CM Pratigya Yojana Bihar 2026: युवाओं को स्टाइपेंड, पात्रता और आवेदन

12वीं पास करके घर बैठे हैं, या ग्रेजुएशन की डिग्री हाथ में लेकर नौकरी की तलाश कर रहे हैं? हर सुबह अखबार या मोबाइल में नई नौकरियों की खबर आती है, लेकिन अनुभव के बिना दरवाजा बंद ही रहता है। कंपनियां कहती हैं — “अनुभव चाहिए”, और नौकरी ढूंढने वाले सोचते हैं — “अनुभव आएगा कहां से?” यह चक्रव्यूह बिहार के लाखों युवाओं की सबसे बड़ी मुश्किल है।

इसी मुश्किल को तोड़ने के लिए बिहार सरकार ने एक खास योजना शुरू की है — CM Pratigya Yojana Bihar। इस योजना के तहत बिहार के युवाओं को कंपनियों और उद्योगों में इंटर्नशिप करने का मौका मिलेगा, और उस दौरान उन्हें हर महीने स्टाइपेंड भी दिया जाएगा। आज के इस लेख में हम आपको इस योजना की पूरी जानकारी देंगे — कौन आवेदन कर सकता है, कितना स्टाइपेंड मिलेगा, चयन कैसे होगा, कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए, और आवेदन से पहले किन बातों की जांच जरूर करनी चाहिए।

लेख को अंत तक जरूर पढ़ें, क्योंकि स्टाइपेंड की दरें, अतिरिक्त भत्ते, और दस्तावेजों की सूची जैसे काम के बिंदु नीचे विस्तार से दिए गए हैं। तो चलिए शुरू करते हैं — सबसे पहले एक झलक में पूरी योजना।

cm pratigya yojana क्या है? — एक नजर में Quick Facts

यह योजना बिहार कैबिनेट द्वारा जुलाई 2025 में मंजूर की गई थी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में शुरू हुई। यह राज्य के प्रसिद्ध सात निश्चय-2 (Saat Nishchay-2) कार्यक्रम का हिस्सा है। इसका कुल बजट ₹686 करोड़ रखा गया है, और इसे श्रम संसाधन विभाग (Labour Resources Department) के जरिए चलाया जा रहा है।

योजना का मकसद साफ है — युवाओं को पढ़ाई के बाद कंपनियों में असली काम का अनुभव दिलाना, ताकि इंटर्नशिप पूरी होने के बाद उन्हें नियमित नौकरी पाने में आसानी हो। इसमें 12वीं पास से लेकर स्नातकोत्तर (Post-Graduation) तक के युवा भाग ले सकते हैं।

Detail Information
योजना का नाम मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना (CM Pratigya Yojana Bihar)
मंजूरी की तारीख जुलाई 2025 (बिहार कैबिनेट)
कार्यक्रम सात निश्चय-2 (Saat Nishchay-2)
कुल बजट ₹686 करोड़
क्रियान्वयन विभाग श्रम संसाधन विभाग, बिहार सरकार
लाभार्थी बिहार के निवासी युवा (18 से 28 वर्ष)
न्यूनतम योग्यता 12वीं पास (उच्च स्तर के लिए ITI/डिप्लोमा/ग्रेजुएशन/पोस्ट-ग्रेजुएशन)
इंटर्नशिप अवधि 3 से 12 महीने (नियोक्ता के अनुसार)
स्टाइपेंड भुगतान मासिक, DBT के माध्यम से आधार-लिंक्ड बैंक खाते में
प्रमाणपत्र बिहार सरकार + उद्योग का संयुक्त प्रमाणपत्र, बिहार कौशल विकास मिशन प्रमाणन
लक्ष्य (2025-26) 5,000 युवा
लक्ष्य (2026-2031) 1 लाख युवा (कुल लगभग 1,05,000)

Stipend कितना मिलेगा? — पूरी Tier-wise जानकारी

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत है योग्यता के अनुसार तय स्टाइपेंड। जितनी ऊंची शैक्षणिक योग्यता, उतना ज्यादा मासिक स्टाइपेंड। ध्यान रहे — यह इंटर्नशिप के दौरान सीखने के साथ मिलने वाला भत्ता है, नौकरी का वेतन नहीं।

शैक्षणिक योग्यता मासिक स्टाइपेंड
12वीं पास ₹4,000 प्रति माह
ITI / डिप्लोमा ₹5,000 प्रति माह
स्नातक (Graduation) ₹6,000 प्रति माह
स्नातकोत्तर (Post-Graduation) ₹6,000 प्रति माह

इंटर्नशिप की अवधि 3 से 12 महीने तक हो सकती है — यह उस कंपनी या नियोक्ता पर निर्भर करेगा जहां आपको इंटर्नशिप मिलेगी। यानी 12वीं पास युवा 12 महीने की इंटर्नशिप में कुल ₹48,000 तक का स्टाइपेंड पा सकता है, जबकि स्नातक युवा ₹72,000 तक। इसके अलावा नीचे बताए गए अतिरिक्त भत्ते भी मिल सकते हैं।

कौन आवेदन कर सकता है? — पात्रता शर्तें

आवेदन करने से पहले अपनी पात्रता जरूर जांच लें, ताकि बाद में दिक्कत न हो। योजना की पात्रता शर्तें इस प्रकार हैं:

  • निवास: आवेदक बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए।
  • आयु: 18 से 28 वर्ष के बीच।
  • न्यूनतम शिक्षा: 12वीं पास। उच्च स्तरीय इंटर्नशिप के लिए ITI, डिप्लोमा, स्नातक या स्नातकोत्तर डिग्री जरूरी होगी।
  • कौशल प्रशिक्षण: आवेदक ने कोई कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम (skill development training programme) पूरा किया होना चाहिए।

यहां एक बात समझ लीजिए — सिर्फ डिग्री होना ही काफी नहीं है; कौशल प्रशिक्षण पूरा करना भी शर्त है। अगर आपने अभी तक कोई स्किल ट्रेनिंग नहीं की है, तो पहले उसे पूरा करना बेहतर रहेगा। बिहार में कौशल विकास से जुड़े कई प्रशिक्षण केंद्र हैं जिनके बारे में आप श्रम संसाधन विभाग से जानकारी ले सकते हैं।

चयन कैसे होगा? — Selection Process

कई योजनाओं में चयन का तरीका साफ नहीं होता, जिससे भ्रम फैलता है। CM Pratigya Yojana में चयन प्रक्रिया इस तरह तय की गई है:

  1. आवेदक आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करता है और अपनी योग्यता के अनुसार भाग लेने वाली कंपनियों के बीच से चयन करता है।
  2. चयन सरकारी अधिकारियों और कंपनी प्रतिनिधियों द्वारा संयुक्त रूप से किया जाता है। यानी सिर्फ सरकार या सिर्फ कंपनी अकेले फैसला नहीं करती।
  3. आपकी शैक्षणिक योग्यता और कौशल प्रशिक्षण के आधार पर उपयुक्त इंटर्नशिप आवंटित की जाती है।

इस संयुक्त चयन प्रणाली का फायदा यह है कि कंपनी को अपनी जरूरत के अनुसार युवा मिलते हैं और युवाओं को उनके स्तर के हिसाब से काम सीखने का मौका मिलता है।

आवेदन कैसे करें? — Step by Step प्रक्रिया

योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है। घोषित प्रक्रिया के अनुसार चरण इस प्रकार हैं:

  1. आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: योजना का पोर्टल cmpratigya.bihar.gov.in बताया गया है। आवेदन करने से पहले पोर्टल पर जाकर जरूर जांच लें कि आवेदन विंडो (आवेदन की अवधि) खुली है या नहीं।
  2. पंजीकरण करें: पोर्टल पर नया पंजीकरण (registration) करें और मांगी गई जानकारी भरें।
  3. कंपनियों को देखें: पंजीकरण के बाद भाग लेने वाली कंपनियों की सूची देखें और अपनी योग्यता के अनुसार उपयुक्त विकल्प चुनें।
  4. आवेदन जमा करें: चुनी हुई इंटर्नशिप के लिए आवेदन करें और दस्तावेज अपलोड करें।
  5. चयन की प्रतीक्षा करें: सरकारी अधिकारियों और कंपनी प्रतिनिधियों के संयुक्त चयन के बाद आपको सूचना मिलेगी।

जरूरी सलाह: हम इस लेख में कोई निश्चित “अंतिम तिथि” नहीं बता रहे, क्योंकि आवेदन की मौजूदा विंडो की पुष्टि नहीं हुई है। आवेदन करने से पहले पोर्टल पर जाकर वर्तमान स्थिति जरूर जांचें — कहीं आवेदन बंद तो नहीं हो गए, या कोई नई सूचना तो जारी नहीं हुई।

कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए?

आवेदन के समय ये दस्तावेज तैयार रखें:

  • आधार कार्ड
  • शैक्षणिक प्रमाणपत्र (12वीं की मार्कशीट/डिग्री/डिप्लोमा — जो भी लागू हो)
  • अधिवास प्रमाणपत्र (Domicile Certificate — बिहार निवासी होने का प्रमाण)
  • जाति प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)
  • कौशल प्रशिक्षण पूर्णता का प्रमाण
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • आधार से जुड़े बैंक खाते की पासबुक (DBT के लिए)

सबसे जरूरी दस्तावेजों में आधार-लिंक्ड बैंक खाता है, क्योंकि स्टाइपेंड सीधे उसी खाते में आएगा। अगर आपका बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है, तो पहले बैंक जाकर इसे लिंक करवा लें — वरना भुगतान अटक सकता है।

अतिरिक्त भत्ते — घर से दूर इंटर्नशिप पर ज्यादा मदद

योजना में उन युवाओं के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता का प्रावधान है जिन्हें अपने घर जिले से बाहर या बिहार से बाहर इंटर्नशिप करनी पड़े:

  • गृह जिले से बाहर: ₹2,000 प्रति माह अतिरिक्त
  • राज्य से बाहर: ₹5,000 प्रति माह अतिरिक्त (अधिकतम 3 महीने तक)

इसके अलावा आजीविका मिशन (Ajeevika Mission) से जुड़े छात्रों को अतिरिक्त भत्ते भी मिलते हैं। यह प्रावधान इसलिए रखा गया है कि गांव-देहात के युवा भी दूर के शहरों या दूसरे राज्यों में जाकर इंटर्नशिप कर सकें, बिना खर्च की चिंता किए।

एक उदाहरण से समझिए — अगर कोई स्नातक युवा अपने जिले से बाहर इंटर्नशिप करता है, तो उसे ₹6,000 (स्टाइपेंड) + ₹2,000 (भत्ता) = ₹8,000 प्रति माह मिल सकता है। और अगर वह बिहार से बाहर जाता है, तो पहले 3 महीनों में ₹6,000 + ₹5,000 = ₹11,000 प्रति माह तक मिल सकता है।

इंटर्नशिप पूरी होने पर क्या मिलेगा?

इंटर्नशिप खत्म होने के बाद युवा खाली हाथ नहीं लौटेंगे। उन्हें मिलेगा:

  • संयुक्त समापन प्रमाणपत्र: बिहार सरकार और मेजबान उद्योग (host industry) दोनों की ओर से जारी प्रमाणपत्र।
  • बिहार कौशल विकास मिशन प्रमाणन: आपके कौशल की आधिकारिक मान्यता।

यह प्रमाणपत्र भविष्य में नौकरी के लिए आवेदन करते समय आपके अनुभव का सबूत बनेगा। याद रखिए — इंटरव्यू में “मैंने फलां कंपनी में इतने महीने काम सीखा है” कहना, सिर्फ डिग्री दिखाने से कहीं ज्यादा असर डालता है।

इंटर्नशिप आपके करियर में कैसे मदद करेगी?

बहुत से युवा सोचते हैं कि इंटर्नशिप में समय बर्बाद होगा। असलियत इसके उलट है। देखिए कैसे:

1. इंटरव्यू में बढ़त: BPSC, SSC या किसी भी सरकारी परीक्षा के इंटरव्यू चरण में, या प्राइवेट कंपनी के इंटरव्यू में, व्यावहारिक अनुभव वाला उम्मीदवार हमेशा आगे रहता है। “आपने असल में क्या काम किया है?” — इस सवाल का जवाब इंटर्नशिप देता है।

2. काम की आदतें: समय पर पहुंचना, टीम में काम करना, सीनियर्स से सीखना — ये चीजें किताबों से नहीं, काम की जगह से सीखी जाती हैं।

3. नेटवर्क बनता है: इंटर्नशिप के दौरान मिले संपर्क (contacts) आगे नौकरी दिलाने में मदद कर सकते हैं। कई कंपनियां अच्छा प्रदर्शन करने वाले इंटर्न को ही स्थायी नौकरी दे देती हैं।

4. आत्मविश्वास: 12 महीने तक असली काम करने के बाद “मुझे कुछ नहीं आता” वाली घबराहट खत्म हो जाती है।

DBT क्या है? — स्टाइपेंड सीधे आपके खाते में

योजना में स्टाइपेंड DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए दिया जाएगा। इसका मतलब है — पैसा किसी बिचौलिए के हाथ से नहीं गुजरेगा, बल्कि सीधे आपके आधार से जुड़े बैंक खाते में हर महीने ट्रांसफर होगा।

DBT का फायदा यह है कि भुगतान में देरी या कटौती की गुंजाइश कम रहती है, और आपको हर महीने की रकम का रिकॉर्ड बैंक स्टेटमेंट में मिलता है। बस ध्यान रहे — खाता आधार से लिंक होना चाहिए और खाता सक्रिय (active) होना चाहिए।

अगर आपने पहले कभी e-Shram कार्ड बनवाया है या आयुष्मान कार्ड के लिए आवेदन किया है, तो DBT की प्रक्रिया आपको जानी-पहचानी लगेगी — वही आधार-लिंक्ड खाते में सीधा भुगतान वाला तरीका। और अगर आपने अभी तक PM आवास योजना की सूची में अपना नाम जांचा है, तो आपको पता होगा कि सरकारी योजनाओं में सही दस्तावेज कितने जरूरी होते हैं — यहां भी वही नियम लागू है।

आवेदन से पहले क्या-क्या जांचें? — जरूरी सावधानियां

किसी भी सरकारी योजना में आवेदन से पहले ये बातें जरूर जांचें:

  1. आधिकारिक पोर्टल ही इस्तेमाल करें: आवेदन सिर्फ cmpratigya.bihar.gov.in (जैसा कि बताया गया है) पर करें। पोर्टल का पता खुद जांच लें।
  2. कोई फीस नहीं: सरकारी योजना में आवेदन के नाम पर कोई पैसा मांगे, तो सतर्क हो जाएं। किसी एजेंट या बिचौलिए को पैसे न दें।
  3. विंडो की पुष्टि: आवेदन की अंतिम तिथि या वर्तमान विंडो की जानकारी सिर्फ आधिकारिक पोर्टल से लें।
  4. दस्तावेज सही रखें: गलत या अधूरे दस्तावेज पर आवेदन रद्द हो सकता है।
  5. अफवाहों से बचें: सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें।

Official Links — आधिकारिक जानकारी कहां मिलेगी

योजना से जुड़ी सही और ताजा जानकारी इन स्रोतों से लें:

  • योजना पोर्टल: cmpratigya.bihar.gov.in (आवेदन और पंजीकरण के लिए — पोर्टल पर जाकर पता जरूर सत्यापित करें)
  • क्रियान्वयन विभाग: श्रम संसाधन विभाग, बिहार सरकार
  • कार्यक्रम: सात निश्चय-2, बिहार सरकार

ध्यान दें — ऊपर पोर्टल का नाम टेक्स्ट के रूप में दिया गया है; ब्राउज़र में पता टाइप करके खुद जांचें कि पोर्टल सही खुल रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. cm pratigya yojana में कौन आवेदन कर सकता है?

बिहार के स्थायी निवासी, जिनकी आयु 18 से 28 वर्ष के बीच है, न्यूनतम 12वीं पास हैं, और जिन्होंने कोई कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा किया है, वे आवेदन कर सकते हैं। उच्च स्तरीय इंटर्नशिप के लिए ITI, डिप्लोमा, स्नातक या स्नातकोत्तर योग्यता चाहिए।

2. cm pratigya yojana में स्टाइपेंड कितना मिलता है?

योग्यता के अनुसार — 12वीं पास को ₹4,000, ITI/डिप्लोमा को ₹5,000, और स्नातक/स्नातकोत्तर को ₹6,000 प्रति माह। इसके अलावा गृह जिले से बाहर इंटर्नशिप पर ₹2,000/माह और राज्य से बाहर ₹5,000/माह (अधिकतम 3 महीने) अतिरिक्त मिलता है।

3. cm pratigya yojana की इंटर्नशिप कितने महीने की होती है?

इंटर्नशिप की अवधि 3 से 12 महीने तक होती है, जो नियोक्ता (कंपनी) के अनुसार तय होती है।

4. cm pratigya yojana में चयन कैसे होता है?

चयन सरकारी अधिकारियों और कंपनी प्रतिनिधियों द्वारा संयुक्त रूप से किया जाता है। आवेदक पोर्टल पर पंजीकरण करके अपनी योग्यता के अनुसार भाग लेने वाली कंपनियों में आवेदन करता है।

5. cm pratigya yojana का स्टाइपेंड कैसे मिलेगा?

स्टाइपेंड हर महीने DBT के माध्यम से सीधे आपके आधार से जुड़े बैंक खाते में ट्रांसफर होगा। इसलिए आधार-लिंक्ड सक्रिय बैंक खाता होना जरूरी है।

6. cm pratigya yojana में आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए?

आधार कार्ड, शैक्षणिक प्रमाणपत्र, अधिवास प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र (यदि लागू हो), कौशल प्रशिक्षण पूर्णता का प्रमाण, पासपोर्ट फोटो और आधार-लिंक्ड बैंक पासबुक चाहिए।

निष्कर्ष

CM Pratigya Yojana Bihar युवाओं के लिए पढ़ाई और नौकरी के बीच के खालीपन को भरने का एक अच्छा मौका है। ₹4,000 से ₹6,000 का मासिक स्टाइपेंड, अतिरिक्त भत्ते, DBT से सीधा भुगतान, और सरकार-उद्योग का संयुक्त प्रमाणपत्र — ये सब मिलकर इसे एक गंभीर अवसर बनाते हैं। अगर आप 18 से 28 वर्ष के बीच हैं, बिहार के निवासी हैं और 12वीं या उससे ऊपर की पढ़ाई के साथ कौशल प्रशिक्षण पूरा कर चुके हैं, तो आधिकारिक पोर्टल पर जाकर वर्तमान आवेदन विंडो जरूर जांचें। सही जानकारी, सही दस्तावेज और समय पर आवेदन — बस यही तीन चीजें आपको इस मौके तक पहुंचाएंगी।

यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। GramSuvidha एक निजी सूचना पोर्टल (सरकारी वेबसाइट नहीं) है। योजना की नवीनतम और आधिकारिक जानकारी के लिए हमेशा संबंधित सरकारी पोर्टल या विभाग से पुष्टि करें।