अगर आप उत्तर प्रदेश के किसान हैं और खेती के लिए कर्ज़ की ज़रूरत है — ट्रैक्टर लेना है, ट्यूबवेल की बोरिंग करानी है, डेयरी शुरू करनी है या सोलर पंप लगवाना है — तो आज की खबर सीधे आपसे जुड़ी है। सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को योगी सरकार की सबसे बड़ी किसान कर्ज़ योजना का सबसे अहम पड़ाव आया है: अब किसान खुद ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं।
दरअसल, 23 सितंबर को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना (Mukhyamantri Krishak Samriddhi Yojana) की शुरुआत की थी। उसी दिन योजना का ऑनलाइन पोर्टल mksyldb.in भी लॉन्च हुआ था और पहले कुछ किसानों को ऋण स्वीकृति पत्र (loan sanction letters) सौंपे गए थे। अब 12 अक्टूबर से योजना का दूसरा चरण शुरू हो गया है — आम किसान अब ऑनलाइन या बैंक शाखा से आवेदन कर सकते हैं।
इस लेख में हम आपको पूरी योजना समझाएंगे — कितना लोन मिलेगा, ब्याज कितना लगेगा, कौन-कौन आवेदन कर सकता है, कौन-कौन से कागज़ लगेंगे, और mksyldb.in पर घर बैठे आवेदन करने का पूरा तरीका। लेख अंत तक पढ़ें — नीचे हमने वे सवाल भी उठाए हैं जो अक्सर लोगों के मन में रह जाते हैं, और जिनके जवाब ज़्यादातर वेबसाइटों पर साफ़ नहीं मिलते।
आज की बड़ी खबर: 12 अक्टूबर 2026 से ऋण आवेदन शुरू
12 अक्टूबर 2026 (सोमवार) को मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत ऋण वितरण की औपचारिक शुरुआत हुई। रिपोर्ट्स के अनुसार, उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक (एलडीबी) के मुख्यालय में पूजापाठ के बाद ऋण देने की प्रक्रिया शुरू की गई। सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने बताया कि बैंक सोमवार से किसानों को योजना का लाभ देना शुरू करेगा — यानी अब किसान ऑनलाइन (mksyldb.in) या एलडीबी की 323 शाखाओं के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
उसी दिन एक और बड़ा फैसला हुआ: कृषि ऋण पर सरकार की ओर से दिए जाने वाले ब्याज अनुदान के लिए बैंक को 38 करोड़ रुपये जारी करने का आदेश दिया गया। यही पैसा वह सब्सिडी है, जिसकी वजह से किसानों को लोन पर सिर्फ़ 6% ब्याज देना पड़ता है। एक पुरानी रिपोर्ट में योजना का कुल बजट 384 करोड़ रुपये मंजूर होने की बात भी कही गई थी — यानी 38 करोड़ रुपये की यह रिलीज़ उसी बड़े बजट से पहली किस्त के तौर पर जारी हो रही है।
योजना की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए बैंक ने एक कार्यशाला भी आयोजित की थी, जिसमें सभी शाखाओं के शाखा अध्यक्षों (डेलीगेट) को योजना के प्रावधान समझाए गए। ये डेलीगेट न सिर्फ़ किसानों को योजना से जोड़ेंगे, बल्कि ऋण स्वीकृति में भी अहम भूमिका निभाएंगे। यानी अब आपकी नज़दीकी शाखा में इस योजना के बारे में पूछा जा सकता है।
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना 2026 क्या है?
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक दीर्घकालिक कृषि ऋण योजना (long-term farm loan scheme) है। इसका मकसद राज्य के लघु और सीमांत किसानों को महंगे कर्ज़ के बोझ से राहत देना है। पहले उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक (LDB) से किसानों को 11% से 11.50% तक की ब्याज दर पर दीर्घकालिक ऋण मिलता था — छोटे किसानों के लिए यह बोझ बहुत भारी पड़ता था।
इस योजना के तहत राज्य सरकार 5% की ब्याज सब्सिडी (interest subsidy) देगी, यानी बैंक को मिलने वाले 11% ब्याज में से आधा पैसा सरकार भरेगी और किसान को सिर्फ़ 6% वार्षिक ब्याज पर 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालिक लोन मिलेगा। लेकिन एक शर्त है, जो बहुत अहम है: 6% की रियायती दर सिर्फ़ उन्हीं किसानों को मिलेगी जो हर किस्त समय पर चुकाएंगे। अगर किस्तें डिफॉल्ट होंगी, तो सब्सिडी का लाभ रुक सकता है।
सरकार का लक्ष्य अगले 5 सालों में 5 लाख किसानों को इस योजना से जोड़ना है।
योजना के फायदे एक नज़र में (Quick Facts Table)
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना (Mukhyamantri Krishak Samriddhi Yojana) |
| राज्य | उत्तर प्रदेश |
| शुरुआत | 23 सितंबर 2026 — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, लखनऊ |
| आवेदन शुरू | 12 अक्टूबर 2026 (सोमवार) से — ऑनलाइन + 323 बैंक शाखाएं |
| ऋण देने वाला बैंक | उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक (LDB / UP Sahkari Gram Vikas Bank) |
| अधिकतम ऋण राशि | ₹6 लाख तक (दीर्घकालिक ऋण) |
| ब्याज दर | बैंक की दर 11% → राज्य सरकार की 5% सब्सिडी → किसान को सिर्फ़ 6% (सिर्फ़ समय पर किस्त चुकाने वालों के लिए) |
| चुकौती अवधि | 3 वर्ष से 15 वर्ष तक |
| बजट / सब्सिडी रिलीज़ | 12 अक्टूबर को ₹38 करोड़ की सब्सिडी रिलीज़ का आदेश; योजना का कुल बजट ₹384 करोड़ मंजूर (रिपोर्ट के अनुसार) |
| ऑनलाइन पोर्टल | mksyldb.in |
| लक्ष्य | 5 साल में 5 लाख किसान |
| अंतिम तिथि | अभी तक कोई अंतिम तिथि घोषित नहीं |
6% ब्याज कैसे काम करता है? (पूरी गणित समझिए)
बहुत से किसान पूछते हैं — सरकार कह रही है 6% ब्याज, लेकिन बैंक कहता है 11%… तो सच क्या है? दोनों बातें सच हैं। समझिए:
- बैंक की असली दर 11% है। उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक (LDB) इस तरह के दीर्घकालिक ऋणों पर करीब 11% से 11.5% ब्याज लेता है।
- सरकार 5% ब्याज अनुदान देगी। योजना के तहत राज्य सरकार बैंक को वह 5% हिस्सा सीधे देगी — यानी बैंक को उसके 11% मिलेंगे, लेकिन उसमें से 5% सरकार भरेगी।
- किसान सिर्फ़ 6% देगा। इस तरह किसान की जेब से सिर्फ़ 6% सालाना ब्याज निकलेगा — जो पहले की तुलना में लगभग आधा है।
- शर्त: समय पर किस्त। यह 5% की सब्सिडी सिर्फ़ उन्हीं किसानों को मिलेगी जो हर किस्त निर्धारित समय पर चुकाएंगे। किस्त डिफॉल्ट हुई तो रियायत रुक सकती है और पूरा ब्याज देना पड़ सकता है।
इसी सब्सिडी के लिए सरकार ने 12 अक्टूबर को बैंक को ₹38 करोड़ जारी करने का आदेश दिया है। यानी सब्सिडी सिर्फ़ कागज़ पर नहीं, बैंक को पैसा भी पहुंच रहा है।
किसे मिलेगा लोन? पात्रता (Eligibility)
इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान को ये शर्तें पूरी करनी होंगी:
- उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी: आवेदक किसान यूपी का मूल निवासी होना चाहिए।
- लघु या सीमांत किसान: अपने नाम पर 2 हेक्टेयर तक कृषि योग्य भूमि होनी चाहिए (खतौनी में दर्ज)।
- भूमि के वैध दस्तावेज़: किसान के नाम पर खसरा-खतौनी जैसे वैध भूमि दस्तावेज़ होने चाहिए।
- नो-डिफॉल्ट इतिहास: किसान ने पहले किसी बैंक या सहकारी समिति से लिए ऋण में कोई डिफॉल्ट न किया हो — यानी बकायेदार (defaulter) न हो।
किन कामों के लिए मिलेगा लोन?
योजना के तहत ऋण को चार मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है:
| ऋण श्रेणी | शामिल कार्य / उद्देश्य |
|---|---|
| लघु सिंचाई एवं यांत्रीकरण | ट्यूबवेल बोरिंग, सोलर पंप, ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, मधुमक्खी पालन (Bee Keeping) |
| पशुपालन एवं आवास | डेयरी उद्योग (मिनी नंदिनी डेयरी यूनिट सहित), गो-पालन (गाय-भैंस), मुर्गी पालन, मत्स्य पालन, कच्चा-पक्का आवास निर्माण |
| NBCFDC योजना | रोजगारपरक एवं आय बढ़ाने वाली विविध कृषि परियोजनाएं |
| एजुकेशन लोन | ग्रामीण परिवारों के बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए दीर्घकालिक ऋण |
यानी खेती के आधुनिकीकरण से लेकर डेयरी, पोल्ट्री, मछली पालन और बच्चों की पढ़ाई तक — कई ज़रूरतें इस एक योजना में कवर हो जाती हैं।
जरूरी दस्तावेज़ (Documents)
ऑनलाइन आवेदन करते समय या बैंक शाखा में फॉर्म जमा करते वक्त ये दस्तावेज़ तैयार रखें:
- आधार कार्ड — मोबाइल नंबर से लिंक होना चाहिए (OTP वेरिफिकेशन के लिए)
- पैन कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र / राशन कार्ड
- भूमि के कागज़ात — खसरा, खतौनी या किसान बही की कॉपी (अपने नाम पर 2 हेक्टेयर तक ज़मीन)
- बैंक पासबुक की कॉपी (IFSC कोड सहित)
- 2 पासपोर्ट साइज़ नवीनतम फोटोग्राफ
- चालू मोबाइल नंबर — OTP सत्यापन के लिए
नोट: जिस काम के लिए लोन ले रहे हैं (जैसे ट्रैक्टर या सोलर पंप), उसके लिए बैंक आपसे एक बेसिक कोटेशन या प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी मांग सकता है — यानी कितने का काम है और किससे खरीदेंगे, इसका एक लिखित अनुमान।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें — mksyldb.in (Step-by-Step)
आधिकारिक पोर्टल mksyldb.in पर घर बैठे आवेदन करने का तरीका:
- पोर्टल खोलें: अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर mksyldb.in पर जाएं।
- ऋण आवेदन पर क्लिक करें: होम पेज पर "ऋण आवेदन करें / Apply for Loan" विकल्प पर क्लिक करें।
- क्षेत्र चुनें: नया पेज खुलेगा — यहां अपना जनपद (जिला), बैंक शाखा, तहसील, ब्लॉक, ग्राम पंचायत और गांव सेलेक्ट करें।
- लोन का विवरण भरें: आपको कितनी ऋण राशि चाहिए और किस कार्य के लिए लोन लेना है, वह चुनें।
- पता और मोबाइल नंबर: अपना पूरा पता और चालू मोबाइल नंबर दर्ज करें।
- OTP वेरिफिकेशन: आपके मोबाइल पर आए OTP को दर्ज करके नंबर सत्यापित करें।
- पासवर्ड बनाएं: पोर्टल पर लॉगिन के लिए एक मजबूत पासवर्ड सेट करें और रजिस्ट्रेशन सबमिट करें।
- दस्तावेज़ अपलोड करें: लॉगिन करके अपने सभी जरूरी दस्तावेज़ अपलोड करें।
- प्रिंटआउट निकालें: फॉर्म सबमिट होने के बाद उसका प्रिंटआउट निकालकर सुरक्षित रखें — आगे बैंक में काम आएगा।
फॉर्म जमा होने के बाद आपका आवेदन चुनी हुई बैंक शाखा को भेजा जाता है। शाखा आपके आवेदन और दस्तावेज़ों की जांच करके ऋण देने का फैसला लेती है।
ऑफलाइन आवेदन कैसे करें (323 बैंक शाखाएं)
जो किसान ऑनलाइन आवेदन करने में असमर्थ हैं — जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है, या इंटरनेट की दिक्कत है — वे उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक (LDB) की 323 शाखाओं में से किसी एक में जाकर ऑफलाइन फॉर्म भर सकते हैं।
- अपनी नज़दीकी LDB शाखा जाएं (जनपद, तहसील या ब्लॉक स्तर की शाखा)।
- शाखा से कृषक समृद्धि योजना का आवेदन फॉर्म लें।
- फॉर्म में अपना विवरण, लोन की राशि और उद्देश्य भरें।
- ऊपर बताए गए सभी दस्तावेज़ों की फोटोकॉपी के साथ फॉर्म जमा करें।
- रसीद या आवेदन नंबर लेकर सुरक्षित रखें।
बैंक ने अपनी शाखाओं के शाखा अध्यक्षों (डेलीगेट) को योजना के प्रावधानों की ट्रेनिंग दी है, ताकि वे किसानों को जोड़ने और ऋण स्वीकृति में मदद कर सकें। यानी शाखा में जाने पर आपको इस योजना की सही जानकारी मिलनी चाहिए।
लोन चुकाने की अवधि और महत्वपूर्ण बातें
- चुकौती अवधि: यह दीर्घकालिक ऋण है — लोन की राशि और उद्देश्य के हिसाब से 3 वर्ष से 15 वर्ष तक की अवधि मिलती है, ताकि EMI का बोझ हल्का रहे।
- समय पर किस्त = 6% ब्याज: 6% की रियायती दर सिर्फ़ समय पर किस्त चुकाने वालों के लिए है। किस्त डिफॉल्ट होने पर सब्सिडी का लाभ रुक सकता है।
- कोई अंतिम तिथि घोषित नहीं: 12 अक्टूबर 2026 की खबरों में आवेदन शुरू होने की बात है, लेकिन आवेदन की अंतिम तिथि (last date) अभी घोषित नहीं हुई है। जैसे ही कोई तिथि आएगी, हम इस लेख को अपडेट करेंगे — इसलिए जितना जल्दी हो सके, आवेदन कर दें।
- लोन स्वीकृति बैंक का फैसला: आवेदन करने का मतलब लोन मिलना नहीं है — बैंक दस्तावेज़ और पात्रता की जांच के बाद ही स्वीकृति देगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना में ब्याज दर कितनी लगती है?
बैंक की मूल दर 11% है, लेकिन UP सरकार 5% ब्याज अनुदान (सब्सिडी) देती है। इसलिए समय पर किस्त चुकाने वाले किसानों को सिर्फ़ 6% सालाना ब्याज देना पड़ता है।
2. Krishak Samriddhi Yojana में अधिकतम कितना लोन मिलता है?
इस योजना के तहत पात्र किसानों को ₹6 लाख तक का दीर्घकालिक ऋण मिलता है।
3. आवेदन कब से शुरू हुए हैं? अंतिम तिथि क्या है?
12 अक्टूबर 2026 (सोमवार) से ऋण आवेदन शुरू हुए हैं। अभी तक कोई अंतिम तिथि घोषित नहीं हुई है। पात्र किसान जल्द आवेदन कर दें।
4. mksyldb.in पर ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
mksyldb.in पर जाएं → "ऋण आवेदन करें" पर क्लिक करें → जिला/शाखा/तहसील/ब्लॉक/पंचायत/गांव चुनें → लोन राशि और उद्देश्य भरें → मोबाइल नंबर और OTP से वेरिफाई करें → पासवर्ड बनाएं → दस्तावेज़ अपलोड करें → फॉर्म का प्रिंटआउट निकालें।
5. कौन-कौन से दस्तावेज़ चाहिए?
आधार कार्ड (मोबाइल से लिंक), पैन कार्ड, निवास प्रमाण/राशन कार्ड, खसरा-खतौनी (अपने नाम 2 हेक्टेयर तक ज़मीन), बैंक पासबुक (IFSC सहित), 2 पासपोर्ट फोटो और चालू मोबाइल नंबर। काम के हिसाब से कोटेशन/प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी मांगी जा सकती है।
6. क्या डिफॉल्टर किसान आवेदन कर सकता है?
नहीं। जिस किसान ने पहले किसी बैंक या सहकारी समिति से लिए लोन में डिफॉल्ट किया हो, वह इस योजना का पात्र नहीं है।
7. ऑफलाइन आवेदन कहां होगा?
उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक (LDB) की 323 शाखाओं में से किसी भी नज़दीकी शाखा में जाकर ऑफलाइन फॉर्म भर सकते हैं।
8. लोन चुकाने के लिए कितना समय मिलेगा?
यह 3 वर्ष से 15 वर्ष तक का दीर्घकालिक ऋण है। अवधि लोन की राशि और उद्देश्य के अनुसार बैंक तय करेगा।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना 2026 उत्तर प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों के लिए सस्ते कर्ज़ का एक बड़ा मौका है — 6% ब्याज पर ₹6 लाख तक का लोन, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से आवेदन, और सरकार की तरफ से सीधे बैंक को सब्सिडी। 12 अक्टूबर 2026 से आवेदन शुरू हो चुके हैं और अंतिम तिथि की घोषणा अभी नहीं हुई है, इसलिए पात्र किसान देर न करें — mksyldb.in पर आज ही आवेदन करें या नज़दीकी LDB शाखा में संपर्क करें।
अंतिम अपडेट: 12 अक्टूबर 2026
डिस्क्लेमर: यह लेख एक निजी सूचना पोर्टल (सरकारी वेबसाइट नहीं) द्वारा प्रकाशित किया गया है। योजना की जानकारी समाचार रिपोर्टों और उपलब्ध विवरणों पर आधारित है — आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल mksyldb.in या बैंक शाखा से नियमों की पुष्टि अवश्य करें।





