Sambal 2.0 Yojana MP 2026: मज़दूरों को लाभ, पात्रता और आवेदन

सोचिए, एक मज़दूर जो रोज़ सुबह काम की तलाश में निकलता है, शाम को जो मज़दूरी मिलती है उसी से घर का चूल्हा जलता है। उसके पास न कोई नौकरी की गारंटी है, न कोई पेंशन, न कोई बीमा। अगर वह बीमार पड़ जाए, या कोई हादसा हो जाए, तो पूरे परिवार पर आफत टूट पड़ती है। मध्य प्रदेश में करोड़ों ऐसे ही मेहनतकश लोग हैं जो असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं — और उन्हीं के लिए राज्य सरकार की एक बड़ी छतरी योजना चल रही है, जिसका नाम है sambal 2.0 yojana।

इस लेख में हम आपको इस योजना की पूरी जानकारी देंगे — यह योजना आखिर है क्या, इसमें कौन-कौन से लाभ मिलते हैं, कौन रजिस्ट्रेशन कर सकता है, रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया क्या है, अपने आवेदन का स्टेटस कैसे चेक करें, और हाल ही में सरकार ने इस योजना के तहत जो बड़ा भुगतान किया है, वह भी बताएंगे। लेख को अंत तक पढ़ें, क्योंकि इसमें हमने वे सभी सवालों के जवाब दिए हैं जो आमतौर पर लोगों के मन में आते हैं।

Quick Facts: Sambal 2.0 Yojana एक नज़र में

विवरण जानकारी
योजना का नाम मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल 2.0) योजना
राज्य मध्य प्रदेश
संचालित करने वाला विभाग श्रम विभाग, मध्य प्रदेश शासन
शुरुआत 2018 (पहली बार लॉन्च)
पुनः शुरुआत संबल 2.0 — सरल प्रक्रिया और नए पोर्टल के साथ
आधिकारिक पोर्टल sambal.mp.gov.in
पंजीकरण संख्या 1.88 करोड़ से अधिक (रिपोर्ट के अनुसार)
कौन लाभ ले सकता है मध्य प्रदेश के 18 से 60 वर्ष के असंगठित क्षेत्र के श्रमिक
पंजीकरण कैसे Samagra ID + e-KYC के माध्यम से ऑनलाइन
पंजीकरण के बाद सत्यापन के बाद लाभार्थी को संबल कार्ड मिलता है

Sambal 2.0 Yojana क्या है?

मुख्यमंत्री जन कल्याण (संबल) योजना मध्य प्रदेश सरकार की एक अंब्रेला योजना है, यानी एक ही छत के नीचे कई कल्याणकारी योजनाओं का समूह। इसे राज्य के श्रम विभाग द्वारा चलाया जाता है। यह योजना खास तौर पर उन लोगों के लिए बनाई गई है जो असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं — जिनके पास न तो कंपनी की नौकरी है, न पीएफ, न ग्रेच्युटी, और न ही कोई बड़ा बीमा कवर।

योजना की शुरुआत 2018 में हुई थी। बाद में इसे और बेहतर बनाकर संबल 2.0 के रूप में दोबारा लॉन्च किया गया। संबल 2.0 में पंजीकरण की प्रक्रिया को पहले से सरल किया गया है और इसके लिए एक नया पोर्टल भी तैयार किया गया है, ताकि आम मज़दूर और गरीब परिवार आसानी से अपना पंजीकरण करा सकें। पंजीकरण और सत्यापन पूरा होने के बाद लाभार्थी को एक संबल कार्ड मिलता है, जो इस योजना के तहत मिलने वाले लाभों की पहचान बन जाता है।

सरल भाषा में कहें तो यह योजना असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए एक सुरक्षा कवच है — बीमारी में इलाज, मातृत्व में मदद, हादसे में मुआवज़ा, बच्चों की पढ़ाई में सहयोग और रोज़मर्रा की ज़िंदगी में राहत, सब कुछ एक ही कार्ड से जुड़ा हुआ।

Sambal 2.0 Yojana के सभी लाभ (Benefits)

संबल 2.0 के तहत मिलने वाले मुख्य लाभ इस प्रकार हैं। हर लाभ की राशि सरकार द्वारा तय की गई है और भुगतान सीधे लाभार्थी के खाते में किया जाता है।

लाभ राशि / विवरण
अंत्येष्टि सहायता (Funeral Assistance) ₹5,000
सामान्य मृत्यु पर सहायता (Natural Death) ₹2,00,000
दुर्घटना में मृत्यु पर सहायता (Accidental Death) ₹4,00,000
आंशिक विकलांगता (Partial Disability) ₹1,00,000
स्थायी विकलांगता (Permanent Disability) ₹2,00,000
प्रसूति सहायता (Maternity Assistance) ₹16,000
निःशुल्क चिकित्सा उपचार आयुष्मान भारत–निरामय के तहत प्रति वर्ष ₹5 लाख तक
राशन पात्रता पर्ची सब्सिडी वाले खाद्यान्न के लिए पात्रता
बिजली बिल में राहत सरल बिजली बिल योजना के तहत
बच्चों की शिक्षा में सहयोग शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत
उपकरण अनुदान बेहतर व्यवसाय हेतु उपकरण अनुदान

हर लाभ को आसान भाषा में समझिए

1. अंत्येष्टि सहायता — ₹5,000: अगर पंजीकृत श्रमिक की मृत्यु हो जाती है, तो परिवार को अंतिम संस्कार के खर्च के लिए तुरंत ₹5,000 की सहायता दी जाती है। दुख की इस घड़ी में यह छोटी सी राशि भी परिवार के लिए बड़ी राहत बनती है।

2. सामान्य मृत्यु पर — ₹2 लाख: बीमारी या किसी अन्य प्राकृतिक कारण से मृत्यु होने पर परिवार को ₹2 लाख की अनुग्रह सहायता मिलती है। यह राशि परिवार को अचानक आई आर्थिक मुश्किल से उबरने में मदद करती है।

3. दुर्घटना में मृत्यु पर — ₹4 लाख: यह योजना का सबसे बड़ा लाभ है। अगर श्रमिक की मृत्यु किसी दुर्घटना में होती है, तो परिवार को ₹4 लाख की सहायता दी जाती है। निर्माण स्थल, खेत या सड़क पर काम करने वालों के लिए यह सुरक्षा बेहद ज़रूरी है।

4. आंशिक विकलांगता पर — ₹1 लाख: हादसे में शरीर के किसी अंग को आंशिक नुकसान होने पर ₹1 लाख की सहायता का प्रावधान है।

5. स्थायी विकलांगता पर — ₹2 लाख: अगर हादसे के कारण स्थायी विकलांगता हो जाती है और श्रमिक पहले जैसा काम नहीं कर पाता, तो ₹2 लाख की सहायता दी जाती है।

6. प्रसूति सहायता — ₹16,000: पंजीकृत महिला श्रमिकों को प्रसव के समय ₹16,000 की सहायता मिलती है, ताकि माँ और नवजात शिशु दोनों का ठीक से ख्याल रखा जा सके।

7. निःशुल्क इलाज — साल में ₹5 लाख तक: लाभार्थियों को आयुष्मान भारत–निरामय के तहत प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का निःशुल्क चिकित्सा उपचार मिलता है। बड़ी बीमारी या ऑपरेशन का खर्च अब परिवार की जेब पर भारी नहीं पड़ेगा। अगर आपने अभी तक अपना कार्ड नहीं बनवाया है, तो आयुष्मान कार्ड कैसे बनाएं पर हमारी पूरी गाइड ज़रूर पढ़ें।

8. राशन पात्रता पर्ची: लाभार्थियों को सब्सिडी वाले खाद्यान्न के लिए राशन पात्रता पर्ची मिलती है, जिससे सस्ते दाम पर अनाज मिलना आसान हो जाता है।

9. बिजली बिल में राहत: सरल बिजली बिल योजना के तहत बिजली के बिल में राहत दी जाती है, ताकि गरीब परिवारों पर बिजली का बोझ कम हो।

10. बच्चों की शिक्षा में सहयोग: शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई में आर्थिक मदद मिलती है, ताकि पैसे की कमी से किसी बच्चे की पढ़ाई न रुके।

11. उपकरण अनुदान: उन्नत व्यवसाय हेतु उपकरण अनुदान के तहत श्रमिक अपने काम को बेहतर बनाने के लिए उपकरण खरीदने पर अनुदान पा सकते हैं — जैसे दर्ज़ी के लिए सिलाई मशीन या बढ़ई के लिए औज़ार।

संबल 2.0 के अंतर्गत आने वाली उप-योजनाएं

संबल एक अंब्रेला योजना है, यानी इसके नीचे कई छोटी-छोटी योजनाएं चलती हैं। इनके नाम इस प्रकार हैं:

  • अंत्येष्टि सहायता योजना — अंतिम संस्कार हेतु आर्थिक सहायता।
  • अनुग्रह सहायता योजना — मृत्यु या विकलांगता की स्थिति में परिवार को अनुग्रह राशि।
  • निःशुल्क चिकित्सा एवं प्रसूति सहायता — इलाज और प्रसव के समय मदद।
  • सरल बिजली बिल योजना — बिजली बिल में राहत।
  • रोज़गारोन्मुखी प्रशिक्षण योजना — काम से जुड़ा प्रशिक्षण।
  • उपकरण अनुदान योजना — व्यवसाय हेतु उपकरण खरीदने पर अनुदान।
  • शिक्षा प्रोत्साहन योजना — बच्चों की पढ़ाई में सहयोग।
  • बकाया बिजली बिल माफी योजना — पुराने बकाया बिजली बिलों में राहत।

इन सभी का लाभ एक ही पंजीकरण और एक ही संबल कार्ड से जुड़ा है — अलग-अलग योजनाओं के लिए बार-बार आवेदन करने की ज़रूरत नहीं है।

Sambal 2.0 में कौन रजिस्ट्रेशन कर सकता है? (Eligibility)

इस योजना का लाभ लेने के लिए तीन बुनियादी शर्तें हैं:

  • मध्य प्रदेश का निवासी होना चाहिए।
  • उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • असंगठित क्षेत्र में काम करने वाला होना चाहिए।

असंगठित क्षेत्र का श्रमिक कौन? रोज़मर्रा के उदाहरण

“असंगठित क्षेत्र” शब्द सुनकर बहुत से लोग सोचते हैं कि यह उनके लिए नहीं है, लेकिन हकीकत यह है कि हमारे आसपास काम करने वाले ज़्यादातर मेहनतकश लोग इसी श्रेणी में आते हैं। कुछ आम उदाहरण देखिए:

  • निर्माण स्थलों पर काम करने वाले मज़दूर, राजमिस्त्री के सहायक, मिट्टी-गारा ढोने वाले।
  • खेतों में काम करने वाले कृषि मज़दूर और फसल कटाई-बुवाई करने वाले।
  • ठेले-रेहड़ी लगाने वाले, सब्ज़ी-फल बेचने वाले छोटे विक्रेता।
  • ऑटो-रिक्शा और ई-रिक्शा चलाने वाले, रिक्शा खींचने वाले।
  • घरों में काम करने वाली घरेलू सहायिकाएं (मेड)।
  • दर्ज़ी, नाई, धोबी, मोची जैसे छोटे कारीगर।
  • बढ़ई, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, पेंटर जैसे मिस्त्री।
  • छोटी दुकान चलाने वाले, चाय-नाश्ते का ठेला लगाने वाले।
  • गोदामों और मंडियों में सामान उठाने-रखने वाले हम्माल और लोडर।

अगर आप भी इसी तरह का कोई काम करते हैं और आपकी उम्र 18 से 60 साल के बीच है, तो आप इस योजना के लिए पात्र हो सकते हैं। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए केंद्र सरकार की एक और महत्वपूर्ण व्यवस्था ई-श्रम कार्ड रजिस्ट्रेशन है — उसकी जानकारी भी हमारी साइट पर उपलब्ध है।

Sambal 2.0 में रजिस्ट्रेशन कैसे करें? (Step-by-Step)

रिपोर्ट के अनुसार संबल 2.0 में पंजीकरण की प्रक्रिया ऑनलाइन है और इसे पहले से सरल बनाया गया है। चरण इस प्रकार हैं:

  1. आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर sambal.mp.gov.in खोलें।
  2. पंजीयन विकल्प चुनें: होमपेज पर “पंजीयन हेतु आवेदन करें” (Apply for Registration) विकल्प पर क्लिक करें।
  3. Samagra ID दर्ज करें: अपनी Samagra ID और Family ID डालकर सर्च करें। आपकी बुनियादी जानकारी स्क्रीन पर दिखेगी।
  4. e-KYC पूरी करें: आधार से जुड़ी e-KYC प्रक्रिया पूरी करें। यह आपकी पहचान के सत्यापन के लिए ज़रूरी है।
  5. विवरण भरें: फॉर्म में अपना नाम, माता-पिता का नाम, पता, ग्राम पंचायत, कार्य की श्रेणी, व्यवसाय और शिक्षा संबंधी जानकारी भरें।
  6. शर्तें स्वीकार करें और सेव करें: नियम व शर्तें स्वीकार करके फॉर्म सेव करें। इसके बाद आपको एक आवेदन क्रमांक (Application Number) और यूज़र ID मिलेगी — इन्हें संभालकर रखें, आगे स्टेटस चेक करने में काम आएगी।

सत्यापन पूरा होने के बाद लाभार्थी को संबल कार्ड जारी किया जाता है। यह कार्ड ही इस योजना के सभी लाभों का आधार है, इसलिए इसे सुरक्षित रखें।

संबल आवेदन का स्टेटस कैसे चेक करें?

अगर आपने पहले ही आवेदन कर दिया है और जानना चाहते हैं कि आपका आवेदन कहां तक पहुंचा है, तो पोर्टल पर “संबल आवेदन की स्थिति” (Sambal Application Status) वाला सेक्शन देखें। वहां अपनी Samagra ID और आवेदन क्रमांक डालकर आप अपने आवेदन की वर्तमान स्थिति देख सकते हैं — जैसे आवेदन प्राप्त हुआ, सत्यापनाधीन है, या स्वीकृत होकर कार्ड जारी हो गया है।

सलाह: आवेदन करते समय मिला आवेदन क्रमांक और यूज़र ID किसी डायरी या मोबाइल में नोट करके रखें। स्टेटस चेक करते समय यही दोनों चीज़ें सबसे ज़्यादा काम आती हैं।

ताज़ा अपडेट: दिसंबर 2025 में ₹160 करोड़ का भुगतान

यह योजना सिर्फ कागज़ों पर नहीं है — इसका ताज़ा सबूत दिसंबर 2025 में देखने को मिला। रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक ही क्लिक में ₹160 करोड़ की राशि 7,227 लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की। यह राशि मृत्यु और विकलांगता के मामलों में दी जाने वाली अनुग्रह सहायता (ex-gratia) के रूप में थी।

यह भुगतान DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से किया गया, यानी पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचा — बिना किसी बिचौलिए के। इतनी बड़ी राशि का एक साथ वितरण इस बात का प्रमाण है कि संबल 2.0 योजना सक्रिय रूप से चल रही है और पात्र परिवारों को इसका लाभ मिल रहा है।

DBT क्या है? आसान भाषा में समझिए

DBT यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर — सरकार की वह व्यवस्था जिसमें योजना का पैसा सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजा जाता है। पहले के ज़माने में पैसा कई हाथों से गुज़रता था और रास्ते में ही अटक जाता था, लेकिन DBT में पैसा सीधे आपके खाते में आता है। इसलिए यह ज़रूरी है कि आपका बैंक खाता आधार से जुड़ा हो और सक्रिय हो, ताकि संबल योजना का कोई भी भुगतान आप तक बिना रुकावट पहुंच सके।

अगर Samagra e-KYC में दिक्कत आए तो क्या करें?

कई बार पंजीकरण के समय e-KYC पूरी नहीं हो पाती — फिंगरप्रिंट मैच नहीं होता, मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं होता, या नाम में अंतर दिखता है। ऐसी स्थिति में घबराने की ज़रूरत नहीं है। सामान्य मार्गदर्शन इस प्रकार है:

  • सबसे पहले जांचें कि आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक है या नहीं, क्योंकि OTP उसी नंबर पर आता है।
  • अगर नाम या जन्मतिथि में अंतर है, तो पहले आधार में सुधार करवाएं — नज़दीकी आधार सेवा केंद्र पर यह काम हो जाता है।
  • फिंगरप्रिंट न मिलने पर आइरिस (आंख) स्कैन का विकल्प भी आज़माया जा सकता है।
  • बार-बार असफल होने पर अपने क्षेत्र के ग्राम पंचायत, जनपद कार्यालय या श्रम विभाग के स्थानीय कार्यालय से संपर्क करें — वहां आपको सही मार्गदर्शन मिलेगा।

ध्यान रखें: पंजीकरण की प्रक्रिया आधिकारिक पोर्टल पर ही करें। किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी Samagra ID, आधार या बैंक की जानकारी न दें।

आधिकारिक लिंक और संपर्क

योजना से जुड़ी सही और ताज़ा जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक स्रोतों का ही इस्तेमाल करें:

  • संबल पोर्टल: sambal.mp.gov.in — पंजीकरण, आवेदन और स्टेटस चेक के लिए।
  • समग्र पोर्टल: मध्य प्रदेश का समग्र पोर्टल — Samagra ID से जुड़ी जानकारी के लिए।
  • श्रम विभाग, मध्य प्रदेश शासन: योजना के नियमों और नई घोषणाओं के लिए विभाग की आधिकारिक जानकारी देखें।

सरकार की आवास से जुड़ी एक और बड़ी योजना की जानकारी के लिए आप पीएम आवास योजना लिस्ट 2026 पर हमारा लेख भी पढ़ सकते हैं।

Sambal 2.0 Yojana — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. sambal 2.0 yojana क्या है?

यह मध्य प्रदेश सरकार के श्रम विभाग द्वारा चलाई जाने वाली एक अंब्रेला कल्याणकारी योजना है, जो असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को मृत्यु सहायता, विकलांगता सहायता, प्रसूति सहायता, निःशुल्क इलाज, राशन, बिजली बिल राहत और शिक्षा सहयोग जैसे कई लाभ एक ही संबल कार्ड के माध्यम से देती है। इसे 2018 में शुरू किया गया था और बाद में सरल प्रक्रिया के साथ संबल 2.0 के रूप में दोबारा लॉन्च किया गया।

2. sambal 2.0 yojana के लिए कौन आवेदन कर सकता है?

मध्य प्रदेश का कोई भी निवासी जिसकी उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच है और जो असंगठित क्षेत्र में काम करता है — जैसे दिहाड़ी मज़दूर, कृषि श्रमिक, ठेले वाले, ऑटो चालक, घरेलू सहायिका, दर्ज़ी, बढ़ई या छोटा दुकानदार — वह इस योजना के लिए आवेदन कर सकता है।

3. रजिस्ट्रेशन के लिए क्या-क्या चाहिए?

रिपोर्ट के अनुसार पंजीकरण के लिए Samagra ID और Family ID चाहिए, जिसके बाद e-KYC पूरी की जाती है। फॉर्म में नाम, माता-पिता का नाम, पता, ग्राम पंचायत, कार्य श्रेणी, व्यवसाय और शिक्षा की जानकारी भरनी होती है। आवेदन के बाद आवेदन क्रमांक और यूज़र ID मिलती है।

4. संबल कार्ड क्या है और यह कैसे मिलता है?

संबल कार्ड इस योजना के लाभार्थियों को दिया जाने वाला पहचान कार्ड है। ऑनलाइन पंजीकरण और सत्यापन पूरा होने के बाद यह कार्ड जारी किया जाता है। इसी कार्ड के आधार पर योजना के सभी लाभ — सहायता राशि, इलाज, राशन पर्ची आदि — मिलते हैं।

5. क्या मैं अपने संबल आवेदन का स्टेटस ऑनलाइन चेक कर सकता हूं?

हां। sambal.mp.gov.in पोर्टल पर “संबल आवेदन की स्थिति” सेक्शन में अपनी Samagra ID और आवेदन क्रमांक डालकर आप अपने आवेदन की स्थिति देख सकते हैं।

6. क्या sambal 2.0 yojana अभी भी सक्रिय है?

हां। दिसंबर 2025 में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक ही क्लिक में 7,227 लाभार्थियों को ₹160 करोड़ की अनुग्रह सहायता DBT के माध्यम से ट्रांसफर की थी। रिपोर्ट के अनुसार पोर्टल पर 1.88 करोड़ से अधिक पंजीकरण दर्ज हैं, जो बताता है कि योजना बड़े स्तर पर सक्रिय है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। GramSuvidha एक निजी सूचना पोर्टल (सरकारी वेबसाइट नहीं) है। योजना की राशि, नियम और प्रक्रिया समय-समय पर बदल सकते हैं — आवेदन करने से पहले आधिकारिक पोर्टल sambal.mp.gov.in पर ताज़ा जानकारी ज़रूर जांच लें।