राशन कार्ड है तो यह खबर आपके काम की है। सरकार देश के करोड़ों गरीब परिवारों को हर महीने मुफ्त अनाज दे रही है — और यह सुविधा 2028 तक जारी रहेगी। इस लेख में जानिए PM Garib Kalyan Anna Yojana क्या है, आपको कितना अनाज मिलेगा, कौन पात्र है, और राशन कैसे मिलेगा।
PM Garib Kalyan Anna Yojana क्या है?
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) केंद्र सरकार की एक खाद्य सुरक्षा योजना है, जिसे उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अंतर्गत खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग (Department of Food and Public Distribution) चलाता है। इस योजना का मकसद बहुत सीधा है — देश के गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक हर महीने मुफ्त खाद्यान्न पहुंचाना।
यह योजना 2020 में COVID-19 महामारी के दौरान शुरू हुई थी। उस समय लॉकडाउन की वजह से करोड़ों गरीब परिवारों के सामने खाने का संकट खड़ा हो गया था। सरकार ने इस मुश्किल घड़ी में गरीबों की मदद के लिए मुफ्त अनाज बांटने का फैसला किया। शुरुआत में यह एक अस्थायी राहत योजना थी, लेकिन बाद में इसे देश की स्थायी खाद्य सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बना दिया गया।
2020 से दिसंबर 2022 तक, यानी करीब 28 महीनों में, PMGKAY के पहले सात चरणों (Phase I से Phase VII) में लगभग 1118 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न बांटा गया, जिस पर करीब 3.91 लाख करोड़ रुपये का खर्च आया। यह अपने आप में दुनिया के सबसे बड़े खाद्य वितरण कार्यक्रमों में से एक है।
फिर 1 जनवरी 2023 से सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया — राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत मिलने वाला अनाज पूरी तरह मुफ्त कर दिया गया। यानी अब लाभार्थियों को पहले की तरह चावल के लिए 3 रुपये, गेहूं के लिए 2 रुपये और मोटे अनाज के लिए 1 रुपये प्रति किलो भी नहीं देने पड़ते।
इसके बाद, लाभार्थियों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए और NFSA के प्रावधानों को और मजबूत करने के लिए, केंद्र सरकार ने 1 जनवरी 2024 से अगले पांच वर्षों तक — यानी 31 दिसंबर 2028 तक — लगभग 81.35 करोड़ NFSA लाभार्थियों को मुफ्त खाद्यान्न देने का फैसला किया है। इस पर करीब 11.80 लाख करोड़ रुपये का खर्च आएगा, जो पूरी तरह केंद्र सरकार वहन करेगी।
योजना के लाभ — आपको कितना अनाज मिलेगा?
PMGKAY के तहत अनाज की मात्रा इस बात पर निर्भर करती है कि आपका परिवार किस श्रेणी में आता है। NFSA के तहत दो तरह के लाभार्थी होते हैं — अंत्योदय अन्न योजना (AAY) परिवार और प्राथमिकता वाले परिवार (Priority Households – PHH)।
अंत्योदय अन्न योजना (AAY) परिवार
AAY श्रेणी में समाज के सबसे गरीब परिवार आते हैं — “गरीबों में सबसे गरीब”। इन परिवारों को हर महीने प्रति परिवार 35 किलो खाद्यान्न मुफ्त मिलता है। यह मात्रा परिवार में सदस्यों की संख्या पर निर्भर नहीं करती — चाहे परिवार में 2 लोग हों या 6, पूरे परिवार को 35 किलो अनाज मिलेगा।
प्राथमिकता वाले परिवार (PHH)
PHH श्रेणी के लाभार्थियों को हर महीने प्रति व्यक्ति 5 किलो खाद्यान्न मुफ्त मिलता है। यानी अगर आपके परिवार में 4 सदस्य हैं और सभी का नाम राशन कार्ड में है, तो आपके परिवार को हर महीने कुल 20 किलो अनाज मुफ्त मिलेगा। 5 सदस्यों वाले परिवार को 25 किलो और 6 सदस्यों वाले परिवार को 30 किलो अनाज मिलेगा।
यह अनाज चावल, गेहूं या मोटा अनाज (जैसे ज्वार, बाजरा) हो सकता है — यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपके राज्य में क्या बांटा जाता है। अच्छी बात यह है कि अब इसके लिए आपको एक रुपया भी नहीं देना पड़ता। पहले यही अनाज सब्सिडी वाली कीमत पर मिलता था, अब यह पूरी तरह मुफ्त है।
फोर्टिफाइड चावल
सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से फोर्टिफाइड चावल भी बांट रही है। फोर्टिफाइड चावल में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन बी12 जैसे पोषक तत्व मिलाए जाते हैं, ताकि गरीब परिवारों में खून की कमी और कुपोषण जैसी समस्याओं से लड़ा जा सके। प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त 2021 को इसकी घोषणा की थी, और अब यह सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चरणबद्ध तरीके से बांटा जा रहा है।
कौन पात्र है? — पात्रता की शर्तें
PMGKAY का लाभ उन्हीं लोगों को मिलता है जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013 के तहत कवर हैं। NFSA देश की ग्रामीण आबादी के 75% और शहरी आबादी के 50% हिस्से को कवर करता है — 2011 की जनगणना के हिसाब से यह लगभग 81.35 करोड़ लोग हैं। अक्टूबर 2025 तक करीब 78.90 करोड़ लाभार्थी इस अधिनियम के तहत मुफ्त खाद्यान्न पा रहे थे।
AAY श्रेणी में कौन आता है?
राज्य सरकारें केंद्र सरकार के तय मानदंडों के अनुसार AAY परिवारों की पहचान करती हैं। इनमें शामिल हैं:
- विधवाओं, गंभीर बीमार व्यक्तियों, दिव्यांगजनों या 60 वर्ष से अधिक उम्र के ऐसे व्यक्तियों के नेतृत्व वाले परिवार, जिनके पास आजीविका का कोई पक्का साधन या सामाजिक सहारा नहीं है।
- ऐसी विधवाएं, बीमार या दिव्यांग व्यक्ति, 60 साल से ऊपर के बुजुर्ग, अकेली महिलाएं या अकेले पुरुष, जिनका कोई परिवार या सहारा नहीं है।
- सभी आदिम जनजातीय परिवार।
- भूमिहीन खेतिहर मजदूर, सीमांत किसान, ग्रामीण दस्तकार जैसे कुम्हार, चर्मकार, बुनकर, लोहार, बढ़ई, झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले, और दैनिक मजदूरी करने वाले — जैसे कुली, रिक्शा चालक, फल-सब्जी बेचने वाले, मोची और रद्दी बीनने वाले।
- HIV पॉजिटिव व्यक्तियों के सभी पात्र गरीबी रेखा से नीचे (BPL) परिवार।
PHH श्रेणी में कौन आता है?
प्राथमिकता वाले परिवारों की पहचान राज्य सरकारें अपने मानदंडों के अनुसार करती हैं। लाभार्थियों की पहचान और राशन कार्ड जारी करने की जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकार की होती है। अयोग्य लाभार्थियों के नाम हटाना और पात्र लाभार्थियों को जोड़ना एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है — यानी लाभार्थी सूची समय-समय पर अपडेट होती रहती है।
एक जरूरी बात — NFSA के तहत कोई BPL या APL श्रेणी नहीं है। सिर्फ AAY और PHH दो ही श्रेणियां हैं।
मुफ्त राशन कैसे मिलेगा?
अगर आपके पास NFSA के तहत राशन कार्ड है, तो आपको अलग से इस योजना के लिए आवेदन करने की जरूरत नहीं है। हर महीने का अनाज आपको अपने नजदीकी उचित मूल्य की दुकान (Fair Price Shop), यानी राशन की दुकान से मिलेगा।
राशन लेने की प्रक्रिया अब काफी पारदर्शी हो गई है:
- डिजिटल राशन कार्ड: सभी राज्यों में राशन कार्ड और लाभार्थियों का डेटा 100% डिजिटल हो चुका है। करीब 20.06 करोड़ राशन कार्डों का ब्योरा राज्यों के पारदर्शिता पोर्टल पर उपलब्ध है।
- आधार से जुड़ाव: 99.8% से ज्यादा राशन कार्ड आधार से जुड़े हुए हैं, जिससे फर्जी लाभार्थियों को हटाने में मदद मिली है।
- ePoS मशीन: देश की 5.44 लाख उचित मूल्य दुकानों में से 99.8% (5.41 लाख) दुकानों पर इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल (ePoS) मशीनें लगी हैं। राशन लेते समय 97% से ज्यादा लेनदेन बायोमेट्रिक या आधार प्रमाणीकरण से होते हैं — यानी अंगूठा लगाकर ही अनाज मिलता है।
अगर आपका नाम लाभार्थी सूची में है लेकिन आपको राशन नहीं मिल रहा है, तो अपने राज्य के खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग से संपर्क करें। केंद्र सरकार समय-समय पर सभी राज्यों को सलाह देती है कि वे सभी पात्र गरीब व्यक्तियों और कमजोर वर्गों की पहचान करके उन्हें NFSA में शामिल करें।
पहले और अब में क्या अंतर है?
बहुत से लोगों के मन में यह सवाल होता है कि PMGKAY पहले वाली राशन व्यवस्था से अलग कैसे है। आइए साफ-साफ समझते हैं:
2020 से 2022 तक: इस दौरान PMGKAY के तहत NFSA के नियमित आवंटन के अलावा अतिरिक्त 5 किलो प्रति व्यक्ति प्रति माह मुफ्त अनाज दिया जाता था। यानी यह नियमित राशन के ऊपर एक अतिरिक्त मदद थी।
1 जनवरी 2023 से: सरकार ने NFSA के तहत मिलने वाले अनाज को ही मुफ्त कर दिया। पहले जो अनाज चावल के लिए 3 रुपये, गेहूं के लिए 2 रुपये और मोटे अनाज के लिए 1 रुपये प्रति किलो की सब्सिडी वाली कीमत पर मिलता था, वह अब बिना किसी कीमत के मिलने लगा। दो खाद्य सब्सिडी योजनाओं (FCI को खाद्य सब्सिडी और विकेंद्रीकृत खरीद वाले राज्यों को खाद्य सब्सिडी) को PMGKAY में समाहित कर दिया गया।
1 जनवरी 2024 से: यह मुफ्त वितरण अगले पांच वर्षों (31 दिसंबर 2028 तक) के लिए बढ़ा दिया गया। मात्रा वही है जो NFSA में तय है — AAY परिवारों को 35 किलो प्रति परिवार और PHH लाभार्थियों को 5 किलो प्रति व्यक्ति प्रति माह।
संक्षेप में — पहले आपको राशन के लिए थोड़े पैसे देने पड़ते थे, अब वही राशन पूरी तरह मुफ्त मिलता है, और यह व्यवस्था 2028 के अंत तक जारी रहेगी।
One Nation One Ration Card — कहीं भी राशन लें
PMGKAY की एक बड़ी खूबी वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC) योजना से जुड़ी है। ONORC अगस्त 2019 में सिर्फ 4 राज्यों में शुरू हुई थी, लेकिन अब यह सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है — यानी देश के लगभग 80 करोड़ NFSA लाभार्थी, लगभग 100% NFSA आबादी, इसके दायरे में है।
इसका मतलब यह है कि अगर आप काम के सिलसिले में अपने गांव या शहर से दूर रहते हैं, तो भी आप देश की किसी भी उचित मूल्य की दुकान से अपना राशन ले सकते हैं। राशन कार्ड की पोर्टेबिलिटी से प्रवासी मजदूरों और घुमंतू कामगारों को सबसे ज्यादा फायदा हुआ है।
आंकड़े बताते हैं कि ONORC शुरू होने के बाद से 125 करोड़ से ज्यादा पोर्टेबिलिटी लेनदेन हो चुके हैं, जिनमें 241 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा अनाज बांटा गया। 2023 के 11 महीनों में ही करीब 28 करोड़ पोर्टेबिलिटी लेनदेन हुए।
योजना पर कितना खर्च आ रहा है?
यह योजना पूरी तरह केंद्र सरकार के पैसे से चलती है — राज्यों पर इसका कोई वित्तीय बोझ नहीं है। अनाज की खरीद, भंडारण, परिवहन और उचित मूल्य की दुकान तक पहुंचाने का पूरा खर्च केंद्र सरकार उठाती है।
1 जनवरी 2024 से पांच वर्षों के मुफ्त वितरण पर करीब 11.80 लाख करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इससे पहले, 2023 के एक वर्ष के मुफ्त वितरण पर 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की खाद्य सब्सिडी का अनुमान था।
आधिकारिक लिंक
इस योजना की सही और ताजा जानकारी के लिए इन्हीं सरकारी स्रोतों पर भरोसा करें:
- खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग: dfpd.gov.in
- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम पोर्टल: nfsa.gov.in
- प्रेस सूचना ब्यूरो (सरकारी घोषणाएं): pib.gov.in
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. क्या PMGKAY 2026 में भी चल रही है?
हां। केंद्र सरकार ने 1 जनवरी 2024 से पांच वर्षों के लिए मुफ्त खाद्यान्न वितरण बढ़ा दिया है, यानी यह योजना 31 दिसंबर 2028 तक जारी रहेगी।
2. मुझे हर महीने कितना अनाज मिलेगा?
अगर आपका परिवार AAY श्रेणी में है तो प्रति परिवार 35 किलो प्रति माह, और अगर PHH श्रेणी में है तो प्रति व्यक्ति 5 किलो प्रति माह — पूरी तरह मुफ्त।
3. इस योजना के लिए कौन पात्र है?
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत आने वाले सभी AAY और PHH राशन कार्ड धारक इस योजना के लाभार्थी हैं। लाभार्थियों की पहचान राज्य सरकारें करती हैं।
4. क्या इसके लिए अलग से आवेदन करना होगा?
नहीं। यह योजना सभी NFSA लाभार्थियों को कवर करती है। अगर आपके पास AAY या PHH राशन कार्ड है, तो हर महीने का मुफ्त अनाज आपको आपकी उचित मूल्य की दुकान से मिलता रहेगा।
5. क्या मैं दूसरे राज्य में भी राशन ले सकता हूं?
हां। वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC) के तहत आप देश की किसी भी उचित मूल्य की दुकान से अपना राशन ले सकते हैं। यह सुविधा सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है।
एक निजी सूचना पोर्टल (सरकारी वेबसाइट नहीं)





