Mukhyamantri Yuva Udyami Yojana Bihar 2026: ₹10 लाख तक की मदद, पात्रता, Last Date और Apply कैसे करें

Updated: 6 November 2026

बिहार के लाखों युवाओं के मन में एक ही सपना होता है — अपनी दुकान, अपनी फैक्ट्री, अपना काम। नौकरी के लिए भटकने के बजाय खुद का रोजगार शुरू करना, और धीरे-धीरे उसे बड़ा करना। लेकिन हर सपने के रास्ते में एक ही दीवार खड़ी होती है — पैसा। मशीन खरीदने, दुकान की जगह तैयार करने और शुरुआती खर्च के लिए लाखों रुपये कहाँ से आएँ?

इसी सवाल का जवाब है बिहार सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना। इस लेख में हम आपको बताएँगे कि यह योजना असल में किसके लिए है, इसमें कितनी मदद मिलती है, कौन आवेदन कर सकता है, कौन नहीं कर सकता, आवेदन की पूरी प्रक्रिया क्या है, चयन कैसे होता है, और पैसा किस तरह किस्तों में मिलता है। साथ में 2025-26 सत्र की ताज़ा स्थिति भी है — क्योंकि आवेदन की खिड़की बंद हो चुकी है, और यह जानना सबसे ज़रूरी है कि अगला मौका कब आएगा।

2025-26 सत्र: ताज़ा स्थिति (6 नवंबर 2026)

आवेदन की खिड़की बंद है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के आवेदन 25 फरवरी 2026 को दोपहर 3 बजे से 15 मार्च 2026 को शाम 5 बजे तक खुले थे, और अंतिम तिथि बढ़ाकर 23 मार्च 2026 शाम 5 बजे कर दी गई थी। अब नए आवेदन नहीं लिए जा रहे हैं।

चयन हो चुका है। 20 मई 2026 को कंप्यूटर द्वारा लॉटरी (Computerised Randomization) के माध्यम से औपबंधिक रूप से चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी की गई थी। जाँच (Scrutiny) के बाद अंतिम रूप से चयनित आवेदकों की सूची भी पोर्टल पर प्रकाशित हो चुकी है। जिन आवेदकों को ड्राफ्ट सूची में रखा गया था, उन्हें अपने दस्तावेज़ 24 जून 2026 को शाम 5 बजे तक अपलोड करने थे — जो उस तारीख तक दस्तावेज़ नहीं दे पाए, उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी गई।

अगला सत्र अभी घोषित नहीं हुआ है। 6 नवंबर 2026 तक आधिकारिक पोर्टल udyami.bihar.gov.in पर 2026-27 सत्र के लिए आवेदन की कोई नई तारीख या विज्ञापन नहीं आया है। जैसे ही विभाग नया विज्ञापन जारी करेगा, आवेदन उसी पोर्टल पर खुलेगा। इस लेख में दी गई आवेदन प्रक्रिया वही है जो पिछले सत्र में लागू थी — नए सत्र में भी यही प्रक्रिया दोहराए जाने की उम्मीद है, लेकिन अंतिम जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक पोर्टल ही देखें।

पुराने लाभुकों के लिए ज़रूरी सूचना: वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 में चयनित और पहली या दूसरी किस्त पा चुके लाभुकों को अपना उपयोगिता प्रमाण-पत्र (Utilisation Certificate) उद्यमी पोर्टल पर अपलोड करने का अंतिम अवसर 10 नवंबर 2026 तक दिया गया है।

Mukhyamantri Yuva Udyami Yojana Bihar 2026: Quick Facts

विवरण जानकारी
योजना का नाम मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना (Mukhyamantri Yuva Udyami Yojana)
मूल योजना मुख्यमंत्री उद्यमी योजना (MMUY)
विभाग उद्योग विभाग, बिहार सरकार
आधिकारिक पोर्टल udyami.bihar.gov.in
आवेदन / लॉगिन पोर्टल udyamiuser.bihar.gov.in
कुल वित्तीय सहायता प्रति परियोजना अधिकतम ₹10 लाख
अनुदान (वापस नहीं करना) परियोजना लागत का 50%, अधिकतम ₹5 लाख
ऋण (वापस करना) परियोजना लागत का 50%, अधिकतम ₹5 लाख — युवा घटक में 1% ब्याज
किसके लिए केवल सामान्य वर्ग और पिछड़ा वर्ग (BC-02) के पुरुष आवेदक
आयु सीमा 18 से 50 वर्ष
न्यूनतम योग्यता 10+2 / इंटरमीडिएट, ITI या पॉलिटेक्निक डिप्लोमा या समकक्ष
2025-26 आवेदन खिड़की 25 फरवरी 2026 से 23 मार्च 2026 (बंद)
2025-26 चयन 20 मई 2026 को कंप्यूटर लॉटरी से
2025-26 लक्ष्य कुल 9,347 चयन (सभी घटक मिलाकर)
चयन का तरीका जिलेवार लक्ष्य के विरुद्ध कंप्यूटराइज्ड रैंडमाइजेशन (लॉटरी)
टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800 345 6214 (कार्य दिवस, सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक)
आवेदन शुल्क पोर्टल पर आवेदन ऑनलाइन है — किसी एजेंट को पैसा न दें

मुख्यमंत्री उद्यमी योजना क्या है? छह घटक समझिए

मुख्यमंत्री उद्यमी योजना (MMUY) बिहार सरकार के उद्योग विभाग की योजना है, जिसका उद्देश्य राज्य के बेरोजगार युवाओं को मुख्यधारा में लाना और उन्हें स्व-रोजगार देना है। यह एक ही योजना नहीं है — इसके छह अलग-अलग घटक हैं, और हर घटक एक तय वर्ग के लिए है। आवेदक को अपने वर्ग के घटक में ही आवेदन करना होता है।

घटक किसके लिए
मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजना केवल SC / ST वर्ग के पुरुष और महिला आवेदक
मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना केवल अति पिछड़ा वर्ग (BC-01) के पुरुष और महिला आवेदक (अल्पसंख्यक वर्ग के आवेदक इस घटक में पात्र नहीं)
मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना सभी वर्गों की महिला आवेदक
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना केवल सामान्य वर्ग और पिछड़ा वर्ग (BC-02) के पुरुष आवेदक (अल्पसंख्यक वर्ग के आवेदक इस घटक में पात्र नहीं)
मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक उद्यमी योजना केवल अल्पसंख्यक वर्ग के पुरुष और महिला आवेदक
मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना सभी वर्गों के दिव्यांगजन, जिनकी दिव्यांगता 40% या उससे अधिक हो और UDID कार्डधारी हों

वित्तीय वर्ष 2025-26 में चार घटकों — SC/ST, अति पिछड़ा वर्ग, युवा और महिला — में जिलावार निर्धारित लक्ष्य के आधार पर प्रति घटक 2,000 के हिसाब से 8,000, अल्पसंख्यक घटक में 1,247 और दिव्यांगजन घटक में 100, यानी कुल 9,347 आवेदनों का चयन किया जाना था।

युवा उद्यमी योजना: यह किसके लिए है?

यह लेख जिस घटक पर केंद्रित है — मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना — वह केवल सामान्य वर्ग और पिछड़ा वर्ग (BC-02) के पुरुष आवेदकों के लिए है। यह बात साफ समझ लीजिए, क्योंकि इसी में सबसे ज़्यादा भ्रम होता है:

  • महिला आवेदक युवा घटक में आवेदन नहीं कर सकतीं — उनके लिए मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना है, जिसमें सभी वर्गों की महिलाएँ पात्र हैं।
  • SC / ST वर्ग के आवेदक युवा घटक में नहीं, बल्कि SC/ST उद्यमी योजना में आवेदन करें।
  • अति पिछड़ा वर्ग (BC-01) के आवेदक अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना में आवेदन करें।
  • अल्पसंख्यक वर्ग के आवेदक युवा घटक में पात्र नहीं हैं — उनके लिए अल्पसंख्यक उद्यमी योजना है।
  • दिव्यांगजन आवेदक (40% या अधिक दिव्यांगता, UDID कार्डधारी) दिव्यांगजन उद्यमी योजना में आवेदन करें।

अगर आप सामान्य वर्ग या BC-02 वर्ग के पुरुष हैं, बिहार के स्थायी निवासी हैं, और अपनी खुद की इकाई शुरू करना चाहते हैं, तो यही आपका घटक है। गलत घटक में आवेदन करने पर आवेदन रद्द हो जाएगा, इसलिए आवेदन से पहले अपना घटक ज़रूर जाँच लें।

कितनी मदद मिलती है? ₹10 लाख का हिसाब

योजना के तहत चयनित आवेदकों को उनके द्वारा चुनी गई परियोजना की स्थापना और संचालन के लिए अधिकतम ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। यह रकम विभाग द्वारा तैयार मॉडल DPR (Detailed Project Report) के अनुरूप स्वीकृत की जाती है। इसका बँटवारा इस तरह है:

हिस्सा रकम वापसी
अनुदान (Grant / Subsidy) परियोजना लागत का 50%, अधिकतम ₹5 लाख कभी वापस नहीं करना
ऋण (Loan) परियोजना लागत का 50%, अधिकतम ₹5 लाख किस्तों में वापस करना (युवा घटक में 1% ब्याज)
कुल सहायता अधिकतम ₹10 लाख —

एक बात पर खास ध्यान दीजिए: युवा उद्यमी योजना एकमात्र ऐसा घटक है जिसमें ऋण पर ब्याज लगता है — वह भी सिर्फ 1%। बाकी सभी घटकों में ऋण पूरी तरह ब्याज-मुक्त है। इसलिए अगर आप कहीं “ब्याज-मुक्त ऋण” पढ़ते हैं, तो जान लीजिए कि वह युवा घटक के लिए सही नहीं है — युवा घटक में 1% ब्याज लगता है।

यह पैसा एक बार में नहीं मिलता। स्वीकृत रकम तीन किस्तों में, इकाई के नाम से खोले गए चालू खाते (Current Account) में RTGS / NEFT के माध्यम से भेजी जाती है। हर किस्त के बाद उपयोगिता प्रमाण-पत्र देना होता है — इसकी पूरी प्रक्रिया नीचे “चयन के बाद क्या होता है” वाले हिस्से में दी गई है। योजना के घटक-विवरण के अनुसार, लाभुक के प्रशिक्षण के लिए प्रति इकाई ₹25,000 की सहायता का भी प्रावधान है।

पहली किस्त से क्या-क्या खर्च कर सकते हैं?

पहली किस्त मिलने के बाद पैसा मनमाने ढंग से खर्च नहीं किया जा सकता। आधिकारिक दिशा-निर्देश में हर मद की अधिकतम सीमा तय है:

मद अधिकतम सीमा
परियोजना स्थल की तैयारी ₹1.50 लाख
बिजली कनेक्शन + सेफ्टी किट की खरीद ₹25,000
अन्य मद ₹25,000
किराया अग्रिम (परियोजना स्थल किराए पर लेने पर) 6 महीने का मासिक किराया या अधिकतम ₹50,000, जो कम हो
मशीनरी खरीद (अपनी सुविधा से) निर्धारित कुल लागत राशि का अधिकतम 25% (GST बिल के साथ)

दो बातें और याद रखिए: अगर परियोजना स्थल माता, पिता, दादी या दादा जैसे निकट संबंधी से किराए पर लिया गया है, तो किराया अग्रिम का भुगतान मान्य नहीं होगा। और मशीनरी खरीद का भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम (RTGS / NEFT / Cheque / DD / UPI / Net Banking) से आपूर्तिकर्ता की फर्म या इकाई के खाते में ही मान्य होगा — मशीनरी खरीद का केवल GST बिल ही मान्य है।

कौन आवेदन कर सकता है? पात्रता (Eligibility)

आधिकारिक दिशा-निर्देश (Annexure-II, वित्तीय वर्ष 2025-26) के अनुसार, मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत आवेदन के लिए ये शर्तें हैं:

  • आवेदक बिहार का स्थायी निवासी हो।
  • कम-से-कम 10+2 या इंटरमीडिएट, ITI, पॉलिटेक्निक डिप्लोमा या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण हो।
  • आयु 18 से 50 वर्ष के बीच हो।
  • इकाई प्रोपराइटरशिप फर्म, पार्टनरशिप फर्म, LLP या Pvt. Ltd. Company हो। प्रोपराइटरशिप व्यवसाय उद्यमी द्वारा अपने निजी PAN पर किया जाएगा।
  • आवेदक अपने वर्ग के घटक के लिए पात्र हो — युवा घटक के लिए केवल सामान्य वर्ग और पिछड़ा वर्ग (BC-02) के पुरुष आवेदक।
  • इकाई आवेदक के अपने स्थायी निवास वाले जिले में ही स्थापित करनी होगी — दूसरे जिले में इकाई लगाने पर आवेदन रद्द कर दिया जाएगा।
  • परियोजना विभाग की स्वीकृत सूचीबद्ध परियोजनाओं में से ही चुनी जाए। योजना में केवल विनिर्माण (Manufacturing) और सेवा (Service) क्षेत्र की परियोजनाएँ आती हैं — व्यापार (Trading) की परियोजनाएँ नहीं।
  • मेडिकल जाँच घर (Medical Lab) परियोजना चुनने वाले आवेदकों को DMLT / BMLT का प्रमाण-पत्र अपलोड करना अनिवार्य है।
  • इकाई के नाम से चालू खाता (Current Account) खोलना होगा, क्योंकि किस्तें उसी खाते में भेजी जाती हैं।

एक और ज़रूरी बात: आवेदन करते समय परियोजना का चयन सावधानी से करें — एक बार परियोजना चुनने के बाद उसमें बदलाव की अनुमति नहीं दी जाएगी।

कौन आवेदन नहीं कर सकता?

विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, निम्नलिखित लोग इस योजना का लाभ नहीं ले सकते:

  • ऐसे सरकारी या संविदा कर्मचारी जिनका कुल मासिक वेतन ₹15,000 से अधिक है।
  • जिन्होंने पहले से उद्योग विभाग की किसी योजना — जैसे PMEGP, Mudra Loan, SIPB या Start-up — का लाभ लिया हो।
  • जिन्हें सक्षम न्यायालय द्वारा दिवालिया या पागल घोषित किया गया हो।
  • जिन्हें छह महीने या उससे अधिक की सजा हुई हो।
  • निर्वाचित जनप्रतिनिधि — MP, MLA, MLC, मुखिया, सरपंच, शहरी निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के सदस्य।
  • सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के डीलर।
  • जो इकाई अपने चुने गए जिले के अलावा किसी अन्य जिले में लगाना चाहते हों।
  • जो व्यापार (Trading) परियोजना लगाना चाहते हों — योजना केवल विनिर्माण और सेवा के लिए है।

आवश्यक दस्तावेज़ (Documents Required)

आवेदन के समय निम्नलिखित दस्तावेज़ ऑनलाइन अपलोड करने होते हैं। आवेदन की खिड़की खुलने से पहले ही इनकी साफ और पढ़ने योग्य स्कैन कॉपी तैयार रखिए:

  • मैट्रिक उत्तीर्णता का प्रमाण-पत्र (जिसमें जन्मतिथि अंकित हो)
  • इंटरमीडिएट या समकक्ष उत्तीर्णता का प्रमाण-पत्र
  • जाति प्रमाण-पत्र
  • स्थायी निवास प्रमाण-पत्र
  • दिव्यांगजन घटक के आवेदकों के लिए UDID कार्ड (दिव्यांगता 40% या अधिक होनी चाहिए)
  • आवेदक का Live फोटोग्राफ
  • आवेदक का हस्ताक्षर
  • बैंक खाते का निरस्त चेक (विभाग की उपयोगकर्ता पुस्तिका के अनुसार)

दस्तावेज़ JPG, JPEG, PNG या PDF प्रारूप में ही अपलोड किए जा सकते हैं। धुंधली या गलत दस्तावेज़ अपलोड करने पर आवेदन जाँच में अटक सकता है।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? Step-by-Step

आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन होता है। नीचे वही प्रक्रिया दी गई है जो विभाग की उपयोगकर्ता पुस्तिका में है — जब नया विज्ञापन जारी हो, तभी यह प्रक्रिया अपनाएँ:

  1. पोर्टल खोलिए: udyamiuser.bihar.gov.in खोलिए और नया विज्ञापन जारी होने पर रजिस्ट्रेशन (Login / Registration) के विकल्प पर क्लिक कीजिए।
  2. रजिस्ट्रेशन कीजिए: अपना नाम (मध्य नाम वैकल्पिक है), ईमेल ID (अनिवार्य) और मोबाइल नंबर भरिए। केवल वही मोबाइल नंबर मान्य होगा जो आपके आधार कार्ड से जुड़ा हो।
  3. श्रेणी चुनिए: अपनी श्रेणी के अनुसार आवेदक का प्रकार चुनिए — युवा उद्यमी योजना के लिए सामान्य वर्ग या BC-02 पुरुष।
  4. OTP सत्यापन: अपने मोबाइल नंबर पर आए OTP से सत्यापन कीजिए।
  5. पासवर्ड पाइए: पोर्टल खुद पासवर्ड बनाकर आपके ईमेल ID पर भेजता है — आपको पासवर्ड बनाना नहीं पड़ता।
  6. लॉगिन कीजिए: अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल पर आए पासवर्ड से udyamiuser.bihar.gov.in पर लॉगिन कीजिए।
  7. फॉर्म भरिए: आवेदन पत्र को भाग-दर-भाग पूरा कीजिए — व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण, पारिवारिक जानकारी, संगठन का विवरण, परियोजना का विवरण, वित्तीय विवरण, बैंक विवरण और दस्तावेज़ अपलोड।
  8. दस्तावेज़ अपलोड कीजिए: सभी दस्तावेज़ JPG, JPEG, PNG या PDF प्रारूप में अपलोड कीजिए।
  9. जाँचिए और जमा कीजिए: हर भाग में भरी जानकारी जाँचिए, स्व-प्रमाणन (Self-Certification) दीजिए और आवेदन जमा कर दीजिए। रजिस्ट्रेशन नंबर संभालकर रखिए — यही आगे स्टेटस देखने के काम आएगा।

आवेदन जमा करना सिर्फ पहला चरण है। उसके बाद चयन की प्रक्रिया शुरू होती है, जिसमें कई हफ्ते लगते हैं। आवेदन की स्थिति udyamiuser.bihar.gov.in पर लॉगिन करके देखी जा सकती है।

चयन कैसे होता है? (Selection Process)

इस योजना में न तो नंबर देखे जाते हैं, न इंटरव्यू होता है, न सिफारिश चलती है। चयन पूरी तरह कंप्यूटर लॉटरी से होता है:

  1. निर्धारित तिथि तक मिले सभी आवेदनों के विरुद्ध, जिलावार निर्धारित लक्ष्य के अनुसार आवेदनों का औपबंधिक रूप से चयन किया जाता है।
  2. औपबंधिक रूप से चयनित आवेदकों का चयन कंप्यूटराइज्ड रैंडमाइजेशन (Randomization) पद्धति से किया जाता है।
  3. मुख्यालय स्तर पर गठित टीम द्वारा पोर्टल पर अपलोड किए गए दस्तावेज़ों के आधार पर जाँच (Scrutiny) की जाती है।
  4. जाँच के बाद वांछित कागजात के आधार पर योग्य पाए गए आवेदकों का अंतिम रूप से चयन किया जाता है।
  5. जिन आवेदकों को ड्राफ्ट सूची में रखा जाता है, उन्हें तय समय-सीमा में बचे हुए दस्तावेज़ अपलोड करने होते हैं — समय पर दस्तावेज़ न देने पर उम्मीदवारी रद्द कर दी जाती है।
  6. संबंधित क्षेत्रीय पदाधिकारी द्वारा सत्यापन (Field Verification) किया जाता है।
  7. अंतिम चयनित सूची पोर्टल पर प्रकाशित की जाती है, और लाभुकों को प्रशिक्षण के लिए बुलाया जाता है।

2025-26 सत्र में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है — लॉटरी 20 मई 2026 को हुई थी और अंतिम सूची प्रकाशित हो गई है। अगर आपने उस सत्र में आवेदन किया था, तो अपनी स्थिति udyami.bihar.gov.in पर प्रकाशित सूची में या udyamiuser.bihar.gov.in पर लॉगिन करके देख सकते हैं।

चयन के बाद क्या होता है? किस्तें और प्रशिक्षण

अंतिम रूप से चयनित लाभुकों को पैसा तीन किस्तों में मिलता है, और हर किस्त से पहले प्रशिक्षण और जाँच की प्रक्रिया होती है:

  1. पहला चरण — प्रशिक्षण: अंतिम रूप से चयनित आवेदकों का पहले चरण में 06 दिवसीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण कराया जाता है। प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए कुल 02 मौके दिए जाते हैं — दोनों बार अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियों की उम्मीदवारी रद्द कर दी जाती है।
  2. पहली किस्त: पहले चरण के प्रशिक्षण के बाद, इकाई के नाम से खोले गए चालू खाते में पहली किस्त की राशि RTGS / NEFT से भेजी जाती है।
  3. उपयोगिता प्रमाण-पत्र: लाभुक को पहली किस्त का उपयोगिता प्रमाण-पत्र राशि मिलने के 90 दिनों के अंदर उद्यमी पोर्टल पर अपलोड करना होता है। क्षेत्रीय पदाधिकारी इसकी जाँच करके अपनी अनुशंसा के साथ महाप्रबंधक को भेजते हैं।
  4. दूसरा चरण — प्रशिक्षण: महाप्रबंधक स्तर पर उपयोगिता स्वीकृत होने के बाद लाभुकों का दूसरे चरण में 06 दिवसीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण कराया जाता है। इसमें भी 02 मौके मिलते हैं — दोनों बार अनुपस्थित रहने वालों को अगली किस्त नहीं दी जाती।
  5. दूसरी किस्त: दूसरे चरण के प्रशिक्षण के बाद दूसरी किस्त की राशि चालू खाते में RTGS / NEFT से भेजी जाती है।
  6. तीसरी किस्त: दूसरी किस्त का उपयोगिता प्रमाण-पत्र भी 90 दिनों के अंदर अपलोड करना होता है। जाँच और अनुशंसा के बाद तीसरी किस्त की राशि भेजी जाती है।

एक राहत की बात भी है: अगर लाभुक ने पहली या दूसरी किस्त की 90 प्रतिशत राशि खर्च कर दी है, तो जाँच और अनुशंसा के बाद क्षेत्रीय पदाधिकारी या महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से अगली किस्त की अनुशंसा कर सकते हैं। और योजना के तहत मिली राशि के व्यय में ₹10,000 से अधिक का हर भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम — RTGS / NEFT / Cheque / DD / UPI / Net Banking — से ही मान्य होगा।

ऋण की वापसी (Repayment) कैसे होगी?

योजना के तहत मिली कुल राशि का 50 प्रतिशत हिस्सा अनुदान है — वह कभी वापस नहीं करना। बाकी 50 प्रतिशत ऋण है, जिसकी वापसी दूसरी या तीसरी किस्त का भुगतान होने के एक वर्ष बाद से शुरू होती है। ऋण की किस्तवार वापसी उद्यमी पोर्टल पर उपलब्ध ऑनलाइन पेमेंट गेटवे के माध्यम से की जाती है। विभाग की उपयोगकर्ता पुस्तिका के अनुसार, ऋण की वापसी 84 किस्तों में होती है।

अगर कोई लाभुक अपनी उद्यम या इकाई स्थापित नहीं करता, या परियोजना राशि का दुरुपयोग करता है, तो उसके विरुद्ध PDR Act के तहत कार्रवाई करते हुए पूरी राशि एकमुश्त वसूल की जाएगी। निर्धारित समय पर ऋण की किस्तवार वापसी न करने वाले लाभुकों को चिह्नित करके उनके विरुद्ध नियमानुकूल कार्रवाई की जाती है।

आवेदन की स्थिति (Status) कैसे देखें?

आवेदन की स्थिति देखने के दो तरीके हैं:

तरीका 1 — लॉगिन करके: udyamiuser.bihar.gov.in पर अपने रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड से लॉगिन कीजिए — आपके आवेदन की वर्तमान स्थिति वहीं दिखेगी।

तरीका 2 — चयन सूची से: udyami.bihar.gov.in पर औपबंधिक चयन सूची, अंतिम चयन सूची और प्रतीक्षा सूची (Waiting List) के PDF प्रकाशित किए जाते हैं। 2025-26 सत्र की सूचियाँ वहीं देखी जा सकती हैं।

अगर लॉगिन में दिक्कत हो या सूची में नाम न मिले, तो टोल-फ्री नंबर 1800 345 6214 पर कार्य दिवस में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संपर्क कर सकते हैं।

आवेदन करते समय ये गलतियाँ न करें

  • गलत घटक में आवेदन करना — युवा घटक केवल सामान्य वर्ग और BC-02 के पुरुषों के लिए है। महिला, SC/ST, BC-01, अल्पसंख्यक या दिव्यांगजन आवेदक अपने घटक में ही आवेदन करें।
  • दूसरे जिले में इकाई लगाने की योजना बनाना — इकाई अपने स्थायी निवास वाले जिले में ही लगानी होगी।
  • परियोजना का चयन जल्दबाजी में करना — एक बार चुनने के बाद परियोजना बदली नहीं जा सकती।
  • धुंधली या गलत दस्तावेज़ अपलोड करना — जाँच में आवेदन अटक जाएगा।
  • आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर न होना — OTP उसी नंबर पर आता है, और रजिस्ट्रेशन उसी से होता है।
  • व्यापार (Trading) परियोजना चुनना — योजना केवल विनिर्माण और सेवा परियोजनाओं के लिए है।
  • किसी एजेंट को पैसा देना — आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन और विभाग के पोर्टल से होता है। कोई भी व्यक्ति पैसे लेकर आपका चयन नहीं करा सकता, क्योंकि चयन कंप्यूटर लॉटरी से होता है।
  • प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहना — पहले चरण में दोनों मौके चूकने पर उम्मीदवारी रद्द, दूसरे चरण में दोनों मौके चूकने पर अगली किस्त नहीं मिलती।

महत्वपूर्ण आधिकारिक लिंक

काम आधिकारिक लिंक
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना पोर्टल udyami.bihar.gov.in
आवेदन / लॉगिन / स्टेटस चेक udyamiuser.bihar.gov.in
टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800 345 6214 (कार्य दिवस, सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक)
नोडल विभाग उद्योग विभाग, बिहार सरकार

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Mukhyamantri Yuva Udyami Yojana Bihar: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना बिहार क्या है?

यह बिहार सरकार के उद्योग विभाग की मुख्यमंत्री उद्यमी योजना (MMUY) का एक घटक है, जो सामान्य वर्ग और पिछड़ा वर्ग (BC-02) के पुरुष युवाओं को अपना उद्योग या व्यवसाय शुरू करने के लिए अधिकतम ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता देता है — इसमें ₹5 लाख तक अनुदान और ₹5 लाख तक ऋण (युवा घटक में 1% ब्याज) शामिल है। आवेदन udyami.bihar.gov.in पर ऑनलाइन होता है।

2. युवा उद्यमी योजना में कितनी राशि मिलती है?

प्रति परियोजना अधिकतम ₹10 लाख — परियोजना लागत का 50% (अधिकतम ₹5 लाख) अनुदान के रूप में, जो कभी वापस नहीं करना, और बाकी 50% (अधिकतम ₹5 लाख) ऋण के रूप में। युवा घटक में ऋण पर 1% ब्याज लगता है, जबकि अन्य घटकों में ऋण ब्याज-मुक्त है। रकम तीन किस्तों में मिलती है।

3. युवा उद्यमी योजना के लिए कौन आवेदन कर सकता है?

केवल बिहार के स्थायी निवासी, सामान्य वर्ग या पिछड़ा वर्ग (BC-02) के पुरुष आवेदक, जिनकी आयु 18 से 50 वर्ष हो और जिन्होंने कम-से-कम 10+2, ITI या पॉलिटेक्निक डिप्लोमा पास किया हो। महिला आवेदक महिला उद्यमी योजना में, SC/ST आवेदक SC/ST घटक में, BC-01 आवेदक अति पिछड़ा वर्ग घटक में और अल्पसंख्यक आवेदक अल्पसंख्यक घटक में आवेदन करें।

4. 2026-27 के लिए आवेदन कब खुलेंगे?

6 नवंबर 2026 तक आधिकारिक पोर्टल पर 2026-27 सत्र के लिए आवेदन की कोई तारीख घोषित नहीं हुई है। 2025-26 सत्र की खिड़की 25 फरवरी से 23 मार्च 2026 तक खुली थी और चयन 20 मई 2026 को लॉटरी से हुआ था। नया विज्ञापन आते ही आवेदन udyami.bihar.gov.in पर खुलेगा — पोर्टल पर नज़र बनाए रखिए।

5. चयन कैसे होता है — क्या इंटरव्यू होता है?

नहीं, कोई इंटरव्यू नहीं होता और न ही नंबर देखे जाते हैं। चयन जिलावार लक्ष्य के विरुद्ध कंप्यूटराइज्ड रैंडमाइजेशन (लॉटरी) से होता है। उसके बाद दस्तावेज़ों की जाँच, क्षेत्रीय सत्यापन और अंतिम सूची प्रकाशित की जाती है।

6. ऋण की वापसी कब से शुरू होती है?

ऋण (परियोजना राशि का 50%) की किस्तवार वापसी दूसरी या तीसरी किस्त का भुगतान होने के एक वर्ष बाद से शुरू होती है, और उद्यमी पोर्टल के ऑनलाइन पेमेंट गेटवे से की जाती है। विभाग की उपयोगकर्ता पुस्तिका के अनुसार वापसी 84 किस्तों में होती है।

7. आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ चाहिए?

मैट्रिक प्रमाण-पत्र (जन्मतिथि सहित), इंटरमीडिएट प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, स्थायी निवास प्रमाण-पत्र, Live फोटोग्राफ, हस्ताक्षर और बैंक खाते का निरस्त चेक। दिव्यांगजन घटक के लिए UDID कार्ड और मेडिकल लैब परियोजना के लिए DMLT / BMLT प्रमाण-पत्र भी चाहिए।

Disclaimer: यह लेख एक निजी सूचना पोर्टल (सरकारी वेबसाइट नहीं) द्वारा सामान्य जानकारी के लिए तैयार किया गया है। योजना की पात्रता, राशि, तारीखें और प्रक्रिया समय-समय पर बदल सकती हैं, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल udyami.bihar.gov.in पर नवीनतम जानकारी अवश्य देख लें।