Bihar Krishi Yantrikaran Yojana 2026 के बारे में जानकारी खोज रहे किसान भाइयों के लिए यह लेख एक पूरी सूची-जाँच गाइड है। इस लेख में आपको यह समझ आएगा कि यह योजना क्या है, इसमें कौन सी मशीनें शामिल हैं, सत्यापित आवेदकों की सूची कहाँ और कैसे देखी जा सकती है, सूची में नाम मिलने के बाद आगे क्या करना है, और अगर नाम न मिले तो क्या करना चाहिए। हर कदम को आसान भाषा में समझाया गया है ताकि कोई भी किसान बिना किसी परेशानी के अपनी स्थिति खुद जाँच सके।
खेती में मशीन का इस्तेमाल अब एक विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत बन गया है। जुताई, बुवाई, कटाई और कटाई के बाद के काम समय पर पूरे हों तो फसल की पैदावार और किसान की आमदनी दोनों पर सीधा असर पड़ता है। लेकिन ट्रैक्टर, पावर टिलर या कंबाइन हार्वेस्टर जैसी मशीन हर किसान के लिए अपनी जेब से खरीदना आसान नहीं होता। इसी परेशानी को ध्यान में रखकर सरकार ने किसानों को मशीन खरीदने में मदद देने की व्यवस्था बनाई है, और इस लेख का उद्देश्य यही है कि आप उस मदद तक पहुँचने का सही रास्ता समझ सकें, बिना किसी अफवाह या गलत लिंक के चक्कर में पड़े।
इस गाइड को पढ़ने के बाद आपको तीन चीजें साफ-साफ पता चल जाएँगी। पहली, सत्यापित आवेदकों की सूची ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से कहाँ देखी जा सकती है। दूसरी, सूची में नाम आने के बाद मशीन खरीदने से लेकर सब्सिडी मिलने तक का पूरा क्रम क्या है। तीसरी, अगर आपका नाम सूची में नहीं मिला तो आपको घबराने की बजाय कौन से सही कदम उठाने चाहिए। इसलिए इस लेख को शुरू से अंत तक पढ़ें, और जो बात आधिकारिक पोर्टल पर जाँचनी है, उसे वहाँ जरूर मिलाएँ।
ईमानदारी बॉक्स: यह लेख क्या है और क्या नहीं
कृपया ध्यान दें: Bihar Krishi Yantrikaran Yojana 2026-27 के लिए आवेदन की खिड़की 8 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक खुली थी और अब बंद हो चुकी है। इस लेख में कोई नया आवेदन लिंक नहीं दिया गया है और इस वर्ष के लिए कोई नया आवेदन नहीं लिया जा रहा है। यह लेख केवल उन किसानों के लिए है जिन्होंने पहले से आवेदन किया था और जो अपना नाम सत्यापित सूची में जाँचना चाहते हैं। अगर कोई व्यक्ति या वेबसाइट आपको इस वर्ष के लिए नया आवेदन लिंक देने का दावा करे तो उसे बिहार कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जरूर जाँच लें। सूची का सटीक यूआरएल इस लेख में इसलिए नहीं दिया गया है क्योंकि डीप लिंक की पुष्टि इस समय नहीं हो पाई है; कृपया बिहार कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ही सूची देखें। यह लेख एक निजी सूचना पोर्टल पर प्रकाशित हो रहा है, किसी सरकारी वेबसाइट पर नहीं।
Bihar Krishi Yantrikaran Yojana 2026: क्विक फैक्ट्स टेबल
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | Bihar Krishi Yantrikaran Yojana 2026-27 |
| केंद्रीय योजना | Sub-Mission on Agricultural Mechanization (SMAM), केंद्र द्वारा प्रायोजित |
| कार्यान्वयन | बिहार कृषि विभाग |
| कुल स्वीकृति | Rs 236.58 crore, जिसमें कार्यान्वयन और प्रशासनिक खर्च भी शामिल है |
| आवेदन की खिड़की | 8 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक, अब बंद है |
| मशीन के प्रकार | 86 प्रकार की कृषि मशीनें |
| सब्सिडी | मशीन पर 40 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक |
| किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर | 480 केंद्र |
| कस्टम हायरिंग सेंटर | 267 केंद्र |
| कृषि यंत्र बैंक | 38 बैंक |
| चयन का तरीका | सत्यापित आवेदनों में से ऑनलाइन लॉटरी |
| सब्सिडी कैसे मिलेगी | मशीन खरीदने और सत्यापन के बाद DBT से पंजीकृत बैंक खाते में |
Bihar Krishi Yantrikaran Yojana 2026 क्या है
Bihar Krishi Yantrikaran Yojana 2026-27 केंद्र सरकार की Sub-Mission on Agricultural Mechanization (SMAM) के तहत चलाई जा रही योजना है, जिसे बिहार में बिहार कृषि विभाग लागू करता है। इसका सीधा उद्देश्य यह है कि किसानों तक आधुनिक कृषि मशीनें पहुँचें और खेती का काम तेज, सस्ता और आसान हो। इस योजना के लिए कुल Rs 236.58 crore की स्वीकृति दी गई है, जिसमें योजना के कार्यान्वयन और प्रशासनिक खर्च भी शामिल हैं। यह रकम इस बात का संकेत है कि योजना छोटे स्तर पर नहीं, बल्कि पूरे राज्य में बड़े स्तर पर चलाई जा रही है।
योजना में 86 प्रकार की मशीनें शामिल की गई हैं। इनमें ट्रैक्टर, पावर टिलर, कल्टीवेटर, सीड ड्रिल, हैप्पी सीडर, कंबाइन हार्वेस्टर, थ्रेशर, रीपर, मल्चर, श्रेडर, स्ट्रॉ रीपर, स्प्रे मशीन, पंप सेट और ड्रोन जैसी मशीनें शामिल हैं। यह सूची इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें जुताई से लेकर बुवाई, कटाई, छिड़काव और कटाई के बाद के काम तक के हर चरण की मशीन का ख्याल रखा गया है। किसान अपनी जरूरत के हिसाब से मशीन चुन सकता है, लेकिन सब्सिडी और चयन के नियम योजना के अनुसार लागू होते हैं।
मशीन के अलावा योजना में किराए पर मशीन देने की व्यवस्था को भी बढ़ावा दिया गया है। इसके तहत 480 किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर, 267 कस्टम हायरिंग सेंटर और 38 कृषि यंत्र बैंक बनाए जा रहे हैं। इसका मतलब यह है कि जो किसान अपनी मशीन नहीं खरीद सकता, वह भी आस-पास के केंद्र से मशीन किराए पर ले सकता है। ड्रोन केंद्र के लिए अलग सब्सिडी व्यवस्था बताई गई है, जिसका विवरण आगे दिया गया है। यह पूरी व्यवस्था खेती को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
सब्सिडी कितनी मिलेगी: पूरा विवरण
योजना के तहत मशीन पर 40 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है। सब्सिडी की सही दर मशीन के प्रकार और आवेदक की श्रेणी पर निर्भर करती है, इसलिए हर किसान के लिए एक ही दर लागू नहीं होती। यही वजह है कि आवेदन करने से पहले आधिकारिक जानकारी पढ़ना जरूरी था, और अब चयन के बाद भी अपने परमिट या सूची विवरण में अपनी मशीन के लिए लागू दर को ध्यान से देखना चाहिए। किसी भी अनजान व्यक्ति के बताए गए सब्सिडी के आंकड़े पर भरोसा न करें।
कस्टम हायरिंग केंद्र के लिए सब्सिडी 80 प्रतिशत तक हो सकती है, जो पात्र समूहों के लिए लागू है। किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए किसान समाधान के अनुसार कृषि स्नातक को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलती है, जिसकी अधिकतम सीमा Rs 5 lakh है। अन्य पात्र आवेदकों के लिए यह दर 40 प्रतिशत है, जिसकी अधिकतम सीमा Rs 4 lakh है। यह अंतर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ड्रोन केंद्र खोलने की योजना बनाने वाले आवेदक को अपनी श्रेणी के हिसाब से ही रकम का अनुमान लगाना चाहिए।
एक बात हमेशा याद रखें: सब्सिडी मशीन खरीदने से पहले नहीं मिलती। पहले किसान को पूरी कीमत पर मशीन खरीदनी होती है, उसके बाद सत्यापन पूरा होता है, और तब सब्सिडी DBT के माध्यम से पंजीकृत बैंक खाते में आती है। इसलिए मशीन खरीदते समय पूरी रकम की व्यवस्था पहले से करना जरूरी है। जो कोई यह कहे कि सब्सिडी पहले मिल जाएगी या आधी कीमत पर मशीन मिल जाएगी, उसकी बात को आधिकारिक पोर्टल पर जाँचे बिना न मानें।
चयन कैसे होता है: ऑनलाइन लॉटरी
योजना में चयन सत्यापित आवेदनों में से ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से किया जाता है। इसका मतलब यह है कि केवल आवेदन भर देना ही काफी नहीं था; आवेदन का सत्यापन होना भी जरूरी था। सत्यापित आवेदनों की सूची ही असली आधार है, और इसी सूची में नाम जाँचना इस लेख का मुख्य विषय है। लॉटरी व्यवस्था इसलिए अपनाई गई है ताकि चयन में पारदर्शिता बनी रहे और हर पात्र किसान को बराबर मौका मिले।
चुने गए किसानों को परमिट दिया जाता है। कृषक जगत की रिपोर्ट के अनुसार चुने गए किसानों को मशीन खरीदने के लिए 15 दिन का समय मिलता है। यह जानकारी यहाँ एक रिपोर्ट के आधार पर दी जा रही है, इसे आधिकारिक नियम के रूप में पुष्ट नहीं किया गया है, इसलिए अपने परमिट पर लिखी गई समय सीमा को ही अंतिम मानें। परमिट मिलने के बाद देर न करें, क्योंकि समय सीमा निकलने पर मौका हाथ से निकल सकता है। परमिट की हर शर्त को ध्यान से पढ़ें और उसी के अनुसार आगे बढ़ें।
स्टेप-बाय-स्टेप गाइड: ऑनलाइन सूची में नाम कैसे चेक करें
अक्टूबर 2026 में कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा की समीक्षा बैठक के बाद यह जानकारी सामने आई है कि सत्यापित आवेदकों की सूची आधिकारिक कृषि पोर्टल (OFMAS) पर दिखाई जा रही है। इस जानकारी की पुष्टि TractorJunction, किसान समाधान और CMV360 की रिपोर्टिंग से भी होती है। ऑनलाइन सूची जाँचने के लिए नीचे दिए गए कदम अपनाएँ:
- बिहार कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाएँ। किसी भी अनजान लिंक या सोशल मीडिया पर मिले लिंक पर क्लिक करके अपनी व्यक्तिगत जानकारी न डालें।
- पोर्टल पर Bihar Krishi Yantrikaran Yojana 2026-27 से संबंधित सेक्शन या सूची वाला भाग खोजें।
- अपने जिला, प्रखंड और पंचायत का चयन करें, जैसा पोर्टल पर माँगा जाए।
- अपना नाम, आवेदन संख्या या अन्य माँगा गया विवरण ध्यान से दर्ज करें और सूची खोलें।
- सूची में अपना नाम, चुनी गई मशीन का नाम और अपनी श्रेणी का विवरण ध्यान से मिलाएँ। अगर सब कुछ सही लगे तो इसका एक स्क्रीनशॉट या प्रिंट अपने पास सुरक्षित रखें।
- सूची में कोई गलती दिखे, जैसे नाम की स्पेलिंग या मशीन का नाम गलत हो, तो उसे तुरंत नोट करें और संबंधित कार्यालय से संपर्क करने की तैयारी करें।
ऑनलाइन सूची देखते समय एक बात का विशेष ध्यान रखें: सूची का सटीक डीप लिंक इस लेख में इसलिए नहीं दिया गया है क्योंकि उसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। हमेशा बिहार कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल के मुख्य पृष्ठ से ही आगे बढ़ें। जो वेबसाइट या व्यक्ति आपको सीधे एक अलग लिंक पर भेजकर आवेदन या शुल्क माँगता है, उससे सावधान रहें।
स्टेप-बाय-स्टेप गाइड: ऑफलाइन सूची कहाँ देखी जा सकती है
हर किसान के पास स्मार्टफोन या इंटरनेट नहीं होता, इसलिए योजना की सत्यापित सूची तीन भौतिक स्थानों पर भी प्रदर्शित की जा रही है। यही इस गाइड का सबसे उपयोगी हिस्सा है, क्योंकि प्रतियोगी वेबसाइटें इस ऑफलाइन जानकारी को पूरी तरह से नहीं देती हैं। आप अपने नजदीकी स्थान पर जाकर भी अपना नाम जाँच सकते हैं:
- संयुक्त कृषि भवन परिसर: यहाँ लगी सूची में अपने जिला और प्रखंड के अनुसार अपना नाम ढूँढें। सुबह के समय जाना बेहतर रहता है ताकि भीड़ कम हो और अधिकारी से पूछने का समय मिल सके।
- प्रखंड कार्यालय परिसर (Block Office complex): अपने प्रखंड कार्यालय में लगी सूची देखें। यहाँ आप अपने प्रखंड के किसानों की सूची आसानी से देख सकते हैं और किसी शंका पर संबंधित कर्मचारी से पूछ सकते हैं।
- पंचायत कृषि भवन परिसर: अपनी पंचायत के कृषि भवन में लगी सूची सबसे नजदीक का विकल्प है। गाँव के किसानों के लिए यही सबसे आसान स्थान है, क्योंकि यहाँ दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ती।
ऑफलाइन सूची देखने जाते समय अपना आवेदन विवरण साथ लेकर जाएँ, जैसे आवेदन संख्या, अपना पूरा नाम और चुनी गई मशीन का नाम। सूची में नाम मिलने पर उसकी फोटो अपने मोबाइल से ले लें या विवरण लिख लें, ताकि आगे के कदम में कोई परेशानी न हो। अगर सूची में आपका नाम अलग स्पेलिंग में लिखा हो तो उसे भी नोट करें, क्योंकि आगे सत्यापन में यही विवरण काम आएगा।
नाम मिलने के बाद: DBT तक का पूरा फ्लो
सूची में नाम मिलने का मतलब यह है कि आप चयन प्रक्रिया में आगे बढ़ गए हैं, लेकिन सब्सिडी अभी नहीं मिली है। आगे का क्रम नीचे दिया गया है, उसे ध्यान से समझ लें:
- परमिट प्राप्त करें: चुने गए किसानों को परमिट दिया जाता है। अपने परमिट पर लिखी मशीन, श्रेणी और समय सीमा को ध्यान से पढ़ें।
- पूरी कीमत पर मशीन खरीदें: परमिट के अनुसार मशीन पूरी कीमत पर खरीदें। बिल और मशीन से संबंधित कागज संभाल कर रखें, क्योंकि सत्यापन में इनकी जरूरत पड़ेगी।
- सत्यापन पूरा करवाएँ: मशीन खरीदने के बाद निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया पूरी करें। सत्यापन के बिना सब्सिडी आगे नहीं बढ़ेगी।
- DBT से सब्सिडी प्राप्त करें: सत्यापन पूरा होने के बाद सब्सिडी DBT के माध्यम से आपके पंजीकृत बैंक खाते में भेजी जाती है। इसलिए यह सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता सक्रिय हो और उसका विवरण आवेदन में दिए गए विवरण से मेल खाता हो।
- बैंक खाता जाँचते रहें: सत्यापन के बाद अपने बैंक खाते की जानकारी पर नजर रखें। अगर लंबे समय तक रकम न आए तो संबंधित कार्यालय से अपने आवेदन विवरण के साथ संपर्क करें।
इस पूरे फ्लो में सबसे बड़ी गलती यह होती है कि किसान सब्सिडी की आस में मशीन उधार पर या बिना बिल के खरीद लेता है। ऐसा न करें। हमेशा अधिकृत विक्रेता से, सही बिल के साथ, परमिट में लिखी मशीन ही खरीदें। बिल, मशीन का विवरण और अपना परमिट एक फाइल में सुरक्षित रखें।
पात्रता और दस्तावेज: केवल पुष्ट जानकारी
इस लेख में पात्रता और दस्तावेजों के बारे में केवल वही जानकारी दी जा रही है जो पुष्ट स्रोतों से मिली है। इसके अलावा कोई दस्तावेज सूची यहाँ मन से नहीं बनाई गई है, क्योंकि गलत दस्तावेज सूची किसान को नुकसान पहुँचा सकती है। जो बातें पुष्ट हैं, वे इस प्रकार हैं: आवेदन सत्यापित होना चाहिए, चयन ऑनलाइन लॉटरी से होता है, चुने गए किसान को परमिट मिलता है, मशीन पूरी कीमत पर खरीदनी होती है, सत्यापन के बाद सब्सिडी DBT से पंजीकृत बैंक खाते में आती है, और ड्रोन केंद्र के लिए कृषि स्नातक तथा अन्य पात्र आवेदकों के लिए अलग-अलग सब्सिडी दर और सीमा निर्धारित है।
दस्तावेजों की पूरी और अंतिम सूची के लिए कृपया बिहार कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल या अपने प्रखंड कार्यालय से ही जानकारी लें। आवेदन करते समय जो दस्तावेज दिए गए थे, उनकी प्रतियाँ भी संभाल कर रखें, क्योंकि सत्यापन के समय वे काम आ सकते हैं। किसी भी दलाल को अपने मूल दस्तावेज न दें और न ही दस्तावेज के नाम पर कोई शुल्क दें।
अगर आपका नाम सूची में नहीं मिला तो क्या करें
नाम न मिलना निराशा की बात हो सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आपने कुछ गलत किया है। लॉटरी व्यवस्था में सीमित संख्या में चयन होता है, इसलिए हर सत्यापित आवेदक का नाम आना जरूरी नहीं होता। ऐसे में नीचे दिए गए कदम अपनाएँ:
- दोबारा ध्यान से जाँचें: पहले ऑनलाइन और फिर ऑफलाइन सूची में अपना नाम दोबारा देखें। कभी-कभी स्पेलिंग में थोड़ा अंतर या गलत प्रखंड चयन की वजह से नाम नहीं दिखता।
- अपना सत्यापन विवरण मिलाएँ: देखें कि आपका आवेदन सत्यापित था या नहीं। केवल सत्यापित आवेदन ही लॉटरी में शामिल होते हैं।
- प्रखंड कार्यालय से पूछें: अपने प्रखंड कार्यालय या पंचायत कृषि भवन में जाकर अपने आवेदन की स्थिति के बारे में विनम्रता से पूछें और आगे के निर्देश लें।
- अफवाहों से बचें: कोई व्यक्ति अगर यह कहे कि पैसा देकर नाम जुड़वा देगा, तो यह पूरी तरह गलत है। ऐसे लोगों से दूर रहें और उनकी शिकायत संबंधित कार्यालय में करें।
- अगली जानकारी पर नजर रखें: बिहार कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर आगे की घोषणाओं पर नजर रखें। अगले चरण या अगले वर्ष की जानकारी वहीं से मिलेगी, किसी अनजान वेबसाइट से नहीं।
यह हिस्सा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रतियोगी वेबसाइटें इस पर लगभग कुछ नहीं लिखती हैं। वे केवल योजना का वर्णन करती हैं, लेकिन उस किसान की मदद नहीं करती जिसका नाम सूची में नहीं आया। इस गाइड का उद्देश्य यही है कि हर किसान को, नाम मिले या न मिले, आगे का सही रास्ता पता चले।
धोखाधड़ी से सावधान रहें
हर लोकप्रिय योजना के साथ धोखाधड़ी का खतरा भी जुड़ जाता है। कुछ लोग किसानों से यह कहकर पैसा माँगते हैं कि वे सूची में नाम डलवा देंगे या सब्सिडी जल्दी दिलवा देंगे। ऐसे किसी भी दावे पर विश्वास न करें। सरकारी योजना में चयन लॉटरी से होता है और सब्सिडी DBT से सीधे बैंक खाते में आती है, इसमें किसी बिचौलिए की जरूरत नहीं होती। अपना बैंक विवरण, ओटीपी या पासवर्ड किसी के साथ कभी साझा न करें। कोई भी संदेह होने पर सीधे प्रखंड कार्यालय या कृषि भवन से संपर्क करें।
Bihar Krishi Yantrikaran Yojana 2026: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. Bihar Krishi Yantrikaran Yojana 2026 के लिए आवेदन कब तक लिए गए?
आवेदन 8 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक लिए गए थे। अब आवेदन की खिड़की बंद है और इस वर्ष के लिए कोई नया आवेदन नहीं लिया जा रहा है।
2. सत्यापित आवेदकों की सूची कहाँ देखी जा सकती है?
सूची आधिकारिक कृषि पोर्टल (OFMAS) पर ऑनलाइन देखी जा सकती है। इसके अलावा यह सूची संयुक्त कृषि भवन परिसर, प्रखंड कार्यालय परिसर और पंचायत कृषि भवन परिसर में भी प्रदर्शित की जा रही है।
3. चयन कैसे किया गया?
चयन सत्यापित आवेदनों में से ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से किया गया है। चुने गए किसानों को परमिट दिया जाता है।
4. सब्सिडी कैसे और कब मिलेगी?
सब्सिडी मशीन खरीदने से पहले नहीं मिलती। किसान को पहले पूरी कीमत पर मशीन खरीदनी होती है, उसके बाद सत्यापन पूरा होता है, और तब सब्सिडी DBT से पंजीकृत बैंक खाते में भेजी जाती है।
5. ड्रोन केंद्र के लिए सब्सिडी कितनी है?
किसान समाधान के अनुसार कृषि स्नातक को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलती है, जिसकी अधिकतम सीमा Rs 5 lakh है। अन्य पात्र आवेदकों के लिए 40 प्रतिशत तक सब्सिडी है, जिसकी अधिकतम सीमा Rs 4 lakh है।
6. अगर मेरा नाम सूची में नहीं मिला तो मैं क्या करूँ?
पहले ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों जगह दोबारा जाँचें, फिर प्रखंड कार्यालय से अपने आवेदन की स्थिति पूछें। किसी को नाम जुड़वाने के नाम पर पैसा न दें और बिहार कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर आगे की घोषणाओं पर नजर रखें।
7. सूची का सटीक लिंक इस लेख में क्यों नहीं दिया गया है?
सूची के सटीक डीप लिंक की पुष्टि नहीं हो पाई है, इसलिए उसे मन से नहीं लिखा गया है। कृपया बिहार कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल के मुख्य पृष्ठ से ही सूची तक पहुँचें, ताकि आप किसी गलत या नकली लिंक पर न जाएँ।
अंत में एक सलाह
Bihar Krishi Yantrikaran Yojana 2026 किसानों के लिए आधुनिक मशीन तक पहुँचने का एक बड़ा अवसर है, लेकिन इसका लाभ केवल उन्हीं को मिलेगा जो सही सूची जाँचेंगे, परमिट की शर्तों का पालन करेंगे और धोखाधड़ी से बचेंगे। अगर आपका नाम सूची में है तो देर न करें, परमिट की समय सीमा के अंदर आगे बढ़ें। अगर नाम नहीं है तो निराश न हों, सही कार्यालय से जानकारी लें और अगली घोषणा का इंतजार करें। इस लेख को अपने गाँव के अन्य किसानों के साथ भी साझा करें ताकि वे भी सही जानकारी तक पहुँच सकें।
Disclaimer: यह लेख एक निजी सूचना पोर्टल पर प्रकाशित किया जा रहा है – एक निजी सूचना पोर्टल (सरकारी वेबसाइट नहीं)। यहाँ दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल मार्गदर्शन है; अंतिम और आधिकारिक जानकारी के लिए बिहार कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर ही भरोसा करें।





