरह, अगर आपने अभी तक अपना घर बनाने के लिए PM Awas Yojana का लाभ नहीं लिया है, तो PM Awas Yojana 2026 की जानकारी भी देख सकते हैं।
पंजीकरण के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए?
पंजीकरण शुरू करने से पहले सारे दस्तावेज एक जगह रख लें। बीच में दस्तावेज खोजने से फॉर्म अधूरा रह सकता है। नीचे दी गई सूची के हिसाब से कागजात तैयार रखें।
- आधार कार्ड: किसान का आधार कार्ड सबसे जरूरी दस्तावेज है।
- परिवार पहचान पत्र (Family ID): हरियाणा का परिवार पहचान पत्र यानी PPP भी चाहिए।
- आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर: OTP लॉगिन के लिए यही नंबर इस्तेमाल होगा।
- बैंक खाता और पासबुक: बैंक खाता नंबर, खाताधारक का नाम, शाखा और IFSC कोड चाहिए। खाता आधार से जुड़ा (सीडेड) होना चाहिए, क्योंकि भुगतान DBT से सीधे इसी खाते में आएगा।
- जमीन के कागजात: खेवट, खतौनी, खसरा या किला नंबर और जमाबंदी। हर खेत के लिए अलग-अलग जानकारी देनी होती है।
- फसल और बोए गए क्षेत्र का ब्योरा: किस खेत में कौन सी फसल बोई है और कितने क्षेत्र में बोई है, यह जानकारी तैयार रखें।
- पासपोर्ट साइज फोटो: किसान की पासपोर्ट साइज फोटो भी चाहिए।
- बटाईदारों के लिए: किरायेदारी समझौता या जमीन मालिक की सहमति का प्रमाण। बिना इसके बटाईदार का पंजीकरण अटक सकता है।
दस्तावेजों को लेकर एक सलाह — बैंक खाते का नाम और आधार कार्ड पर लिखा नाम एक जैसा होना चाहिए। अगर नाम में अंतर है, तो भुगतान अटक सकता है। इसी तरह, जमीन के कागजात में दर्ज नाम और आधार कार्ड का नाम भी मेल खाना चाहिए। अगर जमाबंदी में नाम पुराना है या गलती है, तो पंजीकरण से पहले उसे ठीक कराना बेहतर है।
Meri Fasal Mera Byora पर पंजीकरण कैसे करें — कदम दर कदम
ऑनलाइन पंजीकरण करना मुश्किल नहीं है। नीचे दिए गए कदमों को एक-एक करके अपनाएं। अगर आपके पास स्मार्टफोन या कंप्यूटर नहीं है, तो आप नजदीकी CSC या अटल सेवा केंद्र पर जाकर मुफ्त में पंजीकरण करा सकते हैं। वहां ऑपरेटर आपकी मदद करेगा। आप SDM कार्यालय में लिखित आवेदन देकर भी पंजीकरण करा सकते हैं।
- पोर्टल खोलें: अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर fasal.haryana.gov.in खोलें। ध्यान रखें कि पता ठीक यही हो — किसी और वेबसाइट पर पंजीकरण न करें।
- किसान अनुभाग चुनें: होम पेज पर Farmer Section यानी किसान अनुभाग पर क्लिक करें।
- किसान पंजीकरण पर क्लिक करें: किसान अनुभाग में किसान पंजीकरण का विकल्प मिलेगा। उस पर क्लिक करें।
- मोबाइल नंबर और OTP: अपना आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर डालें। उस नंबर पर OTP आएगा। OTP डालकर आगे बढ़ें। अगर OTP नहीं आ रहा है, तो कुछ देर इंतजार करें या नीचे दिए गए समस्या वाले हिस्से को देखें।
- Family ID और आधार जानकारी: अपना परिवार पहचान पत्र (Family ID) और आधार से जुड़ी जानकारी भरें।
- व्यक्तिगत जानकारी भरें: नाम, पता और अन्य व्यक्तिगत जानकारी सही-सही भरें। नाम वही लिखें जो आधार कार्ड पर है।
- जमीन और फसल का ब्योरा भरें: हर खेत के लिए अलग-अलग जानकारी दें — खसरा या किला नंबर, कौन सी फसल बोई है, और कितने क्षेत्र में बोई है। यह हिस्सा सबसे जरूरी है, इसलिए जल्दबाजी न करें।
- बैंक जानकारी भरें: बैंक खाता नंबर, खाताधारक का नाम, शाखा और IFSC कोड भरें। खाता वही दें जिसमें भुगतान चाहिए और जो आधार से जुड़ा हो।
- मंडी और आढ़ती की जानकारी: जिस मंडी में फसल बेचनी है और आढ़ती का ब्योरा, वह भी भरें।
- फॉर्म जमा करें: सारी जानकारी एक बार फिर से पढ़कर जांच लें, फिर फॉर्म जमा करें। जमा करने के बाद मिलने वाला पावती नंबर या रेफरेंस आईडी संभालकर रखें। रसीद का प्रिंट निकाल लें या उसकी फोटो अपने मोबाइल में सहेज लें।
पंजीकरण पूरा होने के बाद आपको एक पावती या रेफरेंस आईडी मिलेगी। यह आईडी बहुत काम की है — पंजीकरण की स्थिति जांचने, गेट पास लेने और भुगतान की जानकारी के लिए इसी आईडी की जरूरत पड़ेगी। इसे किसी कागज पर लिखकर सुरक्षित जगह पर रखें, और मोबाइल में भी सहेज लें।
ऑफलाइन पंजीकरण कराने वाले किसान भी यही जानकारी लेकर जाएं — आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र, जमीन के कागजात, बैंक पासबुक और फोटो। CSC या अटल सेवा केंद्र पर पंजीकरण मुफ्त है। अगर कोई आपसे पंजीकरण के लिए पैसे मांगता है, तो समझ लें कि वह गलत कर रहा है। पंजीकरण की कोई फीस नहीं है।
पंजीकरण की स्थिति कैसे जांचें?
पंजीकरण कराने के बाद यह जानना जरूरी है कि आपका पंजीकरण स्वीकार हुआ है या अभी जांच के दौर में है। स्थिति जांचने का तरीका बहुत आसान है।
- fasal.haryana.gov.in खोलें।
- Farmer Search यानी किसान खोज का विकल्प चुनें।
- अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर डालें।
- आपके सामने आपकी पंजीकरण सूची और उसकी स्थिति दिख जाएगी।
अगर स्थिति में लंबित (pending) लिखा है, तो इसका मतलब है कि आपका पंजीकरण अभी जांच के दौर में है। इसमें उपग्रह डेटा और जमीनी जांच से फसल और क्षेत्र की पुष्टि की जाती है — खरीफ 2026-27 में यही तरीका अपनाया गया था। अगर स्थिति में स्वीकृत लिखा है, तो आपका पंजीकरण पूरा हो गया है। अगर अस्वीकृत (rejected) लिखा है, तो कारण देखें और नीचे दिए गए समस्या वाले हिस्से में बताए गए तरीके से उसे ठीक करें।
स्थिति जांचते समय एक बात ध्यान रखें — पंजीकरण कराने के तुरंत बाद स्थिति बदलने में कुछ समय लग सकता है। अगर आपने आज ही पंजीकरण कराया है और स्थिति नहीं दिख रही है, तो एक-दो दिन बाद फिर से जांचें। बार-बार OTP मांगने से बचें, क्योंकि बार-बार कोशिश करने पर कभी-कभी OTP आना रुक जाता है।
भुगतान की स्थिति कैसे जांचें?
मंडी में फसल बेचने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही होता है — पैसा कब आएगा और कितना आएगा। Meri Fasal Mera Byora से जुड़ी खरीद में भुगतान DBT के जरिए सीधे किसान के पंजीकृत बैंक खाते में किया जाता है। भुगतान खरीद और सत्यापन के बाद आता है, इसलिए फसल बेचते ही पैसा नहीं आता — इसमें कुछ समय लगता है।
- पहले यह पक्का करें कि आपका पंजीकरण स्वीकृत है और फसल की बिक्री का ब्योरा ई-खरीद पोर्टल पर दर्ज है।
- अपने बैंक खाते की जानकारी जांचें — खाता नंबर, IFSC कोड और खाताधारक का नाम सही होना चाहिए।
- खाता आधार से जुड़ा होना चाहिए। अगर खाता आधार से जुड़ा नहीं है, तो DBT भुगतान अटक सकता है।
- भुगतान की स्थिति जानने के लिए ई-खरीद पोर्टल ekharid.haryana.gov.in पर अपने मोबाइल नंबर या किसान आईडी और OTP से लॉगिन करें। वहां बिक्री और भुगतान से जुड़ी जानकारी देखी जा सकती है।
- बैंक पासबुक या बैंक की SMS जानकारी से भी देखें कि पैसा खाते में आया है या नहीं। कभी-कभी पैसा खाते में आ जाता है, लेकिन किसान को SMS नहीं मिलता।
अगर फसल बेचे हुए लंबा समय बीत गया है और भुगतान नहीं आया है, तो पहले पोर्टल पर अपनी स्थिति जांचें। अगर वहां भुगतान लंबित दिख रहा है, तो अपनी मंडी के अधिकारियों या हेल्पलाइन से संपर्क करें। बैंक खाते की जानकारी गलत होने पर भुगतान वापस भी जा सकता है, इसलिए खाता बदलने पर पोर्टल पर जानकारी अपडेट कराना न भूलें।
गेट पास और जे-फॉर्म कैसे मिलेगा?
मंडी में फसल ले जाते समय गेट पास की जरूरत पड़ती है। गेट पास और जे-फॉर्म ई-खरीद पोर्टल से मिलते हैं। इनका तरीका इस प्रकार है।
- ekharid.haryana.gov.in खोलें।
- अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर या किसान आईडी से लॉगिन करें।
- OTP डालकर आगे बढ़ें।
- लॉगिन के बाद गेट पास का विकल्प चुनें और अपनी फसल व मंडी की जानकारी के हिसाब से गेट पास बनाएं।
- जे-फॉर्म बिक्री के बाद मिलता है। यह फॉर्म इस बात का सबूत है कि आपकी फसल मंडी में बिकी है और कितने दाम पर बिकी है। इसे संभालकर रखें, क्योंकि भुगतान से जुड़ी किसी भी शिकायत में यही काम आता है।
गेट पास बनाने से पहले यह पक्का कर लें कि आपका पंजीकरण स्वीकृत है और फसल का ब्योरा सही दर्ज है। अगर पंजीकरण में दर्ज फसल और मंडी में ले जाई जा रही फसल में अंतर होगा, तो गेट पास बनने में दिक्कत आ सकती है। फसल मंडी ले जाने से पहले गेट पास तैयार रखना बेहतर है, ताकि मंडी के गेट पर इंतजार न करना पड़े।
खरीफ 2026-27 पंजीकरण बंद — क्या हुआ था?
खरीफ 2026-27 के लिए Meri Fasal Mera Byora पर पंजीकरण अब बंद हो चुका है। इसकी पहली अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 थी। उसके बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 20 सितंबर 2026 को कुरुक्षेत्र के बबैन अनाज मंडी में घोषणा की थी कि पंजीकरण दोबारा खोला जाएगा। इसके बाद पोर्टल 21 से 27 सितंबर 2026 तक दोबारा खुला था, ताकि छूटे हुए किसान पंजीकरण करा सकें।
खरीफ सीजन में पंजीकरण का सत्यापन उपग्रह डेटा और जमीनी जांच से किया गया था। इसका मतलब यह है कि सरकार ने उपग्रह से खेतों की तस्वीरों और जमीन पर जाकर की गई जांच से यह पुष्टि की थी कि किसान ने जो फसल और क्षेत्र बताया है, वह सही है या नहीं। रबी सीजन में भी इसी तरह की जांच हो सकती है, इसलिए फसल का ब्योरा सही-सही भरना बहुत जरूरी है। गलत ब्योरा भरने पर पंजीकरण अस्वीकृत हो सकता है।
अगर आपने खरीफ में पंजीकरण कराया था, तो रबी के लिए फिर से पंजीकरण कराना होगा। खरीफ का पंजीकरण रबी में अपने आप नहीं चलेगा। यह बात इस लेख में दो बार इसलिए दोहराई गई है, क्योंकि यही सबसे आम गलती है जो किसान करते हैं।
आम गलतियां और समस्याएं — और उनका समाधान
पंजीकरण करते समय छोटी-छोटी गलतियां बड़ी परेशानी बन जाती हैं। नीचे वे समस्याएं दी गई हैं जो सबसे ज्यादा आती हैं, और उनके समाधान भी बताए गए हैं।
1. OTP नहीं आ रहा है
OTP न आने का सबसे आम कारण यह है कि मोबाइल नंबर आधार से जुड़ा नहीं है। पहले यह जांचें कि आपका मोबाइल नंबर आधार से जुड़ा है या नहीं। अगर नंबर बदल गया है, तो पहले आधार में नया नंबर अपडेट कराएं। नेटवर्क कमजोर होने पर भी OTP देर से आता है — कुछ मिनट इंतजार करें और फिर से कोशिश करें। बार-बार OTP मांगने से बचें।
2. जमीन के कागजात मेल नहीं खा रहे हैं
अगर पोर्टल पर दर्ज जमीन की जानकारी जमाबंदी से मेल नहीं खाती, तो पंजीकरण अटक जाता है। इसका कारण अक्सर यह होता है कि जमाबंदी में नाम पुराना है या खसरा नंबर गलत भरा गया है। समाधान यह है कि पहले पटवारी या राजस्व विभाग से जमाबंदी की ताजा प्रति लें, और उसमें दर्ज खसरा, खेवट और खतौनी नंबर ठीक वैसे ही भरें जैसे कागज पर लिखे हैं।
3. पंजीकरण लंबित (pending) दिख रहा है
लंबित का मतलब यह नहीं है कि पंजीकरण रद्द हो गया है। इसका मतलब है कि जांच चल रही है। उपग्रह डेटा और जमीनी जांच में समय लगता है। कुछ दिन इंतजार करें और फिर से स्थिति जांचें। अगर लंबे समय तक स्थिति नहीं बदलती, तो CSC केंद्र या हेल्पलाइन से संपर्क करें।
4. पंजीकरण अस्वीकृत (rejected) हो गया है
अस्वीकृत होने पर पहले अस्वीकृति का कारण देखें। ज्यादातर मामलों में कारण दस्तावेजों की कमी या गलत जानकारी होती है। कारण ठीक करके दोबारा पंजीकरण कराएं। अगर कारण समझ में नहीं आ रहा है, तो CSC केंद्र पर जाकर मदद लें। वहां ऑपरेटर पोर्टल पर कारण देखकर बता सकता है।
5. दोहरा दावा (duplicate claim) की समस्या
अगर एक ही खेत के लिए दो पंजीकरण हो गए हैं — जैसे जमीन मालिक और बटाईदार दोनों ने एक ही खेत का पंजीकरण करा दिया है — तो दावा अटक सकता है। ऐसी स्थिति में सही दस्तावेज के साथ संबंधित अधिकारी से संपर्क करें। बटाईदार को अपना किरायेदारी समझौता या सहमति पत्र तैयार रखना चाहिए।
6. बैंक खाते की जानकारी गलत है
अगर खाता नंबर या IFSC कोड गलत भरा गया है, तो भुगतान अटक जाएगा। पंजीकरण जमा करने से पहले बैंक पासबुक देखकर जानकारी भरें। अगर खाता बदल गया है, तो पोर्टल पर जानकारी अपडेट कराएं। भुगतान आने से पहले ही यह जांच कर लेना सबसे अच्छा है।
7. अंतिम तारीख का इंतजार करना
बहुत से किसान अंतिम तारीख का इंतजार करते हैं, और फिर आखिरी दिन पोर्टल पर भीड़ बढ़ जाती है। OTP देर से आता है, फॉर्म जमा नहीं होता, और पंजीकरण छूट जाता है। रबी 2026-27 की अंतिम तारीख अभी घोषित नहीं हुई है, लेकिन जैसे ही पोर्टल पर पंजीकरण का विकल्प दिखे, जल्द से जल्द पंजीकरण करा लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. Meri Fasal Mera Byora पर पंजीकरण की फीस कितनी है?
पंजीकरण पूरी तरह मुफ्त है। ऑनलाइन पंजीकरण करने पर कोई फीस नहीं लगती, और CSC या अटल सेवा केंद्र पर भी पंजीकरण मुफ्त में कराया जाता है। अगर कोई आपसे पंजीकरण के लिए पैसे मांगता है, तो वह गलत कर रहा है।
2. क्या हर सीजन में नया पंजीकरण कराना जरूरी है?
हां, बिल्कुल जरूरी है। खरीफ और रबी के लिए अलग-अलग पंजीकरण करना होता है। खरीफ 2026-27 का पंजीकरण रबी 2026-27 में काम नहीं आएगा। हर सीजन में फसल और बोया गया क्षेत्र बदल जाता है, इसलिए नया पंजीकरण कराना होता है।
3. रबी 2026-27 के लिए गेहूं का MSP कितना है?
रबी 2026-27 के लिए गेहूं का MSP 2,585 रुपये प्रति क्विंटल है, जो पिछले साल से 160 रुपये ज्यादा है। यह दाम CCEA ने 1 अक्टूबर 2025 को मंजूरी दी थी। ध्यान रखें कि 2,610 रुपये वाला दाम अगले सत्र 2027-28 का है, इस सीजन का नहीं।
4. रबी 2026-27 पंजीकरण की अंतिम तारीख क्या है?
रबी 2026-27 का पंजीकरण नवंबर 2026 की शुरुआत में खुला बताया गया है, लेकिन अंतिम तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। ताजा जानकारी के लिए fasal.haryana.gov.in पर देखें। अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द पंजीकरण कराना सबसे सुरक्षित तरीका है।
5. बटाईदार किसान पंजीकरण करा सकता है?
हां, बटाईदार किसान भी पंजीकरण करा सकता है। उसे किरायेदारी समझौता या जमीन मालिक की सहमति का प्रमाण देना होगा। सिर्फ जमीन मालिक ही नहीं, बटाई पर खेती करने वाला किसान भी इस पोर्टल का लाभ ले सकता है।
6. भुगतान कब और कैसे मिलेगा?
भुगतान DBT के जरिए सीधे पंजीकृत बैंक खाते में आता है। भुगतान मंडी में खरीद और सत्यापन के बाद किया जाता है, इसलिए फसल बेचते ही पैसा नहीं आता — इसमें कुछ समय लगता है। भुगतान की स्थिति ई-खरीद पोर्टल ekharid.haryana.gov.in पर लॉगिन करके देखी जा सकती है।
7. गेट पास और जे-फॉर्म कहां से मिलेगा?
गेट पास और जे-फॉर्म ई-खरीद पोर्टल ekharid.haryana.gov.in से मिलते हैं। पोर्टल पर अपने मोबाइल नंबर या किसान आईडी और OTP से लॉगिन करें। गेट पास मंडी में फसल ले जाने से पहले बनाएं, और जे-फॉर्म बिक्री के बाद संभालकर रखें।
8. OTP नहीं आ रहा है तो क्या करें?
पहले यह जांचें कि आपका मोबाइल नंबर आधार से जुड़ा है या नहीं। अगर नंबर बदल गया है, तो पहले आधार में नया नंबर अपडेट कराएं। कुछ मिनट इंतजार करें, नेटवर्क जांचें, और बार-बार OTP मांगने से बचें। अगर फिर भी OTP नहीं आता है, तो CSC केंद्र पर जाकर मदद लें।
आधिकारिक लिंक और हेल्पलाइन
| काम | लिंक या नंबर |
|---|---|
| फसल पंजीकरण पोर्टल | fasal.haryana.gov.in |
| खरीद, गेट पास और जे-फॉर्म | ekharid.haryana.gov.in |
| टोल-फ्री हेल्पलाइन (बताए गए नंबर — पोर्टल पर पुष्टि करें) | 1800-180-2117, 1800-180-2060 (सोमवार से शुक्रवार, सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक) |
| लैंडलाइन (बताए गए नंबर — पोर्टल पर पुष्टि करें) | 0172-2571553, 0172-2571544 |
| ईमेल (बताए गए पते — पोर्टल पर पुष्टि करें) | mfmb-agri@hry.gov.in, hsamb.helpdesk@gmail.com |
हेल्पलाइन नंबरों के बारे में एक जरूरी बात — ये नंबर कई स्रोतों में बताए गए हैं, लेकिन इनकी सीधी पुष्टि सरकारी पोर्टल पर नहीं हुई है। इसलिए इन्हें बताए गए नंबर के रूप में ही लें, और कॉल करने से पहले एक बार fasal.haryana.gov.in पर दिए गए संपर्क विवरण को देख लें। अगर नंबर बदल गए हों, तो पोर्टल पर दिए गए नंबर ही सही मानें।
हरियाणा के किसानों के लिए Meri Fasal Mera Byora सिर्फ एक पोर्टल नहीं है — यह MSP पर फसल बेचने और समय पर भुगतान पाने का रास्ता है। रबी 2026-27 का पंजीकरण खुला बताया गया है, गेहूं का MSP 2,585 रुपये प्रति क्विंटल तय है, और पंजीकरण मुफ्त है। ऐसे में देर करने का कोई कारण नहीं है। अपने दस्तावेज तैयार रखें, पोर्टल पर पंजीकरण कराएं, और पावती नंबर संभालकर रखें। अगर आपके परिवार में बेटी है, तो हरियाणा की Lado Lakshmi Yojana 2026 की जानकारी भी देख सकते हैं, जो राज्य की महिलाओं और बेटियों के लिए चलाई जा रही है।
अस्वीकरण: यह लेख एक निजी सूचना पोर्टल (सरकारी वेबसाइट नहीं) द्वारा तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी उपलब्ध सरकारी और समाचार स्रोतों पर आधारित है। रबी 2026-27 पंजीकरण की शुरू होने की तारीख और अंतिम तारीख की पुष्टि सरकारी पोर्टल से नहीं हुई है — आवेदन करने से पहले fasal.haryana.gov.in पर ताजा जानकारी जरूर देख लें।
अंतिम अपडेट: 7 नवंबर 2026





