Bihar Beej Anudan Yojana 2026-27: रबी बीज पर 100% तक अनुदान, 15 नवंबर तक करें आवेदन

बिहार के किसान भाइयों के लिए रबी का मौसम शुरू हो चुका है। खेतों में जुताई चल रही है, और हर किसान के मन में एक ही सवाल है — इस बार बुवाई के लिए अच्छा बीज कहाँ से मिलेगा, और वह भी ऐसे दाम पर जो जेब पर भारी न पड़े। अच्छी फसल की पहली शर्त ही अच्छा बीज होता है। अगर बीज प्रमाणित और उन्नत किस्म का हो, तो आधी मेहनत वहीं सफल हो जाती है। लेकिन अक्सर अच्छी किस्म का बीज महँगा पड़ता है, और छोटे किसान उसे खरीदने से पहले दस बार सोचते हैं।

इसी परेशानी को दूर करने के लिए बिहार सरकार हर साल रबी सीजन में बीज अनुदान योजना चलाती है। इस योजना के तहत किसानों को गेहूं, चना, मसूर, मटर, सरसों और जौ जैसी रबी फसलों के प्रमाणित बीज अनुदान पर दिए जाते हैं। इस लेख में हम आपको इस योजना की पूरी जानकारी देंगे — कितना अनुदान मिलेगा, किन फसलों के बीज मिलेंगे, कौन आवेदन कर सकता है, कौन से दस्तावेज चाहिए, और सबसे जरूरी, आवेदन करने का सही तरीका क्या है। लेख को अंत तक पढ़ें, क्योंकि आखिर में हमने वे सवाल-जवाब भी दिए हैं जो हर किसान के मन में आते हैं।

Bihar Beej Anudan Yojana 2026-27 क्या है?

Bihar Beej Anudan Yojana 2026-27 बिहार सरकार के कृषि विभाग की एक योजना है, जिसका मकसद राज्य के किसानों को रबी सीजन की बुवाई के लिए प्रमाणित और उन्नत किस्म के बीज सस्ती दर पर उपलब्ध कराना है। योजना के तहत बीज का वितरण बिहार राज्य बीज निगम लिमिटेड (Bihar Rajya Beej Nigam Limited — BRBN) के माध्यम से किया जाता है। निगम के राज्य भर में 38 जिला बीज वितरक हैं, जिनके जरिए किसानों तक बीज पहुँचाया जाता है।

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि खेती की सफलता की पहली शर्त गुणवत्तापूर्ण बीज है, और किसानों को समय पर प्रमाणित एवं उन्नत बीज उपलब्ध कराना कृषि विभाग की प्राथमिकता है। राज्य सरकार का प्रयास है कि आर्थिक कारणों से कोई भी पात्र किसान बेहतर बीजों से वंचित न रहे। अच्छी किस्म के बीज से फसलों की उत्पादकता बढ़ती है, खेती की लागत नियंत्रित रहती है और किसानों की आय में सुधार होता है।

इस बार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि रबी 2026-27 सीजन से बीज के लिए आवेदन बिहार कृषि ऐप (Bihar Krishi App) के माध्यम से लिया जा रहा है। बिहार राज्य बीज निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर साफ लिखा है कि इस सीजन से बीज आवेदन केवल बिहार कृषि ऐप से होगा। साथ ही किसान कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल (dbtagriculture.bihar.gov.in) पर भी पंजीकरण और योजनाओं की जानकारी पा सकते हैं।

Bihar Beej Anudan Yojana 2026-27 एक नजर में

बिंदु जानकारी
योजना का नाम Bihar Beej Anudan Yojana 2026-27 (बिहार बीज अनुदान योजना 2026-27)
विभाग कृषि विभाग, बिहार सरकार
सीजन रबी 2026-27
अनुदान 50% से 100% तक (फसल, किस्म और श्रेणी के अनुसार; सटीक दर ऐप/पोर्टल पर देखें)
लाभार्थी बिहार के पंजीकृत किसान (रैयत और गैर-रैयत दोनों)
आवेदन का तरीका ऑनलाइन — बिहार कृषि ऐप के माध्यम से
पंजीकरण पोर्टल dbtagriculture.bihar.gov.in (डीबीटी पोर्टल)
बीज वितरण एजेंसी बिहार राज्य बीज निगम लिमिटेड (BRBN), 38 जिला वितरक
आवेदन की अंतिम तिथि 15 नवंबर 2026 (रिपोर्ट के अनुसार; ऐप पर पुष्टि अवश्य करें)
हेल्पलाइन 7897918885, 7753848885 (बीज निगम)

कितना अनुदान मिलेगा?

इस सवाल का जवाब हर किसान जानना चाहता है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार रबी 2026-27 में किसानों को उन्नत बीजों पर 50 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। कुछ फसलों और निर्धारित श्रेणियों के लिए 100 प्रतिशत तक अनुदान मिल सकता है। लेकिन यह समझना बहुत जरूरी है कि हर किसान और हर फसल के लिए 100 प्रतिशत अनुदान अनिवार्य नहीं है। वास्तविक अनुदान की दर फसल, बीज की किस्म और संबंधित सरकारी दिशा-निर्देशों पर निर्भर करेगी।

सीधी भाषा में कहें तो अनुदान की दर बीज की किस्म के हिसाब से तय होती है। कुछ किस्मों पर अनुदान ज्यादा होता है, कुछ पर कम। आवेदन करते समय बिहार कृषि ऐप या बीज निगम की वेबसाइट पर आपकी चुनी हुई फसल और किस्म के लिए लागू अनुदान दर साफ दिखाई देगी। इसलिए आवेदन करने से पहले अपनी फसल की अनुदान दर जरूर जाँच लें, ताकि बाद में कोई गलतफहमी न हो।

पुराने सीजनों में गेहूं के बीज पर किसानों को प्रति किलोग्राम मामूली अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता था, लेकिन 2026-27 सीजन की सटीक दरें केवल आधिकारिक ऐप और पोर्टल पर ही मान्य हैं। किसी भी निजी वेबसाइट या दलाल की बताई दर पर भरोसा न करें। सही जानकारी का एक ही भरोसेमंद स्रोत है — बिहार कृषि ऐप, डीबीटी पोर्टल और बीज निगम की वेबसाइट।

किन फसलों के बीज मिलेंगे?

बीज अनुदान योजना के तहत रबी सीजन की प्रमुख फसलों के बीज दिए जा रहे हैं। इनमें गेहूं सबसे प्रमुख है, क्योंकि बिहार में रबी में सबसे ज्यादा क्षेत्रफल गेहूं का ही होता है। इसके अलावा दलहन फसलों में चना, मसूर और मटर के बीज, और तिलहन फसलों में राई, सरसों और जौ के बीज शामिल हैं। विभाग जलवायु-अनुकूल (climate-resilient) किस्मों को प्राथमिकता दे रहा है, ताकि बदलते मौसम में भी फसल अच्छी हो।

बीज की उपलब्धता जिले और किस्म के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है। अगर आपकी पसंद की किस्म आपके जिले में उपलब्ध नहीं है, तो ऐप पर दूसरी उपलब्ध किस्में दिखाई देंगी। सलाह यही है कि बुवाई का समय निकलने से पहले आवेदन करें, क्योंकि अच्छे बीज की माँग बहुत ज्यादा होती है और स्टॉक सीमित रहता है।

कौन आवेदन कर सकता है? पात्रता

योजना का लाभ लेने के लिए किसान को कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी। सबसे पहली शर्त यह है कि आवेदक बिहार राज्य का स्थायी निवासी हो। दूसरी शर्त यह है कि किसान का कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर पंजीकरण होना चाहिए। बिना डीबीटी पंजीकरण के आवेदन नहीं किया जा सकता। रैयत किसान (जिनके नाम जमीन है) और गैर-रैयत किसान (बटाईदार या लीज पर खेती करने वाले) दोनों आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते उनके पास जमीन से जुड़े सही कागजात हों।

किसान की उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए, उसका मोबाइल नंबर आधार से जुड़ा होना चाहिए, और उसके पास एक सक्रिय बैंक खाता होना चाहिए। ध्यान रखें कि केवल डीबीटी पोर्टल पर पंजीकरण होने से अनुदान मिलना तय नहीं होता। लाभ संबंधित योजना की शर्तों, उपलब्ध बीज और विभागीय प्रक्रिया के अनुसार दिया जाएगा। आवेदन की जाँच पंचायत स्तर पर कृषि समन्वयक, प्रखंड स्तर पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी और जिला स्तर पर जिला कृषि पदाधिकारी करते हैं।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

ऑनलाइन आवेदन करते समय किसान के पास जमीन का अद्यतन एलपीसी (Land Possession Certificate), राजस्व रसीद, जमाबंदी, या जनप्रतिनिधि द्वारा सत्यापित स्वघोषणा पत्र में से कोई एक होना जरूरी है। गैर-रैयत किसानों को एकरारनामा (लीज समझौता) देना होता है। इसके अलावा आधार कार्ड, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर, बैंक खाते का विवरण और डीबीटी पंजीकरण संख्या (13 अंकों की) भी जरूरी है।

आवेदन करने से पहले अपने डीबीटी पंजीकरण में दर्ज बैंक खाते की जानकारी जरूर जाँच लें। अगर बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है या खाता बंद हो गया है, तो अनुदान की राशि अटक सकती है। आवेदन का समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक है, और ऑनलाइन आवेदन के लिए ओटीपी अनिवार्य है — ओटीपी किसी के साथ साझा न करें।

आवेदन कैसे करें? Step-by-Step Guide

रबी 2026-27 सीजन से बीज अनुदान के लिए आवेदन बिहार कृषि ऐप के माध्यम से किया जा रहा है। नीचे दिए गए चरणों को ध्यान से पढ़ें और उसी क्रम में आवेदन करें।

चरण 1: सबसे पहले अपने मोबाइल में बिहार कृषि ऐप (Bihar Krishi App) डाउनलोड करें। ऐप का लिंक बिहार राज्य बीज निगम की आधिकारिक वेबसाइट brbn.bihar.gov.in पर उपलब्ध है। ऐप केवल आधिकारिक स्रोत से ही डाउनलोड करें।

चरण 2: ऐप खोलकर अपना पंजीकरण करें। अगर आप पहले से कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल पर पंजीकृत हैं, तो अपनी 13 अंकों की पंजीकरण संख्या से लॉगिन करें। अगर पंजीकरण नहीं है, तो पहले डीबीटी पोर्टल पर पंजीकरण कराएँ — इसकी प्रक्रिया नीचे अलग से बताई गई है।

चरण 3: ऐप में बीज अनुदान योजना का विकल्प चुनें। अपनी फसल चुनें — गेहूं, चना, मसूर, मटर, सरसों, राई या जौ — और फिर उसकी किस्म चुनें।

चरण 4: अपनी जमीन का विवरण भरें। कितने एकड़ में बुवाई करनी है, यह सही-सही लिखें। ध्यान रखें कि योजना के तहत एक किसान अधिकतम 5 एकड़ तक की जमीन के लिए ही बीज ले सकता है।

चरण 5: जमीन के कागजात (एलपीसी, रसीद या जमाबंदी) और अन्य जरूरी जानकारी अपलोड करें या भरें। सारी जानकारी भरने के बाद फॉर्म को दोबारा जाँच लें।

चरण 6: अपने आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी से आवेदन को सत्यापित करें और सबमिट करें। सबमिट करने के बाद आवेदन की पावती या आवेदन संख्या को सुरक्षित रख लें — यही संख्या बाद में स्थिति जाँचने के काम आएगी।

चरण 7: आवेदन जमा होने के बाद पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर इसकी जाँच होगी। स्वीकृति मिलने पर आपको बीज मिलने की सूचना मिलेगी। बीज बिहार राज्य बीज निगम के जिला वितरक से या होम डिलीवरी के विकल्प से प्राप्त किया जा सकता है।

अगर ऐप में पंजीकरण या आवेदन करते समय कोई परेशानी आती है, तो बीज निगम के हेल्पलाइन नंबर 7897918885 या 7753848885 पर संपर्क करें।

डीबीटी पोर्टल पर पंजीकरण कैसे करें?

बीज अनुदान योजना सहित कृषि विभाग की किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए डीबीटी पोर्टल पर पंजीकरण सबसे पहला कदम है। पंजीकरण कोई भी बिहार का किसान कर सकता है, जो रैयत या गैर-रैयत हो और जिसकी उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक हो। पंजीकरण पूरी तरह निःशुल्क है। किसान घर बैठे अपने मोबाइल या कंप्यूटर से ओटीपी के माध्यम से, या अपने नजदीकी वसुधा केंद्र से बायोमेट्रिक तरीके से पंजीकरण करा सकते हैं। वसुधा केंद्र पर पंजीकरण के लिए विभाग की ओर से प्रति पंजीकरण 10 रुपये दिए जाते हैं — किसान से कोई शुल्क नहीं लिया जाता।

पंजीकरण के लिए dbtagriculture.bihar.gov.in पर जाएँ और “नया पंजीकरण” का विकल्प चुनें। अपना नाम, पिता या पति का नाम, जिला, प्रखंड, पंचायत, गाँव, जमीन का विवरण और बैंक खाते की जानकारी भरें। पंजीकरण के 48 घंटे बाद किसान को 13 अंकों की पंजीकरण संख्या मिलती है, जिसकी मदद से वह ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। पंजीकरण के लिए विभाग ने कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं की है — यह साल भर खुला रहता है।

अगर पंजीकरण में गाँव का नाम, मोबाइल नंबर या बैंक खाता संख्या गलत हो गई है, तो किसान उसे घर बैठे या वसुधा केंद्र की मदद से खुद सुधार सकता है। लेकिन जिला, प्रखंड, पंचायत, किसान का प्रकार, जाति, लिंग या पिता/पति के नाम में गलती हो तो नजदीकी किसान सलाहकार या प्रखंड कृषि पदाधिकारी की मदद से जिला कृषि अधिकारी को आवेदन देना होगा।

आवेदन के बाद क्या होगा? सत्यापन की प्रक्रिया

ऑनलाइन आवेदन जमा होने के बाद उसका सत्यापन तीन स्तरों पर होता है। पहले पंचायत स्तर पर कृषि समन्वयक आवेदन की जाँच करता है, फिर प्रखंड स्तर पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी और अंत में जिला स्तर पर जिला कृषि पदाधिकारी या अपर समाहर्ता सत्यापन करते हैं। अलग-अलग योजनाओं के लिए सत्यापन के मापदंड विभाग समय-समय पर तय करता है।

सत्यापन पूरा होने के बाद पात्र किसानों को बीज आवंटित किया जाता है। बीज का वितरण बिहार राज्य बीज निगम के 38 जिला बीज वितरकों के माध्यम से होता है। रिपोर्टों के अनुसार इस बार किसानों के घर तक बीज पहुँचाने (होम डिलीवरी) का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है। बीज लेते समय अपनी आवेदन पावती और पहचान पत्र साथ रखें।

महत्वपूर्ण तिथियाँ

कार्य तिथि / जानकारी
रबी सीजन 2026-27
आवेदन का माध्यम बिहार कृषि ऐप (ऑनलाइन)
आवेदन की अंतिम तिथि 15 नवंबर 2026 (रिपोर्ट के अनुसार)
डीबीटी पंजीकरण साल भर खुला, कोई अंतिम तिथि नहीं
ऑनलाइन आवेदन का समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक

कृपया ध्यान दें: 15 नवंबर 2026 की अंतिम तिथि मीडिया रिपोर्टों के आधार पर दी गई है। अंतिम तिथि में बदलाव संभव है, इसलिए आवेदन करने से पहले बिहार कृषि ऐप या डीबीटी पोर्टल पर ताजा जानकारी जरूर जाँच लें। बुवाई का समय निकलने से पहले आवेदन करना ही समझदारी है।

बीज कहाँ से और कैसे मिलेगा?

बीज का वितरण बिहार राज्य बीज निगम लिमिटेड के माध्यम से किया जाता है। राज्य भर में निगम के 38 जिला बीज वितरक हैं। स्वीकृति मिलने के बाद किसान अपने जिले के वितरक से बीज प्राप्त कर सकता है। इस बार होम डिलीवरी का विकल्प भी दिया जा रहा है, जिससे दूर-दराज के किसानों को बीज लेने के लिए लंबा सफर नहीं करना पड़ेगा।

बीज लेते समय यह जरूर जाँचें कि बीज का पैकेट सीलबंद हो, उस पर किस्म का नाम, उत्पादन की तारीख और प्रमाणन का निशान साफ लिखा हो। अगर बीज की गुणवत्ता में कोई शिकायत हो, तो अपने प्रखंड कृषि पदाधिकारी या जिला कृषि कार्यालय से संपर्क करें।

आवेदन करते समय ये गलतियाँ न करें

पहली गलती है — गलत या अधूरी जानकारी भरना। नाम, जमीन का क्षेत्रफल या बैंक खाते में एक भी गलती होने पर आवेदन अटक सकता है। दूसरी गलती है — आखिरी तारीख का इंतजार करना। ऐप पर भीड़ बढ़ने से आवेदन में दिक्कत आ सकती है, इसलिए समय रहते आवेदन करें। तीसरी गलती है — ओटीपी किसी के साथ साझा करना। विभाग साफ कहता है कि बिना ओटीपी आवेदन नहीं होता, और ओटीपी बताना दंडनीय हो सकता है। चौथी गलती है — किसी दलाल या एजेंट को पैसे देना। यह योजना पूरी तरह ऑनलाइन और निःशुल्क पंजीकरण वाली है; बीज अनुदान के नाम पर कोई भी व्यक्ति पैसे माँगे तो तुरंत अपने कृषि पदाधिकारी को बताएँ।

एक और जरूरी बात — आवेदन करने के बाद बीज लेना जरूरी होता है। अगर आप आवेदन करके बीज नहीं लेते हैं, तो विभागीय नियमों के अनुसार आगे की योजनाओं में दिक्कत हो सकती है। इसलिए उतने ही क्षेत्रफल के लिए आवेदन करें, जितने में आप सच में बुवाई करने वाले हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: Bihar Beej Anudan Yojana 2026-27 में कितना अनुदान मिलेगा?
उत्तर: रिपोर्टों के अनुसार रबी 2026-27 में उन्नत बीजों पर 50 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। कुछ फसलों और श्रेणियों के लिए 100 प्रतिशत तक अनुदान मिल सकता है, लेकिन सटीक दर फसल, किस्म और सरकारी दिशा-निर्देशों पर निर्भर करती है। सही दर बिहार कृषि ऐप या बीज निगम की वेबसाइट पर देखें।

प्रश्न 2: आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?
उत्तर: मीडिया रिपोर्टों के अनुसार आवेदन की अंतिम तिथि 15 नवंबर 2026 है। अंतिम तिथि में बदलाव संभव है, इसलिए बिहार कृषि ऐप या डीबीटी पोर्टल पर ताजा जानकारी की पुष्टि अवश्य करें।

प्रश्न 3: आवेदन कैसे करें — ऑनलाइन या ऑफलाइन?
उत्तर: रबी 2026-27 सीजन से आवेदन केवल ऑनलाइन लिया जा रहा है, और वह भी बिहार कृषि ऐप के माध्यम से। डीबीटी पोर्टल dbtagriculture.bihar.gov.in पर पंजीकरण और योजना की जानकारी मिलती है।

प्रश्न 4: डीबीटी पंजीकरण संख्या क्या है और यह कैसे मिलेगी?
उत्तर: डीबीटी पोर्टल पर पंजीकरण के 48 घंटे बाद किसान को 13 अंकों की पंजीकरण संख्या मिलती है। इसी संख्या से ऑनलाइन आवेदन किया जाता है। पंजीकरण निःशुल्क है और साल भर खुला रहता है।

प्रश्न 5: किन फसलों के बीज अनुदान पर मिलेंगे?
उत्तर: गेहूं, चना, मसूर, मटर, राई, सरसों और जौ जैसी रबी फसलों के प्रमाणित बीज अनुदान पर दिए जा रहे हैं। जलवायु-अनुकूल किस्मों को प्राथमिकता दी जा रही है।

प्रश्न 6: क्या गैर-रैयत किसान भी आवेदन कर सकते हैं?
उत्तर: हाँ, रैयत और गैर-रैयत दोनों किसान आवेदन कर सकते हैं। गैर-रैयत किसानों को जमीन के लिए एकरारनामा (लीज समझौता) देना होता है।

प्रश्न 7: बीज कहाँ से मिलेगा — क्या घर तक डिलीवरी होगी?
उत्तर: बीज बिहार राज्य बीज निगम के 38 जिला वितरकों के माध्यम से दिया जाता है। रिपोर्टों के अनुसार इस बार होम डिलीवरी का विकल्प भी उपलब्ध है। स्वीकृति मिलने के बाद ऐप या वितरक से बीज प्राप्त करने की जानकारी मिलेगी।

प्रश्न 8: आवेदन में परेशानी हो तो किससे संपर्क करें?
उत्तर: बिहार कृषि ऐप में पंजीकरण या आवेदन में कोई दिक्कत हो तो बीज निगम के हेल्पलाइन नंबर 7897918885 या 7753848885 पर संपर्क करें। आप अपने पंचायत के कृषि समन्वयक या प्रखंड कृषि पदाधिकारी से भी मदद ले सकते हैं।

महत्वपूर्ण लिंक

काम आधिकारिक लिंक
डीबीटी पोर्टल — पंजीकरण और आवेदन https://dbtagriculture.bihar.gov.in/
बिहार राज्य बीज निगम — बीज आवेदन https://brbn.bihar.gov.in/Home/Demand
कृषि विभाग, बिहार सरकार https://agriculture.bihar.gov.in/

बिहार के किसानों के लिए हमारी अन्य जानकारी भी देखें: मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना बिहार 2026, बिहार ऑनलाइन लगान 2026 और मुख्यमंत्री बालक-बालिका प्रोत्साहन योजना बिहार 2026।

अस्वीकरण: GramSuvidha एक निजी सूचना पोर्टल (सरकारी वेबसाइट नहीं) है। इस लेख की जानकारी आधिकारिक स्रोतों और मीडिया रिपोर्टों के आधार पर दी गई है। योजना की अंतिम और ताजा जानकारी के लिए हमेशा बिहार कृषि ऐप, डीबीटी पोर्टल या बीज निगम की आधिकारिक वेबसाइट देखें।