Karnataka Drought Relief 2026: ₹5,000 प्रति किसान, पहली किस्त ₹2,500 जारी, Status कैसे Check करें

Updated: 6 November 2026

कर्नाटक के खेतों में इस साल एक अजीब सा सन्नाटा है। जहां हर साल इस समय हरी फसल लहलहाती थी, वहां अब सूखी मिट्टी दरारों में बंटी हुई है। किसान सुबह खेत पर जाता है, मिट्टी को हाथ में उठाता है, और वही सवाल उसके मन में घूमता है जो हजारों गांवों में हर किसान के मन में है – इस बार फसल बचेगी या नहीं, और अगर नहीं बची तो घर कैसे चलेगा। बारिश ने इस साल साथ नहीं दिया, कुएं और तालाब सूख गए, और बिजली की कमी ने सिंचाई को और मुश्किल बना दिया। ऐसे में जब सरकार की तरफ से मदद की खबर आती है, तो हर किसान के लिए सबसे पहला सवाल यही होता है – यह मदद किसे मिलेगी, कितनी मिलेगी, और मेरे खाते में कब आएगी।

इस गाइड में हम उसी मदद के बारे में पूरी जानकारी देंगे, वह भी सही क्रम में। पहले आप जानेंगे कि कर्नाटक में सूखा कितना गंभीर है और सरकार ने क्या फैसला लिया है। फिर आएगा पैसों का पूरा हिसाब – प्रति एकड़ कितना, कुल कितना, और किस्तों में कैसे मिलेगा। उसके बाद जिलेवार प्रगति, पात्रता के नियम, लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया, और सबसे जरूरी – अपने पैसे की स्थिति ऑनलाइन कैसे जांचें। अंत में उन सवालों के जवाब मिलेंगे जो किसान सबसे ज्यादा पूछ रहे हैं।

एक बात शुरू में ही साफ कर दें। इस गाइड में दी गई हर तारीख और हर रकम आधिकारिक घोषणाओं और भरोसेमंद समाचार स्रोतों से ली गई है। जहां जानकारी अभी अधूरी है, वहां हमने साफ लिखा है कि तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। किसी ब्लॉग या वीडियो की अंदाजे वाली तारीख पर भरोसा न करें – पैसा कब आएगा, यह सिर्फ आधिकारिक पोर्टल और आपके बैंक खाते से ही पता चलेगा।

Karnataka Drought Relief 2026: एक नजर में जरूरी जानकारी

बिंदु जानकारी
राज्य कर्नाटक
घोषणा की तारीख 5 नवंबर 2026
घोषणा किसने की मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार (विधान सौध, बेंगलुरु)
कुल राहत प्रति पात्र किसान ₹5,000 (₹2,500 प्रति एकड़, अधिकतम 2 एकड़ तक)
पहली किस्त ₹2,500 – 5 नवंबर 2026 को DBT से जारी
दूसरी किस्त ₹2,500 – 5 नवंबर 2026 से 15-20 दिनों के भीतर (लगभग 20-25 नवंबर 2026 तक)
पहले चरण की कुल राशि ₹1,260 करोड़
सूखा प्रभावित तालुके 226 तालुके (कुल 240 में से)
फसल नुकसान 57.93 लाख हेक्टेयर में फसलें प्रभावित
पहली खेप यादगीर जिला – ₹17.43 करोड़, 1,06,462 किसानों को
भुगतान का तरीका Direct Benefit Transfer (DBT), सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में
आवेदन कोई फॉर्म भरने की जरूरत नहीं – चयन Parihara पोर्टल, डिजिटल फसल सर्वेक्षण और FRUITS डेटाबेस से
स्थिति जांचने का पोर्टल parihara.karnataka.gov.in

कर्नाटक में सूखा कितना गंभीर है?

इस बार का सूखा कर्नाटक के इतिहास के सबसे गंभीर सूखों में से एक है। मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने खुद कहा है कि अपने जीवन में उन्होंने इतना गंभीर सूखा पहले कभी नहीं देखा। 2026 का दक्षिण-पश्चिम मानसून 35 प्रतिशत कम रहा, जो 1956 के बाद से दूसरा सबसे कम मानसून है। राज्य के कुल 240 तालुकों में से 226 तालुके सूखा प्रभावित घोषित किए गए हैं। यह घोषणा खेतों के स्तर पर जांच और केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार की गई है।

संयुक्त फसल नुकसान आकलन रिपोर्ट के अनुसार सूखे से कर्नाटक में 57.93 लाख हेक्टेयर में फसलें खराब हुई हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को 4 नवंबर 2026 को लिखे पत्र में बताया है कि 11.97 लाख हेक्टेयर जमीन पर बुवाई ही नहीं हो पाई। राज्य के बांधों में सिर्फ कृष्णा को छोड़कर कोई भी बांध पूरी तरह नहीं भरा, जलाशय 65 प्रतिशत क्षमता पर हैं, और 861 गांवों में टैंकरों से पीने का पानी पहुंचाया जा रहा है। 2,300 से ज्यादा ग्राम पंचायतों में पीने के पानी का संकट है।

नुकसान का पैमाना इतना बड़ा है कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को ₹62,000 करोड़ के नुकसान की रिपोर्ट दी है और ₹22,400 करोड़ की राहत मांगी है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगा है और केंद्र से मदद के लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ले जाने का प्रस्ताव रखा है। तीन केंद्रीय टीमों ने सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा भी कर लिया है। राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से ₹2,500 की पहली किस्त जारी कर दी है, जबकि केंद्र से NDRF की मदद का इंतजार है।

कितना पैसा मिलेगा? प्रति एकड़ हिसाब समझें

सरकार ने इनपुट सब्सिडी के रूप में प्रति एकड़ ₹2,500 देने का फैसला किया है, अधिकतम 2 एकड़ तक। यानी एक पात्र किसान को कुल अधिकतम ₹5,000 मिलेंगे। पहले एकमुश्त इनपुट सब्सिडी ₹2,500 थी, अब सरकार ने इसे दोगुना करके ₹5,000 कर दिया है। यह पैसा दो किस्तों में मिलेगा – पहली किस्त ₹2,500 और दूसरी किस्त ₹2,500।

प्रभावित जमीन कुल राहत पहली किस्त दूसरी किस्त
1 एकड़ तक ₹2,500 ₹2,500 –
1 से 2 एकड़ ₹5,000 ₹2,500 ₹2,500
2 एकड़ से ज्यादा ₹5,000 (अधिकतम सीमा) ₹2,500 ₹2,500

ध्यान दें – राहत की गणना प्रभावित फसल वाले क्षेत्र के आधार पर होती है, और अधिकतम सीमा 2 एकड़ है। अगर आपकी प्रभावित जमीन 2 एकड़ से ज्यादा है, तब भी कुल राहत ₹5,000 ही मिलेगी। यह रकम फसल बीमा (PMFBY) के क्लेम से अलग है। फसल बीमा के क्लेम की स्थिति अलग से pmfby.gov.in पर जांचें।

पहली किस्त और दूसरी किस्त: कब पैसा आएगा?

पहली किस्त 5 नवंबर 2026 को जारी हो गई है। मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार और उपमुख्यमंत्री व राजस्व मंत्री जी. परमेश्वर ने विधान सौध, बेंगलुरु में बटन दबाकर पहली किस्त जारी की। पहले चरण के लिए कुल ₹1,260 करोड़ जारी किए गए हैं, जो DBT से सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजे जा रहे हैं।

दूसरी किस्त ₹2,500, 5 नवंबर 2026 से 15 से 20 दिनों के भीतर आएगी, यानी लगभग 20 से 25 नवंबर 2026 तक। मुख्यमंत्री ने कहा है कि 15 दिनों में धन जुटाकर दूसरी किस्त दी जाएगी। दूसरी किस्त की कोई तय तारीख अभी घोषित नहीं हुई है – जैसे ही तारीख तय होगी, यह गाइड अपडेट किया जाएगा।

एक और बात जानना जरूरी है। ₹5,000 के अलावा, संशोधित नियमों के तहत मंजूर बाकी इनपुट सब्सिडी एक ही किस्त में तब जारी होगी जब राज्य को NDRF से जरूरी धन मिल जाएगा। यानी केंद्र से मदद मिलने के बाद किसानों को और राहत मिल सकती है, लेकिन उसकी रकम और तारीख अभी तय नहीं है।

जिलेवार प्रगति: किस जिले में कितना पैसा पहुंचा?

पहली खेप के तौर पर यादगीर जिले में ₹17.43 करोड़ जारी किए गए हैं, जो 1,06,462 किसानों को ₹2,500 प्रति किसान के हिसाब से मिले हैं। यादगीर के बाद 15 और जिलों की भुगतान फाइलें तैयार हो रही हैं, और इन जिलों के पात्र किसानों को पहली किस्त जल्द से जल्द दी जाएगी।

जिला स्थिति (6 नवंबर 2026 तक)
यादगीर ₹17.43 करोड़ जारी – 1,06,462 किसानों को ₹2,500 प्रति किसान
उत्तर कन्नड़ भुगतान फाइल तैयार हो रही है
कोलार भुगतान फाइल तैयार हो रही है
कोप्पल भुगतान फाइल तैयार हो रही है
चामराजनगर भुगतान फाइल तैयार हो रही है
धारवाड़ भुगतान फाइल तैयार हो रही है
बल्लारी भुगतान फाइल तैयार हो रही है
बीदर भुगतान फाइल तैयार हो रही है
बेंगलुरु शहरी भुगतान फाइल तैयार हो रही है
हावेरी भुगतान फाइल तैयार हो रही है
बेंगलुरु दक्षिण भुगतान फाइल तैयार हो रही है
दावणगेरे भुगतान फाइल तैयार हो रही है
दक्षिण कन्नड़ भुगतान फाइल तैयार हो रही है
कलबुर्गी भुगतान फाइल तैयार हो रही है
मांड्या भुगतान फाइल तैयार हो रही है
विजयनगर भुगतान फाइल तैयार हो रही है

पहली किस्त सभी जिलों के पात्र किसानों को जल्द से जल्द दी जाएगी। अगर आपका जिला इस सूची में नहीं है, तो घबराएं नहीं – 226 सूखा प्रभावित तालुकों के सभी पात्र किसानों को यह राहत मिलेगी। जिलेवार भुगतान की ताजा स्थिति के लिए नीचे दिए गए तरीके से Parihara पोर्टल पर अपनी स्थिति जांचें।

कौन पात्र है? पात्रता के नियम

यह राहत उन किसानों के लिए है जिनकी फसल सूखे से प्रभावित हुई है। लाभार्थियों का चयन खेतों के स्तर पर किए गए फसल नुकसान के आकलन के आधार पर होता है। आपकी फसल का नुकसान डिजिटल फसल सर्वेक्षण और Parihara प्रणाली में दर्ज होना चाहिए, और आपका नाम राज्य के किसान डेटाबेस (FRUITS) में होना चाहिए।

कुछ बातें पात्रता के लिए जरूरी हैं। पहला, आपकी जमीन सूखा प्रभावित घोषित 226 तालुकों में से किसी एक में होनी चाहिए। दूसरा, आपकी फसल का नुकसान सत्यापित होना चाहिए – यह काम गांव के राजस्व अधिकारी (VAO) और तहसीलदार के स्तर पर होता है। तीसरा, आपका बैंक खाता आधार से लिंक्ड होना चाहिए, क्योंकि पैसा सिर्फ DBT से ही आएगा। अगर आपका बैंक खाता आधार से लिंक्ड नहीं है, तो पैसा अटक सकता है – इसलिए पहले बैंक में जाकर आधार लिंकिंग जरूर करवाएं।

एक बात साफ समझ लें – इस राहत के लिए कोई अलग से आवेदन फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है। सरकार खुद Parihara पोर्टल, डिजिटल फसल सर्वेक्षण और FRUITS डेटाबेस से पात्र किसानों को चुन रही है। अगर कोई व्यक्ति फॉर्म भरने या लिस्ट में नाम डलवाने के नाम पर आपसे पैसा मांगे, तो वह ठगी है। किसी एजेंट या बिचौलिए को पैसा न दें।

लाभार्थियों का चयन कैसे होता है? Parihara प्रणाली समझें

Parihara कर्नाटक सरकार की अपनी प्रणाली है, जिसे भूमि निगरानी प्रकोष्ठ (Bhoomi Monitoring Cell) ने 2016-17 में बनाया था। यह प्रणाली सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को इनपुट सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में पहुंचाती है।

चयन की प्रक्रिया इस तरह चलती है। गांव के राजस्व अधिकारी (VAO) फसल नुकसान की जानकारी इकट्ठा करके Parihara प्रणाली में दर्ज करते हैं। यह जानकारी तहसीलदार, सहायक आयुक्त और उपायुक्त के स्तर से होकर जाती है। FRUITS (राज्य किसान रजिस्ट्री) से किसान का विवरण और भूमि रिकॉर्ड (Bhoomi) से जमीन की जानकारी अपने आप जुड़ जाती है। डिजिटल फसल सर्वेक्षण का डेटा भी इसी में मिलाया जाता है। जब सारी जानकारी सत्यापित हो जाती है, तो उपायुक्त के आपदा राहत खाते से K2 ट्रेजरी प्रणाली के जरिए पैसा DBT से किसान के खाते में भेजा जाता है।

इस पूरी प्रक्रिया में किसान को कहीं जाने की जरूरत नहीं है। न कोई फॉर्म, न कोई लाइन, न कोई दस्तावेज जमा करना है। बस यह सुनिश्चित करें कि आपका FRUITS ID और आधार-लिंक्ड बैंक खाता सही है।

अपने पैसे की स्थिति कैसे जांचें? Step by Step

पहली किस्त आपके खाते में आई है या नहीं, यह जानने के लिए सबसे अच्छा तरीका Parihara पोर्टल है। पोर्टल पर भुगतान की स्थिति मोबाइल नंबर, FRUITS ID, सर्वे नंबर या आधार नंबर से खोजी जा सकती है। गांव-वार भुगतान की सूची भी पोर्टल से डाउनलोड की जा सकती है।

  1. सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल parihara.karnataka.gov.in खोलें।
  2. होम पेज पर “Payment Status” या “Farmer Payment Status” विकल्प चुनें।
  3. अपना मोबाइल नंबर, FRUITS ID, सर्वे नंबर या आधार नंबर दर्ज करें।
  4. अपना जिला, तालुक, होबली, गांव, साल, मौसम और आपदा का प्रकार (Drought) चुनें।
  5. “Get Report” पर क्लिक करें – आपकी भुगतान स्थिति स्क्रीन पर दिख जाएगी।
  6. अगर पैसा आ गया है, तो राशि और तारीख दिखेगी। अगर नहीं आया है, तो स्थिति “Under Process” या लंबित दिख सकती है।

इसके अलावा, अपने बैंक खाते की भी जांच करें। DBT से पैसा आने पर बैंक से SMS आता है, और पासबुक में “DBT” या “Parihara” से जुड़ी प्रविष्टि दिखती है। अगर पोर्टल पर भुगतान दिख रहा है लेकिन खाते में पैसा नहीं आया है, तो पहले अपने बैंक से संपर्क करें और आधार लिंकिंग व NPCI मैपिंग जांचें। फिर भी समस्या हो तो अपने तालुक के राजस्व कार्यालय या जिला कृषि कार्यालय में संपर्क करें।

आगे क्या होगा? NDRF की मदद और दूसरी राहत

राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से ₹22,400 करोड़ की राहत मांगी है, जबकि कुल नुकसान ₹62,000 करोड़ बताया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगा है और सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ दिल्ली जाने का प्रस्ताव रखा है। तीन केंद्रीय टीमों ने सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा कर लिया है।

जब केंद्र से NDRF का धन मिलेगा, तो संशोधित नियमों के तहत मंजूर बाकी इनपुट सब्सिडी एक ही किस्त में जारी होगी। उसकी रकम और तारीख NDRF से धन मिलने के बाद तय होगी। सूखे के कारण किसानों की मुफ्त बिजली की लागत भी बढ़ रही है – राज्य का खर्च ₹20,000 करोड़ से बढ़कर ₹30,000 करोड़ होने का अनुमान है, फिर भी कई जगह बिजली की कमी है।

अगर आपने फसल बीमा (PMFBY) भी करवाया है, तो उसके क्लेम की स्थिति अलग से जांचें। PMFBY का क्लेम इस राहत से अलग है और बीमा कंपनी के जरिए निपटाया जाता है। कर्नाटक में PMFBY प्रीमियम को लेकर भी गतिरोध चल रहा है – केंद्र ने अपना ₹1,342 करोड़ का हिस्सा दे दिया है, लेकिन राज्य का ₹1,680 करोड़ का हिस्सा अभी बाकी है।

Karnataka Drought Relief 2026: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कर्नाटक सूखा राहत में प्रति किसान कितना पैसा मिलेगा?

प्रति पात्र किसान अधिकतम ₹5,000 मिलेंगे। यह रकम ₹2,500 प्रति एकड़ के हिसाब से, अधिकतम 2 एकड़ तक दी जाती है। पहली किस्त ₹2,500 (5 नवंबर 2026 को जारी) और दूसरी किस्त ₹2,500 (15-20 दिनों के भीतर) मिलेगी।

दूसरी किस्त कब आएगी?

दूसरी किस्त 5 नवंबर 2026 से 15 से 20 दिनों के भीतर आएगी, यानी लगभग 20 से 25 नवंबर 2026 तक। मुख्यमंत्री ने कहा है कि 15 दिनों में धन जुटाकर दूसरी किस्त दी जाएगी। कोई तय तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।

क्या सूखा राहत के लिए आवेदन करना होगा?

नहीं। कोई फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है। लाभार्थियों का चयन Parihara पोर्टल, डिजिटल फसल सर्वेक्षण और FRUITS डेटाबेस से अपने आप होता है। अगर कोई फॉर्म भरने या नाम डलवाने के नाम पर पैसा मांगे, तो वह ठगी है।

मेरे खाते में पैसा आया है या नहीं, यह कैसे जांचें?

आधिकारिक पोर्टल parihara.karnataka.gov.in पर जाएं, “Payment Status” चुनें और अपना मोबाइल नंबर, FRUITS ID, सर्वे नंबर या आधार नंबर दर्ज करें। इसके अलावा बैंक SMS और पासबुक में DBT प्रविष्टि भी जांचें।

किन जिलों के किसानों को पैसा मिलेगा?

226 सूखा प्रभावित तालुकों के सभी पात्र किसानों को यह राहत मिलेगी। पहली खेप यादगीर जिले में जारी हुई है (₹17.43 करोड़, 1,06,462 किसान)। 15 और जिलों – उत्तर कन्नड़, कोलार, कोप्पल, चामराजनगर, धारवाड़, बल्लारी, बीदर, बेंगलुरु शहरी, हावेरी, बेंगलुरु दक्षिण, दावणगेरे, दक्षिण कन्नड़, कलबुर्गी, मांड्या और विजयनगर – की भुगतान फाइलें तैयार हो रही हैं।

अगर मेरा नाम सूची में नहीं है तो क्या करें?

पहले Parihara पोर्टल पर अपनी स्थिति जांचें और अपने FRUITS ID व आधार-लिंक्ड बैंक खाते की जानकारी सही करें। अगर फसल नुकसान दर्ज नहीं हुआ है, तो अपने गांव के राजस्व अधिकारी (VAO) या तालुक के राजस्व कार्यालय से संपर्क करें। बैंक खाता आधार से लिंक्ड न होने पर पैसा अटक सकता है, इसलिए बैंक में जाकर आधार लिंकिंग जरूर करवाएं।

क्या ₹5,000 के बाद और राहत मिलेगी?

हो सकता है। संशोधित नियमों के तहत मंजूर बाकी इनपुट सब्सिडी, NDRF से धन मिलने के बाद एक ही किस्त में जारी होगी। राज्य सरकार ने केंद्र से ₹22,400 करोड़ की राहत मांगी है। उसकी रकम और तारीख अभी तय नहीं है।

आधिकारिक लिंक

सिर्फ ऊपर दिए गए आधिकारिक पोर्टलों पर ही अपनी स्थिति जांचें। किसी एजेंट या बिचौलिए को पैसा न दें। सूखा राहत के लिए कोई फॉर्म नहीं भरना है और कोई फीस नहीं है। अगर कोई राहत दिलाने के नाम पर पैसा मांगे, तो वह ठगी है। तारीख, रकम या पात्रता को लेकर कोई संदेह हो तो अपने तालुक के राजस्व कार्यालय या जिला कृषि कार्यालय से संपर्क करें।

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Disclaimer: यह लेख एक निजी सूचना पोर्टल (सरकारी वेबसाइट नहीं) द्वारा प्रकाशित किया गया है। इसमें दी गई जानकारी कर्नाटक सरकार की 5 नवंबर 2026 की घोषणा और The Hindu BusinessLine, IANS व ANI की रिपोर्टों पर आधारित है। दूसरी किस्त की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। आवेदन करने या भुगतान की स्थिति जांचने से पहले आधिकारिक पोर्टल parihara.karnataka.gov.in पर जानकारी अवश्य सत्यापित करें।