राजस्थान के लाखों छात्र हर साल 12वीं की परीक्षा पास करते हैं, और फिर उनके सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आगे की पढ़ाई का खर्च कैसे उठेगा। कॉलेज की फीस, किताबें, हॉस्टल और रोजाना का खर्च — यह सब एक सामान्य परिवार के लिए आसान नहीं होता। इसी परेशानी को देखते हुए राजस्थान सरकार ने मेधावी और गरीब छात्रों के लिए एक खास छात्रवृत्ति योजना शुरू की है, जो 12वीं के बाद उच्च शिक्षा की राह आसान बनाती है। इस योजना का नाम है मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति योजना।
इस लेख में हम आपको इस योजना की पूरी जानकारी देंगे — कौन आवेदन कर सकता है, क्या शर्तें हैं, कितनी मदद मिलती है, कौन से कागजात चाहिए, आवेदन कैसे करें, और 2026-27 सत्र की अंतिम तिथि क्या है। साथ ही हम यह भी बताएंगे कि आवेदन में होने वाली आम गलतियों से कैसे बचें, ताकि आपका फॉर्म रिजेक्ट न हो।
मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति योजना क्या है
मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति योजना राजस्थान सरकार की एक मेरिट आधारित छात्रवृत्ति योजना है। इसका संचालन राज्य के उच्च शिक्षा विभाग के माध्यम से होता है, और इसे आयुक्तालय कॉलेज शिक्षा, राजस्थान लागू करता है। योजना का उद्देश्य 12वीं के बाद पढ़ाई जारी रखने वाले मेधावी लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को आर्थिक मदद देना है, ताकि पैसे की कमी से किसी छात्र की पढ़ाई न रुके।
यह योजना उन छात्रों के लिए है जो राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर से 12वीं की परीक्षा पास करते हैं और बोर्ड की मेरिट सूची में पहले एक लाख स्थानों में आते हैं। साथ ही उनके परिवार की सालाना आय एक तय सीमा से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। योजना के तहत चुने गए छात्रों को हर साल एक तय राशि मिलती है, और जो छात्र नियमित रूप से पढ़ाई जारी रखते हैं, वे इसे अधिकतम पांच साल तक पा सकते हैं।
इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन है और इसके लिए कोई शुल्क नहीं देना होता। छात्र राजस्थान एसएसओ पोर्टल के माध्यम से आवेदन करते हैं, और उनके कॉलेज के प्रमुख दस्तावेजों का सत्यापन करते हैं। इसके बाद जिला नोडल अधिकारी के माध्यम से आवेदन आगे बढ़ता है और विभाग छात्रवृत्ति स्वीकृत करता है।
2026-27 सत्र की ताजा स्थिति
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कॉलेज शिक्षा विभाग की अधिसूचना के अनुसार छात्रवृत्ति पोर्टल खोला गया है। इस सत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन 1 अक्टूबर 2026 से शुरू हुए हैं और आवेदन की अंतिम तिथि 30 नवंबर 2026 है। यानी जो पात्र छात्र अभी तक आवेदन नहीं कर पाए हैं, उनके पास 30 नवंबर 2026 तक का समय है।
ध्यान रहे कि अंतिम तिथि के बाद पोर्टल पर आवेदन का मौका नहीं मिलता, इसलिए अंतिम दिनों का इंतजार न करें। कई बार अंतिम दिनों में पोर्टल पर भीड़ बढ़ जाती है और तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं। बेहतर है कि सभी कागजात पहले से तैयार रखकर समय रहते आवेदन पूरा कर लें।
राज्य के 2026-27 बजट में इस छात्रवृत्ति के तहत एक लाख छात्रों को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। हर साल एक लाख नए पात्र छात्रों के साथ-साथ पहले से लाभ पा रहे और नियमित पढ़ाई जारी रखने वाले छात्रों के नवीनीकरण आवेदन भी स्वीकार किए जाते हैं।
कितनी छात्रवृत्ति मिलती है
इस योजना के तहत सामान्य छात्र को हर महीने 500 रुपये, साल में अधिकतम 10 महीने के लिए, यानी सालाना अधिकतम 5,000 रुपये मिलते हैं। दिव्यांग छात्रों के लिए राशि ज्यादा है — 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले छात्रों को हर महीने 1,000 रुपये, साल में अधिकतम 10 महीने के लिए, यानी सालाना अधिकतम 10,000 रुपये मिलते हैं।
| श्रेणी | मासिक राशि | सालाना अधिकतम |
|---|---|---|
| सामान्य छात्र | 500 रुपये | 5,000 रुपये |
| दिव्यांग छात्र (40% या अधिक) | 1,000 रुपये | 10,000 रुपये |
विभाग छात्रवृत्ति का भुगतान सालाना आधार पर करता है। एक नियमित छात्र अधिकतम पांच साल तक यह लाभ पा सकता है, बशर्ते वह नियमित रूप से उच्च शिक्षा संस्थान में पढ़ाई जारी रखे। अगर कोई छात्र पांच साल से पहले पढ़ाई छोड़ देता है, तो लाभ केवल पूरी की गई पढ़ाई के वर्षों तक ही मान्य रहता है। पिछले साल लाभ पा चुके छात्र, जो नियमित पढ़ाई जारी रखते हैं, नवीनीकरण के जरिए आगे भी लाभ ले सकते हैं।
पात्रता की शर्तें
इस छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले छात्र को नीचे दी गई सभी शर्तें पूरी करनी होंगी। एक भी शर्त पूरी न होने पर आवेदन अस्वीकार हो सकता है, इसलिए आवेदन से पहले हर बिंदु ध्यान से जांच लें।
- छात्र राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए।
- छात्र ने उसी वर्ष राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर से 12वीं की परीक्षा कम से कम 60 प्रतिशत अंकों के साथ पास की हो।
- छात्र का बोर्ड की मेरिट सूची में पहले एक लाख स्थानों में नाम होना चाहिए।
- माता-पिता या अभिभावक की सालाना आय 2.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- छात्र राजस्थान के किसी सरकारी या मान्यता प्राप्त गैर-सरकारी उच्च या तकनीकी संस्थान में नियमित छात्र के रूप में पढ़ रहा हो।
- छात्र केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य छात्रवृत्ति या इसी तरह का लाभ नहीं ले रहा हो।
- छात्र के पास राष्ट्रीयकृत बैंक में बचत खाता होना चाहिए।
- छात्र के पास आधार कार्ड और जन आधार कार्ड होना चाहिए।
- दिव्यांग श्रेणी के लिए चिकित्सा विभाग के मेडिकल बोर्ड से जारी 40 प्रतिशत या अधिक दिव्यांगता का प्रमाण पत्र जरूरी है।
एक महत्वपूर्ण बात यह है कि 1 नवंबर 2025 के आदेश के अनुसार, पहले, तीसरे या पांचवें सेमेस्टर में नियमित रूप से प्रवेश लेने वाले छात्र उस योजना वर्ष के लिए नियमित छात्र माने जाते हैं। यानी सेमेस्टर सिस्टम में पढ़ रहे छात्रों को भी इस नियम का लाभ मिलता है।
जरूरी कागजात
आवेदन शुरू करने से पहले नीचे दिए गए कागजात और जानकारियां तैयार रखें, ताकि फॉर्म भरते समय कोई रुकावट न आए।
- 12वीं (आरबीएसई) की मार्कशीट या परिणाम का विवरण
- माता-पिता या अभिभावक का आय प्रमाण पत्र (2.50 लाख रुपये तक)
- आधार कार्ड
- जन आधार कार्ड
- राष्ट्रीयकृत बैंक के खाते का विवरण
- राजस्थान मूल निवास का विवरण
- जाति या श्रेणी का विवरण, जहां लागू हो
- जन आधार में अपडेट किया हुआ मोबाइल नंबर
- दिव्यांग छात्रों के लिए मेडिकल बोर्ड से जारी 40 प्रतिशत दिव्यांगता प्रमाण पत्र की स्व-सत्यापित प्रति
- किसी अन्य छात्रवृत्ति का लाभ न लेने का शपथ पत्र (प्रारूप विभाग के छात्रवृत्ति पोर्टल पर उपलब्ध है)
आवेदन शुरू करने से पहले जन आधार में अपनी जाति, मूल निवास, बैंक खाता और मोबाइल नंबर की जानकारी अपडेट कर लें। अगर जन आधार की जानकारी पुरानी या गलत है, तो पोर्टल से लाई गई जानकारी भी गलत दिखेगी और आवेदन अटक सकता है।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें — स्टेप बाय स्टेप
मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति योजना के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन है। नीचे दिए गए चरणों को क्रम से पूरा करें।
- सबसे पहले जन आधार में अपनी जाति, मूल निवास, बैंक खाता और मोबाइल नंबर की जानकारी अपडेट करें।
- राजस्थान एसएसओ पोर्टल sso.rajasthan.gov.in पर जाएं।
- अपनी एसएसओ आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें। अगर एसएसओ आईडी नहीं है, तो जन आधार या पोर्टल पर दिए गए अन्य विकल्पों से पहले रजिस्ट्रेशन करें।
- लॉगिन के बाद स्कॉलरशिप सेक्शन में जाएं और Scholarship (CE) विकल्प चुनें।
- योजनाओं की सूची में से राजस्थान मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति योजना चुनें।
- अपना जन आधार नंबर दर्ज करें और उससे लाई गई जानकारी की जांच करें।
- 12वीं का विवरण, वर्तमान कॉलेज और कोर्स, आय और बैंक की जानकारी भरें।
- पोर्टल द्वारा मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें — दिव्यांग श्रेणी में दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी अपलोड करें।
- पूरा फॉर्म ध्यान से जांचें और फिर सबमिट करें। आवेदन के लिए कोई शुल्क नहीं देना है।
- जमा किए गए आवेदन का प्रिंटआउट लें या उसकी प्रति सुरक्षित रख लें।
सत्यापन और स्वीकृति की प्रक्रिया
फॉर्म जमा करने के बाद आवेदन नीचे दी गई सत्यापन श्रृंखला से गुजरता है।
- सबसे पहले आपके संस्थान के प्रमुख अपलोड किए गए दस्तावेजों का मूल दस्तावेजों से मिलान करते हैं।
- सत्यापन के बाद संस्थान तय तिथि तक आवेदन ऑनलाइन जिला नोडल अधिकारी को भेजता है।
- इसके बाद विभाग पात्र छात्रों के लिए छात्रवृत्ति स्वीकृत करता है।
अगर ऑनलाइन फॉर्म में कोई गलती या जानकारी अधूरी होने की वजह से विभाग आवेदन अस्वीकार करता है, तो इसकी जिम्मेदारी छात्र की ही मानी जाएगी। इसलिए हर जानकारी ध्यान से भरें और दस्तावेज सही अपलोड करें। आवेदन जमा करने के बाद अपने कॉलेज से भी संपर्क में रहें, ताकि सत्यापन समय पर पूरा हो सके।
आवेदन में होने वाली आम गलतियां और उनसे बचाव
हर साल कई छात्रों के आवेदन छोटी-छोटी गलतियों की वजह से अटक जाते हैं। नीचे दी गई गलतियों से बचें।
- जन आधार में पुराना मोबाइल नंबर या बैंक खाता — आवेदन से पहले जन आधार अपडेट करें।
- आय प्रमाण पत्र की सीमा से ज्यादा आय दिखाना — आय 2.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- किसी अन्य सरकारी छात्रवृत्ति के साथ-साथ आवेदन करना — यह योजना इसकी अनुमति नहीं देती।
- दस्तावेजों की धुंधली स्कैन कॉपी अपलोड करना — साफ और पढ़ने योग्य प्रति अपलोड करें।
- अंतिम दिन आवेदन करना — पोर्टल की भीड़ या तकनीकी दिक्कत से आवेदन छूट सकता है।
- फॉर्म जमा करने के बाद कॉलेज सत्यापन की जानकारी न लेना — संस्थान प्रमुख से सत्यापन की पुष्टि जरूर करें।
इस योजना से जुड़ी अन्य राजस्थान योजनाएं
राजस्थान सरकार छात्रों के लिए कई और योजनाएं भी चलाती है। स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस देश और विदेश के शीर्ष विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक मदद देती है, जबकि काली बाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी या समकक्ष सहायता देकर उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करती है। इन योजनाओं की पात्रता और नियम अलग-अलग हैं, इसलिए आवेदन से पहले उनकी शर्तें अलग से जांच लें। ध्यान रहे कि मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति योजना के साथ किसी अन्य सरकारी छात्रवृत्ति का लाभ एक साथ नहीं लिया जा सकता।
महत्वपूर्ण तिथियां — एक नजर में
| कार्यक्रम | तिथि |
|---|---|
| 2026-27 सत्र के लिए पोर्टल खुला | 1 अक्टूबर 2026 |
| ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि | 30 नवंबर 2026 |
| अधिसूचना जारी | 28 सितंबर 2026 |
| अधिकतम लाभ अवधि | 5 साल तक |
आधिकारिक लिंक और संपर्क
आवेदन और जानकारी के लिए केवल नीचे दिए गए आधिकारिक पोर्टलों का ही इस्तेमाल करें। किसी अनजान वेबसाइट या एजेंट के झांसे में न आएं — इस योजना के लिए कोई एजेंट या शुल्क जरूरी नहीं है।
- एसएसओ राजस्थान पोर्टल: sso.rajasthan.gov.in
- उच्च शिक्षा विभाग, राजस्थान सरकार: hte.rajasthan.gov.in
- जन आधार पोर्टल (जानकारी अपडेट करने के लिए): janaadhaar.rajasthan.gov.in
- उच्च शिक्षा विभाग हेल्पलाइन: 0141-2706106
- उच्च शिक्षा विभाग हेल्पडेस्क ईमेल: dce.oap@gmail.com
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति योजना क्या है?
यह राजस्थान सरकार की छात्रवृत्ति है, जो आरबीएसई 12वीं की मेरिट सूची में पहले एक लाख स्थानों में आने वाले और परिवार की आय 2.50 लाख रुपये सालाना तक वाले मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक मदद देती है।
इस योजना में कितनी राशि मिलती है?
सामान्य छात्र को हर महीने 500 रुपये, साल में अधिकतम 10 महीने के लिए, यानी सालाना अधिकतम 5,000 रुपये मिलते हैं। 40 प्रतिशत या अधिक दिव्यांगता वाले छात्रों को हर महीने 1,000 रुपये, यानी सालाना अधिकतम 10,000 रुपये मिलते हैं।
12वीं में कितने प्रतिशत अंक जरूरी हैं?
छात्र ने राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर से 12वीं की परीक्षा उसी वर्ष कम से कम 60 प्रतिशत अंकों के साथ पास की हो, और बोर्ड की मेरिट सूची में पहले एक लाख स्थानों में उसका नाम हो।
परिवार की आय की सीमा क्या है?
माता-पिता या अभिभावक की सालाना आय 2.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
2026-27 सत्र की अंतिम तिथि क्या है?
ऑनलाइन आवेदन 1 अक्टूबर 2026 से शुरू हुए हैं और अंतिम तिथि 30 नवंबर 2026 है।
क्या जन आधार कार्ड जरूरी है?
हां। जन आधार कार्ड के बिना ऑनलाइन आवेदन नहीं भरा जा सकता, क्योंकि पोर्टल जानकारी जन आधार से ही लाता है।
क्या आवेदन के लिए कोई शुल्क देना होता है?
नहीं। इस योजना में आवेदन के लिए कोई शुल्क नहीं देना होता है।
छात्रवृत्ति कितने साल तक मिलती है?
नियमित पढ़ाई जारी रखने पर अधिकतम पांच साल तक। अगर छात्र पहले पढ़ाई छोड़ देता है, तो लाभ केवल पूरी की गई पढ़ाई के वर्षों तक ही मान्य रहता है।
क्या दूसरी छात्रवृत्ति के साथ यह भी ले सकते हैं?
नहीं। छात्र केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य छात्रवृत्ति या इसी तरह का लाभ एक साथ नहीं ले सकता।
आवेदन के बाद सत्यापन कौन करता है?
पहले संस्थान के प्रमुख दस्तावेजों का मूल दस्तावेजों से मिलान करते हैं, फिर आवेदन ऑनलाइन जिला नोडल अधिकारी को भेजा जाता है, और इसके बाद विभाग छात्रवृत्ति स्वीकृत करता है।
अस्वीकरण: यह लेख एक निजी सूचना पोर्टल द्वारा तैयार किया गया है। यह सरकारी वेबसाइट नहीं है। आवेदन करने से पहले आधिकारिक पोर्टल और विभाग की अधिसूचना से जानकारी की पुष्टि जरूर करें।





