Deen Dayal Antyodaya Yojana 2026: गांव-शहर की महिलाओं के लिए रोजगार, लोन और ट्रेनिंग की पूरी सच्चाई

Deen Dayal Antyodaya Yojana — आज यह नाम Google Trends पर अचानक ट्रेंड कर रहा है। लेकिन रुकिए, आगे बढ़ने से पहले एक बहुत ज़रूरी बात: यह योजना वह नहीं है जो ज्यादातर लोग समझ रहे हैं। यह किसी महीने की किस्त वाली योजना नहीं है, न ही इसमें सीधे खाते में पैसे आते हैं। यह गरीब परिवारों — खासकर महिलाओं — को रोजगार, हुनर और बैंक लोन से जोड़ने वाला एक बड़ा राष्ट्रीय मिशन है।

इस लेख में आपको मिलेगा पूरा रोडमैप: (1) यह योजना असल में क्या है और किन दो हिस्सों में बंटी है, (2) गांव और शहर — दोनों के लिए क्या-क्या फायदे हैं, (3) लाभ कैसे लें — SHG से जुड़ने का सही तरीका, (4) 2026 की ताज़ा आधिकारिक खबरें (PIB से सत्यापित), और (5) किन मिलते-जुलते नामों वाली योजनाओं से इसे भ्रमित बिल्कुल न करें। आखिर में आपके सवालों के जवाब भी हैं। चलिए शुरू करते हैं।

सबसे पहले भ्रम दूर कर लें: कौन-सी “अंत्योदय योजना”?

इंटरनेट पर “Deen Dayal Antyodaya Yojana” खोजने पर कई अलग-अलग योजनाएं सामने आ जाती हैं, और यही सबसे बड़ा भ्रम है। साफ कर देते हैं:

  • Deen Dayal Antyodaya Yojana (DAY) — केंद्र सरकार का रोजगार/आजीविका मिशन। दो हिस्से: DAY-NRLM (गांवों के लिए, ग्रामीण विकास मंत्रालय) और DAY-NULM (शहरों के लिए, आवास और शहरी कार्य मंत्रालय)। यही इस लेख का विषय है।
  • हरियाणा की “दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालू)” — यह बिल्कुल अलग योजना है, सिर्फ हरियाणा की, जिसमें दुर्घटना में मृत्यु/विकलांगता पर परिवार को आर्थिक सहायता मिलती है। इसे DAY से न जोड़ें।
  • अंत्योदय अन्न योजना (AAY) — यह राशन/खाद्यान्न वाली योजना है (गरीब परिवारों को सस्ता अनाज), इसका DAY से कोई संबंध नहीं है।
  • राजस्थान की पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीबी-मुक्त गांव योजना — यह राज्य सरकार की अलग पहल है।

कई वेबसाइटें इन सबको एक ही लेख में मिला देती हैं या गलत जानकारी देती हैं। हम यहां सिर्फ केंद्र सरकार के Deen Dayal Antyodaya Yojana मिशन की बात करेंगे — और हर आंकड़ा आधिकारिक स्रोत से सत्यापित होगा।

Deen Dayal Antyodaya Yojana असल में क्या है?

Deen Dayal Antyodaya Yojana केंद्र सरकार का गरीबी-उन्मूलन मिशन है, जिसका मकसद गरीब परिवारों को “मछली देने” के बजाय “मछली पकड़ना सिखाना” है — यानी सीधी नकद सहायता के बजाय टिकाऊ रोजगार और स्वरोजगार के मौके देना।

इसके दो बड़े घटक हैं:

1. DAY-NRLM — गांवों के लिए (National Rural Livelihoods Mission)

इसे ग्रामीण विकास मंत्रालय चलाता है। इसकी शुरुआत जून 2011 में National Rural Livelihoods Mission (NRLM) के रूप में हुई थी (पुरानी स्वर्णजयंती ग्राम स्वरोजगार योजना — SGSY — को नए रूप में बदलकर), और नवंबर 2015 में इसका नाम “Deendayal Antyodaya Yojana – NRLM” रखा गया। यह गांव की गरीब महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups – SHG) में जोड़ता है और उन्हें बचत, बैंक लोन, ट्रेनिंग और बाज़ार से जोड़ने में मदद करता है।

2. DAY-NULM — शहरों के लिए (National Urban Livelihoods Mission)

इसे आवास और शहरी कार्य मंत्रालय चलाता है। यह शहरी गरीबों — रेहड़ी-पटरी वालों, बेघरों, बेरोजगार युवाओं — के लिए कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार सहायता और आश्रय जैसी सुविधाएं देता है।

ध्यान दें: एक पुराने सरकारी पेज पर लिखा है कि DAY का ग्रामीण घटक “बंद” हो गया है — यह जानकारी पुरानी और गलत है। ग्रामीण विकास मंत्रालय की अगस्त 2026 की आधिकारिक प्रेस रिलीज़ के अनुसार DAY-NRLM पूरे देश में (दिल्ली और चंडीगढ़ को छोड़कर) सक्रिय रूप से चल रहा है।

एक नज़र में मुख्य तथ्य (Quick Facts)

बिंदुजानकारी
योजना का पूरा नामDeen Dayal Antyodaya Yojana — National Rural Livelihoods Mission (DAY-NRLM) / National Urban Livelihoods Mission (DAY-NULM)
ग्रामीण घटक का मंत्रालयग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार
शहरी घटक का मंत्रालयआवास और शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार
शुरुआतजून 2011 (NRLM के रूप में); नवंबर 2015 में DAY-NRLM नाम
किसे फायदागरीब ग्रामीण/शहरी परिवार — लाभ SHG और सामुदायिक संस्थाओं के ज़रिए
पैमाना (अगस्त 2026, PIB)10.08 करोड़ महिलाएं, 92 लाख स्वयं सहायता समूहों में जुड़ीं
बैंक लिंकेज (फरवरी 2026, PIB)50,548 बैंक सखियां तैनात; शुरुआत से अब तक ₹12.18 लाख करोड़ का बैंक ऋण SHG महिलाओं तक
रिवॉल्विंग फंडप्रति SHG ₹10,000 से ₹15,000 (सरकारी अनुदान)
सामुदायिक निवेश निधि (CIF)प्रति SHG अधिकतम ₹2.50 लाख (फेडरेशन के माध्यम से)
ब्याज अनुदानमहिला SHG को ₹3 लाख तक के बैंक लोन पर 7% ब्याज दर; समय पर चुकाने पर प्रभावी दर 4%
क्या यह नकद किस्त वाली योजना है?नहीं। यह आजीविका/रोजगार मिशन है — लाभ समूहों के माध्यम से मिलता है

नोट: ऊपर दिए गए सभी आंकड़े सरकारी मास्टर सर्कुलर और PIB प्रेस रिलीज़ से सत्यापित हैं। कुछ वेबसाइटों पर 2026-27 के बजट या “लखपति दीदी” की संख्या के बारे में जो आंकड़े दिए गए हैं, वे हमें किसी आधिकारिक स्रोत में नहीं मिले — इसलिए उन्हें यहां तथ्य के रूप में नहीं दिया गया है।

गांव के लिए: DAY-NRLM से क्या-क्या मिलता है?

ग्रामीण घटक का पूरा खेल महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) के इर्द-गिर्द घूमता है। समझिए यह कैसे काम करता है:

स्वयं सहायता समूह (SHG) — योजना की नींव

एक SHG में 10 से 20 महिलाएं (पहाड़ी/रेगिस्तानी/कठिन इलाकों में 5 तक) एक साथ जुड़ती हैं। ये समूह “पंचसूत्र” पर चलते हैं — नियमित बैठकें, नियमित बचत, सदस्यों के बीच नियमित आंतरिक ऋण, समय पर वसूली, और सही हिसाब-किताब। जो समूह इन नियमों का पालन करता है, वही सरकारी मदद का हकदार बनता है।

गरीब परिवारों की पहचान सामुदायिक सहभागिता प्रक्रिया (PIP) और ग्राम सभा के अनुमोदन से होती है, और हर पात्र गरीब परिवार की कम से कम एक महिला को SHG में जोड़ने का लक्ष्य है।

मिलने वाली आर्थिक मदद

  • रिवॉल्विंग फंड (Revolving Fund): अच्छा चल रहे SHG को ₹10,000 से ₹15,000 का अनुदान मिलता है, ताकि समूह अपनी आंतरिक उधारी और आर्थिक प्रबंधन की क्षमता बना सके। यह पैसा सीधे किसी व्यक्ति को नहीं, समूह को मिलता है।
  • सामुदायिक निवेश निधि (Community Investment Fund – CIF): SHG फेडरेशनों के माध्यम से प्रति SHG अधिकतम ₹2.50 लाख तक की सहायता, जिससे सदस्य आजीविका गतिविधियों के लिए ऋण ले सकें। यह फंड फेडरेशन के पास स्थायी रूप से रहता है।
  • ब्याज अनुदान (Interest Subvention): महिला SHG को बैंकों से ₹3 लाख तक के ऋण पर 7% वार्षिक ब्याज दर पर लोन मिलता है। 250 चुनिंदा जिलों में समय पर किस्त चुकाने पर 3% अतिरिक्त छूट मिलती है — यानी प्रभावी ब्याज दर सिर्फ 4% रह जाती है। बाकी जिलों में राज्य मिशन 7% से ऊपर के ब्याज की भरपाई करता है।
  • पूंजीगत अनुदान (Capital Subsidy) बंद: DAY-NRLM के तहत पूंजीगत अनुदान अब नहीं दिया जाता — यह जानना ज़रूरी है ताकि पुरानी जानकारी के झांसे में न आएं।

बैंक सखी — गांव की बैंकिंग सहेली

योजना के तहत गांव की ही प्रशिक्षित महिलाओं को बैंक सखी बनाया जाता है। वे SHG का बैंक खाता खुलवाने, लोन का आवेदन तैयार करने, लंबित आवेदनों की पैरवी करने और समय पर किस्त वसूली में मदद करती हैं। फरवरी 2026 तक देश में 50,548 बैंक सखियां तैनात थीं।

हुनर और उद्यम के रास्ते

  • DDU-GKY (दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना): 15 से 35 वर्ष के ग्रामीण युवाओं को मुफ्त कौशल प्रशिक्षण और नौकरी में लगाने की व्यवस्था — यह DAY-NRLM का ही हिस्सा है।
  • SVEP (स्टार्ट-अप विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम): SHG सदस्यों और उनके परिवारों को छोटे गैर-कृषि उद्यम शुरू करने में मदद। दिसंबर 2025 तक 5.88 लाख उद्यमों को इसके तहत सहारा मिला।
  • लखपति दीदी: सरकार का लक्ष्य कम से कम 3 करोड़ SHG महिलाओं को “लखपति दीदी” बनाना — यानी सालाना ₹1 लाख से ज़्यादा कमाने वाली महिलाएं। जनवरी 2026 में इसके लिए राष्ट्रीय उद्यमिता अभियान शुरू हुआ, जिसमें 50,000 सामुदायिक कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने और 50 लाख SHG सदस्यों को उद्यमिता प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है।
  • सरस मेले और बाज़ार: SHG महिलाओं के हाथ के बने उत्पादों — अचार, कपड़े, हस्तशिल्प — को मेलों और अब सरकारी खरीद (public procurement) के ज़रिए बाज़ार मिल रहा है। जुलाई 2026 में मंत्रालय ने महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को सरकारी खरीद से जोड़ने के लिए एक समझौता भी किया है।

शहर के लिए: DAY-NULM से क्या मिलता है?

शहरी घटक गरीबी के शहरी चेहरों — रेहड़ी-पटरी वाले, बेघर, बेरोजगार युवा — पर केंद्रित है:

  • मुफ्त कौशल प्रशिक्षण: शहरी गरीब युवाओं को शहरों में बने आजीविका केंद्रों में प्रशिक्षण; सरकार प्रति व्यक्ति लगभग ₹15,000 का प्रशिक्षण खर्च वहन करती है।
  • स्वरोजगार सहायता: छोटे कारोबार शुरू करने के लिए समूहों को शुरुआती राशि (लगभग ₹10,000 प्रति समूह) और क्षेत्रीय स्तर पर पंजीकृत फेडरेशनों को (लगभग ₹50,000) सहायता।
  • शहरी बेघरों के लिए आश्रय: रैन बसेरों का निर्माण — इसमें केंद्र सरकार पूरा खर्च वहन करती है।
  • स्ट्रीट वेंडर्स के लिए: पहचान पत्र, वेंडिंग ज़ोन, संस्थागत ऋण और सामाजिक सुरक्षा — ताकि ठेले-खोमचे वालों को साहूकारों के चंगुल से छुटकारा मिले।

स्पष्टीकरण: रेहड़ी-पटरी वालों के लिए PM SVANidhi एक अलग केंद्रीय योजना है (आवास और शहरी कार्य मंत्रालय की ही, पर DAY-NULM से अलग)। कई वेबसाइटें दोनों को एक ही बताती हैं — यह सही नहीं है। PM SVANidhi पर हमारी विस्तृत गाइड अलग से उपलब्ध है।

2026 की ताज़ा आधिकारिक खबरें (PIB से सत्यापित)

योजना के बारे में सबसे नई पक्की जानकारी — सब ग्रामीण विकास मंत्रालय की आधिकारिक प्रेस रिलीज़ से:

  • 14 जनवरी 2026 — राष्ट्रीय उद्यमिता अभियान: “हर घर उद्यम, हर गांव समृद्ध” नारे के साथ DAY-NRLM के तहत उद्यमिता अभियान शुरू। लक्ष्य: 50,000 सामुदायिक कार्यकर्ताओं (CRP) को उद्यम प्रोत्साहन का प्रशिक्षण और 50 लाख SHG सदस्यों को उद्यमिता विकास प्रशिक्षण।
  • 3 फरवरी 2026 — लोकसभा में जानकारी: दिसंबर 2025 तक 10.05 करोड़ परिवार 90.91 लाख SHG में जुड़े; 50,548 बैंक सखियां तैनात; 2013-14 से अब तक ₹12.18 लाख करोड़ का बैंक ऋण SHG महिलाओं तक पहुंचा; SVEP के तहत 5.88 लाख उद्यम।
  • 29 जुलाई 2026 — महिला उद्यमों को बढ़ावा: मंत्रालय ने महिला-नेतृत्व वाले (खासकर SHG) उद्यमों को सरकारी खरीद से जोड़ने के लिए Project Concern International के साथ 3 वर्षीय (2026-2029) समझौता किया; DAY-NRLM में राष्ट्रीय संसाधन प्रकोष्ठ बनेगा।
  • 7 अगस्त 2026 — नीति आयोग का मूल्यांकन: 11 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों के 2,206 ग्रामीण परिवारों के अध्ययन में पाया गया — DAY-NRLM से जुड़े परिवारों की औसत आय 49% बढ़ी; 58% महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा; 46% महिलाएं अब खुद बैंक लेन-देन संभालती हैं।
  • 4 अगस्त 2026 — मिशन की स्थिति: अब तक 10.08 करोड़ महिलाएं 92 लाख SHG में संगठित; मिशन चार स्तंभों पर — सामाजिक संगठन, वित्तीय समावेशन, टिकाऊ आजीविका, सामाजिक समावेशन — और SVEP के तहत मई 2026 तक 6.5 लाख से ज़्यादा उद्यमों को सहारा।

लाभ कैसे लें? — सही तरीका स्टेप-बाय-स्टेप

सबसे ज़रूरी सच्चाई: DAY-NRLM में कोई “ऑनलाइन आवेदन फॉर्म” भरकर सीधे लाभ नहीं मिलता। लाभ SHG के सदस्य बनने के ज़रिए मिलता है। कई वेबसाइटें “ऑनलाइन अप्लाई” का बटन दिखाती हैं — वह भ्रामक है। सही रास्ता यह है:

गांव में (DAY-NRLM)

  1. पंचायत या ब्लॉक कार्यालय जाएं: अपने ग्राम पंचायत कार्यालय या खंड विकास कार्यालय (BDO) में जाकर पूछें कि आपके गांव में DAY-NRLM के तहत कौन-से SHG चल रहे हैं।
  2. स्थानीय कार्यकर्ता से मिलें: सामुदायिक कार्यकर्ता (CRP), आशा या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आपको मौजूदा महिला समूह से जोड़ देंगी, या 10-12 महिलाओं को मिलाकर नया समूह बनाने में मदद करेंगी।
  3. समूह बनाएं और बैंक खाता खोलें: समूह का प्रस्ताव दर्ज करें और नज़दीकी बैंक में SHG का बचत खाता खुलवाएं (बैंक सखी इसमें मदद करती हैं)।
  4. नियमित बचत शुरू करें: हर महीने छोटी-सी राशि (जैसे ₹50-100) जमा करें। पंचसूत्र — नियमित बैठक, बचत, आंतरिक उधारी, वसूली, हिसाब — का पालन करें।
  5. सरकारी मदद के हकदार बनें: कुछ महीनों तक अच्छा चलने के बाद समूह को रिवॉल्विंग फंड, फिर CIF और बैंक लिंकेज लोन की सुविधा मिलती है। लोन का आवेदन बैंक सखी/ब्लॉक मिशन की मदद से भरें।
  6. ट्रेनिंग और उद्यम: DDU-GKY के तहत युवा मुफ्त ट्रेनिंग ले सकते हैं; SVEP के तहत छोटा कारोबार शुरू करने में मदद मिलती है।

शहर में (DAY-NULM)

  1. नगर पालिका/नगर निगम कार्यालय जाएं: अपने शहर के Urban Local Body (ULB) कार्यालय में NULM अनुभाग के बारे में पूछें।
  2. अपनी ज़रूरत बताएं: कौशल प्रशिक्षण चाहिए, छोटा कारोबार शुरू करना है, या रेहड़ी-पटरी के लिए मदद — उसी के अनुसार फॉर्म/प्रक्रिया बताई जाएगी।
  3. स्ट्रीट वेंडर हैं तो: अपने शहर की टाउन वेंडिंग कमेटी (TVC) में पंजीकरण कराएं — पहचान पत्र और वेंडिंग ज़ोन के लिए यही रास्ता है।
  4. बेघर व्यक्ति: सरकारी रैन बसेरे में सीधे जाकर आश्रय ले सकते हैं — बुनियादी मदद के लिए कठोर आय प्रमाण नहीं मांगा जाता।

साथ रखें ये दस्तावेज़

  • आधार कार्ड (सबसे ज़रूरी पहचान)
  • बैंक खाते की पासबुक की प्रति
  • पते का प्रमाण — वोटर ID, बिजली बिल या राशन कार्ड
  • आय प्रमाण पत्र / BPL कार्ड (गरीब परिवार की पहचान के लिए)
  • जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC के लिए, जहां लागू)
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो और आधार से जुड़ा सक्रिय मोबाइल नंबर

नोट: SHG में जुड़ने के लिए कोई “आवेदन शुल्क” नहीं लगता। अगर कोई व्यक्ति DAY के नाम पर पैसे मांगे, तो वह ठगी है — तुरंत ब्लॉक/जिला मिशन कार्यालय को सूचित करें।

इन योजनाओं से भ्रमित न हों (संबंधित पर अलग)

  • PM SVANidhi: रेहड़ी-पटरी वालों को कार्यशील पूंजी लोन देने वाली अलग केंद्रीय योजना। DAY-NULM के लक्ष्यों से जुड़ी है, पर अलग योजना है — PM SVANidhi की पूरी गाइड यहां पढ़ें।
  • DDU-GKY: DAY-NRLM के अंदर का कौशल प्रशिक्षण घटक — अलग से आवेदन नहीं, SHG/ग्रामीण युवा नेटवर्क के ज़रिए।
  • PM Mudra Loan: छोटा कारोबार शुरू करने के लिए बैंक लोन की अलग योजना — SHG उद्यम के साथ इसे भी देख सकते हैं: PM Mudra Loan Yojana 2026 की जानकारी।
  • मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार जैसी राज्य योजनाएं: राज्य सरकारें भी स्वरोजगार के लिए अलग मदद देती हैं — UP युवा स्वरोजगार योजना यहां देखें।

Deen Dayal Antyodaya Yojana — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. Deen Dayal Antyodaya Yojana में हर महीने कितने पैसे मिलते हैं?

बिल्कुल नहीं मिलते — और यही सबसे बड़ा भ्रम है। Deen Dayal Antyodaya Yojana कोई नकद किस्त वाली योजना नहीं है। यह आजीविका मिशन है: SHG के ज़रिए बचत, सस्ता बैंक लोन, ट्रेनिंग और कारोबार में मदद मिलती है। जो वेबसाइट “₹X महीना मिलेगा” लिखती हैं, वे गलत जानकारी दे रही हैं।

2. क्या पुरुष भी SHG में जुड़ सकते हैं?

आम तौर पर DAY-NRLM के SHG महिलाओं के होते हैं — महिला सशक्तिकरण ही मिशन का केंद्र है। दिव्यांगजनों और बुजुर्गों के विशेष समूहों में पुरुष भी सदस्य हो सकते हैं। शहरी घटक (DAY-NULM) की ट्रेनिंग और स्वरोजगार सहायता युवाओं — लड़के और लड़कियों दोनों — के लिए है।

3. SHG लोन के लिए क्या घर/ज़मीन गिरवी रखनी पड़ती है?

नहीं। DAY-NRLM के तहत SHG को मिलने वाले बैंक लोन बिना किसी गारंटी/गिरवी के होते हैं। ब्याज अनुदान के बाद महिला SHG को ₹3 लाख तक के लोन पर 7% ब्याज लगता है, और समय पर चुकाने पर प्रभावी दर 4% तक घट जाती है।

4. नया SHG कितने पैसे की सरकारी मदद पा सकता है?

नियमों का पालन करने वाले सक्रिय SHG को ₹10,000 से ₹15,000 का रिवॉल्विंग फंड अनुदान के रूप में मिलता है, और फेडरेशन के माध्यम से ₹2.50 लाख तक का सामुदायिक निवेश निधि (CIF) ऋण के रूप में मिल सकता है। यह पैसा व्यक्ति को नहीं, समूह को मिलता है।

5. क्या Deen Dayal Antyodaya Yojana में ऑनलाइन आवेदन होता है?

ग्रामीण घटक में व्यक्तियों के लिए कोई सीधा ऑनलाइन आवेदन नहीं है — SHG की सदस्यता ही आवेदन का रास्ता है (पंचायत/CRP/बैंक सखी के ज़रिए)। शहरी घटक में अपने नगर निगम/ULB के NULM अनुभाग से संपर्क करें। “एक क्लिक में अप्लाई” का दावा करने वाली साइटों से सावधान रहें।

6. लखपति दीदी क्या है?

DAY-NRLM के तहत एक लक्ष्य-अभियान: SHG की उन महिलाओं को “लखपति दीदी” कहा जाता है जिनकी सालाना आय ₹1 लाख से ज़्यादा हो जाती है। सरकार का लक्ष्य कम से कम 3 करोड़ लखपति दीदी तैयार करना है, जिसके लिए जनवरी 2026 से राष्ट्रीय उद्यमिता अभियान चल रहा है।

7. DAY-NRLM और DAY-NULM में क्या अंतर है?

DAY-NRLM गांवों के लिए है (ग्रामीण विकास मंत्रालय) — SHG, बैंक लिंकेज, खेती/गैर-खेती आजीविका पर ज़ोर। DAY-NULM शहरों के लिए है (आवास और शहरी कार्य मंत्रालय) — कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार, स्ट्रीट वेंडर सहायता और बेघरों के आश्रय पर ज़ोर। दोनों का मूल नाम “Deen Dayal Antyodaya Yojana” ही है।

आधिकारिक लिंक (सत्यापित)

  • DAY-NRLM आधिकारिक पोर्टल: aajeevika.gov.in (सरकारी मास्टर सर्कुलर में उल्लिखित आधिकारिक पोर्टल)
  • सरकारी योजना पेज: transformingindia.mygov.in — Deen Dayal Antyodaya Yojana
  • PIB प्रेस रिलीज़ (2026 अपडेट): pib.gov.in — ग्रामीण विकास मंत्रालय की रिलीज़ (14 जनवरी, 3 फरवरी, 29 जुलाई, 7 अगस्त 2026)
  • शहरी घटक के लिए: अपने शहर के नगर निगम/नगर पालिका (ULB) कार्यालय का NULM अनुभाग

नोट: कुछ स्रोतों में daynulm.nic.in को शहरी मिशन का पोर्टल बताया गया है, पर इस लेख के लिखे जाने तक हम इसकी वर्तमान उपलब्धता सत्यापित नहीं कर पाए — इसलिए सीधे ULB कार्यालय से संपर्क करना सबसे भरोसेमंद रास्ता है।


अस्वीकरण: GramSuvidha एक निजी सूचना पोर्टल (सरकारी वेबसाइट नहीं) है। यहां दी गई जानकारी ग्रामीण विकास मंत्रालय के मास्टर सर्कुलर और PIB की आधिकारिक प्रेस रिलीज़ पर आधारित है, पर नियम समय-समय पर बदल सकते हैं — कोई भी कदम उठाने से पहले अपने ब्लॉक/जिला मिशन कार्यालय या आधिकारिक पोर्टल से पुष्टि ज़रूर करें।

अपडेट: 11 अक्टूबर 2026 | स्रोत: ग्रामीण विकास मंत्रालय (PIB), DAY-NRLM मास्टर सर्कुलर