Rani Laxmi Bai Scooty Yojana UP 2026: आवेदन, पात्रता और लाभ

कल्पना कीजिए — यूपी के किसी छोटे कस्बे की एक लड़की, जिसने पूरे कॉलेज में सबसे अच्छे अंक लाए हैं। अब वह आगे पढ़ना चाहती है, नौकरी की तैयारी करना चाहती है, अपने सपनों को पंख देना चाहती है। लेकिन रोज़ की एक ही अड़चन उसके सामने आकर खड़ी हो जाती है — कॉलेज तक का सफ़र। घर से कॉलेज 15 किलोमीटर दूर है, बस कभी समय पर नहीं आती, और किसी को गाड़ी पर छोड़ने वाला भी नहीं है। ऐसे में पढ़ाई छूटने का डर हमेशा बना रहता है।

उत्तर प्रदेश की हज़ारों होनहार बेटियों की यही कहानी है। और इसी कहानी को बदलने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है — एक ऐसी योजना, जिसके बारे में इस समय गूगल पर सबसे ज़्यादा खोज हो रही है। लोग पूछ रहे हैं: क्या सच में मुफ्त स्कूटी मिलेगी? कौन-कौन सी छात्राएं इसमें आएंगी? आवेदन का फॉर्म कहां मिलेगा? और सबसे बड़ा सवाल — सूची में नाम कैसे चेक करें?

इस लेख में आपको इन सभी सवालों के सटीक जवाब मिलेंगे — कैबिनेट के फैसले से लेकर अक्टूबर 2026 की ताज़ा स्थिति तक, पात्रता की शर्तों से लेकर दस्तावेज़ों की पूरी सूची तक, और सबसे ज़रूरी, उन फर्जी वेबसाइटों की चेतावनी, जो इस योजना के नाम पर छात्राओं को ठगने की कोशिश कर रही हैं। आखिर तक पढ़िए, क्योंकि हर जानकारी आपके काम की है।

Rani Laxmi Bai Scooty Yojana 2026 क्या है?

Rani Laxmi Bai Scooty Yojana 2026 उत्तर प्रदेश सरकार की उच्च शिक्षा विभाग द्वारा चलाई जा रही एक महत्वाकांक्षी योजना है। इस योजना के तहत राज्य की मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी दी जाएगी, ताकि वे अपनी पढ़ाई और करियर के सफ़र में परिवहन की दिक्कत से आज़ाद हो सकें। योजना का नाम 1857 की महान वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई के नाम पर रखा गया है — एक प्रतीक के तौर पर, कि बेटियां अब खुद अपनी मंज़िल तक पहुंचेंगी।

यह योजना रातोंरात नहीं आई। 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान इसके वादे की चर्चा हुई थी, फिर फरवरी 2025 के राज्य बजट में इसके लिए ₹400 करोड़ का प्रावधान रखा गया। 2026-27 के बजट में भी यही राशि दोहराई गई। और फिर 21 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना के संचालन के नियमों (SOP) को औपचारिक मंजूरी मिल गई। उसी दिन से यह वादा एक असली योजना में बदल गया।

योजना के तहत लगभग 50,000 छात्राओं को लाभ मिलने का अनुमान है। स्कूटी पेट्रोल से चलने वाली होगी, जिसे गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के ज़रिए खरीदा जाएगा। साथ ही पंजीकरण, बीमा, हेलमेट और एक बार 5 लीटर पेट्रोल भी सरकार की तरफ से दिया जाएगा।

एक नज़र में: योजना के मुख्य तथ्य

बिंदु जानकारी
योजना का नाम Rani Laxmi Bai Scooty Yojana 2026 (रानी लक्ष्मी बाई स्कूटी योजना)
राज्य उत्तर प्रदेश
नोडल विभाग उच्च शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश
कैबिनेट मंजूरी 21 जुलाई 2026
कुल बजट ₹400 करोड़ (2026-27)
लाभार्थी लगभग 50,000 मेधावी छात्राएं
पात्रता सत्र 2025-26 में स्नातक पास करने वाली, संस्थान की शीर्ष 5% मेधावी छात्राएं
परिवार की आय सीमा वार्षिक ₹12 लाख से अधिक नहीं
स्कूटी का प्रकार पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी
अतिरिक्त लाभ पंजीकरण शुल्क, बीमा, हेलमेट, एक बार 5 लीटर पेट्रोल
आवेदन का तरीका छात्राओं का कोई अलग फॉर्म नहीं; कॉलेज/विश्वविद्यालय के ज़रिए नाम भेजा जाएगा
आधिकारिक वेबसाइट uphed.gov.in (उच्च शिक्षा विभाग)
वर्तमान स्थिति विश्वविद्यालयों की मेरिट सूचियां जारी (अक्टूबर 2026); स्कूटी वितरण का लक्ष्य जनवरी 2027

योजना का सफ़र: घोषणा से क्रियान्वयन तक

इस योजना को समझने के लिए इसका टाइमलाइन जानना ज़रूरी है, क्योंकि इंटरनेट पर पुरानी और नई जानकारी आपस में उलझी हुई है:

  • फरवरी 2025: वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने राज्य बजट में योजना के लिए ₹400 करोड़ का प्रावधान रखा।
  • फरवरी 2026 (बजट 2026-27): यही ₹400 करोड़ का प्रावधान फिर से दोहराया गया — संकेत कि सरकार योजना को अमली जामा पहनाने वाली है।
  • 21 जुलाई 2026: मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट ने योजना के संचालन नियमों को मंजूरी दी। उसी बैठक में 18 प्रस्ताव पास हुए थे। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि स्कूटी के साथ पंजीकरण, बीमा, हेलमेट, ज़रूरी सहायक सामग्री और 5 लीटर पेट्रोल भी दिया जाएगा।
  • अगस्त 2026: उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव ने सभी विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार और परीक्षा नियंत्रकों को पत्र लिखकर निराश्रित और दिव्यांग छात्राओं की संख्या और अंतिम वर्ष में 80% से अधिक अंक लाने वाली छात्राओं का ब्यौरा मांगा। कई विश्वविद्यालयों ने अपने संबद्ध कॉलेजों से दस्तावेज़ मंगाने शुरू किए।
  • सितंबर 2026: उच्च शिक्षा निदेशालय ने GeM पोर्टल पर लगभग 40,000 स्कूटियों की खरीद के लिए बोली निकाली (लगभग ₹320 करोड़ मूल्य की)। 21 सितंबर को विक्रेताओं के साथ ऑनलाइन प्री-बिड बैठक भी हुई।
  • अक्टूबर 2026: विश्वविद्यालयों ने चयन सूचियां जारी करना शुरू कर दिया। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा ने 2 अक्टूबर को 1,445 चयनित छात्राओं की सूची जारी की; राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, अलीगढ़ ने 23 सितंबर को 1,039 छात्राओं की संशोधित सूची जारी की।
  • लक्ष्य: सरकार का लक्ष्य जनवरी 2027 तक स्कूटियों का वितरण पूरा करना है।

कौन-कौन सी छात्राएं पाएंगी स्कूटी? (पात्रता की शर्तें)

कैबिनेट से मंजूर संचालन नियमों के अनुसार, लाभ पाने के लिए छात्रा को ये सभी शर्तें पूरी करनी होंगी:

  • उत्तर प्रदेश की स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।
  • शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक (ग्रेजुएशन) पूरा किया हो — किसी पात्र संस्थान से अंतिम वर्ष की परीक्षा पास की हो।
  • अपने संस्थान की शीर्ष 5% मेधावी छात्राओं में नाम हो। मेरिट सूची संस्थान/विश्वविद्यालय द्वारा तैयार की जाएगी। जहां CGPA प्रणाली है, वहां विश्वविद्यालय अपने नियमों के अनुसार CGPA को प्रतिशत में बदलकर मेरिट तय करेगा।
  • परिवार की वार्षिक आय ₹12 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। (ध्यान रहे: कैबिनेट के दिन कुछ खबरों में ₹10 लाख का आंकड़ा भी छपा था, लेकिन मंजूर SOP के अनुसार अंतिम सीमा ₹12 लाख प्रति वर्ष है।)
  • पात्र संस्थान में पढ़ी हो — राज्य विश्वविद्यालय, निजी विश्वविद्यालय, सरकारी कॉलेज, सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेज या स्ववित्तपोषित (सेल्फ-फाइनेंस्ड) कॉलेज। इसके अलावा तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, कानून, आयुष, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान और दिव्यांगजन सशक्तिकरण जैसे विभागों के अधीन चलने वाले संस्थान भी इसमें शामिल हैं।

यहां एक बात साफ़ कर दें — यह योजना केवल उन छात्राओं के लिए है जिन्होंने सत्र 2025-26 में स्नातक पूरा किया है। अगर आप अभी स्नातक कर रही हैं या 12वीं में हैं, तो इस चरण में आप पात्र नहीं हैं। आगे के सत्रों के लिए सरकार अलग से घोषणा करेगी।

विशेष श्रेणियां: बिना मेरिट शर्त के भी मिलेगा लाभ

योजना की सबसे मानवीय व्यवस्था यह है कि तीन विशेष श्रेणियों की छात्राओं को मेरिट की शर्त से छूट दी गई है। अगर वे बाकी शर्तें (निवास, सत्र 2025-26 में स्नातक, आय सीमा) पूरी करती हैं, तो उन्हें अनिवार्य रूप से स्कूटी दी जाएगी:

  • शहीदों की बेटियां (daughters of martyrs)
  • निराश्रित छात्राएं (destitute girl students)
  • दिव्यांग छात्राएं (differently-abled students)

आगरा विश्वविद्यालय की सूची में इन विशेष श्रेणियों के लिए सामान्य मेरिट 85.12% के मुकाबले 75.12% का कट-ऑफ रखा गया था — यह दिखाता है कि व्यवस्था ज़मीन पर उतर रही है।

स्कूटी के साथ क्या-क्या मिलेगा?

सरकार सिर्फ स्कूटी नहीं दे रही, बल्कि पूरा पैकेज दे रही है, ताकि छात्रा को एक रुपया भी अपनी जेब से न लगाना पड़े:

  • मुफ्त पेट्रोल स्कूटी — गांवों और दूरदराज़ इलाकों में पेट्रोल पंप और सर्विस सेंटर की उपलब्धता को देखते हुए पेट्रोल स्कूटी चुनी गई है, इलेक्ट्रिक नहीं।
  • पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) शुल्क सरकार वहन करेगी।
  • वाहन बीमा (insurance) भी शामिल।
  • हेलमेट मुफ्त मिलेगा।
  • एक बार 5 लीटर पेट्रोल वितरण के समय दिया जाएगा।

एक महत्वपूर्ण शर्त भी है: योजना के तहत मिली स्कूटी को बेचा नहीं जा सकेगा। यह नियम इसलिए है ताकि लाभ सही हाथों में रहे और इसका दुरुपयोग न हो।

आवेदन कैसे करें? (स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया)

यह इस योजना की सबसे अलग और सबसे ज़रूरी बात है — छात्राओं के लिए कोई ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन फॉर्म है ही नहीं। आपको किसी वेबसाइट पर फॉर्म नहीं भरना है। पूरी प्रक्रिया संस्थान के माध्यम से होती है:

  1. कॉलेज के नोटिस पर नज़र रखें: अपने कॉलेज के नोटिस बोर्ड, विश्वविद्यालय की वेबसाइट और विभाग कार्यालय से आने वाली सूचना ही आधिकारिक शुरुआत है।
  2. दस्तावेज़ जमा करें: नोटिस में दी गई तारीख तक कॉलेज कार्यालय में अपने कागज़ात जमा करें। कई विश्वविद्यालय हार्ड कॉपी के साथ-साथ सॉफ्ट कॉपी भी मांग रहे हैं।
  3. मेरिट सूची तैयार होगी: कॉलेज से मिले ब्यौरे के आधार पर विश्वविद्यालय शीर्ष 5% छात्राओं की मेरिट सूची बनाएगा। रजिस्ट्रार और परीक्षा नियंत्रक इस पर ई-हस्ताक्षर करेंगे, ताकि बाद में कोई नाम जोड़ा न जा सके।
  4. पोर्टल पर सूची भेजी जाएगी: राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के ज़रिए विकसित हो रहे योजना पोर्टल पर विश्वविद्यालय सत्यापित लाभार्थी सूची भेजेगा।
  5. जिलाधिकारी सत्यापन: संबंधित जिले के जिलाधिकारी (DM) चयनित छात्राओं का सत्यापन करेंगे।
  6. स्कूटी वितरण: सत्यापन के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से स्कूटी का वितरण होगा — संभवतः स्थानीय कार्यक्रमों के ज़रिए।
  7. रसीद अपलोड: वितरण के बाद लाभार्थी की रसीद/प्राप्ति का प्रमाण पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।

कौन-कौन से दस्तावेज़ तैयार रखें?

कॉलेजों के नोटिस में आमतौर पर कम समय दिया जाता है, इसलिए ये कागज़ात पहले से तैयार रखिए। आय प्रमाण पत्र बनने में सबसे ज़्यादा समय लगता है, तो वहीं से शुरुआत करें:

  • APAAR ID (या ABC ID) — अगर नहीं है तो कॉलेज के ज़रिए बनवाएं
  • आधार कार्ड और आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर (OTP सत्यापन के लिए)
  • उत्तर प्रदेश का निवास प्रमाण पत्र (e-District पोर्टल से जारी) — आवेदन संख्या और प्रमाण पत्र ID दोनों संभालकर रखें
  • आय प्रमाण पत्र (e-District पोर्टल से जारी; कई विश्वविद्यालय 1 जून 2026 के बाद जारी प्रमाण पत्र मांग रहे हैं)
  • स्नातक के सभी सेमेस्टर की मार्कशीट
  • जन्म तिथि का प्रमाण
  • श्रेणी (SC/ST/OBC/सामान्य) का प्रमाण, जहां लागू हो
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो
  • दिव्यांग छात्राओं के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) से जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र

अपनी यूनिवर्सिटी की सूची में नाम कैसे चेक करें?

अभी तक राज्य स्तर पर कोई एकीकृत सूची खोज (statewide list search) उपलब्ध नहीं है। हर विश्वविद्यालय अपनी सूची खुद जारी कर रहा है। इसलिए सही तरीका यह है:

  1. अपने विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट खोलें और “स्कूटी योजना” या “Scooty Yojana” से जुड़ा नोटिस/सूची खोजें।
  2. अपने कॉलेज के नोटिस बोर्ड और कार्यालय से संपर्क करें — कॉलेज के पास विश्वविद्यालय से आई सूची की प्रति होती है।
  3. अगर आपका नाम सूची में है, तो कॉलेज प्रशासन से आगे का सत्यापन पूरा कराएं।

अब तक ज्ञात सूची-स्थिति (मीडिया रिपोर्टों के अनुसार):

  • डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा — 2 अक्टूबर 2026 को 1,445 चयनित छात्राओं की सूची जारी।
  • राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, अलीगढ़ — 23 सितंबर 2026 को 1,039 छात्राओं की संशोधित सूची जारी।
  • छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU), कानपुर — सात जिलों की 2,196 छात्राओं की मेरिट सूची जारी (अगस्त 2026)।
  • मेरठ, झांसी और सहारनपुर के विश्वविद्यालयों में दस्तावेज़ सत्यापन चल रहा है (अगस्त-सितंबर 2026)।

नोट: ये आंकड़े समाचार माध्यमों की रिपोर्टों पर आधारित हैं; अंतिम और अधिकृत जानकारी के लिए अपने विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट ही देखें।

फर्जी फॉर्म और फर्जी वेबसाइटों से सावधान रहें!

यह इस लेख का सबसे ज़रूरी हिस्सा है। जैसे ही कोई लोकप्रिय योजना आती है, ठग सक्रिय हो जाते हैं। इस योजना के नाम पर भी कई फर्जी वेबसाइटें “आवेदन फॉर्म डाउनलोड करें” या “ऑनलाइन अप्लाई” के बटन लगाकर छात्राओं से निजी जानकारी और पैसे मांग रही हैं।

सच्चाई याद रखें:

  • इस योजना का कोई आवेदन फॉर्म है ही नहीं — न ऑनलाइन, न ऑफलाइन, न PDF। जो साइट “फॉर्म डाउनलोड” का दावा करे, वह फर्जी है।
  • सरकार इस योजना के लिए किसी से कोई फीस नहीं मांगती। फॉर्म भरने, रजिस्ट्रेशन या “प्रोसेसिंग” के नाम पर पैसे मांगे जाएं तो वह ठगी है।
  • सूचना का एकमात्र भरोसेमंद स्रोत है — आपका कॉलेज/विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट uphed.gov.in।
  • किसी अनजान लिंक पर अपना आधार नंबर, OTP या बैंक विवरण कभी न डालें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. Rani Laxmi Bai Scooty Yojana 2026 के लिए आवेदन फॉर्म कहां मिलेगा?

कहीं नहीं — इस योजना में छात्राओं के लिए कोई आवेदन फॉर्म है ही नहीं। आपका कॉलेज/विश्वविद्यालय आपके दस्तावेज़ लेकर सरकार को आपका नाम भेजता है। अपने कॉलेज के नोटिस का इंतज़ार करें।

2. क्या प्राइवेट कॉलेज की छात्राएं भी स्कूटी पा सकती हैं?

हां। निजी विश्वविद्यालय और स्ववित्तपोषित (सेल्फ-फाइनेंस्ड) कॉलेज इस योजना में शामिल हैं — बशर्ते छात्रा अपने संस्थान की शीर्ष 5% मेरिट में हो और आय सीमा पूरी करती हो।

3. परिवार की आय सीमा कितनी है?

वार्षिक ₹12 लाख से अधिक नहीं। कैबिनेट के दिन कुछ खबरों में ₹10 लाख का आंकड़ा छपा था, लेकिन मंजूर संचालन नियमों के अनुसार अंतिम सीमा ₹12 लाख प्रति वर्ष है।

4. क्या APAAR ID ज़रूरी है?

हां। विश्वविद्यालय APAAR ID (या ABC ID) और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर की मांग कर रहे हैं। अगर आपकी APAAR ID नहीं बनी है, तो कॉलेज के ज़रिए बनवा लें।

5. दस्तावेज़ जमा करने की अंतिम तारीख क्या है?

कोई एक राज्यव्यापी अंतिम तारीख नहीं है — हर विश्वविद्यालय अपने संबद्ध कॉलेजों के लिए अलग तारीख तय करता है। अपने कॉलेज के नोटिस में दी गई तारीख को ही अंतिम मानें।

6. सूची में नाम आने के बाद स्कूटी कब मिलेगी?

सरकार ने GeM पोर्टल के ज़रिए स्कूटियों की खरीद शुरू कर दी है और जनवरी 2027 तक वितरण पूरा करने का लक्ष्य रखा है। चयन के बाद जिलाधिकारी सत्यापन करेंगे, फिर वितरण होगा।

7. क्या मिली हुई स्कूटी बेची जा सकती है?

नहीं। योजना के नियमों के अनुसार लाभार्थी छात्रा आवंटित स्कूटी को बेच, हस्तांतरित या निपटा नहीं सकती।

8. क्या 12वीं पास या अभी स्नातक कर रही छात्राएं आवेदन कर सकती हैं?

नहीं। यह चरण केवल सत्र 2025-26 में स्नातक पूरा करने वाली छात्राओं के लिए है। अगले सत्रों के लिए सरकार की अलग घोषणा का इंतज़ार करें।

महत्वपूर्ण लिंक

  • उच्च शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश (आधिकारिक): uphed.gov.in
  • उत्तर प्रदेश सरकार पोर्टल: up.gov.in
  • GeM पोर्टल (सरकारी खरीद): gem.gov.in

उत्तर प्रदेश की छात्राओं के लिए और उपयोगी जानकारी

अगर आप उत्तर प्रदेश की छात्रा हैं, तो ये लेख भी आपके काम के हो सकते हैं:

यह लेख केवल जानकारी के लिए है — GramSuvidha एक निजी सूचना पोर्टल है, सरकारी वेबसाइट नहीं। योजना से जुड़ी अंतिम और अधिकृत जानकारी के लिए हमेशा अपने कॉलेज/विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखें।