UP Free Tablet Yojana 2026: 25 लाख टैबलेट, पात्रता और DigiShakti Portal जानकारी

उत्तर प्रदेश में पढ़ने वाले छात्रों के लिए बड़ी खबर है — राज्य सरकार 25 लाख टैबलेट मुफ्त बांटने जा रही है। अगस्त 2026 में हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिली, और 2026-27 के बजट में इसके लिए ₹2,374.60 करोड़ रखे गए हैं।

इस आर्टिकल में आपको मिलेगा: योजना का आधिकारिक नाम और ताजा स्थिति, अब तक कितने डिवाइस बंट चुके हैं, कौन से छात्र पात्र हैं, टैबलेट मिलेगा या स्मार्टफोन, आवेदन की प्रक्रिया (फॉर्म भरना होगा या नहीं), DigiShakti Portal पर स्टेटस कैसे चेक करें, और आपके आम सवालों के जवाब। चलिए, एक-एक करके सब समझते हैं।

ताजा खबर: 25 लाख टैबलेट को कैबिनेट की मंजूरी (अगस्त 2026)

अगस्त 2026 में लखनऊ में हुई कैबिनेट बैठक में स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत 25 लाख टैबलेट खरीदने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिली। बैठक के बाद जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक टेंडर प्रक्रिया से चुनी गई संस्थाओं को टैबलेट सप्लाई के लिए क्रय आदेश (purchase orders) जारी किए जाएंगे।

वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि योजना पांच साल के लिए लागू है और वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसके लिए ₹2,374.60 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। एक टैबलेट की अनुमानित कीमत लगभग ₹17,000 बताई गई है। सरकार के मुताबिक अब तक लगभग 60 लाख टैबलेट और स्मार्टफोन पात्र युवाओं में बांटे जा चुके हैं।

इसका मतलब साफ है — योजना बंद नहीं हुई है, बल्कि 2026 में और बड़े स्तर पर चल रही है। जो छात्र सोच रहे थे कि योजना रुक गई, उनके लिए यह अच्छी खबर है।

योजना क्या है? (आधिकारिक नाम और मकसद)

इस योजना का आधिकारिक नाम है — स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना। इसे आम भाषा में UP Free Tablet/Smartphone Yojana या DigiShakti Yojana भी कहा जाता है, क्योंकि इसका संचालन DigiShakti Portal (digishakti.up.gov.in) के जरिए होता है।

योजना की शुरुआत 2021-22 में हुई थी। मकसद है — युवाओं का तकनीकी सशक्तिकरण, यानी पढ़ाई, ट्रेनिंग, रोजगार और स्वरोजगार के लिए छात्रों को डिजिटल संसाधनों से जोड़ना। कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई आम हो गई थी, तभी से सरकार का जोर है कि हर छात्र के हाथ में डिजिटल डिवाइस हो।

डिवाइस में पढ़ाई और करियर से जुड़ा कंटेंट पहले से लोड करके दिया जाता है, ताकि छात्र इसका इस्तेमाल सिर्फ मनोरंजन में नहीं, बल्कि सीखने में करें।

योजना एक नजर में (Quick Facts)

विवरण जानकारी
योजना का आधिकारिक नाम स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना
राज्य उत्तर प्रदेश
शुरुआत 2021-22 (पांच साल की योजना)
संचालन पोर्टल DigiShakti Portal — digishakti.up.gov.in
ताजा मंजूरी (अगस्त 2026) 25 लाख टैबलेट की खरीद
बजट 2026-27 ₹2,374.60 करोड़
अब तक वितरण लगभग 60 लाख टैबलेट/स्मार्टफोन (सरकारी बयान, अगस्त 2026)
एक टैबलेट की अनुमानित कीमत लगभग ₹17,000

कौन-कौन से छात्रों को मिलेगा? (पात्रता)

सरकारी बयानों के मुताबिक इन कोर्सों से जुड़े युवा योजना के दायरे में आते हैं:

  • स्नातक (Graduation) — BA, BSc, BCom आदि
  • परास्नातक (Post-Graduation) — MA, MSc, MCom आदि
  • डिप्लोमा कोर्स — पॉलिटेक्निक आदि
  • ITI प्रशिक्षु
  • तकनीकी शिक्षा — इंजीनियरिंग आदि
  • स्वास्थ्य शिक्षा — नर्सिंग, पैरामेडिकल
  • कौशल विकास प्रशिक्षण (Skill Development)
  • D.El.Ed. (BTC) प्रशिक्षु

ध्यान देने वाली बात: आय की कोई सीमा या नंबरों की कट-ऑफ सरकार ने इस चरण के लिए घोषित नहीं की है। चयन मुख्य रूप से आपके कोर्स, पढ़ाई के वर्ष और इस बात पर निर्भर करता है कि आपके कॉलेज ने आपका डेटा पोर्टल पर अपलोड और सत्यापित किया है या नहीं।

टैबलेट मिलेगा या स्मार्टफोन?

यह सवाल सबसे ज्यादा पूछा जाता है। सच्चाई यह है:

  • ताजा मंजूरी (अगस्त 2026) सिर्फ टैबलेट की खरीद के लिए है — 25 लाख टैबलेट।
  • इससे पहले के चरणों में स्मार्टफोन भी बांटे गए — जनवरी 2025 में 25 लाख स्मार्टफोन की खरीद को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी थी।
  • पहले के वितरण में आमतौर पर तकनीकी, मेडिकल और डिप्लोमा धाराओं के छात्रों को टैबलेट और सामान्य डिग्री कोर्सों के छात्रों को स्मार्टफोन दिए जाने की खबरें आई थीं।

तो सीधा जवाब: इस बार के 25 लाख डिवाइस टैबलेट होंगे। आपको कौन सा डिवाइस मिलेगा, यह आपके कोर्स और वितरण चरण पर निर्भर करेगा — इसकी पक्की जानकारी आपका कॉलेज ही दे पाएगा।

आवेदन कैसे होगा? (फॉर्म भरना होगा या नहीं)

यहां सबसे बड़ी गलतफहमी दूर कर देते हैं: छात्रों को अलग से कोई ऑनलाइन फॉर्म नहीं भरना होता। प्रक्रिया इस तरह चलती है:

  1. कॉलेज/संस्थान आपका डेटा अपलोड करता है — आपका कॉलेज या यूनिवर्सिटी DigiShakti Portal पर छात्रों की सूची और विवरण डालती है।
  2. डेटा का सत्यापन होता है — संस्थान और विभाग स्तर पर जानकारी चेक की जाती है।
  3. आधार e-KYC — छात्रों को MeriPehchaan के जरिए आधार e-KYC पूरा करना होता है।
  4. स्टेटस चेक — छात्र अपने एनरोलमेंट नंबर से पोर्टल पर अपनी स्थिति देख सकते हैं।
  5. वितरण — डिवाइस संस्थानों के माध्यम से पात्र छात्रों को बांटे जाते हैं।

सबसे जरूरी बात: अपने कॉलेज के संपर्क में रहें। अगर कॉलेज ने आपका डेटा पोर्टल पर नहीं डाला, तो आपका नाम सूची में आएगा ही नहीं। आधार कार्ड और जरूरी दस्तावेज तैयार रखें।

DigiShakti Portal पर स्टेटस कैसे चेक करें?

आधिकारिक पोर्टल है: digishakti.up.gov.in

  • पोर्टल खोलें और स्टेटस/लॉगिन सेक्शन में जाएं।
  • अपना एनरोलमेंट नंबर (कॉलेज का रजिस्ट्रेशन/नामांकन नंबर) डालें।
  • आपकी पात्रता और डिवाइस की स्थिति स्क्रीन पर दिखेगी।

अगर पोर्टल पर आपका नाम नहीं दिख रहा, तो पहले अपने कॉलेज से पूछें कि क्या आपका डेटा अपलोड हुआ है — ज्यादातर मामलों में वजह यही होती है।

डिवाइस खराब हो जाए तो क्या करें?

टैबलेट/स्मार्टफोन के डिब्बे में बिल और वारंटी कार्ड संभालकर रखें। डिवाइस में दिक्कत आने पर अधिकृत सर्विस सेंटर पर दिखाएं — DigiShakti Portal पर टैबलेट और मोबाइल सर्विस सेंटरों की सूची दी गई है। बिना बिल के वारंटी क्लेम में परेशानी हो सकती है, इसलिए डिब्बा फेंकने से पहले बिल अलग निकाल लें।

फर्जी वेबसाइटों और दलालों से सावधान

  • योजना के नाम पर कोई फीस नहीं लगती — डिवाइस पूरी तरह मुफ्त है।
  • छात्रों के लिए अलग से रजिस्ट्रेशन फॉर्म नहीं है — जो वेबसाइट “फॉर्म भरें और टैबलेट पाएं” कहे, वह फर्जी हो सकती है।
  • किसी एजेंट या बिचौलिए को पैसे न दें — डेटा अपलोड का काम सिर्फ आपका कॉलेज करता है।
  • जानकारी सिर्फ दो जगह से लें — digishakti.up.gov.in और आपका कॉलेज प्रशासन।

योजना का अब तक का सफर (2021 से 2026)

यह योजना कोई नई घोषणा नहीं है — इसका ट्रैक रिकॉर्ड लंबा है:

  • 2021-22: योजना की शुरुआत। पहले तीन सालों में ही 46.75 लाख से ज्यादा स्मार्टफोन और टैबलेट बांटे गए।
  • जनवरी 2025: प्रयागराज में हुई कैबिनेट बैठक में 25 लाख स्मार्टफोन की खरीद के फाइनल बिड दस्तावेज को मंजूरी मिली।
  • अप्रैल 2026: 25 लाख टैबलेट की खरीद का प्रस्ताव — अनुमानित लागत ₹3,000 करोड़।
  • अगस्त 2026: 25 लाख टैबलेट की खरीद को ताजा मंजूरी, 2026-27 के लिए ₹2,374.60 करोड़ का बजट।

सरकारी बयानों के मुताबिक अब तक कुल लगभग 60 लाख डिवाइस छात्रों तक पहुंच चुके हैं — यह देश के सबसे बड़े छात्र डिजिटल कार्यक्रमों में से एक है।

किन छात्रों को पहले मौका मिलता है?

रिपोर्टों के मुताबिक वितरण में अंतिम वर्ष (final year) के छात्रों को प्राथमिकता दी जाती है, क्योंकि उन्हें नौकरी और आगे की पढ़ाई के लिए डिजिटल संसाधनों की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। इसके अलावा D.El.Ed., ITI, डिप्लोमा और B.Ed. जैसे कोर्सों के लिए कॉलेजों से डेटा सत्यापन अभियान चलाए जाते हैं। अगर आप अंतिम वर्ष में हैं, तो अपने कॉलेज से जरूर पूछें कि आपका नाम सूची में है या नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

क्या UP Free Tablet Yojana अभी चल रही है? हां। अगस्त 2026 में कैबिनेट ने 25 लाख टैबलेट की खरीद को मंजूरी दी और 2026-27 के बजट में ₹2,374.60 करोड़ रखे गए हैं। योजना पांच साल की है और सक्रिय है।

मुझे टैबलेट मिलेगा या स्मार्टफोन? ताजा मंजूरी सिर्फ टैबलेट की है — 25 लाख टैबलेट खरीदे जा रहे हैं। पहले के चरणों में स्मार्टफोन भी बांटे गए थे। आपके कोर्स के हिसाब से क्या मिलेगा, यह आपका कॉलेज बताएगा।

ऑनलाइन फॉर्म कहां भरें? छात्रों के लिए अलग से कोई फॉर्म नहीं है। आपका कॉलेज DigiShakti Portal पर आपका डेटा अपलोड करता है। आपको सिर्फ आधार e-KYC (MeriPehchaan से) पूरा करना होता है।

क्या आय की सीमा या नंबरों की कट-ऑफ है? सरकार ने इस चरण के लिए कोई आय सीमा या प्रतिशत कट-ऑफ घोषित नहीं की है। चयन कोर्स, पढ़ाई के वर्ष और कॉलेज द्वारा डेटा सत्यापन पर निर्भर करता है।

मैं ITI/पॉलिटेक्निक का छात्र हूं — क्या मैं पात्र हूं? हां। ITI, पॉलिटेक्निक (डिप्लोमा), नर्सिंग, पैरामेडिकल और कौशल विकास प्रशिक्षण के छात्र योजना के दायरे में आते हैं।

पोर्टल पर मेरा नाम नहीं दिख रहा — क्या करूं? सबसे पहले अपने कॉलेज से पूछें कि क्या आपका डेटा DigiShakti Portal पर अपलोड और सत्यापित हुआ है। ज्यादातर मामलों में डेटा न अपलोड होना ही वजह होती है।

क्या टैबलेट के लिए पैसे देने होंगे? नहीं। डिवाइस पूरी तरह मुफ्त है। कोई फीस, कोई चार्ज नहीं। पैसे मांगने वाला कोई भी व्यक्ति या वेबसाइट धोखाधड़ी कर रही है।

क्या प्राइवेट कॉलेज के छात्रों को भी टैबलेट मिलेगा? योजना में उन मान्यता प्राप्त संस्थानों के छात्र आते हैं जिनका डेटा DigiShakti Portal पर अपलोड होता है — इसमें सरकारी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त प्राइवेट कॉलेज/यूनिवर्सिटी सभी शामिल हैं। अगर आपका कॉलेज मान्यता प्राप्त है और आपका डेटा अपलोड करता है, तो आप दायरे में हैं। अपने कॉलेज प्रशासन से पुष्टि कर लें।

टैबलेट कब मिलेगा? 25 लाख टैबलेट की खरीद के लिए क्रय आदेश जारी किए जा रहे हैं। वितरण संस्थानों के माध्यम से चरणों में होगा — ताजा जानकारी के लिए अपने कॉलेज के संपर्क में रहें और DigiShakti Portal पर स्टेटस चेक करते रहें।

डिस्क्लेमर: GramSuvidha एक निजी सूचना पोर्टल है (सरकारी वेबसाइट नहीं)। ऊपर दी गई जानकारी 10 अक्टूबर 2026 तक के आधिकारिक सरकारी बयानों और समाचार रिपोर्टों पर आधारित है — नियम और तारीखें बदल सकती हैं, इसलिए digishakti.up.gov.in या अपने कॉलेज से पुष्टि जरूर करें।