CG Bhuiya छत्तीसगढ़ के किसानों, जमीन मालिकों और जमीन खरीदने वालों के लिए सबसे काम का ऑनलाइन पोर्टल है। अगर आपकी जमीन छत्तीसगढ़ में है और आप उसका खसरा, खतौनी या नक्शा देखना चाहते हैं, तो अब आपको पटवारी के दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। इस एक गाइड में हम आपको पूरा रोडमैप देंगे — CG Bhuiya क्या है, इस पर खसरा विवरण कैसे देखें, डिजिटल हस्ताक्षर वाली B-I / P-II कॉपी कैसे डाउनलोड करें, मोबाइल ऐप और QR रिपोर्ट की सच्चाई क्या है, नामांतरण (mutation) का स्टेटस कैसे चेक करें, भू-नक्शा कैसे देखें और रिकॉर्ड में गलती हो तो सुधार के लिए आवेदन कैसे करें। आखिर में नकली वेबसाइटों से बचने के तरीके और आम समस्याओं के समाधान भी दिए गए हैं, ताकि एक ही जगह से आपका पूरा काम हो जाए।
CG Bhuiya क्या है? — छत्तीसगढ़ का ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड सिस्टम
CG Bhuiya (आधिकारिक नाम — भुइयाँ) छत्तीसगढ़ सरकार के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की भूमि अभिलेख कंप्यूटरीकरण परियोजना है, जिसे राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) ने विकसित किया है। छत्तीसगढ़ी भाषा में “भुइयाँ” का अर्थ है “भूमि” या “जमीन”। पहले जमीन के रिकॉर्ड पटवारी के रजिस्टरों में हाथ से लिखे जाते थे। रिकॉर्ड देखने के लिए दफ्तर जाना पड़ता था, कागज खोजने में दिन लग जाते थे और कई बार गलत जानकारी या धोखाधड़ी की शिकायतें भी आती थीं। भुइयाँ परियोजना ने इन्हीं रजिस्टरों को कंप्यूटर में डालकर ऑनलाइन कर दिया है।
इस व्यवस्था के दो मुख्य हिस्से हैं। पहला हिस्सा है भुइयाँ पोर्टल — जहाँ खसरा और खतौनी जैसे लिखित रिकॉर्ड मिलते हैं। दूसरा हिस्सा है भू-नक्शा — जहाँ जमीन का नक्शा, यानी प्लॉट की स्थिति, आकृति और सीमाएँ दिखाई देती हैं। दोनों मिलकर एक ही काम करते हैं — जमीन का मालिक कौन है, जमीन कितनी है, किस खाते में दर्ज है और नक्शे में कहाँ स्थित है, यह सब घर बैठे साफ-साफ बताना। एक सरकारी अध्ययन (2024–25) के अनुसार भुइयाँ परियोजना 2005 से ऑफलाइन चल रही थी और 2015 से ऑनलाइन हुई; उसी अध्ययन में बताया गया था कि रोज़ाना औसतन लगभग 20,000 नागरिक इस पोर्टल का उपयोग करते हैं।
यह पोर्टल सिर्फ देखने के लिए नहीं है। इससे आप डिजिटल हस्ताक्षर वाली नकल डाउनलोड कर सकते हैं, नामांतरण की स्थिति जान सकते हैं, रिकॉर्ड में गलती सुधारने के लिए आवेदन कर सकते हैं और नज़ूल भूमि का विवरण भी देख सकते हैं। NIC के एक प्रकाशन के अनुसार डिजिटल हस्ताक्षर वाली B-I (खतौनी) और P-II (खसरा) की नकल निःशुल्क डाउनलोड की जा सकती है। यानी रिकॉर्ड देखने और प्रमाणित नकल लेने के लिए सरकार आपसे कोई शुल्क नहीं लेती। अगर कोई साइबर कैफे आपसे पैसे माँगता है, तो वह उसकी अपनी सेवा का शुल्क है, सरकारी फीस नहीं।
एक नज़र में — Quick Facts Table
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| पोर्टल का नाम | CG Bhuiya / भुइयाँ (Chhattisgarh Land Records) |
| आधिकारिक वेबसाइट | bhuiyan.cg.nic.in |
| नक्शा पोर्टल | bhunaksha.cg.nic.in (भू-नक्शा) |
| विभाग | राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन |
| तकनीकी विकास | राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), भारत सरकार |
| क्या-क्या मिलता है | B-I खतौनी, P-II खसरा, भू-नक्शा, नामांतरण स्थिति, अभिलेख सुधार आवेदन, नज़ूल भूमि विवरण |
| शुल्क | रिकॉर्ड देखना और डिजिटल हस्ताक्षर वाली B-I / P-II नकल — NIC के अनुसार निःशुल्क |
| मोबाइल ऐप | Google Play पर “Bhuiyan” — डेवलपर: National Informatics Centre (NIC) |
B-I और P-II में क्या अंतर है?
CG Bhuiya पर दो तरह के मुख्य दस्तावेज़ मिलते हैं और दोनों को लेकर लोगों में सबसे ज़्यादा भ्रम रहता है। B-I खतौनी है और P-II खसरा है। आसान भाषा में समझें तो खसरा (P-II) किसी एक प्लॉट का ब्योरा है — उस प्लॉट का खसरा नंबर, रकबा (क्षेत्रफल), भूमि का प्रकार, सिंचाई का साधन और उस पर दर्ज फसल की जानकारी। खतौनी (B-I) खातेदार के खाते का ब्योरा है — एक ही खाते में जितने खसरे हैं, उनका कुल विवरण और खातेदार का नाम इसमें दर्ज होता है। बैंक लोन, जमीन की खरीद-बिक्री, बँटवारा या कोर्ट के काम में अक्सर दोनों ही कागज़ माँगे जाते हैं, इसलिए दोनों का अंतर समझना जरूरी है।
| दस्तावेज़ | क्या है | कब काम आता है |
|---|---|---|
| B-I (खतौनी) | खातेदार के खाते का विवरण — खाते में दर्ज सभी खसरे और मालिक का नाम | मालिकाना हक की पुष्टि, लोन, बँटवारा, नामांतरण |
| P-II (खसरा) | एक प्लॉट (खसरा नंबर) का विवरण — रकबा, भूमि प्रकार, सिंचाई, फसल | प्लॉट की पहचान, फसल/सिंचाई रिकॉर्ड, विवाद की स्थिति में |
एक बात और याद रखें — पोर्टल पर दिखने वाला रिकॉर्ड जानकारी के लिए है, लेकिन डिजिटल हस्ताक्षर वाली नकल आधिकारिक कामों के लिए उपयोगी होती है। जहाँ मूल प्रमाणित नकल माँगी जाए, वहाँ संबंधित कार्यालय से पुष्टि जरूर कर लें।
CG Bhuiya पर खसरा विवरण कैसे देखें — नाम से और खसरा नंबर से
खसरा विवरण देखना इस पोर्टल का सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाला काम है और इसके लिए आमतौर पर किसी लॉगिन की जरूरत नहीं होती। आपको सिर्फ यह पता होना चाहिए कि जमीन किस जिले, तहसील और गाँव में है, और खातेदार का नाम या खसरा नंबर।
- आधिकारिक पोर्टल खोलें — ब्राउज़र में bhuiyan.cg.nic.in टाइप करें। होमपेज पर नागरिक सुविधा / भू-संबंधित जानकारी जैसा अनुभाग देखें (मेनू के नाम समय-समय पर थोड़े बदल सकते हैं)।
- “खसरा विवरण” चुनें — इसी अनुभाग में “खसरा विवरण” (Khasra Vivaran) का विकल्प मिलेगा।
- जिला, तहसील, गाँव चुनें — ड्रॉपडाउन से जिला, फिर तहसील और फिर गाँव चुनें। गलत गाँव चुनने पर रिकॉर्ड नहीं मिलेगा, इसलिए गाँव का नाम ध्यान से चुनें। एक ही नाम के कई गाँव हो सकते हैं, तो तहसील मिलाकर पुष्टि करें।
- खोज का तरीका चुनें — अब दो विकल्प मिलते हैं: “खसरा नंबर से” या “नाम से”। अगर खसरा नंबर पता है तो वह सबसे सटीक तरीका है। नाम से खोजने पर नाम का कोई एक हिस्सा भी लिखा जा सकता है — जैसे पूरा नाम याद न हो तो उपनाम या नाम का एक शब्द लिखें और सूची में से सही व्यक्ति चुनें।
- रिकॉर्ड देखें — स्क्रीन पर खातेदार का नाम, खाता नंबर, खसरा नंबर, रकबा और अन्य विवरण दिखेंगे। यहीं से आप P-II (खसरा) या B-I (खतौनी) रिपोर्ट खोल सकते हैं।
- प्रिंट / PDF सेव करें — भविष्य के लिए रिपोर्ट का प्रिंट निकाल लें या PDF सेव कर लें। सिर्फ स्क्रीनशॉट पर भरोसा न करें; आधिकारिक काम के लिए डिजिटल हस्ताक्षर वाली नकल ही लें (तरीका नीचे दिया है)।
प्रैक्टिकल टिप: नाम से खोजते समय वर्तनी का ध्यान रखें। “राम” और “रामा” अलग-अलग नाम माने जा सकते हैं। अगर नाम से रिकॉर्ड न मिले तो खसरा नंबर से खोजें, या गाँव के पटवारी से खसरा नंबर पता करके फिर से कोशिश करें। पुराने कागज़ों पर लिखा खसरा नंबर सबसे भरोसेमंद होता है।
डिजिटल हस्ताक्षर वाली B-I / P-II नकल कैसे डाउनलोड करें
सिर्फ रिकॉर्ड देखना एक बात है, और डिजिटल हस्ताक्षर वाली नकल लेना दूसरी। हस्ताक्षर वाली नकल पर डिजिटल प्रमाण होता है, इसलिए बैंक, तहसील और अन्य कार्यालय इसे ज़्यादा भरोसेमंद मानते हैं। NIC के अनुसार यह नकल निःशुल्क मिलती है।
- पोर्टल bhuiyan.cg.nic.in खोलें और आवेदन (Aavedan) अनुभाग में “Digitally Signed B-I / P-II Application” जैसा विकल्प चुनें।
- गाँव चुनने के लिए “गाँव चुनें” या “गाँव नंबर डालें” — जो सुविधा दिखे, उसे चुनें। फिर जिला, तहसील और गाँव क्रम से चुनें।
- “खसरा अनुसार” या “नाम अनुसार” खोज चुनें और ज़रूरी विवरण भरें।
- अब चुनें कि कौन सी रिपोर्ट चाहिए — “B-I खतौनी रिपोर्ट” या “P-II खसरा रिपोर्ट”।
- अपना नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल ID डालें। यही जानकारी नकल जारी करने के रिकॉर्ड के लिए ली जाती है।
- “रिपोर्ट” पर क्लिक करें। डिजिटल हस्ताक्षर वाली PDF डाउनलोड हो जाएगी। इसे संभालकर रखें और ज़रूरत हो तो प्रिंट निकाल लें।
ध्यान दें: PDF खोलते समय अगर हिंदी अक्षरों की जगह चौकोर डिब्बे (□□) दिखें तो यह हिंदी फ़ॉन्ट की समस्या है, रिकॉर्ड की नहीं। ब्राउज़र अपडेट करें, किसी दूसरे ब्राउज़र में खोलकर देखें या फोन/कंप्यूटर में हिंदी भाषा समर्थन चालू करें। समस्या बनी रहे तो PDF किसी दूसरे डिवाइस में खोलकर देखें — नीचे समस्या-समाधान वाले हिस्से में पूरा तरीका दिया है।
CG Bhuiyan मोबाइल ऐप और QR वाली खसरा रिपोर्ट — सच्चाई क्या है?
कई लोग फोन से ही रिकॉर्ड देखना चाहते हैं, इसलिए NIC का आधिकारिक “Bhuiyan” ऐप Google Play Store पर उपलब्ध है। Play Store की सूची के अनुसार यह ऐप Chhattisgarh का Land Records project है, जिसे NIC ने विकसित किया है। ऐप में जिला, तहसील, गाँव और खसरा नंबर चुनकर, या मालिक के नाम का हिस्सा देवनागरी (Unicode) में लिखकर, किसी जमीन के टुकड़े (खसरा) की जानकारी देखी जा सकती है। Play Store पर इस ऐप की सूची आखिरी बार 17 मई 2025 को अपडेट दिखाई गई थी। ऐप डाउनलोड करते समय एक ही बात की पुष्टि करें — डेवलपर का नाम “National Informatics Centre” लिखा हो। इसी नाम से मिलते-जुलते कई नकली ऐप भी हो सकते हैं।
अब QR वाली रिपोर्ट की बात — कुछ हालिया गाइड्स में दावा किया गया है कि ऐप में “Khasra Report with QR” जैसा विकल्प मिलता है, जिससे QR कोड वाली PDF बनती है। कहा जाता है कि QR स्कैन करने पर आधिकारिक भुइयाँ साइट पर लाइव रिकॉर्ड खुलता है, इसलिए बैंक और तहसील कार्यालय इस कॉपी को पसंद करते हैं। यह बात हमें किसी आधिकारिक NIC सूची में सत्यापित नहीं हुई, इसलिए इसे रिपोर्ट किया गया दावा मानें, पक्का तथ्य नहीं। अगर आपके ऐप में QR वाला विकल्प न दिखे तो घबराएँ नहीं — पोर्टल से ली गई डिजिटल हस्ताक्षर वाली B-I / P-II नकल ही आपकी मुख्य आधिकारिक नकल है। किसी भी काम के लिए निकलने से पहले संबंधित बैंक या कार्यालय से पूछ लें कि उन्हें कौन सी नकल चाहिए।
ऐप इस्तेमाल करते समय सावधानी: Play Store की सूची के अनुसार यह ऐप कोई डेटा तीसरे पक्ष के साथ साझा नहीं करता, लेकिन “डेटा एन्क्रिप्ट नहीं है” भी लिखा है। इसलिए ऐप में वही जानकारी डालें जो रिकॉर्ड देखने के लिए जरूरी है। ऐप कभी भी पैसे, OTP या बैंक विवरण नहीं माँगता — ऐसा कुछ माँगे तो वह नकली ऐप हो सकता है।
नामांतरण (Mutation) का स्टेटस कैसे चेक करें
जमीन खरीदने, विरासत में मिलने या उपहार में मिलने के बाद मालिक का नाम बदलने की प्रक्रिया को नामांतरण कहते हैं। आवेदन देने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही होता है — “मेरा नामांतरण कहाँ अटका है?” CG Bhuiya पोर्टल पर नामांतरण की वर्तमान स्थिति देखने की सुविधा दी गई है। पोर्टल पर “नामांतरण की वर्तमान स्थिति” जैसा विकल्प चुनें। इसके लिए आपको आवेदन/पंजीकरण नंबर, या खातेदार का नाम, या खसरा नंबर जैसी जानकारी देनी हो सकती है। कुछ सुविधाओं के लिए लॉगिन भी माँगा जा सकता है — ऐसी स्थिति में पोर्टल पर दिए गए निर्देशों के अनुसार ही आगे बढ़ें, किसी बाहरी व्यक्ति को अपना OTP या पासवर्ड न दें।
स्टेटस में आमतौर पर यह पता चलता है कि आवेदन किस स्तर पर है — लंबित, जाँच में, स्वीकृत या आपत्ति/कमी के कारण रुका हुआ। अगर स्टेटस में “कमी” या “आपत्ति” दिखे तो घबराएँ नहीं; पहले यह देखें कि कौन सा दस्तावेज़ माँगा गया है, फिर उसे संबंधित तहसील/पटवारी कार्यालय में जमा करें। अगर स्टेटस लंबे समय से न बदले तो आवेदन नंबर लिखकर तहसील कार्यालय में पूछताछ करें — ऑनलाइन स्टेटस देखना जानकारी देता है, लेकिन फाइल आगे बढ़ाने का काम कार्यालय में ही होता है।
भू-नक्शा (Bhu-Naksha) पर जमीन का नक्शा कैसे देखें
कागज़ का रिकॉर्ड बताता है कि जमीन किसकी है, लेकिन नक्शा बताता है कि जमीन कहाँ है और उसकी आकृति कैसी है। यही काम भू-नक्शा करता है। यह भुइयाँ परियोजना के तहत NIC द्वारा विकसित डिजिटल कैडस्ट्रल मैप प्रबंधन टूल है — यह जानकारी जिला NIC पृष्ठों पर भी दर्ज है। भू-नक्शा पोर्टल bhunaksha.cg.nic.in पर सीधे भी खुलता है और भुइयाँ पोर्टल से भी पहुँचा जा सकता है।
- भू-नक्शा पोर्टल खोलें — bhunaksha.cg.nic.in पर जाएँ।
- क्षेत्र चुनें — बाईं ओर दिए गए ड्रॉपडाउन से जिला, तहसील, RI (राजस्व निरीक्षक क्षेत्र) और गाँव चुनें।
- गाँव का नक्शा देखें — गाँव चुनते ही उसका नक्शा लोड होगा। नक्शे में हर प्लॉट एक अलग आकृति में दिखेगा।
- प्लॉट चुनें — अपने खसरा नंबर वाले प्लॉट पर क्लिक करें, या जहाँ खोज की सुविधा हो वहाँ खसरा नंबर डालें। प्लॉट हाइलाइट हो जाएगा और उसका विवरण दिखेगा — मालिक का नाम, रकबा, सर्वे नंबर और भूमि का प्रकार जैसी जानकारी।
- नक्शा रिपोर्ट लें — “रिपोर्ट” अनुभाग में खसरा नक्शा / खसरा विवरण जैसे विकल्प मिलते हैं। यहाँ से प्लॉट का नक्शा PDF में डाउनलोड या प्रिंट किया जा सकता है। नक्शे को मनचाहे पैमाने (scale) पर ज़ूम करके भी देखा जा सकता है।
खरीदने से पहले यह जरूर करें: सिर्फ खसरा रिकॉर्ड देखकर जमीन न खरीदें। नक्शे में प्लॉट की स्थिति और सीमाएँ मिलाएँ, फिर मौके पर जाकर देखें कि नक्शे वाला प्लॉट और जमीन पर दिखने वाला प्लॉट एक ही है या नहीं। नक्शा और कब्ज़ा दोनों मिलने पर ही आगे बढ़ें।
रिकॉर्ड में गलती हो तो सुधार के लिए आवेदन कैसे करें
नाम की वर्तनी गलत हो, पिता का नाम गलत छपा हो, रकबा गलत हो या खातेदार का नाम पुराना दिख रहा हो — ये गलतियाँ भुइयाँ रिकॉर्ड में आमतौर पर देखने को मिलती हैं। अच्छी बात यह है कि पोर्टल पर अभिलेख सुधार के लिए आवेदन की सुविधा भी है। पोर्टल पर “अभिलेख दुरुस्ती आवेदन” जैसा विकल्प चुनें और माँगी गई जानकारी भरें — किस खसरे/खाते में गलती है, गलती क्या है और सही जानकारी क्या होनी चाहिए। साथ में सही जानकारी का प्रमाण (जैसे पुराना रिकॉर्ड, रजिस्ट्री की नकल, पहचान पत्र) तैयार रखें, क्योंकि सुधार बिना प्रमाण के नहीं होता।
आवेदन देने के बाद उसकी स्थिति भी पोर्टल पर देखी जा सकती है — ग्रामवार प्रतिवेदन में “अभिलेख दुरुस्ती विवरण सूची” जैसा विकल्प इसी काम के लिए बताया जाता है, जहाँ जिला, तहसील, गाँव और तारीख डालकर सुधारों की सूची देखी जा सकती है। ध्यान रहे: ऑनलाइन आवेदन करना सिर्फ पहला कदम है। सुधार का अंतिम फैसला राजस्व अधिकारियों के सत्यापन के बाद ही होता है। इसलिए आवेदन नंबर संभालकर रखें और जरूरत हो तो पटवारी/तहसील कार्यालय में उसके बारे में पूछें। अगर किसी ने “पैसे दो तो रिकॉर्ड तुरंत सुधर जाएगा” कहा तो वह ठगी हो सकती है — सुधार की कोई आधिकारिक “तेज़” फीस नहीं है।
नज़ूल भूमि का विवरण क्या है?
नज़ूल भूमि वह सरकारी भूमि होती है जो शहरी क्षेत्रों में सरकार के स्वामित्व में रहती है और अक्सर पट्टे (lease) पर दी जाती है। CG Bhuiya पोर्टल पर नज़ूल भूमि से जुड़ा विवरण देखने की सुविधा भी बताई जाती है — “नज़ूल संधारण खसरा से संबंधित भूमि विवरण” जैसे विकल्प में मालिक के नाम या प्लॉट नंबर से खोज की जा सकती है। अगर आप शहर में कोई प्लॉट खरीद रहे हैं और वह नज़ूल भूमि निकल आए तो सावधान रहें — नज़ूल भूमि के नियम आम खेती की जमीन से अलग होते हैं और पट्टे की शर्तें मायने रखती हैं। खरीद से पहले तहसील/नज़ूल कार्यालय से लिखित पुष्टि जरूर लें। (नोट: पोर्टल पर मेनू के नाम थोड़े अलग भी दिख सकते हैं; “नज़ूल” से जुड़ा विकल्प खोजें।)
नकली / कॉपीकैट वेबसाइटों से कैसे बचें — ठगी की चेतावनी
CG Bhuiya जैसे लोकप्रिय पोर्टलों के नाम पर नकली वेबसाइटें और नकली ऐप भी बन जाते हैं। इनका मकसद आपकी जानकारी, OTP या पैसे ठगना होता है। इसलिए इन नियमों का पालन करें:
- सिर्फ आधिकारिक पता टाइप करें — भुइयाँ के लिए bhuiyan.cg.nic.in और नक्शे के लिए bhunaksha.cg.nic.in। “cg-bhuiya”, “bhuiya-online” या “bhuiyan-yojana” जैसे मिलते-जुलते नाम वाली साइटें सरकारी नहीं होतीं।
- .nic.in / .gov.in देखें — सरकारी पोर्टल आमतौर पर .nic.in या .gov.in पर होते हैं। .com / .in पर बना “भुइयाँ” पेज सरकारी नहीं है।
- पैसे माँगने वाली साइट से सावधान — रिकॉर्ड देखना और डिजिटल हस्ताक्षर वाली नकल NIC के अनुसार निःशुल्क है। कोई साइट “रिकॉर्ड खोलने की फीस” माँगे तो उसे तुरंत बंद करें।
- OTP / पासवर्ड किसी को न दें — कोई भी सरकारी पोर्टल फोन करके OTP नहीं माँगता। “आपका खसरा ब्लॉक हो गया है, OTP बताइए” — यह ठगी का पुराना तरीका है।
- नकली ऐप से बचें — ऐप सिर्फ Google Play से लें और डेवलपर का नाम “National Informatics Centre” ही देखें। WhatsApp या किसी लिंक से आई APK फाइल कभी इंस्टॉल न करें।
- “एजेंट” के झाँसे में न आएँ — कोई व्यक्ति खुद को “पोर्टल एजेंट” बताकर रिकॉर्ड सुधारने या नामांतरण तेज़ कराने के पैसे माँगे तो वह ठगी है। सारे काम आप खुद मुफ्त में कर सकते हैं।
आम समस्याएँ और समाधान (Troubleshooting)
1. रिकॉर्ड नहीं मिल रहा (“Record Not Found”) — सबसे पहले जिला, तहसील और गाँव फिर से जाँचें। एक ही नाम के कई गाँव हो सकते हैं। नाम से खोज रहे हैं तो नाम का छोटा हिस्सा लिखकर देखें; खसरा नंबर पता हो तो उसी से खोजें। नया नामांतरण या बँटवारा हुआ हो तो रिकॉर्ड अपडेट होने में समय लग सकता है — ऐसी स्थिति में पटवारी से पुष्टि करें।
2. हिंदी अक्षरों की जगह डिब्बे (□□) दिख रहे हैं — यह हिंदी फ़ॉन्ट/भाषा समर्थन की समस्या है। ब्राउज़र को अपडेट करें, फोन/कंप्यूटर में हिंदी भाषा समर्थन चालू करें और PDF किसी दूसरे ब्राउज़र या डिवाइस में खोलकर देखें।
3. साइट धीमी है या खुल नहीं रही — भुइयाँ जैसे सरकारी पोर्टल पर कभी-कभी सर्वर धीमा होता है। कुछ देर बाद फिर से कोशिश करें, दूसरा ब्राउज़र आज़माएँ, और होमपेज के अलावा सीधे भू-नक्शा पोर्टल पर भी कोशिश करें।
4. लॉगिन / OTP की समस्या — कुछ सुविधाओं में लॉगिन माँगा जा सकता है। OTP न आए तो कुछ मिनट रुकें, मोबाइल नेटवर्क जाँचें और “पुनः भेजें” विकल्प का उपयोग करें। OTP किसी के साथ साझा न करें।
5. नाम पुराना दिख रहा है — अगर नामांतरण हो चुका है लेकिन पोर्टल पर पुराना नाम दिख रहा है, तो पहले नामांतरण का स्टेटस चेक करें। स्वीकृति के बाद भी रिकॉर्ड अपडेट होने में समय लग सकता है; आवेदन नंबर के साथ तहसील कार्यालय में पूछें।
6. नक्शा लोड नहीं हो रहा — इंटरनेट कनेक्शन जाँचें, पेज रिफ्रेश करें और ज़ूम स्तर बदलकर देखें। फिर भी न खुले तो बाद में कोशिश करें या गाँव का नक्शा किसी दूसरे डिवाइस में खोलें।
मदद कहाँ मिलेगी: रिकॉर्ड से जुड़ी मदद के लिए जिला NIC पृष्ठ पर दी गई लैंड रिकॉर्ड हेल्पडेस्क ईमेल — lrhelpdesk@cg.gov.in — पर लिखा जा सकता है। फोन नंबर के लिए इस गाइड में कोई नंबर नहीं दिया जा रहा है, क्योंकि इस रन में कोई हेल्पलाइन नंबर आधिकारिक स्रोत से सत्यापित नहीं हुआ।
आधिकारिक लिंक (Official Links)
| सेवा | आधिकारिक लिंक |
|---|---|
| CG Bhuiya पोर्टल (रिकॉर्ड, B-I / P-II, नामांतरण, सुधार) | bhuiyan.cg.nic.in |
| भू-नक्शा (जमीन का नक्शा) | bhunaksha.cg.nic.in |
| Bhuiyan मोबाइल ऐप (Google Play, NIC) | Google Play — Bhuiyan |
रजिस्ट्री (sale deed) और बाजार मूल्य (guideline value) का काम भुइयाँ से अलग पंजीयन व्यवस्था (e-Panjiyan) में होता है — खरीद से पहले वहाँ भी जानकारी जाँचें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1. CG Bhuiya पर खसरा विवरण देखने के लिए क्या-क्या चाहिए?
सिर्फ तीन बातें — जिला, तहसील और गाँव का नाम, और साथ में खसरा नंबर या खातेदार का नाम। खसरा नंबर हो तो खोज सबसे सटीक रहती है।
Q2. क्या CG Bhuiya से मिली नकल बैंक या तहसील में चलती है?
डिजिटल हस्ताक्षर वाली B-I / P-II नकल आधिकारिक कामों के लिए दी जाती है और NIC के अनुसार निःशुल्क है। फिर भी, बड़े कामों (लोन, रजिस्ट्री, कोर्ट) से पहले संबंधित कार्यालय से पूछ लें कि उन्हें कौन सी नकल चाहिए।
Q3. CG Bhuiya ऐप में QR वाली खसरा रिपोर्ट क्या है?
कुछ हालिया गाइड्स के अनुसार ऐप में QR कोड वाली खसरा रिपोर्ट का विकल्प बताया जाता है, जिसे स्कैन करने पर आधिकारिक साइट पर लाइव रिकॉर्ड खुलता है। यह दावा हमें आधिकारिक NIC सूची में सत्यापित नहीं हुआ, इसलिए इसे रिपोर्ट किया गया दावा मानें। QR विकल्प न मिले तो पोर्टल की डिजिटल हस्ताक्षर वाली नकल लें।
Q4. नामांतरण का स्टेटस कितने दिन में अपडेट होता है?
इसकी कोई तय समय-सीमा इस गाइड में नहीं दी जा रही है, क्योंकि यह आवेदन के प्रकार और कार्यालय की प्रक्रिया पर निर्भर करती है। पोर्टल पर स्टेटस देखते रहें और लंबे समय तक स्टेटस न बदले तो आवेदन नंबर के साथ तहसील कार्यालय में पूछें।
Q5. रिकॉर्ड में नाम गलत है तो क्या करें?
पोर्टल पर अभिलेख सुधार (अभिलेख दुरुस्ती) के लिए आवेदन करें और सही जानकारी का प्रमाण तैयार रखें। सुधार राजस्व अधिकारियों के सत्यापन के बाद ही होता है। पैसे लेकर “तुरंत सुधार” का दावा करने वालों से बचें।
Q6. क्या दूसरे राज्यों के लोग भी CG Bhuiya देख सकते हैं?
हाँ, रिकॉर्ड देखना सबके लिए खुला है — लेकिन यह पोर्टल सिर्फ छत्तीसगढ़ की जमीन के लिए है। बिहार की जमीन का रिकॉर्ड देखना हो तो हमारी बिहार जमाबंदी ऑनलाइन चेक गाइड देखें, और उत्तर प्रदेश के लिए UP भूलेख खसरा खतौनी गाइड देखें।
डिस्क्लेमर: GramSuvidha एक निजी सूचना पोर्टल (सरकारी वेबसाइट नहीं) है। यह गाइड जानकारी के लिए है; जमीन से जुड़े किसी भी कानूनी या आर्थिक फैसले से पहले आधिकारिक पोर्टल और संबंधित राजस्व कार्यालय से पुष्टि जरूर करें।





