गाँव में एक परिवार बरसों से एक ही जगह रह रहा है, लेकिन उसके नाम पर जमीन का एक भी कागज नहीं है। घर है, छत है, मगर जमीन अपनी नहीं। ऐसा परिवार जब किसी सरकारी योजना के लिए आवेदन करता है, तो सबसे पहले यही सवाल आता है — जमीन के कागज कहाँ से लाएँ? बिहार में हजारों परिवार इसी उलझन में हैं, और इसी उलझन का जवाब देने के लिए एक अभियान चल रहा है। इस अभियान का नाम है — Abhiyan Basera 2।
इस लेख में हम उसी अभियान की पूरी कहानी खोलकर रखेंगे — धीरे-धीरे, एक-एक परत। पहले आप यह समझेंगे कि यह अभियान असल में है क्या और यह पहले के चरण से कैसे अलग है। फिर हम पात्रता, दस्तावेज, आवेदन के ऑनलाइन और ऑफलाइन तरीकों, आवेदन के बाद की प्रक्रिया और स्टेटस चेक तक जाएँगे। अंत में उन गलतियों की बात होगी जो लोग अक्सर कर बैठते हैं, और उन सवालों के जवाब होंगे जो हर परिवार के मन में आते हैं।
एक बात शुरू में ही साफ कर दें — इस लेख में कोई भी जानकारी हवा में नहीं लिखी गई है। जहाँ तथ्य खबरों और विभागीय सूचनाओं पर आधारित हैं, वहाँ हमने ऐसा लिखा है। जहाँ आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली, वहाँ हमने ईमानदारी से यही लिखा है कि पुष्टि नहीं मिली है। इसलिए इस लेख को अंत तक पढ़ें, और किसी भी कदम से पहले अपने अंचल कार्यालय से जानकारी जरूर मिलाएँ।
इस लेख में आपको क्या-क्या मिलेगा
- Abhiyan Basera 2 क्या है और यह किस विभाग का अभियान है
- कितनी जमीन मिलने की बात कही गई है, और ₹1 लाख वाली मदद का सच क्या है
- कौन परिवार आवेदन कर सकता है और अंतिम फैसला कौन करता है
- ऑनलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया, स्टेप बाय स्टेप
- ऑफलाइन आवेदन — अंचल कार्यालय और शिविर के जरिए
- आवेदन के बाद क्या होता है और स्टेटस कैसे पता करें
- नाम सूची में न हो, पर्चा मिले पर कब्जा न हो — तो क्या करें
- दलालों से बचने के नियम और आधिकारिक लिंक
Abhiyan Basera 2 क्या है
Abhiyan Basera 2 बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का अभियान है। इसका मकसद सीधा है — जिन परिवारों के पास घर बनाने के लिए अपनी वासभूमि (रहने लायक जमीन) नहीं है, उन्हें वासभूमि उपलब्ध कराना। आसान भाषा में कहें तो यह अभियान भूमिहीन और वासभूमिहीन परिवारों को जमीन का कानूनी हक दिलाने का काम करता है।
इस अभियान में परिवारों की पहचान के लिए सर्वे किया जाता है, पात्रता की जाँच होती है, और फिर पात्र परिवारों को बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र (जिसे आम बोलचाल में पर्चा भी कहा जाता है) दिया जाता है। यह पर्चा इस बात का सरकारी प्रमाण होता है कि अमुक जमीन अमुक परिवार को रहने के लिए बंदोबस्त की गई है। पर्चा मिलने के बाद परिवार उस जमीन पर घर बना सकता है और आगे चलकर आवास योजनाओं का लाभ लेने की स्थिति में भी आ जाता है।
नाम में लगा "2" इस बात का संकेत है कि यह अभियान का दूसरा चरण है। पहले चरण में भी पात्र परिवारों को प्रमाण-पत्र दिए गए थे। दूसरे चरण में बचे हुए पात्र परिवारों को जोड़ने और नए सिरे से आवेदन लेने का काम चल रहा है। विभाग की ओर से यह भी कहा गया है कि कोई भी पात्र परिवार छूटना नहीं चाहिए, और इसी वजह से जिलों में समय-समय पर विशेष अभियान और शिविर लगाए जाते हैं।
एक और बात जो इस अभियान को खास बनाती है, वह है इसकी प्रक्रिया का ऑनलाइन होना। प्रमाण-पत्र तैयार करने और जारी करने की प्रक्रिया पोर्टल के जरिए होती है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और हर आवेदन का हिसाब रखा जा सके।
Abhiyan Basera 2 — एक नजर में (Quick Facts)
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| अभियान का नाम | Abhiyan Basera 2 (अभियान बसेरा-02) |
| चलाने वाला विभाग | राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार |
| मकसद | वासभूमिहीन / भूमिहीन पात्र परिवारों को घर बनाने के लिए जमीन |
| मिलने वाली जमीन (खबरों के अनुसार) | सामान्यतः 3 डिसमिल वासभूमि; कुछ खबरों में 3 से 5 डिसमिल का उल्लेख |
| मिलने वाला प्रमाण | बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र / पर्चा |
| ऑनलाइन आवेदन | बिहारभूमि पोर्टल पर "अभियान बसेरा हेतु आवेदन करें" विकल्प; अलग से अभियान बसेरा पोर्टल भी मौजूद |
| ऑफलाइन आवेदन | संबंधित अंचल कार्यालय (अंचल कार्यालय) और पंचायत स्तर के विशेष शिविर |
| पटना जाना जरूरी? | नहीं — आवेदन अपने अंचल / पंचायत स्तर पर होता है |
| अब तक लाभ (खबरों के अनुसार) | लगभग 93,916 लाभुकों को लाभ मिलने की खबर (अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार) |
| अगला बड़ा वितरण (योजना के अनुसार) | 20 नवंबर 2026 को 30,000 परिवारों को प्रमाण-पत्र देने की तैयारी की खबर |
ध्यान दें: ऊपर दी गई संख्याएँ और तारीखें समाचार रिपोर्टों पर आधारित हैं। ये विभाग की योजनाएँ और तैयारियाँ हैं, अंतिम पुष्टि आपके अंचल कार्यालय से ही मिलेगी।
कितनी जमीन मिलती है — 3 डिसमिल का मतलब क्या है
सबसे ज्यादा पूछा जाने वाला सवाल यही है — आखिर कितनी जमीन मिलेगी? उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पात्र लाभुकों को सामान्यतः 3 डिसमिल वासभूमि देने की बात कही गई है। डिसमिल जमीन मापने की एक छोटी इकाई है, और 3 डिसमिल में एक छोटा घर, आँगन और थोड़ी खुली जगह की गुंजाइश बन जाती है। नालंदा जिले के बेन प्रखंड में अगस्त 2026 में 21 परिवारों को तीन-तीन डिसमिल के पर्चे बाँटे जाने की खबर भी इसी पैटर्न की पुष्टि करती है।
हालाँकि, एक बात का ध्यान रखें। एक ताजा रिपोर्ट में 3 से 5 डिसमिल तक के भूखंडों का उल्लेख भी आया है, जो पात्रता और आवंटन प्रक्रिया पर निर्भर बताया गया है। यानी हर परिवार को एक बराबर जमीन मिलेगी, ऐसा मानकर न चलें। असल में कितनी जमीन मिलेगी, यह स्थानीय जमीन की उपलब्धता, नियमों और अंचल स्तर की जाँच पर निर्भर करेगा।
₹1 लाख वाली मदद — यह अलग बात है, इसे जमीन से मत जोड़िए
इंटरनेट पर एक और जानकारी घूमती है — ₹1 लाख की मदद। इसे समझना जरूरी है, क्योंकि लोग अक्सर इसे जमीन के साथ मिला देते हैं। अप्रैल 2025 की एक खबर के अनुसार, उन पंचायतों में जहाँ सरकारी जमीन आवंटित नहीं हो पाती, वहाँ पात्र परिवारों को मुख्यमंत्री वास नीति योजना के तहत जमीन खरीदने के लिए ₹1 लाख की मदद (चेक के जरिए) देने की बात कही गई थी।
यानी यह ₹1 लाख सीधे जमीन नहीं है, बल्कि उन जगहों के लिए एक विकल्प है जहाँ सरकारी जमीन ही उपलब्ध नहीं है। आपके पंचायत में कौन सा विकल्प लागू होगा — जमीन का आवंटन या खरीद के लिए मदद — यह स्थानीय स्थिति और विभाग के नियमों पर निर्भर करेगा। आवेदन करते समय अपने अंचल कार्यालय से यही सवाल सबसे पहले पूछें।
कौन आवेदन कर सकता है — पात्रता
Abhiyan Basera 2 में आवेदन की बुनियाद एक ही शर्त पर टिकी है — परिवार के पास घर बनाने के लिए अपनी वासभूमि नहीं होनी चाहिए। जो परिवार वासभूमिहीन या भूमिहीन हैं, वे इस अभियान के दायरे में आते हैं।
खबरों और जिला-स्तरीय जानकारियों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग के योग्य भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। कुछ स्थानीय सूचनाओं में भूमिहीन और गृहविहीन परिवारों के लिए आवेदन सुविधा का भी उल्लेख है। लेकिन यहाँ एक सच्चाई साफ-साफ समझ लें — अंतिम पात्रता आपके अंचल कार्यालय की जाँच और लागू सरकारी नियमों से ही तय होगी। इंटरनेट पर लिखा कोई भी लेख आपकी पात्रता का अंतिम फैसला नहीं कर सकता।
आमतौर पर जिन बातों की जाँच होती है, वे ये हैं:
- परिवार बिहार का निवासी है या नहीं
- परिवार के नाम पर पहले से वासभूमि तो नहीं है
- परिवार के सदस्यों का सही-सही विवरण आवेदन में दिया गया है या नहीं
- परिवार सरकारी जमीन पर बसा हुआ है तो इसकी जानकारी दी गई है या नहीं
- आवेदन के साथ निर्धारित शपथपत्र / घोषणा दी गई है या नहीं
एक खास स्थिति पर अलग से बात करना जरूरी है — सरकारी जमीन पर बसे परिवार। अगर आपका परिवार पहले से सरकारी जमीन पर रह रहा है, तो आवेदन में यह बात छिपाएँ नहीं। उपलब्ध निर्देशों के अनुसार ऐसे परिवारों की जानकारी भी आवेदन में ली जाती है, और प्रशासन रिकॉर्ड और जमीनी स्थिति के आधार पर जाँच करता है। जानकारी छिपाने से आवेदन खारिज होने का खतरा बढ़ जाता है, जबकि सही जानकारी देने से आपका मामला नियमों के अनुसार आगे बढ़ता है।
आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए
यहाँ एक ईमानदार बात कहनी जरूरी है — इस अभियान के लिए विभाग की ओर से कोई एक सार्वजनिक, अंतिम दस्तावेज-सूची हमें इस लेख के लिखे जाने तक आधिकारिक पोर्टल पर देखने को नहीं मिली। इसलिए नीचे दी गई सूची "आमतौर पर माँगे जाने वाले दस्तावेजों" की है, जो विभागीय निर्देशों और खबरों पर आधारित है। आवेदन से पहले अपने अंचल कार्यालय से ताजा सूची जरूर ले लें।
| दस्तावेज | किस काम आता है |
|---|---|
| आधार कार्ड (आवेदक का) | पहचान के लिए |
| पति/पत्नी और वयस्क सदस्यों के आधार की स्व-अभिप्रमाणित प्रतियाँ | परिवार के विवरण के सत्यापन के लिए |
| जाति प्रमाण-पत्र | पात्रता सत्यापन के लिए |
| राशन कार्ड | परिवार की जानकारी के लिए |
| मतदाता पहचान पत्र | पहचान और पते के प्रमाण के लिए |
| निवास प्रमाण-पत्र | बिहार में निवास के प्रमाण के लिए |
| मोबाइल नंबर | संपर्क और सूचना के लिए |
| परिवार के सभी सदस्यों का विवरण | परिवार सत्यापन के लिए |
| निर्धारित शपथपत्र / घोषणा | वासभूमि न होने की घोषणा के लिए |
| अन्य मांगे गए दस्तावेज | स्थानीय जाँच के अनुसार |
एक व्यावहारिक सलाह — आवेदन करने से पहले सभी दस्तावेजों की साफ फोटोकॉपी और मूल प्रति दोनों साथ रखें। आधार की प्रतियों पर खुद हस्ताक्षर (स्व-अभिप्रमाणन) करके रखें, क्योंकि विभागीय निर्देशों में इसकी बात कही गई है। और हाँ, आवेदन जमा करते समय जो रसीद / पावती मिले, उसे सबसे संभालकर रखें — आगे की हर प्रक्रिया में यही आपकी सबसे बड़ी पहचान है।
Abhiyan Basera 2 ऑनलाइन आवेदन कैसे करें — स्टेप बाय स्टेप
अब आते हैं सबसे काम की बात पर — आवेदन कैसे करें। ऑनलाइन आवेदन के लिए दो आधिकारिक रास्ते सामने आते हैं: बिहारभूमि पोर्टल और अभियान बसेरा पोर्टल। बिहारभूमि पोर्टल पर "अभियान बसेरा हेतु आवेदन करें" विकल्प दिखने की जानकारी मिली है। नीचे दी गई प्रक्रिया इसी के अनुसार है।
स्टेप 1 — आधिकारिक पोर्टल खोलें
सबसे पहले बिहारभूमि की आधिकारिक वेबसाइट खोलें — biharbhumi.bihar.gov.in। ध्यान रहे, वेबसाइट का पता खुद टाइप करें या इस लेख में दिए गए आधिकारिक लिंक से ही जाएँ। गूगल पर मिले किसी अनजान लिंक पर भरोसा न करें, क्योंकि फर्जी वेबसाइटें असली जैसी दिख सकती हैं।
स्टेप 2 — "अभियान बसेरा हेतु आवेदन करें" विकल्प खोजें
पोर्टल के होम पेज पर उपलब्ध ऑनलाइन सेवाओं में "अभियान बसेरा हेतु आवेदन करें" विकल्प खोजें। यह विकल्प समय-समय पर पोर्टल के लेआउट के अनुसार अलग जगह दिख सकता है, इसलिए होम पेज को ध्यान से देखें।
स्टेप 3 — आवेदक और परिवार की जानकारी भरें
आवेदन फॉर्म में आवेदक का नाम, पता, मोबाइल नंबर और परिवार के सभी सदस्यों का विवरण सही-सही भरें। नाम और जन्मतिथि आधार के अनुसार ही लिखें, ताकि बाद में सत्यापन में दिक्कत न हो।
स्टेप 4 — वासभूमि संबंधी जानकारी दें
फॉर्म में यह जानकारी साफ-साफ दें कि परिवार के पास वासभूमि है या नहीं, और अगर परिवार सरकारी जमीन पर बसा है तो उसका विवरण भी दें। गलत या अधूरी जानकारी से आवेदन अटक सकता है।
स्टेप 5 — दस्तावेज / घोषणा के अनुसार जानकारी पूरी करें
पोर्टल पर माँगे गए दस्तावेज या घोषणा के अनुसार जानकारी पूरी करें। अगर पोर्टल पर कोई दस्तावेज अपलोड करने को कहा जाए, तो साफ और पढ़ने लायक स्कैन ही अपलोड करें।
स्टेप 6 — फॉर्म को ध्यान से जाँचें
सबमिट करने से पहले पूरे फॉर्म को एक बार फिर पढ़ें। नाम की स्पेलिंग, मोबाइल नंबर और परिवार के सदस्यों की संख्या — ये तीन चीजें सबसे ज्यादा गलती वाली होती हैं।
स्टेप 7 — आवेदन सबमिट करें और रसीद सुरक्षित रखें
आवेदन सबमिट करने के बाद मिलने वाली रसीद / पावती / आवेदन संख्या को नोट करके सुरक्षित रखें। इसका स्क्रीनशॉट या प्रिंट निकालकर घर में किसी सुरक्षित जगह रखें। यही रसीद बाद में स्टेटस पूछने के काम आएगी।
जरूरी नोट: ऑनलाइन आवेदन की सुविधा होने के बावजूद आवेदन की अंतिम स्वीकृति और बंदोबस्ती की प्रक्रिया अंचल कार्यालय और सरकारी नियमों के अनुसार ही होगी। ऑनलाइन फॉर्म भरना आवेदन की शुरुआत है, मंजूरी की गारंटी नहीं।
ऑफलाइन आवेदन — अंचल कार्यालय और शिविर के जरिए
अगर आपके पास स्मार्टफोन या इंटरनेट की सुविधा नहीं है, या ऑनलाइन फॉर्म में कोई दिक्कत आ रही है, तो ऑफलाइन रास्ता आपके लिए है — और यही रास्ता सबसे ज्यादा लोगों ने अपनाया है।
तरीका 1 — अंचल कार्यालय जाएँ
अपने क्षेत्र के अंचल कार्यालय (Circle Office) जाएँ और अभियान बसेरा का आवेदन फॉर्म लें। फॉर्म भरकर, दस्तावेज लगाकर, वहीं जमा करें। जमा करते समय रसीद / पावती लेना न भूलें — बिना रसीद के आवेदन का कोई सबूत नहीं रहता।
तरीका 2 — पंचायत स्तर के विशेष शिविर
विभाग समय-समय पर पंचायत सरकार भवनों और अंचल कार्यालयों में विशेष शिविर लगाता है, जहाँ आवेदन लिए जाते हैं। उदाहरण के लिए, औरंगाबाद जिले में 22 सितंबर से 28 सितंबर 2026 तक सभी पंचायतों में ऐसे शिविर लगाए गए थे, जहाँ पावती सहित आवेदन लिए गए। अपने जिले और अंचल में शिविर की तारीखों के लिए अंचल कार्यालय या पंचायत भवन के नोटिस बोर्ड पर नजर रखें।
तरीका 3 — कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)
कुछ जगहों पर कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए भी आवेदन में मदद मिल सकती है। अगर आप CSC से मदद लेते हैं, तो वहाँ भी रसीद जरूर लें और किसी को भी तय शुल्क से ज्यादा पैसे न दें।
आवेदन जमा करने के बाद क्या होता है
आवेदन जमा करना सिर्फ पहला कदम है। इसके बाद एक पूरी प्रक्रिया चलती है, जिसे समझना इसलिए जरूरी है ताकि आप बीच में घबराएँ नहीं।
पहला चरण — पंजीकरण और पावती: आपका आवेदन दर्ज होता है और आपको पावती / रसीद मिलती है। शिविरों में भी हर आवेदन दर्ज करके पावती देने की व्यवस्था की जाती है।
दूसरा चरण — पात्रता और रिकॉर्ड की जाँच: अंचल स्तर पर आपके आवेदन, परिवार के विवरण और जमीन के रिकॉर्ड की जाँच होती है। जरूरत पड़ने पर स्थलीय (जमीन पर जाकर) जाँच भी हो सकती है।
तीसरा चरण — सूची तैयार होना: जाँच के बाद पात्र परिवारों की सूची तैयार होती है। विभाग ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सर्वे में मिले पात्र परिवारों की सूचियाँ अंचल अधिकारियों के जरिए सत्यापित कराई जाएँ।
चौथा चरण — प्रमाण-पत्र तैयार होना और वितरण: पात्र परिवारों के बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र तैयार किए जाते हैं और फिर विशेष कार्यक्रमों / शिविरों में बाँटे जाते हैं। खबरों के अनुसार, 15 अगस्त 2026 को एक विशेष अभियान में 30,085 पात्र परिवारों को प्रमाण-पत्र दिए गए थे। अगली बड़ी वितरण तैयारी 20 नवंबर 2026 के लिए बताई गई है, जिसके लिए प्रमाण-पत्र तैयार करने और हस्ताक्षर की अंतिम तारीख 6 नवंबर 2026 बताई गई है। ये विभागीय तैयारियाँ हैं — अपने नाम की पुष्टि अपने अंचल कार्यालय से ही करें।
आवेदन की स्थिति (Status) कैसे पता करें
यह वह सवाल है जिसका सीधा जवाब बहुत से लेख नहीं देते। सच्चाई यह है कि इस लेख के लिखे जाने तक अभियान बसेरा के लिए कोई अलग, सार्वजनिक स्टेटस-ट्रैकर पेज हमें आधिकारिक तौर पर पुष्ट नहीं मिला। इसलिए स्टेटस जानने के भरोसेमंद तरीके ये हैं:
- अपनी रसीद संभालकर रखें — आवेदन संख्या / पावती ही स्टेटस पूछने की कुंजी है।
- बिहारभूमि पोर्टल पर संबंधित सेवा देखें — पोर्टल पर अभियान बसेरा से जुड़ी सेवा में समय-समय पर जानकारी अपडेट हो सकती है।
- अपने अंचल कार्यालय जाएँ — रसीद दिखाकर अपने आवेदन की स्थिति पूछें। यही सबसे भरोसेमंद तरीका है।
- पंचायत स्तर के शिविर / हेल्पडेस्क से पूछें — जब आपके इलाके में शिविर लगे, तो वहाँ भी स्थिति की जानकारी ली जा सकती है।
- स्थानीय राजस्व अधिकारी से संपर्क करें — अंचल कार्यालय में संबंधित अधिकारी आपके आवेदन की स्थिति बता सकते हैं।
एक बात और — इस अभियान के लिए कोई एक सार्वजनिक हेल्पलाइन नंबर हमें इस लेख के लिखे जाने तक आधिकारिक तौर पर पुष्ट नहीं मिला। इसलिए किसी भी अनजान नंबर को "अभियान बसेरा हेल्पलाइन" समझकर फोन न करें और अपनी निजी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को न दें।
अगर नाम सूची में न हो, तो क्या करें
सूची में नाम न आने पर घबराने के बजाय ये कदम उठाएँ:
- सबसे पहले अपनी रसीद से आवेदन की स्थिति अंचल कार्यालय में पूछें — हो सकता है आपका आवेदन जाँच के किसी चरण में हो।
- पूछें कि आवेदन में कोई कमी तो नहीं रह गई — जैसे दस्तावेज अधूरा होना या जानकारी में गलती।
- अगर कमी बताई जाए, तो उसे ठीक करके आवेदन को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया पूछें।
- अपने पंचायत के शिविर में भी अपनी स्थिति की जानकारी लें — कभी-कभी सूची में नाम बाद के चरण में जुड़ता है।
- हर मुलाकात की तारीख और अधिकारी का नाम नोट करके रखें।
पर्चा मिला, पर जमीन पर कब्जा नहीं मिला — तो क्या होगा
यह भी एक सच्ची समस्या है — कई परिवारों को पर्चा तो मिल जाता है, लेकिन जमीन पर कब्जा नहीं मिल पाता। खबरों के अनुसार, सरकार इस समस्या के लिए बसेरा-3 नाम के अगले चरण की तैयारी कर रही है, जिसका फोकस उन लाभुकों को जमीन का कब्जा दिलाना होगा जिन्हें पर्चा तो मिल चुका है, लेकिन कब्जा अभी नहीं मिला है। यह अभी एक घोषित योजना के चरण में है — जब इसका विस्तृत कार्यक्रम आएगा, तो हम इस लेख को अपडेट करेंगे।
5 गलतियाँ जो लोग अक्सर कर बैठते हैं
- पटना जाने की अफवाह पर भरोसा करना — आवेदन के लिए पटना जाने की जरूरत नहीं है। प्रशासन ने साफ कहा है कि आवेदन अंचल कार्यालय और पंचायत स्तर पर होता है। पटना जाने से सिर्फ समय और पैसा बर्बाद होगा।
- रसीद न लेना — बिना रसीद के आप यह साबित ही नहीं कर पाएँगे कि आपने आवेदन किया था।
- जानकारी छिपाना — सरकारी जमीन पर बसे होने की बात छिपाने से आवेदन खारिज हो सकता है।
- दलालों को पैसे देना — आवेदन की प्रक्रिया सरकारी है। किसी बिचौलिए को पैसे देने की जरूरत नहीं है।
- फर्जी वेबसाइट / लिंक पर आवेदन करना — सिर्फ आधिकारिक पोर्टल का ही इस्तेमाल करें। व्हाट्सऐप पर आए किसी भी अनजान लिंक से आवेदन न करें।
दलालों और अफवाहों से सावधान रहें
विभाग और मंत्रियों की ओर से बार-बार यह अपील की गई है कि लाभुक दलालों और बिचौलियों से सावधान रहें। पर्चा दिलाने के नाम पर पैसे माँगने वाला कोई भी व्यक्ति धोखा दे रहा है। अगर कोई आपसे पैसे माँगे, तो उसकी जानकारी अपने अंचल कार्यालय या जिला प्रशासन को दें। साथ ही, सोशल मीडिया पर फैलने वाली हर खबर पर भरोसा न करें — हर जानकारी को आधिकारिक पोर्टल या अंचल कार्यालय से मिलाकर ही मानें।
Abhiyan Basera 2 — आधिकारिक लिंक
| सेवा | लिंक / पता |
|---|---|
| अभियान बसेरा पोर्टल (आधिकारिक) | abhiyanbasera.bihar.gov.in |
| बिहारभूमि पोर्टल (आधिकारिक) | biharbhumi.bihar.gov.in |
| विभाग | राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार |
| ऑफलाइन सहायता | संबंधित अंचल कार्यालय / पंचायत सरकार भवन |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Abhiyan Basera 2 क्या है?
यह बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का अभियान है, जिसके तहत पात्र वासभूमिहीन / भूमिहीन परिवारों को घर बनाने के लिए वासभूमि (जमीन) उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चलती है, और पात्र परिवारों को बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र दिया जाता है।
Abhiyan Basera 2 में कितनी जमीन मिलती है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार पात्र लाभुकों को सामान्यतः 3 डिसमिल वासभूमि देने की बात कही गई है। एक रिपोर्ट में 3 से 5 डिसमिल तक का भी उल्लेख है। असली आवंटन पात्रता, नियमों और स्थानीय जमीन की उपलब्धता पर निर्भर करेगा।
Abhiyan Basera 2 के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
बिहारभूमि पोर्टल (biharbhumi.bihar.gov.in) पर "अभियान बसेरा हेतु आवेदन करें" विकल्प से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। अभियान बसेरा का अलग आधिकारिक पोर्टल (abhiyanbasera.bihar.gov.in) भी मौजूद है। आवेदन के बाद रसीद सुरक्षित रखें।
क्या Abhiyan Basera 2 के लिए पटना जाना जरूरी है?
नहीं। आवेदन अपने संबंधित अंचल कार्यालय में या पंचायत स्तर के विशेष शिविरों में किया जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है।
Abhiyan Basera 2 के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए?
आमतौर पर आधार (आवेदक + परिवार के वयस्क सदस्यों का), जाति प्रमाण-पत्र, राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, निवास प्रमाण-पत्र, मोबाइल नंबर, परिवार का विवरण और निर्धारित शपथपत्र माँगे जा सकते हैं। अंतिम सूची के लिए अपने अंचल कार्यालय से पुष्टि करें।
Abhiyan Basera 2 में आवेदन का स्टेटस कैसे चेक करें?
अपनी आवेदन रसीद संभालकर रखें और बिहारभूमि पोर्टल पर संबंधित सेवा देखें, या रसीद लेकर अपने अंचल कार्यालय में स्थिति पूछें। इस लेख के लिखे जाने तक कोई अलग सार्वजनिक स्टेटस-ट्रैकर हमें आधिकारिक तौर पर पुष्ट नहीं मिला।
क्या Abhiyan Basera 2 में आवेदन के लिए पैसे देने पड़ते हैं?
नहीं। किसी दलाल या बिचौलिए को पैसे न दें। आवेदन निर्धारित सरकारी प्रक्रिया के अनुसार करें। विभाग ने बिचौलियों से सावधान रहने की अपील की है।
अगर परिवार सरकारी जमीन पर बसा है, तो क्या आवेदन कर सकता है?
ऐसे परिवारों की जानकारी भी आवेदन में ली जाती है, और प्रशासन रिकॉर्ड व जमीनी स्थिति के आधार पर जाँच करता है। आवेदन में यह बात छिपाएँ नहीं — सही जानकारी दें और अंचल कार्यालय से अपने मामले की स्थिति पूछें।
Abhiyan Basera 2 में ₹1 लाख की मदद किसे मिलती है?
खबरों के अनुसार, उन पंचायतों में जहाँ सरकारी जमीन आवंटित नहीं हो पाती, वहाँ पात्र परिवारों को मुख्यमंत्री वास नीति योजना के तहत जमीन खरीदने के लिए ₹1 लाख की मदद देने की बात कही गई थी। यह जमीन के आवंटन का विकल्प है, हर आवेदक को मिलने वाली रकम नहीं। अपने अंचल कार्यालय से अपने पंचायत की स्थिति पूछें।
निष्कर्ष
Abhiyan Basera 2 बिहार के उन परिवारों के लिए एक बड़ा मौका है जिनके पास घर बनाने के लिए अपनी जमीन नहीं है। 3 डिसमिल वासभूमि का पर्चा सिर्फ जमीन का कागज नहीं है — यह उस परिवार के लिए कानूनी पहचान, सुरक्षा और आगे की योजनाओं का दरवाजा है। लेकिन यह मौका उन्हीं को मिलेगा जो सही प्रक्रिया से, सही जानकारी के साथ और सही समय पर आवेदन करेंगे।
इसलिए याद रखें — आवेदन अपने अंचल कार्यालय या आधिकारिक पोर्टल से ही करें, रसीद जरूर लें, जानकारी कभी न छिपाएँ, और किसी दलाल को पैसे न दें। और जब भी कोई नई तारीख या सूची की खबर आए, तो उसे आधिकारिक पोर्टल या अंचल कार्यालय से मिलाकर ही मानें।
बिहार की और योजनाओं की जानकारी के लिए पढ़ें: मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना बिहार 2026 और बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना 2026।
अस्वीकरण: यह एक निजी सूचना पोर्टल (सरकारी वेबसाइट नहीं) है। यहाँ दी गई जानकारी आधिकारिक पोर्टलों, विभागीय सूचनाओं और समाचार रिपोर्टों पर आधारित है। अंतिम और बाध्यकारी जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक पोर्टल या अपने अंचल कार्यालय से पुष्टि करें।
*अंतिम अपडेट: 13 अक्टूबर 2026*





