Panchayat Darpan MP 2026: गाँव की पंचायत का पूरा हिसाब-किताब अब आपकी जेब में, जानिए कैसे देखें

गाँव में रहने वाले हर व्यक्ति के मन में कभी न कभी यह सवाल जरूर आता है कि हमारी पंचायत को सरकार से कितना पैसा मिला, वह पैसा कहाँ खर्च हुआ और गाँव में जो सड़क, नाली या स्कूल का काम हुआ है, उसके लिए कितना भुगतान किया गया। पहले इन सवालों के जवाब पाने के लिए लोगों को सरपंच या सचिव के चक्कर लगाने पड़ते थे, और कई बार सही जानकारी मिलती भी नहीं थी। लेकिन अब मध्य प्रदेश में यह सारी जानकारी आपके मोबाइल या कंप्यूटर पर कुछ ही मिनटों में देखी जा सकती है।

इस लेख में हम आपको एक ऐसे सरकारी पोर्टल के बारे में पूरी जानकारी देंगे, जो आपकी ग्राम पंचायत के हर पैसे का हिसाब जनता के सामने रखता है। आप जानेंगे कि इस पोर्टल पर क्या-क्या देखा जा सकता है, ई-पेमेंट और सैलरी का स्टेटस कैसे चेक किया जाता है, गाँव में हुए निर्माण कार्यों की जानकारी कैसे निकाली जाती है और 2026 में इस पोर्टल में कौन से दो बड़े बदलाव हुए हैं, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं।

लेख को इस तरह तैयार किया गया है कि अंत तक पढ़ने के बाद आपको किसी और जगह जाने की जरूरत न पड़े। पहले हम पोर्टल का संक्षिप्त परिचय देंगे, फिर जुलाई 2026 के बड़े अपडेट की जानकारी देंगे, उसके बाद एक-एक करके सभी सुविधाओं को इस्तेमाल करने के आसान चरण बताएँगे और अंत में आपके मन में उठने वाले आम सवालों के जवाब देंगे। तो चलिए, शुरू करते हैं।

Panchayat Darpan MP 2026: एक नजर में

जानकारीविवरण
पोर्टल का नामPanchayat Darpan MP (पंचायत दर्पण, मध्य प्रदेश)
विभागपंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, मध्य प्रदेश सरकार
शुरुआत1 मई 2014, भोपाल
शुरुआत किसने कीतत्कालीन मुख्य सचिव एंटनी डेसा
आधिकारिक पोर्टलmppanchayatdarpan.gov.in
मोबाइल ऐपPanchayat DARPAN, DoPR, MP (Google Play Store पर उपलब्ध)
मध्य प्रदेश में कुल ग्राम पंचायतें23,011
2026 का बड़ा अपडेट14 जुलाई 2026 को Drishti ऑनलाइन ऑडिट प्लेटफॉर्म और पेमेंट गेटवे की शुरुआत
उपयोग शुल्कनागरिकों के लिए पूरी तरह निशुल्क
किसके लिए उपयोगीग्रामीण नागरिक, सरपंच, पंच, सचिव, पंचायत कर्मचारी और शोधकर्ता

Panchayat Darpan MP क्या है?

Panchayat Darpan MP मध्य प्रदेश सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का एक ऑनलाइन पोर्टल है। इसका मकसद बहुत साफ है – ग्राम पंचायतों के कामकाज में पूरी पारदर्शिता लाना। इस पोर्टल पर आप देख सकते हैं कि आपकी पंचायत को कितनी राशि मिली, वह राशि किन कामों पर खर्च हुई, किस काम का भुगतान किस तारीख को हुआ और आपके गाँव के जनप्रतिनिधि कौन हैं। यह पोर्टल राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), मध्य प्रदेश द्वारा तैयार किया गया है।

इस पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सिर्फ अधिकारियों के लिए नहीं, बल्कि आम जनता के लिए बनाया गया है। आपको जानकारी पाने के लिए न तो किसी दफ्तर जाना पड़ता है और न ही किसी से पूछना पड़ता है। आप अपने जिले, जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत का नाम चुनकर सीधे उस पंचायत से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं। यही वजह है कि मध्य प्रदेश ऐसा पहला राज्य बना, जिसने पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता और लगातार ऑडिट की व्यवस्था को ऑनलाइन किया।

पोर्टल पर मिलने वाली जानकारी में पंचायत को मिली राशि, ई-भुगतान का स्टेटस, कर्मचारियों के वेतन भुगतान की स्थिति, निर्माण कार्यों का विवरण, गाँव और पंचायत की सूची, जनप्रतिनिधियों की जानकारी, स्व-कर संग्रह और बकाया भुगतान का विवरण शामिल है। इसके अलावा पोर्टल पर परिपत्र, आदेश, समाचार और प्रशिक्षण से जुड़ी जानकारी भी दी जाती है।

जुलाई 2026 का बड़ा अपडेट: Drishti ऑडिट और पेमेंट गेटवे

14 जुलाई 2026 को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक के दौरान Panchayat Darpan MP पोर्टल पर दो नई सुविधाओं की शुरुआत की। पहली सुविधा है Drishti ऑनलाइन ऑडिट प्लेटफॉर्म और दूसरी है पेमेंट गेटवे। ये दोनों सुविधाएँ पंचायत व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़े कदम मानी जा रही हैं।

Drishti प्लेटफॉर्म के जरिए अब ऑडिटर पंचायतों की आय और व्यय का ऑडिट ऑनलाइन कर सकते हैं। पहले ऑडिट के लिए कागजी रिकॉर्ड और दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब ऑडिटर दूर बैठकर ही पंचायतों के आय-व्यय के रिकॉर्ड देख सकते हैं। इस प्लेटफॉर्म को पंचायती राज निदेशालय ने महालेखाकार के मार्गदर्शन में और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के तकनीकी सहयोग से तैयार किया है। इससे राज्य की सभी 23,011 ग्राम पंचायतों का समय पर ऑडिट करना आसान होगा।

दूसरी सुविधा, पेमेंट गेटवे, आम नागरिकों के लिए सीधी राहत लेकर आई है। अब पंचायतें ऑनलाइन बिल बना सकती हैं और नागरिक घर बैठे पंचायत की सेवाओं का डिजिटल भुगतान कर सकते हैं। इस सुविधा को पंचायती राज निदेशालय, NIC, मध्य प्रदेश जल निगम और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने मिलकर तैयार किया है। इसका मतलब यह है कि अब छोटे-छोटे पंचायत शुल्क या सेवाओं के भुगतान के लिए भी दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं रहेगी।

Panchayat Darpan MP पर क्या-क्या देखा जा सकता है?

पोर्टल पर नागरिकों के लिए कई तरह की जानकारी उपलब्ध है। नीचे दी गई सूची से आप समझ सकते हैं कि इस एक पोर्टल से आपको क्या-क्या मिल सकता है।

  • ई-भुगतान आदेश की स्थिति: ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और जिला पंचायत के भुगतान की ट्रैकिंग। किस काम के लिए कितना भुगतान हुआ और उसकी स्थिति क्या है, यह देखा जा सकता है।
  • वेतन भुगतान की स्थिति: पंचायत कर्मचारियों के वेतन भुगतान से जुड़ी जानकारी।
  • निर्माण कार्यों का विवरण: गाँव में हुए निर्माण कार्यों को नक्शे पर, योजना के अनुसार या कार्य के प्रकार और स्थिति के हिसाब से देखा जा सकता है। कार्यों की जियो-टैग की हुई तस्वीरें भी उपलब्ध होती हैं।
  • ग्राम पंचायत और गाँव की सूची: अपने जिले और जनपद की सभी ग्राम पंचायतों और गाँवों की सूची।
  • जनप्रतिनिधियों की जानकारी: जिला, जनपद और ग्राम पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधियों का विवरण।
  • पंचायत को मिली राशि: आपकी ग्राम पंचायत को सरकार से कितनी राशि मिली, इसका ब्योरा।
  • स्व-कर संग्रह और बकाया भुगतान: पंचायत द्वारा वसूले गए स्व-कर और बकाया भुगतान से जुड़ा विवरण।
  • कर्मचारियों की जानकारी: कार्यालय के अनुसार कर्मचारियों का विवरण।
  • फीडबैक फॉर्म: पोर्टल पर अपनी राय या सुझाव भेजने की सुविधा।

ई-पेमेंट स्टेटस कैसे चेक करें?

अगर आप जानना चाहते हैं कि आपकी पंचायत के किसी काम का भुगतान हुआ है या नहीं, तो ई-भुगतान की स्थिति देखने का तरीका बहुत आसान है। नीचे दिए गए चरणों को ध्यान से पढ़ें।

  1. सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउजर में आधिकारिक पोर्टल mppanchayatdarpan.gov.in खोलें।
  2. होम पेज पर आपको पंचायत दर्पण ई-भुगतान से जुड़ा विकल्प मिलेगा। उस पर क्लिक करें।
  3. अब अपने जिले का नाम चुनें, फिर जनपद पंचायत चुनें और उसके बाद अपनी ग्राम पंचायत का नाम चुनें।
  4. पंचायत चुनते ही उससे जुड़े भुगतान आदेशों की सूची आपके सामने आ जाएगी।
  5. सूची में आप देख सकते हैं कि किस काम के लिए कितनी राशि का भुगतान आदेश बना है और उसकी स्थिति क्या है।
  6. अगर आपको किसी खास भुगतान की जानकारी चाहिए, तो तारीख या कार्य के नाम के हिसाब से उसे खोज सकते हैं।

एक बात ध्यान रखें कि पोर्टल पर मेन्यू के नाम और बटन की जगह समय-समय पर थोड़ी बदल सकती है, क्योंकि विभाग पोर्टल को लगातार बेहतर बनाता रहता है। अगर कोई विकल्प सीधे न मिले, तो होम पेज पर दिए गए ई-भुगतान या भुगतान ट्रैकिंग से जुड़े सेक्शन को ध्यान से देखें।

सैलरी पेमेंट स्टेटस कैसे देखें?

पंचायतों में काम करने वाले कर्मचारियों और उनसे जुड़े परिवारों के लिए वेतन भुगतान की जानकारी भी इस पोर्टल पर देखी जा सकती है। वेतन का भुगतान हुआ है या नहीं, यह जानने के लिए नीचे दिए गए चरण अपनाएँ।

  1. आधिकारिक पोर्टल mppanchayatdarpan.gov.in खोलें।
  2. वेतन भुगतान या सैलरी से जुड़े विकल्प को चुनें।
  3. अपना जिला, जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत चुनें।
  4. इसके बाद उस पंचायत से जुड़े वेतन भुगतान का विवरण स्क्रीन पर दिखेगा।
  5. आप संबंधित महीने या कर्मचारी के हिसाब से जानकारी देख सकते हैं।

अगर वेतन से जुड़ी जानकारी पोर्टल पर न मिले या कोई गड़बड़ी दिखे, तो सबसे पहले अपने पंचायत सचिव या जनपद पंचायत कार्यालय से संपर्क करें, क्योंकि वेतन का रिकॉर्ड पंचायत स्तर पर ही तैयार किया जाता है।

गाँव में हुए निर्माण कार्यों की जानकारी कैसे देखें?

गाँव में बनी सड़क, नाली, स्कूल की इमारत या किसी अन्य निर्माण कार्य की जानकारी निकालना भी इस पोर्टल से संभव है। यह सुविधा उन नागरिकों के लिए बहुत काम की है, जो यह जानना चाहते हैं कि उनके गाँव में कौन से काम हुए और उन पर कितना खर्च आया।

  1. पोर्टल खोलकर निर्माण कार्य या विकास कार्यों से जुड़ा विकल्प चुनें।
  2. अपना जिला, जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत चुनें।
  3. अब आप कार्यों को तीन तरह से देख सकते हैं: नक्शे पर, योजना के अनुसार या कार्य के प्रकार और उसकी स्थिति के हिसाब से।
  4. किसी खास कार्य पर क्लिक करते ही उसका पूरा विवरण खुल जाएगा, जिसमें कार्य का नाम, लागत और उसकी मौजूदा स्थिति शामिल होगी।
  5. कई कार्यों के साथ जियो-टैग की हुई तस्वीरें भी होती हैं, जिनसे आप देख सकते हैं कि काम वास्तव में कहाँ और किस हालत में है।

अगर आपको लगता है कि पोर्टल पर दिख रहा कार्य और गाँव की हकीकत में फर्क है, तो उसकी जानकारी ग्राम सभा में उठाएँ या पंचायत कार्यालय में लिखित रूप से दें। पोर्टल जानकारी दिखाने का माध्यम है, शिकायत का निपटारा पंचायत और विभाग की प्रक्रिया से ही होता है।

अपनी ग्राम पंचायत और जनप्रतिनिधियों की सूची कैसे देखें?

कई बार लोगों को यह जानना होता है कि उनके गाँव की पंचायत का नाम क्या है, उसमें कौन से गाँव आते हैं और उनके जनप्रतिनिधि कौन हैं। यह जानकारी भी Panchayat Darpan MP पोर्टल पर आसानी से मिल जाती है।

  1. पोर्टल के होम पेज पर ग्राम पंचायत या गाँव की सूची से जुड़ा विकल्प चुनें।
  2. अपना जिला और जनपद पंचायत चुनें।
  3. अब आपके सामने उस जनपद की सभी ग्राम पंचायतों की सूची आ जाएगी।
  4. किसी पंचायत पर क्लिक करने पर उससे जुड़े गाँवों और जनप्रतिनिधियों की जानकारी देखी जा सकती है।
  5. जनप्रतिनिधि से जुड़े सेक्शन में जिला पंचायत, जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर के प्रतिनिधियों का विवरण मिलता है।

Panchayat Darpan मोबाइल ऐप कैसे इस्तेमाल करें?

जिन लोगों के पास कंप्यूटर नहीं है, उनके लिए इस पोर्टल का मोबाइल ऐप बहुत उपयोगी है। ऐप का नाम है Panchayat DARPAN, DoPR, MP और यह Google Play Store पर निशुल्क उपलब्ध है। इसे राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), मध्य प्रदेश ने तैयार किया है।

ऐप डाउनलोड करने के बाद आप उसमें भी वही जानकारी देख सकते हैं, जो पोर्टल पर मिलती है। इसमें ई-भुगतान, रसीदें, विकास कार्य, जनप्रतिनिधि, वेतन भुगतान, बैंक स्टेटमेंट, पंचायत को मिली राशि और खर्च का विवरण शामिल है। ऐप की मदद से आप अपने गाँव की पंचायत की बैंक पासबुक का विवरण और कार्यों पर हुए खर्च की जानकारी भी देख सकते हैं।

ऐप इस्तेमाल करने के लिए बस इतना करें: Google Play Store खोलें, Panchayat DARPAN, DoPR, MP खोजें, ऐप इंस्टॉल करें और फिर अपना जिला, जनपद और ग्राम पंचायत चुनकर जानकारी देखें। ऐप पूरी तरह निशुल्क है और इसमें जानकारी देखने के लिए किसी शुल्क की जरूरत नहीं है।

Panchayat Darpan MP बनाम eGramSwaraj: क्या फर्क है?

बहुत से लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि Panchayat Darpan MP और eGramSwaraj में क्या फर्क है, क्योंकि दोनों ही पंचायतों से जुड़े पोर्टल हैं। सच यह है कि दोनों का काम अलग-अलग है और दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं।

eGramSwaraj केंद्र सरकार के पंचायती राज मंत्रालय का राष्ट्रीय पोर्टल है। इसे 24 अप्रैल 2020 को प्रधानमंत्री ने शुरू किया था। इसका काम पंचायतों की योजना बनाना, बजट तैयार करना, लेखा-जोखा रखना, ऑनलाइन भुगतान करना और विकास योजनाओं की निगरानी करना है। यह पोर्टल सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) से जुड़ा है, जिससे विक्रेताओं और सेवा देने वालों को सीधे भुगतान किया जा सकता है।

इसके मुकाबले Panchayat Darpan MP सिर्फ मध्य प्रदेश का राज्य-स्तरीय पोर्टल है, जो 2014 से काम कर रहा है। इसका मुख्य काम जनता के सामने पंचायतों के पैसे और कामों का हिसाब रखना है। जहाँ eGramSwaraj पंचायतों के अंदरूनी कामकाज और भुगतान की प्रणाली है, वहीं Panchayat Darpan MP जनता के लिए पारदर्शिता की खिड़की है। इसी तरह केंद्र सरकार का AuditOnline प्लेटफॉर्म पंचायत खातों की ऑनलाइन ऑडिट के लिए है, जबकि Drishti मध्य प्रदेश के स्तर पर ऑडिट की वही सुविधा देता है।

आम नागरिक के लिए इसका मतलब साफ है: अगर आपको अपनी पंचायत का पैसा और काम देखना है, तो Panchayat Darpan MP आपके लिए सही जगह है। अगर आप पंचायत के कामकाज की राष्ट्रीय व्यवस्था के बारे में जानना चाहते हैं, तो eGramSwaraj देख सकते हैं।

मध्य प्रदेश से जुड़े अन्य पोर्टलों की जानकारी भी आपके काम आ सकती है। अगर आप किसान हैं, तो SAARA पोर्टल MP से किसान कल्याण की स्थिति और गिरदावरी की जानकारी देख सकते हैं। महिलाओं के लिए मध्य प्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना की किस्त से जुड़ी ताजा जानकारी हमारी लाड़ली बहना योजना 41वीं किस्त वाली खबर में पढ़ें।

Panchayat Darpan MP से जुड़े आम सवाल (FAQ)

1. Panchayat Darpan MP क्या है?

Panchayat Darpan MP मध्य प्रदेश सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का आधिकारिक पोर्टल है। इस पर राज्य की 23,011 ग्राम पंचायतों से जुड़ी जानकारी जैसे पंचायत को मिली राशि, खर्च, ई-भुगतान, निर्माण कार्य और जनप्रतिनिधियों का विवरण देखा जा सकता है। यह पोर्टल 1 मई 2014 को शुरू हुआ था।

2. क्या इस पोर्टल पर अपनी पंचायत का पूरा खर्च देखा जा सकता है?

जी हाँ। पोर्टल पर पंचायत को मिली राशि, उस पर हुए खर्च, ई-भुगतान आदेशों की स्थिति और निर्माण कार्यों का विवरण देखा जा सकता है। आप जिला, जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत चुनकर अपनी पंचायत की जानकारी निकाल सकते हैं।

3. Panchayat Darpan MP पोर्टल और ऐप का इस्तेमाल मुफ्त है या इसके लिए पैसे देने पड़ते हैं?

नागरिकों के लिए पोर्टल और मोबाइल ऐप दोनों का इस्तेमाल पूरी तरह निशुल्क है। जानकारी देखने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता। ऐप Google Play Store से मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकता है।

4. Drishti प्लेटफॉर्म क्या है?

Drishti मध्य प्रदेश सरकार का ऑनलाइन ऑडिट प्लेटफॉर्म है, जिसे 14 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने Panchayat Darpan पोर्टल पर शुरू किया था। इससे ऑडिटर पंचायतों की आय और व्यय का ऑडिट ऑनलाइन कर सकते हैं। इसे पंचायती राज निदेशालय ने महालेखाकार के मार्गदर्शन और NIC के तकनीकी सहयोग से तैयार किया है।

5. Panchayat Darpan MP के पेमेंट गेटवे से आम नागरिक को क्या फायदा होगा?

पेमेंट गेटवे से पंचायतें ऑनलाइन बिल बना सकती हैं और नागरिक घर बैठे पंचायत की सेवाओं का डिजिटल भुगतान कर सकते हैं। इससे दफ्तर के चक्कर कम होंगे और भुगतान का रिकॉर्ड भी ऑनलाइन रहेगा। इस सुविधा को NIC, मध्य प्रदेश जल निगम और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के साथ मिलकर तैयार किया गया है।

6. क्या Panchayat Darpan MP पर शिकायत भी दर्ज की जा सकती है?

पोर्टल पर फीडबैक फॉर्म की सुविधा उपलब्ध है, जिससे आप अपनी राय या सुझाव भेज सकते हैं। अगर आपकी शिकायत किसी खास काम या भुगतान से जुड़ी है, तो उसे ग्राम सभा में उठाना या पंचायत सचिव और जनपद पंचायत कार्यालय में लिखित रूप से देना बेहतर रहता है, क्योंकि शिकायत का निपटारा विभागीय प्रक्रिया से ही होता है।

7. Panchayat Darpan MP और eGramSwaraj में क्या अंतर है?

Panchayat Darpan MP मध्य प्रदेश का राज्य-स्तरीय पारदर्शिता पोर्टल है, जो 2014 से जनता के सामने पंचायतों के पैसे और कामों का हिसाब रखता है। eGramSwaraj केंद्र सरकार का राष्ट्रीय पोर्टल है, जो 24 अप्रैल 2020 को शुरू हुआ था और पंचायतों की योजना, बजट, लेखा और PFMS से ऑनलाइन भुगतान का काम संभालता है। दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं।

8. क्या मोबाइल से भी पंचायत की जानकारी देखी जा सकती है?

जी हाँ। Panchayat DARPAN, DoPR, MP नाम का आधिकारिक मोबाइल ऐप Google Play Store पर उपलब्ध है। इसमें पोर्टल जैसी ही जानकारी मिलती है, जैसे ई-भुगतान, विकास कार्य, वेतन भुगतान, बैंक स्टेटमेंट और पंचायत को मिली राशि का विवरण।

महत्वपूर्ण लिंक

सेवालिंक
आधिकारिक पोर्टल – Panchayat Darpan MPmppanchayatdarpan.gov.in
मोबाइल ऐप – Google Play StorePanchayat DARPAN, DoPR, MP

अस्वीकरण: GramSuvidha एक निजी सूचना पोर्टल है (सरकारी वेबसाइट नहीं)। इस लेख में दी गई जानकारी आधिकारिक पोर्टल mppanchayatdarpan.gov.in और सार्वजनिक समाचार रिपोर्टों पर आधारित है। किसी भी आधिकारिक कार्यवाही से पहले कृपया संबंधित सरकारी पोर्टल या कार्यालय से जानकारी की पुष्टि कर लें।