जंगल के अंदर बसी एक छोटी सी बस्ती की कल्पना कीजिए, जहाँ पक्की सड़क कई किलोमीटर पहले ही खत्म हो जाती है, जहाँ पीने का पानी अब भी किसी दूर के स्रोत से लाना पड़ता है, और जहाँ बीमार बच्चे को डॉक्टर के आने का कई दिन इंतज़ार करना पड़ता है। वहाँ रहने वाले परिवारों के लिए सरकारी योजनाएँ अक्सर सिर्फ कागज़ पर ही होती हैं, क्योंकि कोई अधिकारी कभी उनके दरवाज़े तक फॉर्म, सर्वे या सीधा जवाब लेकर पहुँचा ही नहीं।
इस गाइड का मकसद बिल्कुल सीधा है। हम आपको बताएँगे कि PM JANMAN Yojana असल में क्या है, यह किसके लिए है, इसके लाभ गाँव और टोले तक कैसे पहुँचते हैं, और एक PVTG परिवार को असल में क्या-क्या करना चाहिए। और सबसे पहले एक ज़रूरी सच्चाई: इस योजना का कोई अलग “apply online” फॉर्म नहीं है। जो वेबसाइट या एजेंट आपसे फॉर्म भरने के नाम पर पैसा माँगे, उससे सावधान रहना चाहिए। आगे पढ़िए, पूरी बात स्टेप बाय स्टेप समझ आ जाएगी।
PM JANMAN Yojana क्या है
PM JANMAN का पूरा नाम Pradhan Mantri Janjati Adivasi Nyaya Maha Abhiyan है। यह उन समुदायों के लिए बनाया गया मिशन है जिन्हें Particularly Vulnerable Tribal Groups, यानी PVTG, कहा जाता है। PVTG वे जनजातीय समुदाय हैं जो आज भी सबसे ज़्यादा पिछड़े हुए हैं – जहाँ शिक्षा का स्तर बहुत नीचे है, जहाँ आबादी घट रही है या स्थिर है, जहाँ खेती और जीवन के तरीके अब भी बहुत पुराने हैं, और जहाँ सरकारी सुविधाएँ सबसे देर से पहुँचती हैं।
इस मिशन की सबसे बड़ी खास बात यह है कि यह कोई अकेली योजना नहीं है। यह एक “saturation mission” है, मतलब इसका लक्ष्य यह है कि PVTG बस्तियों में बुनियादी सुविधाएँ शत-प्रतिशत पहुँच जाएँ – कोई घर, कोई बस्ती छूटी न रहे। इसके लिए नौ अलग-अलग मंत्रालयों की ग्यारह ज़रूरी कोशिशों को एक साथ जोड़ा गया है, ताकि मकान, पानी, सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोज़गार – सब एक साथ, एक ही बस्ती में पहुँचें। नोडल मंत्रालय जनजातीय मामलों का मंत्रालय है, लेकिन काम हर विभाग अपने-अपने मौजूदा कार्यक्रमों के ज़रिए करता है।
PM JANMAN Yojana Quick Facts Table
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का पूरा नाम | Pradhan Mantri Janjati Adivasi Nyaya Maha Abhiyan (PM JANMAN) |
| शुरुआत | 15 November 2023, जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर |
| कुल खर्च (outlay) | ₹24,104 करोड़ (केंद्र का हिस्सा ₹15,336 करोड़, राज्यों का हिस्सा ₹8,768 करोड़) |
| लक्ष्य | 3 साल के अंदर PVTG बस्तियों में बुनियादी सुविधाओं का शत-प्रतिशत saturation |
| किनके लिए | 75 Particularly Vulnerable Tribal Groups (PVTGs) |
| कहाँ | 18 राज्य और 1 केंद्र शासित प्रदेश (अंडमान और निकोबार द्वीप समूह) |
| कितने काम | 11 interventions, 9 मंत्रालयों के ज़रिए |
| नोडल मंत्रालय | जनजातीय मामलों का मंत्रालय (Ministry of Tribal Affairs) |
| ऑनलाइन आवेदन | कोई अलग PM JANMAN apply online पोर्टल नहीं है; लाभ बस्ती-स्तरीय सर्वे और राज्य तंत्र से मिलता है |
| मकान कैसे | Pradhan Mantri Awas Yojana – Gramin (PMAY-G) के ज़रिए, AwaasSoft पोर्टल पर sanction |
कौन Covered है: 75 PVTG, 18 राज्य और 1 UT
देश में कुल 75 PVTG समुदाय चिह्नित हैं, जो 18 राज्यों और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में रहते हैं। इनमें कुछ जाने-माने नाम हैं जैसे ओडिशा के डोंगरिया कोंध और बोंडो, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के चेंचू, मध्य प्रदेश के मारिया गोंड, और अंडमान के जारवा और ओंगे। गुजरात के सिद्दी समुदाय को भी PVTG के रूप में cover किया गया है।
यहाँ एक बात समझना बहुत ज़रूरी है। PM JANMAN किसी एक व्यक्ति को सीधा पैसा देने वाली योजना नहीं है। यह बस्ती पर केंद्रित है, यानी “habitation” पर। सरकार पहले यह पहचानती है कि कौन सी बस्ती में कौन सा PVTG समुदाय रहता है, फिर उस बस्ती में क्या-क्या कमी है – मकान, पानी, सड़क, बिजली, स्कूल, स्वास्थ्य – उसका सर्वे होता है। उसके बाद हर कमी को संबंधित विभाग के ज़रिए पूरा करने की कोशिश होती है। इसलिए अगर आपका परिवार PVTG समुदाय से है लेकिन आपकी बस्ती चिह्नित सूची में नहीं है, तो पहला कदम यह जानना है कि आपकी बस्ती इस मिशन में शामिल है या नहीं। इसके लिए अपने District Tribal Welfare Office या Gram Panchayat से पूछना सबसे सीधा तरीका है।
11 Interventions: 9 मंत्रालयों के ज़रिए क्या-क्या मिलता है
PM JANMAN के तहत ग्यारह काम तय हैं। हर काम के पीछे एक ज़िम्मेदार मंत्रालय और एक मौजूदा योजना है। नीचे पूरी सूची दी गई है, ताकि आपको एक ही जगह सब कुछ मिल जाए।
| क्रम | काम (Intervention) | ज़िम्मेदार मंत्रालय / योजना | परिवार को क्या मिलता है |
|---|---|---|---|
| 1 | पक्के मकान | ग्रामीण विकास मंत्रालय – PMAY-G | कच्चे झोपड़े की जगह पक्का, सुरक्षित घर |
| 2 | जोड़ने वाली सड़कें | ग्रामीण विकास मंत्रालय – PMGSY | हर मौसम में चलने वाली सड़क, बस्ती का मुख्य सड़क से जुड़ना |
| 3 | नल से शुद्ध पानी | जल शक्ति मंत्रालय – Jal Jeevan Mission | हर घर नल कनेक्शन या सामुदायिक पानी की सप्लाई |
| 4 | Mobile Medical Units | स्वास्थ्य मंत्रालय – National Health Mission | चलती-फिरती स्वास्थ्य वैन, दवा के साथ, बस्ती तक |
| 5 | छात्रावास (Hostels) | शिक्षा मंत्रालय – Samagra Shiksha | जनजातीय छात्रों के रहने और पढ़ने की जगह |
| 6 | आँगनवाड़ी केंद्र | महिला एवं बाल विकास मंत्रालय – Anganwadi Services | बच्चों का पोषण, देखभाल और शुरुआती शिक्षा |
| 7 | वन धन विकास केंद्र | जनजातीय मामले मंत्रालय और कौशल विकास मंत्रालय – PM Janjatiya Vikas Mission | वन उपज का value addition और बेहतर दाम |
| 8 | बहुउद्देशीय केंद्र (Multipurpose Centre) | जनजातीय मामले मंत्रालय | एक ही जगह सामुदायिक, प्रशिक्षण और सेवा सुविधाएँ |
| 9 | घर की बिजली और solar street light | ऊर्जा मंत्रालय / नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय | बिना बिजली वाले घरों का electrification, solar रोशनी |
| 10 | Mobile tower | संचार मंत्रालय – USOF | 4G mobile connectivity, बस्ती का दुनिया से जुड़ना |
| 11 | व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास | स्कूल शिक्षा विभाग और कौशल विकास मंत्रालय – Samagra Shiksha / PM Kaushal Vikas | रोज़गार के लायक हुनर और प्रशिक्षण |
इन ग्यारह कामों में से हर एक का अपना लक्ष्य है। जैसे पक्के मकानों का लक्ष्य लगभग 4.90 लाख घर, सड़कों का लगभग 8,000 किलोमीटर, mobile medical units का लगभग 1,000 यूनिट, छात्रावासों का लगभग 500, आँगनवाड़ी केंद्रों का लगभग 2,500, बहुउद्देशीय केंद्रों का लगभग 1,000, और mobile towerों का लगभग 3,000 गाँव का टारगेट रखा गया था। ये संख्याएँ मिशन के शुरुआती लक्ष्य हैं; असली प्रगति इससे अलग हो सकती है, इसलिए आगे प्रगति वाले सेक्शन में सरकार के ताज़ा आँकड़े भी दिए गए हैं।
लाभ असल में कैसे पहुँचता है: सर्वे से Sanction तक
यही वह हिस्सा है जहाँ ज़्यादातर गाइड्स गोल-गोल बात करते हैं और लोग भ्रम में रह जाते हैं। सच्चाई यह है कि PM JANMAN में लाभ “फॉर्म भरो और पैसा पाओ” वाले तरीके से नहीं मिलता। पूरी प्रक्रिया कुछ इस तरह चलती है।
पहला कदम है बस्ती-स्तरीय data collection। जनजातीय मामले मंत्रालय ने राज्य सरकारों के ज़रिए PM GatiShakti mobile app से हर PVTG बस्ती का सर्वे करवाया, ताकि यह पता चले कि उस बस्ती में कितने लोग रहते हैं और कहाँ-कहाँ कमी है – कितने घर कच्चे हैं, कहाँ पानी नहीं है, कहाँ सड़क नहीं है। यही डेटा वहाँ से शुरू होता है।
दूसरा कदम है cross-verification, यानी जाँच। App से मिली कमी को संबंधित मंत्रालय और राज्य के विभाग अपने रिकॉर्ड से मिलाकर verify करते हैं। इसके बाद ही कोई काम sanction होता है। इसलिए अगर आपकी बस्ती का सर्वे अब तक नहीं हुआ है या आपका नाम छूट गया है, तो यही वह जगह है जहाँ पीछा करना पड़ता है – Gram Panchayat, Block office या District Tribal Welfare Office में जाकर पूछना कि आपकी बस्ती का डेटा दर्ज हुआ है या नहीं।
तीसरा कदम है sanction और implementation, जो हर काम के लिए अलग पोर्टल और अलग विभाग से होता है। मकान के लिए यह बात खास तौर पर समझने लायक है। पहले मकानों की data entry PM GatiShakti पोर्टल पर होती थी, जिसमें देरी की शिकायत आई। उसके बाद सरकार ने व्यवस्था बदली: अब PMAY-G के मकान ग्रामीण विकास मंत्रालय के AwaasSoft पोर्टल पर sanction होते हैं, पूरी प्रक्रिया – लाभार्थी की पहचान, sanction, किस्त जारी करना, पूरा होने की रिपोर्ट – सब AwaasSoft और AwaasApp से होती है। Sanction के बाद डेटा को monitoring के लिए PM GatiShakti पर भी update कर दिया जाता है। मतलब, मकान का काम अब सीधे PMAY-G की व्यवस्था से चल रहा है, बस PVTG परिवारों को इसमें प्राथमिकता मिलती है।
चौथा कदम है जागरूकता शिविर और दस्तावेज़। राज्य सरकारों के साथ मिलकर शिविरों में Aadhaar card, जाति प्रमाण पत्र, Jan Dhan bank खाता जैसे ज़रूरी दस्तावेज़ बनवाने में मदद की जाती है, ताकि परिवार दूसरी योजनाओं से भी जुड़ सकें – जैसे PMAY, Ayushman Bharat और MNREGA। बिना सही दस्तावेज़ के किसी भी योजना का लाभ अटक सकता है, इसलिए यह कदम छोटा नहीं है।
एक PVTG परिवार असल में क्या करे: Step By Step Guide
Step 1: अपनी बस्ती की स्थिति जानें
अपने Gram Panchayat या District Tribal Welfare Office में जाकर पूछें कि आपकी बस्ती PM JANMAN के तहत चिह्नित PVTG बस्तियों में शामिल है या नहीं, और आपकी बस्ती का सर्वे हो चुका है या नहीं। अगर सर्वे नहीं हुआ है, तो उसे दर्ज करवाने के लिए लिखित में अनुरोध देना बेहतर रहता है।
Step 2: मकान के लिए PMAY-G की प्रक्रिया अपनाएँ
मकान के लिए कोई अलग PM JANMAN फॉर्म नहीं भरना है। PMAY-G की सामान्य प्रक्रिया से ही आपका नाम आना चाहिए, जिसमें PVTG परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है। अपना नाम PMAY-G की सूची में चेक करें, और अगर नाम नहीं है तो Gram Panchayat के ज़रिए उसका कारण पूछें। Sanction होने के बाद किस्तें AwaasSoft के ज़रिए आती हैं, और शिकायत के लिए Gram Panchayat, Block, ज़िला और राज्य स्तर पर PMAY-G का grievance mechanism मौजूद है।
Step 3: पानी, सड़क और बिजली की कमी को पंचायत तक पहुँचाएँ
ये काम बस्ती के स्तर पर होते हैं, किसी एक व्यक्ति के फॉर्म से नहीं। अगर आपकी बस्ती में नल का पानी, पक्की सड़क या बिजली नहीं है, तो इस बात को Gram Sabha या Gram Panchayat के ज़रिए उठाएँ, ताकि वह संबंधित विभाग तक पहुँचे। एक व्यक्ति की आवाज़ से ज़्यादा, पूरी बस्ती की साझा माँग ज़्यादा असर करती है।
Step 4: स्वास्थ्य के लिए Mobile Medical Unit का Schedule पूछें
Mobile Medical Units आपकी बस्ती में निश्चित दिनों पर आती हैं। अपने ASHA worker या ANM से पूछें कि आपके क्षेत्र में MMU कब आती है, और उस दिन बच्चों का टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की जाँच और सामान्य इलाज का लाभ उठाएँ।
Step 5: आँगनवाड़ी और छात्रावास का लाभ उठाएँ
अगर आपके गाँव में आँगनवाड़ी केंद्र बना है, तो अपने छोटे बच्चों का वहाँ नाम लिखवाएँ – पोषण और शुरुआती शिक्षा वहीं से मिलती है। बड़े बच्चों के लिए छात्रावास की सुविधा के बारे में स्कूल या Block शिक्षा अधिकारी से जानकारी लें।
Step 6: वन धन विकास केंद्र से जुड़ें
अगर आपका परिवार वन उपज – जैसे तेंदू पत्ता, महुआ, इमली, शहद – इकट्ठा करता है, तो Van Dhan Vikas Kendra की सदस्यता के बारे में पूछें। इससे उपज का value addition होता है और बीच के व्यापारियों पर निर्भरता कम होती है। कौशल प्रशिक्षण के लिए भी इसी केंद्र से जानकारी मिल सकती है।
ज़रूरी दस्तावेज़
आम तौर पर ये दस्तावेज़ काम आते हैं: Aadhaar card, जाति प्रमाण पत्र (PVTG समुदाय का), ration card, bank खाता (Jan Dhan खाता भी चलेगा), निवास प्रमाण, और मकान के लिए ज़मीन या मौजूदा मकान से संबंधित कागज़। हर राज्य और हर काम के लिए दस्तावेज़ों की सूची थोड़ी अलग हो सकती है, इसलिए संबंधित ऑफिस से एक बार confirm ज़रूर करें। कोई भी अधिकारी या एजेंट अगर दस्तावेज़ बनवाने के नाम पर बड़ी रकम माँगे, तो उसकी शिकायत Block या ज़िला स्तर पर करें।
एजेंटों से सावधान: कोई Fee नहीं, कोई Form नहीं
यह सेक्शन इसलिए ज़रूरी है क्योंकि इसी जगह सबसे ज़्यादा धोखा होता है। PM JANMAN के नाम पर इंटरनेट पर कई फ़र्ज़ी फॉर्म और “apply online” लिंक घूमते हैं। सच्चाई यह है: इस मिशन का कोई व्यक्तिगत ऑनलाइन आवेदन पोर्टल नहीं है, इसकी कोई आखिरी तारीख (last date) आपके लिए नहीं है, और कोई सरकारी अधिकारी आपसे इस योजना में नाम जुड़वाने के लिए पैसा नहीं माँगेगा। अगर कोई कहे कि “₹500 दो, नाम लिखवा दूँ” या “ऑनलाइन फॉर्म भर दो, मकान पक्का”, तो समझ जाइए कि वह धोखा है। असली रास्ता हमेशा Gram Panchayat, Block office, District Tribal Welfare Office या संबंधित विभाग से होकर जाता है, और वह बिल्कुल मुफ़्त है।
मकान की रकम को लेकर एक ज़रूरी स्पष्टीकरण
इंटरनेट पर मकान की रकम को लेकर अलग-अलग आँकड़े मिलते हैं – कुछ जगह ₹2 लाख, कुछ जगह ₹2.39 लाख प्रति घर, और PMAY-G की सामान्य दर ₹1.20 लाख (समतल क्षेत्रों में) और ₹1.30 लाख (पहाड़ी और कठिन क्षेत्रों में) भी बताई जाती है। इन आँकड़ों में फ़र्क इसलिए है क्योंकि मिशन के cost norms और PMAY-G के सामान्य norms अलग-अलग दस्तावेज़ों में अलग तरीके से लिखे गए हैं। इसलिए इस गाइड में हम कोई एक रकम को “पक्की” कहकर पेश नहीं कर रहे। जो रकम आपको मिलेगी, वह आपके राज्य, क्षेत्र और PMAY-G के उस समय के नियमों पर निर्भर करेगी। सही रकम के लिए AwaasSoft पोर्टल या अपने Block के PMAY-G अधिकारी से ही पूछें, किसी ब्लॉग के आँकड़े पर भरोसा करके कोई फ़ैसला मत लें।
अब तक की प्रगति: सरकार ने संसद को क्या बताया (30 June 2025 तक)
सरकार ने July 2025 में संसद को बताया कि 30 June 2025 तक मकान के लिए 4,62,159 घर sanction हो चुके थे, जिनमें से 1,36,112 पूरे हो गए थे। सड़कों के लिए 6,506 किलोमीटर के टारगेट के सामने 637 किलोमीटर का काम हो चुका था। नल के पानी के लिए 18,385 गाँव के टारगेट में से 7,406 गाँव तक पानी पहुँचा था। सारे 694 sanctioned Mobile Medical Units काम कर रहे थे। आँगनवाड़ी केंद्रों में 2,500 के टारगेट में से 2,027 केंद्र चालू हो गए थे। छात्रावासों में 492 के टारगेट में से 99 पर काम शुरू हुआ था। बिजली के लिए 1,43,194 घरों के टारगेट में से 1,20,227 घरों का electrification हो गया था। Mobile towerों में 3,894 बस्तियों के टारगेट में से 2,516 बस्तियाँ cover हो गई थीं। ये आँकड़े बताते हैं कि काम चल रहा है, लेकिन हर बस्ती तक अभी पूरी तरह नहीं पहुँचा है – इसलिए अपनी बस्ती की स्थिति खुद चेक करना सबसे ज़रूरी है।
FAQ: PM JANMAN Yojana से जुड़े आम सवाल
1. PM JANMAN Yojana में online apply कैसे करें?
इसका सीधा जवाब है: कोई अलग online apply नहीं है। आपको किसी वेबसाइट पर PM JANMAN का फॉर्म नहीं भरना है। लाभ बस्ती-स्तरीय सर्वे और राज्य तंत्र के ज़रिए मिलता है, और मकान के लिए PMAY-G की प्रक्रिया अपनानी होती है। जो साइट “PM JANMAN apply online” का फॉर्म दिखाए, वह सरकारी नहीं है।
2. PM JANMAN Yojana किसके लिए है?
यह योजना सिर्फ 75 चिह्नित PVTG समुदायों के लिए है, जो 18 राज्यों और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में रहते हैं। अगर आपका समुदाय PVTG सूची में नहीं है, तो इस मिशन का लाभ आपको सीधे नहीं मिलेगा, लेकिन दूसरी जनजातीय योजनाओं का लाभ मिल सकता है।
3. PM JANMAN Yojana में मकान कैसे मिलेगा?
मकान PMAY-G के ज़रिए मिलता है। आपकी बस्ती के सर्वे में आपके कच्चे मकान की कमी दर्ज होनी चाहिए, फिर नाम PMAY-G की सूची में आता है, और sanction AwaasSoft पोर्टल पर होता है। किस्तें सीधे bank खाते में आती हैं।
4. PM JANMAN Yojana की last date क्या है?
इस मिशन की कोई व्यक्तिगत आवेदन की last date नहीं है, क्योंकि कोई व्यक्तिगत आवेदन ही नहीं है। मिशन का लक्ष्य 3 साल में saturation का था, जो November 2023 से शुरू हुआ था। अपनी बस्ती के कामों की समय-सीमा के लिए District Tribal Welfare Office से पूछें।
5. PM JANMAN Yojana में कितना पैसा मिलता है?
इस मिशन का कुल outlay ₹24,104 करोड़ है, लेकिन यह रकम किसी एक परिवार को नहीं मिलती। यह पूरे मिशन पर खर्च होती है – मकान, सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य सब पर। मकान की प्रति-घर रकम को लेकर अलग-अलग आँकड़े प्रचलित हैं, इसलिए ऊपर वाले स्पष्टीकरण सेक्शन को ज़रूर पढ़ें।
6. अगर हमारी बस्ती का सर्वे नहीं हुआ है तो क्या करें?
Gram Panchayat या District Tribal Welfare Office में जाकर लिखित में पूछें कि आपकी बस्ती का सर्वे क्यों नहीं हुआ है और उसे कब करवाया जाएगा। अपने समुदाय के लोगों के साथ मिलकर माँग रखना ज़्यादा असरदार होता है।
7. PM JANMAN Yojana का helpline number क्या है?
इस मिशन का कोई एक सार्वजनिक helpline number हम इस गाइड में नहीं दे रहे, क्योंकि इसकी कोई official एकल helpline हम verify नहीं कर पाए हैं। सही संपर्क के लिए अपने राज्य के Tribal Welfare Department या District Tribal Welfare Office का नंबर अपने ज़िले की official वेबसाइट से लें। किसी ब्लॉग पर दिए गए नंबर पर पैसा या OTP कभी शेयर मत करें।
Official Links
- Ministry of Tribal Affairs: tribal.gov.in
- PIB Press Release – PM JANMAN housing sanction shift (PRID 2115300): pib.gov.in
- PIB – PM JANMAN progress in Parliament (PRID 2150193): pib.gov.in
- PIB – PM JANMAN Rajya Sabha reply on 75 PVTGs (PRID 2147317): pib.gov.in
- Pradhan Mantri Awas Yojana – Gramin (PMAY-G): pmayg.nic.in
Disclaimer: यह वेबसाइट एक निजी सूचना पोर्टल है – एक निजी सूचना पोर्टल (सरकारी वेबसाइट नहीं)। यहाँ दी गई जानकारी सरकारी प्रेस रिलीज़ और मंत्रालय के जवाबों पर आधारित है, लेकिन कोई भी कदम उठाने से पहले संबंधित सरकारी कार्यालय से पुष्टि ज़रूर करें। हम किसी सरकारी विभाग से जुड़े हुए नहीं हैं और कोई fee या आवेदन हमारे ज़रिए नहीं लिया जाता।
आखिर में एक बात फिर से: PM JANMAN काग़ज़ पर बहुत बड़ा मिशन है, लेकिन उसका असली मतलब तभी है जब आपकी बस्ती तक सड़क, पानी, बिजली और मकान पहुँचें। अगर आप PVTG परिवार से हैं, तो आज ही अपनी पंचायत या Tribal Welfare Office में जाकर अपनी बस्ती की स्थिति पूछें। जानकारी ही पहला कदम है, और यही कदम इस गाइड का असली मकसद है।





