DigiShakti Yojana 2026: UP Free Tablet Yojana की पूरी जानकारी, List Check और e-KYC Guide

उत्तर प्रदेश के कॉलेजों में पढ़ने वाले लाखों छात्रों के मन में एक ही सवाल घूम रहा है — क्या मुझे भी DigiShakti Yojana के तहत फ्री टैबलेट मिलेगा, और अगर मिलेगा तो कब और कैसे? सोशल मीडिया पर हर हफ्ते कोई न कोई नया दावा वायरल होता है। कोई कहता है लिस्ट आ गई, कोई कहता है रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया, तो कोई किसी लिंक पर क्लिक करने को कहता है। इस शोर में सही जानकारी पहचानना मुश्किल हो जाता है।

इस गाइड में हम बिना किसी अफवाह के, एक-एक करके पूरी सच्चाई समझेंगे। आप जानेंगे कि यह योजना असल में क्या है, इसके लिए पात्र कौन है, आपका नाम लिस्ट में है या नहीं यह कैसे चेक करें, e-KYC की पूरी प्रक्रिया क्या है, और सबसे ज़रूरी — उन फर्जी लिंक्स से कैसे बचें जो इसी योजना के नाम पर छात्रों को ठग रहे हैं।

सबसे पहले एक ज़रूरी बात साफ कर दें। इस योजना में छात्र खुद से ऑनलाइन आवेदन नहीं करते। आपका डेटा आपका कॉलेज पोर्टल पर अपलोड करता है, और उसके बाद आप सिर्फ अपना स्टेटस चेक करते हैं और e-KYC पूरा करते हैं। जो भी वेबसाइट या वीडियो आपसे “अभी रजिस्टर करें” कहकर फॉर्म भरवा रही है, वह लगभग तय तौर पर फर्जी है। इस गाइड को अंत तक पढ़ें — आखिर में हमने फर्जीवाड़े से बचने के ठोस तरीके भी दिए हैं।

DigiShakti Yojana 2026: योजना क्या है और यह क्यों शुरू हुई

DigiShakti Yojana 2026 उत्तर प्रदेश सरकार की स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना का डिजिटल हिस्सा है। इस योजना का मकसद प्रदेश के युवाओं को पढ़ाई, ट्रेनिंग, रोजगार और स्वरोजगार के लिए डिजिटल संसाधनों से जोड़ना है। सरकार छात्रों को मुफ्त टैबलेट या स्मार्टफोन देती है ताकि वे ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल कंटेंट, सरकारी सेवाओं और रोजगार से जुड़ी जानकारी का इस्तेमाल कर सकें।

यह योजना 2021-22 में शुरू हुई थी और इसे पाँच साल की योजना के रूप में चलाया जा रहा है। इसका संचालन उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट सिस्टम्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPDESCO) के ज़रिए होता है, और पूरी प्रक्रिया DigiShakti पोर्टल के माध्यम से होती है। शुरुआत के वर्षों में छात्रों को टैबलेट और स्मार्टफोन दोनों दिए गए। बाद में सरकार ने टैबलेट पर ज़्यादा ज़ोर दिया, क्योंकि पढ़ाई के लिए बड़ी स्क्रीन, नोट्स, पीडीएफ और ऑनलाइन क्लास के काम में टैबलेट ज़्यादा उपयोगी साबित हुआ।

अब तक इस योजना के तहत लगभग 60 लाख टैबलेट और स्मार्टफोन पात्र युवाओं को बाँटे जा चुके हैं — यह आँकड़ा सरकार की ओर से कैबिनेट फैसलों के साथ जारी बयानों में सामने आया है। यानी यह कोई नई घोषित योजना नहीं है, बल्कि एक चल रही योजना का अगला बड़ा चरण है।

Quick Facts: DigiShakti Yojana 2026 एक नज़र में

बिंदुविवरण
योजना का नामस्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना (Swami Vivekananda Yuva Sashaktikaran Yojana)
पोर्टल का नामDigiShakti Portal — digishakti.up.gov.in
लाभपात्र छात्रों को मुफ्त टैबलेट (पहले के चरणों में स्मार्टफोन भी)
नया चरण25 लाख टैबलेट की खरीद को कैबिनेट की मंज़ूरी
बजट प्रावधान (वित्त वर्ष 2026-27)लगभग ₹2,374.60 करोड़
एक टैबलेट की अनुमानित कीमतलगभग ₹17,000 (रिपोर्ट के अनुसार)
अब तक वितरणलगभग 60 लाख टैबलेट और स्मार्टफोन (योजना शुरू होने से अब तक)
आवेदन का तरीकाछात्र खुद आवेदन नहीं करते — कॉलेज/संस्थान डेटा अपलोड करता है
छात्र का कामपोर्टल पर स्टेटस चेक + MeriPehchaan से Aadhaar e-KYC
शुल्कपूरी तरह मुफ्त — कोई फीस नहीं

Latest Update: 25 लाख टैबलेट के लिए कैबिनेट की मंज़ूरी

अगस्त 2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 25 लाख टैबलेट की खरीद के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी गई। सरकार के बयान के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया के ज़रिए चुनी गई संस्थाओं को टैबलेट आपूर्ति के लिए परचेज़ ऑर्डर जारी किए जाएँगे। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना में ₹2,374.60 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है, और एक टैबलेट की खरीद लगभग ₹17,000 में होने का अनुमान बताया गया है।

यहाँ एक भ्रम दूर करना ज़रूरी है। अप्रैल 2026 में भी कैबिनेट ने 25 लाख टैबलेट की खरीद को मंज़ूरी दी थी — तब वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹2,000 करोड़ के प्रावधान और कुल लगभग ₹3,000 करोड़ की अनुमानित लागत की बात कही गई थी। यानी 25 लाख टैबलेट का आँकड़ा दो अलग-अलग कैबिनेट फैसलों में सामने आया है: पहला अप्रैल 2026 में (2025-26 के लिए) और ताज़ा फैसला अगस्त 2026 में (2026-27 के लिए ₹2,374.60 करोड़ के प्रावधान के साथ)। कई वेबसाइटें इन दोनों फैसलों को आपस में मिला देती हैं — आप इस अंतर को ध्यान में रखें।

एक और अहम बदलाव: पहले की योजना में 25 लाख स्मार्टफोन खरीदने का इरादा था, जिसे बाद में बदलकर टैबलेट कर दिया गया। वजह साफ थी — पढ़ाई और डिजिटल स्किल के काम में टैबलेट ज़्यादा काम का है। नए चरण में भी टैबलेट ही बाँटे जाएँगे।

जहाँ तक बँटवारे की तारीखों का सवाल है — अभी तक सरकार की ओर से ज़िलेवार या कॉलेजवार वितरण कैलेंडर सार्वजनिक नहीं किया गया है। वितरण टेंडर, आपूर्ति और कॉलेजों के ज़रिए चरणों में होगा। इसलिए “इस तारीख को टैबलेट मिलेगा” जैसे किसी भी दावे पर भरोसा न करें, जब तक वह आपके कॉलेज या आधिकारिक पोर्टल से न आया हो।

कौन पात्र है: Eligibility 2026

इस योजना में पात्रता आपकी कक्षा या अंकों पर नहीं, बल्कि आपके कोर्स और संस्थान पर आधारित है। उत्तर प्रदेश के मान्यता प्राप्त संस्थान में पढ़ रहे ये छात्र पात्र माने जाते हैं:

  • स्नातक (Graduation / UG) के छात्र
  • स्नातकोत्तर (Post-Graduation / PG) के छात्र
  • डिप्लोमा (Diploma) कोर्स के छात्र
  • तकनीकी शिक्षा (Technical Education) के छात्र
  • स्वास्थ्य शिक्षा (Health Education — नर्सिंग, पैरामेडिकल समेत) के छात्र
  • आईटीआई (ITI) के प्रशिक्षु
  • कौशल विकास (Skill Development) प्रशिक्षण के युवा

रिपोर्टों के अनुसार, हर चरण में संबंधित कोर्स के अंतिम वर्ष (Final Year) के छात्रों को पहली प्राथमिकता दी जाती है। यानी अगर आप फाइनल ईयर में हैं, तो आपका नाम पहले चरण की सूची में आने की संभावना ज़्यादा है। साथ ही, यह भी रिपोर्ट किया गया है कि दूसरे राज्यों के वे छात्र भी कवर होते हैं जो उत्तर प्रदेश के किसी संस्थान में पढ़ रहे हैं — लेकिन अंतिम पुष्टि आपके संस्थान से ही होगी।

ध्यान रखें: पात्रता के लिए कोई अलग आय प्रमाणपत्र या मेरिट कटऑफ की शर्त सामने नहीं आई है। अगर कोई वेबसाइट आपसे “आय प्रमाणपत्र अपलोड करें” या “मेरिट लिस्ट में नाम देखें” कह रही है, तो वह इस योजना की प्रक्रिया से मेल नहीं खाती।

सबसे बड़ी बात: छात्र खुद आवेदन नहीं करते — कॉलेज डेटा अपलोड करता है

यही वह बिंदु है जहाँ सबसे ज़्यादा छात्र ठगे जाते हैं। DigiShakti योजना में कोई “Apply Online” फॉर्म नहीं है जिसे छात्र खुद भरें। पूरी प्रक्रिया इस तरह चलती है:

  1. कॉलेज डेटा अपलोड करता है: आपका कॉलेज या संस्थान आपका नाम, एनरोलमेंट नंबर, कोर्स और अन्य विवरण DigiShakti पोर्टल पर अपलोड करता है।
  2. विश्वविद्यालय/विभाग जाँच करता है: अपलोड किया गया डेटा विश्वविद्यालय और संबंधित विभाग के स्तर पर सत्यापित होता है और फिर लॉक किया जाता है।
  3. छात्र स्टेटस चेक करता है: आप पोर्टल पर अपना एनरोलमेंट नंबर डालकर देखते हैं कि आपका डेटा कहाँ अटका है।
  4. छात्र e-KYC करता है: डेटा सत्यापित होने के बाद आप MeriPehchaan के ज़रिए Aadhaar e-KYC पूरा करते हैं।
  5. वितरण कॉलेज के ज़रिए होता है: e-KYC और स्वीकृति के बाद, टैबलेट का वितरण आपके संस्थान के माध्यम से होता है। कॉलेज ही बताता है कि डिवाइस कब और कहाँ मिलेगा।

इसका सीधा मतलब है: अगर पोर्टल पर “Invalid Enrollment Number” दिख रहा है, तो इसका मतलब यह नहीं कि आप अपात्र हैं — इसका मतलब है कि आपके कॉलेज ने अभी आपका डेटा अपलोड ही नहीं किया है। ऐसे में सबसे पहला काम अपने कॉलेज के नोडल अधिकारी से संपर्क करना है, किसी वेबसाइट पर फॉर्म भरना नहीं।

अपना नाम / स्टेटस कैसे चेक करें: Step-by-Step Guide

अपना स्टेटस चेक करने के लिए आपको सिर्फ तीन चीज़ें चाहिए: आपका विश्वविद्यालय/संस्थान का नाम, आपका एनरोलमेंट नंबर, और एक मोबाइल या कंप्यूटर। पूरा तरीका नीचे दिया गया है:

  1. आधिकारिक पोर्टल digishakti.up.gov.in खोलें। (सिर्फ यही आधिकारिक पता है — मिलते-जुलते नाम वाली किसी और साइट पर न जाएँ।)
  2. होमपेज पर “e-KYC through MeriPehchaan Portal” वाला लिंक/बटन खोजें और उस पर क्लिक करें।
  3. अगले पेज पर ड्रॉपडाउन से अपना विश्वविद्यालय (University) चुनें।
  4. फिर अपना कॉलेज/संस्थान (College) चुनें।
  5. अपना एनरोलमेंट नंबर (Enrollment Number) सही-सही डालें और Search पर क्लिक करें।
  6. स्क्रीन पर आपका स्टेटस दिखेगा। उसका मतलब नीचे दी गई टेबल से समझें।

एक ज़रूरी सावधानी: एनरोलमेंट नंबर डालते समय एक भी अंक गलत हुआ तो पोर्टल आपका रिकॉर्ड नहीं दिखाएगा। नंबर अपने कॉलेज आईडी कार्ड या एडमिशन रसीद से मिलाकर डालें। अगर फिर भी रिकॉर्ड न मिले, तो कॉलेज के नोडल अधिकारी से पूछें कि आपका डेटा अपलोड हुआ है या नहीं।

स्टेटस मैसेज का मतलब: आपकी फाइल कहाँ अटकी है

पोर्टल पर क्या दिखता हैइसका मतलबआपको क्या करना है
Invalid Enrollment Numberआपके संस्थान ने अभी आपका डेटा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है।अपने कॉलेज के नोडल अधिकारी से संपर्क करें।
Data Under Verification / Under Processआपका डेटा विश्वविद्यालय या विभाग के पास जाँच में है।इंतज़ार करें और कुछ दिन बाद फिर चेक करें।
Verify बटन दिख रहा हैआपका डेटा सत्यापित हो चुका है, सिर्फ e-KYC बाकी है।Verify पर क्लिक करके e-KYC पूरा करें (नीचे के स्टेप देखें)।
नाम/जन्मतिथि/Aadhaar में गड़बड़आपका विवरण Aadhaar से मेल नहीं खा रहा है।नोडल अधिकारी से विवरण सुधरवाएँ, फिर फाइल दोबारा जाँच से गुज़रेगी।
e-KYC Successful / Verifiedआपकी e-KYC पूरी हो गई है।वितरण की सूचना के लिए अपने कॉलेज से संपर्क में रहें।

एक बात समझ लें: “Under Verification” दिखना कोई समस्या नहीं है। इसका मतलब है कि आपकी फाइल सही रास्ते पर है और विभाग के स्तर पर जाँच चल रही है। बार-बार किसी एजेंट या वेबसाइट के चक्कर में पड़ने के बजाय कुछ दिन का इंतज़ार करें।

e-KYC कैसे करें: MeriPehchaan से Aadhaar सत्यापन (Step-by-Step)

जब पोर्टल पर Verify बटन दिखे, तब e-KYC की प्रक्रिया शुरू होती है। इसके लिए आपका Aadhaar नंबर और Aadhaar से जुड़ा मोबाइल नंबर (OTP के लिए) चाहिए। पूरी प्रक्रिया इस प्रकार है:

  1. DigiShakti पोर्टल पर स्टेटस चेक करने के बाद Verify बटन पर क्लिक करें।
  2. आप MeriPehchaan पोर्टल पर पहुँच जाएँगे। अगर आपका MeriPehchaan खाता पहले से है, तो Sign-In करें। नए यूज़र “New user? Signup for MeriPehchaan” पर क्लिक करें।
  3. नए यूज़र के लिए: अपना मोबाइल नंबर डालें, Generate OTP पर क्लिक करें और आए OTP से नंबर सत्यापित करें।
  4. नियम व शर्तें (Terms & Conditions) स्वीकार करें और Sign-Up पूरा करें।
  5. अब Aadhaar e-KYC पेज पर अपना Aadhaar नंबर डालें।
  6. OTP का माध्यम चुनें — मोबाइल या ईमेल (जो Aadhaar से जुड़ा हो) — और “Verify through eKYC” पर क्लिक करें।
  7. Aadhaar से जुड़े मोबाइल/ईमेल पर आया OTP डालें और Verify दबाएँ।
  8. सफल सत्यापन पर Success Message दिखेगा। इसके बाद DigiShakti पोर्टल पर आपका e-KYC स्टेटस अपडेट हो जाएगा।

ध्यान रखें: e-KYC में आपका नाम, जन्मतिथि और लिंग — सब कुछ Aadhaar के अनुसार होना चाहिए। अगर कॉलेज के रिकॉर्ड और Aadhaar में नाम की स्पेलिंग अलग है, तो e-KYC अटक सकता है। ऐसे में पहले कॉलेज के नोडल अधिकारी से अपना विवरण ठीक करवाएँ, फिर e-KYC करें। OTP किसी के साथ शेयर न करें — सरकारी पोर्टल कभी फोन पर OTP नहीं माँगता।

टैबलेट कब और कैसे मिलेगा?

e-KYC पूरा होने के बाद छात्र वितरण के लिए पात्र हो जाता है। लेकिन यहाँ यह समझना ज़रूरी है कि टैबलेट सीधे आपके घर नहीं आता। वितरण आपके कॉलेज/संस्थान के माध्यम से होता है। कॉलेज को डिवाइस की खेप मिलती है, फिर कॉलेज छात्रों को बुलाकर वितरण करता है। वितरण के समय डिवाइस की मैपिंग के लिए कॉलेज Digi Shakti Mapper ऐप का इस्तेमाल करते हैं — यह ऐप कॉलेजों के लिए है, छात्रों के लिए नहीं।

वितरण के समय आमतौर पर आपकी पहचान और e-KYC सत्यापन की पुष्टि की जाती है। इसलिए कॉलेज की सूचना पर ध्यान दें, नोटिस बोर्ड और कॉलेज के आधिकारिक ग्रुप से अपडेट लेते रहें। किसी भी “टैबलेट घर पर डिलीवर कराने” वाले दावे पर भरोसा न करें — इस योजना में होम डिलीवरी का कोई प्रावधान सामने नहीं आया है।

पुराने चरणों में दिए गए डिवाइस में Samsung, Acer और Lava के टैबलेट/स्मार्टफोन शामिल थे, लेकिन नए 25 लाख टैबलेट के लिए ब्रांड और स्पेसिफिकेशन की आधिकारिक सूची अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। एक रिपोर्ट के अनुसार Acer को एक बड़ी टैबलेट ऑर्डर मिली है, लेकिन पूरी वेंडर सूची की पुष्टि नहीं हुई है — इसलिए किसी एक ब्रांड का नाम लेकर किए जा रहे दावों से सावधान रहें।

सावधान: फर्जी रजिस्ट्रेशन लिंक और ठगी से कैसे बचें

यही इस गाइड का सबसे ज़रूरी हिस्सा है, क्योंकि ठग इसी योजना के नाम पर सबसे ज़्यादा सक्रिय हैं। ये बातें हमेशा याद रखें:

  • कोई सेल्फ-रजिस्ट्रेशन नहीं है: अगर कोई वेबसाइट, व्हाट्सऐप मैसेज या यूट्यूब वीडियो आपसे “DigiShakti में रजिस्टर करें” कहकर फॉर्म भरवा रहा है, तो वह फर्जी है। छात्र का डेटा सिर्फ कॉलेज अपलोड करता है।
  • कोई फीस नहीं है: यह योजना पूरी तरह मुफ्त है। “रजिस्ट्रेशन फीस”, “डिलीवरी चार्ज” या “प्रोसेसिंग फीस” माँगने वाला हर व्यक्ति ठग है।
  • छात्रों के लिए कोई आधिकारिक ऐप नहीं है: Digi Shakti Mapper ऐप कॉलेजों के इस्तेमाल के लिए है। प्ले स्टोर पर “DigiShakti App” के नाम से मिलने वाले थर्ड-पार्टी ऐप आधिकारिक नहीं हैं — वे आपका निजी डेटा चुरा सकते हैं।
  • सिर्फ एक ही आधिकारिक पोर्टल है: digishakti.up.gov.in। मिलते-जुलते नाम वाली साइटें (जैसे digishakti.net, digishakti.info) आधिकारिक सरकारी साइटें नहीं हैं। अपना Aadhaar नंबर या OTP सिर्फ आधिकारिक पोर्टल पर ही डालें।
  • OTP कभी शेयर न करें: कोई भी सरकारी अधिकारी फोन, व्हाट्सऐप या SMS पर आपसे OTP नहीं माँगता। OTP माँगने वाला हर कॉल फर्ज़ी है।
  • “लिस्ट में नाम जोड़ने” का झाँसा: कोई भी एजेंट या वेबसाइट आपका नाम लिस्ट में नहीं जुड़वा सकती। नाम सिर्फ आपके कॉलेज के डेटा अपलोड से आता है।

अगर आपने गलती से किसी फर्जी साइट पर अपना Aadhaar नंबर या OTP डाल दिया है, तो तुरंत अपने कॉलेज के नोडल अधिकारी को बताएँ, Aadhaar से जुड़े मोबाइल पर नज़र रखें और ज़रूरत हो तो नज़दीकी साइबर सेल / पुलिस में शिकायत दर्ज कराएँ।

छात्रों की आम गलतियाँ — इनसे बचें

  • गलत पोर्टल पर जाना: मिलते-जुलते नाम वाली साइटों पर समय बर्बाद न करें। सिर्फ digishakti.up.gov.in ही आधिकारिक है।
  • एनरोलमेंट नंबर गलत डालना: एक अंक की गलती से “Invalid” दिखता है और छात्र घबरा जाते हैं। नंबर हमेशा आईडी कार्ड से मिलाकर डालें।
  • Aadhaar और कॉलेज रिकॉर्ड में अंतर: नाम की स्पेलिंग या जन्मतिथि में फर्क e-KYC अटका देता है। इसे पहले कॉलेज से ठीक करवाएँ।
  • कॉलेज से संपर्क न करना: डेटा अपलोड, वितरण की तारीख — हर अहम जानकारी कॉलेज के पास है। नोडल अधिकारी ही आपका सबसे भरोसेमंद स्रोत है।
  • फर्जी तारीखों पर भरोसा: “इस तारीख को टैबलेट मिलेगा” वाले वीडियो/पोस्ट अक्सर अनुमान होते हैं। सिर्फ कॉलेज या आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. DigiShakti Yojana 2026 में आवेदन कैसे करें?

छात्र खुद आवेदन नहीं करते। आपका कॉलेज/संस्थान आपका डेटा DigiShakti पोर्टल पर अपलोड करता है। आपका काम सिर्फ पोर्टल पर स्टेटस चेक करना और MeriPehchaan से Aadhaar e-KYC पूरा करना है। कोई “Apply Online” फॉर्म छात्रों के लिए नहीं है।

2. DigiShakti लिस्ट में अपना नाम कैसे चेक करें?

digishakti.up.gov.in पर जाएँ, “e-KYC through MeriPehchaan Portal” पर क्लिक करें, अपना विश्वविद्यालय और कॉलेज चुनें, एनरोलमेंट नंबर डालकर Search करें। स्क्रीन पर आपका स्टेटस दिखेगा — Invalid, Under Verification, Verify बटन या Verified।

3. “Invalid Enrollment Number” दिख रहा है — क्या करें?

इसका मतलब है कि आपके कॉलेज ने अभी आपका डेटा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है। अपने कॉलेज के नोडल अधिकारी से संपर्क करें और पूछें कि डेटा कब अपलोड होगा। किसी वेबसाइट पर फॉर्म भरने से यह ठीक नहीं होगा।

4. DigiShakti e-KYC के लिए क्या-क्या चाहिए?

आपका Aadhaar नंबर और Aadhaar से जुड़ा मोबाइल नंबर (OTP के लिए) चाहिए। MeriPehchaan पर साइन-अप/साइन-इन के बाद Aadhaar नंबर डालें, OTP माध्यम चुनें, OTP डालकर सत्यापन पूरा करें।

5. क्या DigiShakti योजना में कोई फीस लगती है?

नहीं। यह योजना पूरी तरह मुफ्त है। रजिस्ट्रेशन फीस, डिलीवरी चार्ज या प्रोसेसिंग फीस माँगने वाला हर व्यक्ति या वेबसाइट फर्ज़ी है।

6. टैबलेट कब मिलेगा?

e-KYC और स्वीकृति के बाद वितरण आपके कॉलेज के माध्यम से चरणों में होगा। अभी तक ज़िलेवार या कॉलेजवार वितरण कैलेंडर सार्वजनिक नहीं हुआ है, इसलिए वितरण की तारीख के लिए अपने कॉलेज से संपर्क में रहें।

7. क्या दूसरे राज्यों के छात्र भी पात्र हैं?

रिपोर्टों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के संस्थान में पढ़ रहे दूसरे राज्यों के छात्र भी कवर होते हैं, क्योंकि पात्रता संस्थान पर आधारित है। अंतिम पुष्टि के लिए अपने कॉलेज के नोडल अधिकारी से पूछें।

आधिकारिक लिंक (सिर्फ इन्हीं पर भरोसा करें)

किस काम के लिएआधिकारिक लिंक
DigiShakti पोर्टल — स्टेटस चेक + e-KYCdigishakti.up.gov.in
MeriPehchaan — e-KYC लॉगिन/साइन-अपDigiShakti पोर्टल के “e-KYC through MeriPehchaan Portal” लिंक से ही जाएँ
उत्तर प्रदेश सरकार का पोर्टलup.gov.in

संबंधित योजनाएँ और गाइड

अस्वीकरण: GramSuvidha एक निजी सूचना पोर्टल (सरकारी वेबसाइट नहीं) है। यह लेख सार्वजनिक रिपोर्टों और आधिकारिक पोर्टल की जानकारी के आधार पर मार्गदर्शन के लिए लिखा गया है। अंतिम और आधिकारिक जानकारी के लिए हमेशा digishakti.up.gov.in या अपने कॉलेज के नोडल अधिकारी से पुष्टि करें।