बाढ़, ओलावृष्टि, आंधी या बेमौसम बारिश — बिहार का किसान हर साल मौसम की मार झेलता है। कभी गंगा-कोसी की बाढ़ खेत डुबा देती है, कभी एक ही रात की ओलावृष्टि पूरी फसल बर्बाद कर देती है। ऐसे समय में सबसे बड़ा सवाल होता है: नुकसान भरपाई कहां से होगी? bihar krishi input anudan yojana 2026 इसी सवाल का जवाब है — बिहार सरकार की वह योजना जो प्राकृतिक आपदा से 33% या उससे ज्यादा फसल नुकसान झेलने वाले किसानों को सीधे बैंक खाते में आर्थिक सहायता देती है।
इस पूरी गाइड में आप जानेंगे — योजना क्या है और 2026-27 में क्या नया है, कौन आवेदन कर सकता है, मुआवजे की दरें कितनी हैं, रैयत और गैर-रैयत किसानों के लिए दस्तावेजों की पूरी चेकलिस्ट, 13 अंकों के किसान पंजीकरण नंबर की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया, ऑनलाइन आवेदन का पूरा तरीका, जिला कृषि पदाधिकारी (DAO) सत्यापन और खेत निरीक्षण की प्रक्रिया, आवेदन स्थिति कैसे जांचें, पेमेंट अटकने पर क्या करें, और अंत में आठ जरूरी सवाल-जवाब। सारी जानकारी बिहार कृषि विभाग के आधिकारिक DBT पोर्टल (dbtagriculture.bihar.gov.in) और मौजूदा आधिकारिक स्रोतों पर आधारित है।
bihar krishi input anudan yojana 2026: एक नजर में
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना (Krishi Input Anudan Yojana) |
| लागू करने वाला विभाग | कृषि विभाग, बिहार सरकार |
| शुरुआत | 2016 |
| उद्देश्य | प्राकृतिक आपदा से 33% या अधिक फसल नुकसान पर आर्थिक सहायता |
| मुआवजा दर (सरकारी दरों के अनुसार) | असिंचित जमीन: ₹8,500/हेक्टेयर; सिंचित जमीन: ₹17,000/हेक्टेयर; बागानी/स्थायी फसल: ₹22,500/हेक्टेयर |
| न्यूनतम भुगतान | ₹1,000 (असिंचित) / ₹2,000 (सिंचित) / ₹2,500 (बागानी) |
| अधिकतम क्षेत्र | 2 हेक्टेयर प्रति किसान |
| आवेदन माध्यम | ऑनलाइन — dbtagriculture.bihar.gov.in |
| भुगतान | DBT — आधार-लिंक्ड बैंक खाते में सीधा हस्तांतरण |
| जरूरी नंबर | 13 अंकों का किसान पंजीकरण नंबर (Farmer Registration Number) |
| हेल्पलाइन | 1800 180 1551 (टोल-फ्री; सोमवार–शनिवार, सुबह 10–शाम 5 बजे) |
| स्थिति 2026-27 | आवेदन खुले हैं — इस सीजन के लिए आवेदन शुरू |
योजना क्या है? (2026-27 में क्या नया है)
बिहार कृषि इनपुट अनुदान योजना 2016 से चल रही बिहार सरकार की वह योजना है, जिसके तहत बाढ़, अतिवृष्टि, आंधी-तूफान, ओलावृष्टि या बेमौसम बारिश से खड़ी फसल बर्बाद होने पर किसानों को इनपुट सब्सिडी (बीज, उर्वरक, कीटनाशक और जमीन की मरम्मत जैसी लागत) के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। यह पैसा फसल बीमा नहीं है — यह सीधे राज्य सरकार की आपदा राहत के तौर पर दी जाने वाली सहायता है, इसलिए इसके लिए कोई प्रीमियम नहीं देना होता और आवेदन पूरी तरह निःशुल्क है।
2026-27 सीजन की सबसे अहम बात: आवेदन इस समय खुले हैं। बिहार कृषि विभाग DBT पोर्टल पर “Krishi Input Anudan Yojana 2026-27” मेन्यू से ऑनलाइन आवेदन ले रहा है। योजना जिला-दर-जिला और पंचायत-दर-पंचायत सक्रिय होती है — सरकार पहले फसल नुकसान का सर्वे करवाती है, फिर प्रभावित जिलों, प्रखंडों और पंचायतों की अधिसूचित सूची जारी करती है। केवल उन्हीं अधिसूचित पंचायतों के किसान उस सीजन में आवेदन कर सकते हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले पोर्टल पर अपनी पंचायत अधिसूचित है या नहीं, यह जांचना सबसे जरूरी पहला कदम है।
एक और जरूरी बात: सरकार हर महीने पिछले महीने के नुकसान के लिए आवेदन खिड़की खोलती है। यानी अक्टूबर में फसल बर्बाद हुई हो तो नवंबर के आखिरी हफ्ते से दिसंबर की शुरुआत तक आवेदन का मौका मिलता है। 2026-27 की तारीखें पोर्टल पर मौसम और अधिसूचना के हिसाब से अपडेट होती रहती हैं — जिला/प्रखंड की अधिसूचित सूची और आवेदन की आखिरी तारीख पोर्टल पर जरूर देखें।
कौन आवेदन कर सकता है? — पात्रता की पूरी शर्तें
पात्रता की सबसे पहली और सबसे सख्त शर्त है 33% नुकसान का नियम: फसल का 33% या उससे ज्यादा नुकसान प्राकृतिक आपदा से हुआ होना चाहिए। यह नुकसान सरकारी सर्वे और खेत निरीक्षण से तय होता है — किसान को खुद नुकसान का सबूत इकट्ठा करके साबित नहीं करना पड़ता, लेकिन निरीक्षण में नुकसान 33% से कम निकला तो आवेदन खारिज हो जाता है।
- बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- DBT कृषि पोर्टल पर पंजीकृत किसान होना अनिवार्य है — 13 अंकों का Farmer Registration Number चाहिए।
- अधिसूचित पंचायत का किसान — किसान की खेती वाली जमीन उस सीजन के लिए सरकार द्वारा अधिसूचित पंचायत/प्रखंड/जिले में होनी चाहिए।
- रैयत और गैर-रैयत दोनों पात्र — जमीन के मालिक (रैयत) और दूसरों की जमीन पर खेती करने वाले बटाईदार/किराएदार (गैर-रैयत) दोनों आवेदन कर सकते हैं।
- परिवार की परिभाषा — पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे। मुआवजा प्रति किसान-परिवार के हिसाब से मिलता है।
- उम्र 18 वर्ष या अधिक होनी चाहिए।
- आधार-लिंक्ड बैंक खाता अनिवार्य है — बिना आधार-सीडेड खाते के DBT भुगतान नहीं हो सकता।
- नुकसान का कारण प्राकृतिक आपदा (बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, आंधी-तूफान, बेमौसम बारिश) होना चाहिए।
कितना मुआवजा मिलता है? — दरों की पूरी तालिका
सरकारी दरों के अनुसार मुआवजा जमीन और फसल के प्रकार के हिसाब से प्रति हेक्टेयर तय है:
| जमीन/फसल का प्रकार | दर (प्रति हेक्टेयर) | न्यूनतम भुगतान |
|---|---|---|
| असिंचित जमीन (वर्षा-आधारित फसलें) | ₹8,500 | ₹1,000 |
| सिंचित जमीन (सिंचाई वाली फसलें) | ₹17,000 | ₹2,000 |
| बागानी/स्थायी फसलें (जैसे गन्ना, बागवानी) | ₹22,500 | ₹2,500 |
- अधिकतम 2 हेक्टेयर तक के क्षेत्र पर ही मुआवजा मिलता है।
- अगर नुकसान वाला क्षेत्र 1 हेक्टेयर से कम है, तो न्यूनतम राशि मिलती है।
- अंतिम राशि का निर्धारण कृषि समन्वयक और किसान सलाहकार के खेत-स्तरीय सत्यापन के बाद होता है।
- यह दरें राज्य आपदा राहत मानदंडों पर आधारित हैं — अगर सरकार 2026-27 के लिए कोई संशोधित अधिसूचना जारी करती है, तो पोर्टल पर वही लागू दरें मान्य होंगी।
दस्तावेजों की पूरी चेकलिस्ट — रैयत vs गैर-रैयत
| दस्तावेज | रैयत (जमीन मालिक) | गैर-रैयत (बटाईदार/किराएदार) |
|---|---|---|
| 13 अंकों का किसान पंजीकरण नंबर | अनिवार्य | अनिवार्य |
| आधार कार्ड | अनिवार्य | अनिवार्य |
| जमीन का प्रमाण | नवीनतम LPC या 2022-23 / 2023-24 / 2024-25 की लगान रसीद | स्व-घोषणा पत्र — वार्ड सदस्य + कृषि समन्वयक द्वारा सत्यापित, या पट्टा/लीज अनुबंध |
| मोबाइल नंबर (पंजीकृत/सक्रिय) | अनिवार्य (OTP के लिए) | अनिवार्य (OTP के लिए) |
| बैंक पासबुक (आधार-लिंक्ड) | अनिवार्य | अनिवार्य |
| पासपोर्ट साइज फोटो | रंगीन, नवीनतम | रंगीन, नवीनतम |
| पारिवारिक विवरण | पति-पत्नी, नाबालिग बच्चे | पति-पत्नी, नाबालिग बच्चे |
गैर-रैयत किसानों के लिए सबसे अहम दस्तावेज स्व-घोषणा पत्र (Self Declaration Form) है — इसे वार्ड सदस्य और कृषि समन्वयक से सत्यापित करवाना होता है।
Step 1: किसान पंजीकरण — 13 अंकों का नंबर कैसे पाएं
- पोर्टल खोलें: dbtagriculture.bihar.gov.in खोलें।
- Farmer Registration चुनें: होमपेज पर रजिस्ट्रेशन सेक्शन में “Farmer Registration” पर क्लिक करें।
- आधार सत्यापन का तरीका चुनें: OTP / Biometric / IRIS — कोई एक चुनें (आमतौर पर OTP सबसे आसान है)।
- आधार विवरण दर्ज करें: आधार नंबर और आधार पर छपा नाम बिल्कुल वैसा ही लिखें, फिर “Authentication” पर क्लिक करें।
- OTP सत्यापित करें: आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए OTP को डालकर “Validate OTP” दबाएं।
- KCC विवरण की पुष्टि करें: अगर किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) है, तो उसका विवरण कन्फर्म करें।
- रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरें: किसान का विवरण, जमीन की जानकारी (खसरा/खतौनी) और बैंक खाते का विवरण भरें।
- Submit और OTP: “Submit” दबाएं और फिर से आए OTP से सत्यापित करें।
- Register दबाएं — नंबर नोट करें: “Register” पर क्लिक करते ही 13 अंकों का Farmer Registration Number बन जाएगा। इसे तुरंत नोट करके सुरक्षित रखें।
Step 2: ऑनलाइन आवेदन — Krishi Input Anudan Yojana 2026-27
- dbtagriculture.bihar.gov.in खोलें।
- “Online Services” सेक्शन में “Krishi Input Anudan Yojana 2026-27” चुनें।
- अपना 13 अंकों का Farmer Registration Number डालकर “Search” दबाएं।
- आपका पंजीकृत विवरण स्क्रीन पर पहले से भरा हुआ दिखेगा — इसे ध्यान से मिलाएं।
- बाकी जानकारी भरें: परिवार के सदस्य, कृषि भूमि का विवरण, उगाई गई फसलें, फसल नुकसान का कारण।
- सीजन चुनें (खरीफ या रबी), और अधिसूचित सूची से अपना जिला, प्रखंड और पंचायत चुनें।
- मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें।
- सबमिट से पहले पूरी जानकारी दोबारा जांचें।
- Submit दबाएं और आवेदन पावती (Acknowledgement Slip) डाउनलोड/प्रिंट करके संभालकर रखें।
सहायता चाहिए तो: नजदीकी प्रखंड कृषि पदाधिकारी, ई-किसान भवन, CSC या वसुधा केंद्र से भी आवेदन करवाया जा सकता है — वहां मामूली सेवा शुल्क लग सकता है, लेकिन सरकारी आवेदन निःशुल्क है।
आवेदन के बाद क्या होता है? — DAO सत्यापन और खेत निरीक्षण
- जिला कृषि पदाधिकारी (DAO) जांच: आवेदन और दस्तावेज सबसे पहले DAO के पास जाते हैं।
- खेत-स्तरीय निरीक्षण: कृषि समन्वयक और किसान सलाहकार खेत पर जाकर नुकसान का भौतिक सत्यापन करते हैं — नुकसान वाकई 33% या उससे ज्यादा है या नहीं, यही यहां तय होता है।
- पात्र सूची: पात्र किसानों की सूची DAO तैयार करता है और अंतिम स्वीकृति व भुगतान के लिए कृषि विभाग को भेजता है।
- SMS सूचना: आवेदन स्वीकृत होते ही पंजीकृत मोबाइल नंबर पर SMS आता है।
- DBT भुगतान: स्वीकृत मुआवजा सीधे आपके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाता है।
आवेदन की स्थिति और पावती पर्ची — Status कैसे चेक करें
- पावती पर्ची (Acknowledgement Slip): आवेदन जमा करते समय जो पर्ची डाउनलोड होती है, उसे संभालकर रखें।
- स्थिति जांचें: dbtagriculture.bihar.gov.in पर Krishi Input Anudan सेक्शन में “Application Status” पर क्लिक करें, अपना 13 अंकों का Farmer Registration Number डालें और Search दबाएं।
- SMS अलर्ट: स्वीकृति और भुगतान दोनों की सूचना पंजीकृत मोबाइल पर SMS से मिलती है।
परेशानी आए तो क्या करें? — Troubleshooting
समस्या 1: “पंचायत अधिसूचित सूची में नहीं दिख रही” — उस सीजन में आपकी पंचायत योजना के दायरे में नहीं आई। अपने प्रखंड के कृषि समन्वयक से संपर्क करें।
समस्या 2: “बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है” — DBT भुगतान केवल आधार-सीडेड खाते में होता है। बैंक शाखा में आधार लिंकिंग करवाएं।
समस्या 3: “नाम पात्र सूची में नहीं आया” — कारण: पंचायत अधिसूचित नहीं, निरीक्षण में नुकसान 33% से कम, या विवरण मेल नहीं खाया। DAO कार्यालय से खारिज होने का कारण पूछें।
समस्या 4: “स्वीकृति के बाद भी पैसा नहीं आया” — पोर्टल पर Application Status जांचें। हफ्तों बीत जाएं तो बैंक में DBT/आधार-सीडिंग की स्थिति जांचवाएं, फिर हेल्पलाइन 1800 180 1551 पर शिकायत करें।
समस्या 5: “OTP नहीं आ रहा” — आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर सक्रिय है या नहीं, जांचें। लगातार समस्या पर CSC/वसुधा केंद्र से मदद लें।
धोखाधड़ी से सावधान — Scam Warning
कृषि इनपुट अनुदान योजना का आवेदन पूरी तरह निःशुल्क है। अगर कोई व्यक्ति आपसे पैसे मांगे कि “आपका आवेदन अप्रूव करवा दूंगा” या “पात्र सूची में नाम डलवा दूंगा”, तो समझ लीजिए वह धोखेबाज है।
- स्वीकृति केवल DAO सत्यापन और खेत निरीक्षण से होती है — पैसों से नहीं।
- अपना 13 अंकों का पंजीकरण नंबर, आधार नंबर और OTP किसी अजनबी को न दें।
- आवेदन हमेशा खुद पोर्टल पर या सरकारी मान्यता प्राप्त CSC/वसुधा केंद्र/ई-किसान भवन से ही करवाएं।
- ठगी की कोशिश हो तो हेल्पलाइन 1800 180 1551 या नजदीकी कृषि कार्यालय में शिकायत करें।
महत्वपूर्ण लिंक
- आधिकारिक DBT पोर्टल (बिहार कृषि विभाग): dbtagriculture.bihar.gov.in
- हेल्पलाइन: 1800 180 1551 (टोल-फ्री, सोमवार–शनिवार, सुबह 10–शाम 5 बजे)
- बिहार की सभी योजनाओं की पूरी सूची: Bihar Sarkari Yojana List 2026
- फसल बीमा (PMFBY) की गाइड: PM Fasal Bima Yojana 2026
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
सवाल 1: bihar krishi input anudan yojana 2026 में आवेदन की आखिरी तारीख क्या है?
जवाब: तारीखें हर महीने नुकसान के हिसाब से अधिसूचित होती हैं — एक ही फिक्स्ड तारीख नहीं है। मौजूदा खिड़की और अपनी पंचायत की अधिसूचना dbtagriculture.bihar.gov.in पर Krishi Input Anudan सेक्शन में देखें।
सवाल 2: क्या बटाईदार या किराए पर खेती करने वाला किसान आवेदन कर सकता है?
जवाब: हां, बिल्कुल। गैर-रैयत (बटाईदार/किराएदार) किसान पात्र हैं — बस स्व-घोषणा पत्र वार्ड सदस्य और कृषि समन्वयक से सत्यापित करवाना होगा।
सवाल 3: 33% से कम नुकसान पर क्या मिलेगा?
जवाब: नहीं। योजना की सबसे सख्त शर्त यही है — 33% या उससे अधिक फसल नुकसान अनिवार्य है।
सवाल 4: क्या आवेदन के लिए कोई फीस है?
जवाब: नहीं। किसान पंजीकरण और अनुदान आवेदन पूरी तरह निःशुल्क हैं।
सवाल 5: पैसा कैसे और कब मिलेगा?
जवाब: DAO सत्यापन और खेत निरीक्षण के बाद पात्र सूची बनती है, फिर स्वीकृत राशि DBT से सीधे आपके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में आती है।
सवाल 6: क्या PM फसल बीमा (PMFBY) लेने वाला भी यह अनुदान ले सकता है?
जवाब: यह दोनों अलग-अलग व्यवस्थाएं हैं — PMFBY बीमा है, इनपुट अनुदान आपदा राहत है। विस्तृत जानकारी के लिए हमारी PM Fasal Bima Yojana 2026 गाइड देखें।
सवाल 7: परिवार में पति-पत्नी दोनों अलग-अलग आवेदन कर सकते हैं?
जवाब: नहीं — योजना प्रति किसान-परिवार लागू होती है। एक परिवार से एक ही आवेदन मान्य होगा।
सवाल 8: मेरी पंचायत अधिसूचित सूची में नहीं है — क्या करूं?
जवाब: उस सीजन में आवेदन नहीं हो पाएगा। अपने प्रखंड कृषि समन्वयक से संपर्क में रहें और किसान पंजीकरण पहले से करवा लें।
अस्वीकरण: GramSuvidha एक निजी सूचना पोर्टल (सरकारी वेबसाइट नहीं) है। यह जानकारी बिहार कृषि विभाग के आधिकारिक DBT पोर्टल (dbtagriculture.bihar.gov.in) और सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। दरें, तारीखें और अधिसूचनाएं बदल सकती हैं — आवेदन से पहले पोर्टल पर नवीनतम जानकारी जरूर जांचें।






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