बिहार के शहरों में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी खबर है। अब नगर निगम या नगर परिषद से जुड़ा काम करवाने के लिए बार-बार दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एक ही पोर्टल पर शहर की लगभग सारी सेवाएँ आ गई हैं। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि यह पोर्टल क्या है, इस पर कौन-कौन सी सेवाएँ मिलती हैं, और आप घर बैठे इसका इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं। अगर आप पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा या बिहार के किसी भी शहर में रहते हैं, तो यह जानकारी आपके बहुत काम आने वाली है।
पहले किसी भी छोटे से काम के लिए नगर निगम के दफ्तर जाना पड़ता था। दुकान का लाइसेंस बनवाना हो, पानी का कनेक्शन लेना हो, या सड़क की शिकायत दर्ज करनी हो, हर काम में समय लगता था और कई बार चक्कर लगाने पड़ते थे। अब सरकार ने इन सब कामों को एक ही डिजिटल मंच पर लाने की कोशिश की है। इस पोर्टल का नाम है UPYOG Portal Bihar, और इसे बिहार के सभी 264 नगर निकायों के लिए तैयार किया गया है। आगे के हिस्सों में हम इसके बारे में पूरी जानकारी देंगे, जैसे कि इस पर कौन सी सेवाएँ मिलती हैं, रजिस्ट्रेशन कैसे करें, आवेदन की स्थिति कैसे देखें, और शिकायत कैसे दर्ज करें।
UPYOG Portal Bihar 2026: एक नज़र में जरूरी जानकारी
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| पोर्टल का नाम | UPYOG Bihar – Integrated Municipal Services Portal |
| UPYOG का पूरा नाम | Urban Platform for deliverY of Online Governance |
| विभाग | नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार सरकार (Urban Development and Housing Department – UDHD) |
| आधिकारिक वेबसाइट | upyog.bihar.gov.in |
| लॉन्च की तारीख | 31 अक्टूबर 2026, शनिवार |
| लॉन्च किसने किया | मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, पटना में |
| कवरेज | बिहार के सभी 264 नगर निकाय (नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत) |
| पहले चरण में मॉड्यूल | कुल 19 में से 10 मॉड्यूल |
| मिशन | राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन (National Urban Digital Mission – NUDM) |
| सहायता ईमेल | upyog@bihar.gov.in |
| विभाग का पता | विकास भवन, पटना, बिहार – 800015 |
UPYOG Portal Bihar क्या है?
UPYOG Portal Bihar बिहार सरकार का एक एकीकृत नगर सेवा पोर्टल है। इसका मतलब यह है कि शहर से जुड़ी अलग-अलग सेवाएँ अब एक ही जगह से मिलेंगी। पहले हर सेवा के लिए अलग दफ्तर या अलग व्यवस्था होती थी, लेकिन अब एक ही खाते से आप कई सेवाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल पर लिखा है, “One account for every urban service”, यानी हर शहरी सेवा के लिए एक ही खाता।
UPYOG का पूरा नाम Urban Platform for deliverY of Online Governance है। यह केंद्र सरकार के राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन (NUDM) के तहत बनाया गया एक ओपन-सोर्स डिजिटल प्लेटफॉर्म है। राष्ट्रीय स्तर पर इस मिशन को आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (Ministry of Housing and Urban Affairs) और राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान (National Institute of Urban Affairs – NIUA) संभालते हैं। बिहार ने इसी राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म को अपने राज्य के हिसाब से अपनाया है।
इस पोर्टल को 31 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में लॉन्च किया था। लॉन्च के मौके पर पोर्टल के काम करने का तरीका समझाने वाली एक छोटी फिल्म भी दिखाई गई थी और मुख्यमंत्री के सामने इसका लाइव प्रदर्शन भी किया गया था। नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव ने कार्यक्रम में पोर्टल के बारे में विस्तार से जानकारी दी थी।
264 नगर निकाय, एक ही पोर्टल
बिहार में कुल 264 शहरी स्थानीय निकाय हैं। इनमें बड़े शहरों के नगर निगम, मध्यम शहरों की नगर परिषदें और छोटे कस्बों की नगर पंचायतें शामिल हैं। UPYOG Portal Bihar को इन सभी 264 निकायों के लिए एक साथ लागू करने की योजना है। उदाहरण के लिए, सिर्फ पटना जिले में ही 10 नगर निकाय हैं।
यहाँ एक बात साफ समझ लेना जरूरी है। पोर्टल का लॉन्च हो जाना और हर शहर में हर सेवा का पूरी तरह चालू हो जाना, ये दो अलग बातें हैं। हर नगर निकाय को अपने हिसाब से सेवाएँ तैयार करनी होती हैं, कर्मचारियों को प्रशिक्षण देना होता है और पुराने रिकॉर्ड को नए सिस्टम में लाना होता है। इसलिए अगर आपके शहर में कोई सेवा अभी नहीं दिख रही है, तो कुछ समय बाद फिर से जाँच करें। पोर्टल पर भी लिखा है कि सेवा की उपलब्धता हर नगर निकाय के हिसाब से अलग हो सकती है।
पोर्टल पर दिख रहे आँकड़ों से पता चलता है कि लोग इसका इस्तेमाल शुरू भी कर चुके हैं। 6 नवंबर 2026 को पोर्टल पर दर्ज आवेदनों में प्रॉपर्टी टैक्स के 1,648 आवेदन (25 प्रतिशत), ट्रेड लाइसेंस के 1,397 आवेदन (21 प्रतिशत), जन शिकायत के 1,008 आवेदन (15 प्रतिशत), पानी और सीवरेज के 758 आवेदन (12 प्रतिशत), जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के 532 आवेदन (8 प्रतिशत) और विज्ञापन लाइसेंस के 387 आवेदन (6 प्रतिशत) थे। यह शुरुआती आँकड़ा है और समय के साथ बदलता रहेगा।
पहले चरण में शुरू हुए 10 मॉड्यूल
UPYOG Portal Bihar के कुल 19 मॉड्यूल की योजना है। पहले चरण में इनमें से 10 मॉड्यूल शुरू किए गए हैं। ये हैं:
- विज्ञापन प्रबंधन (Advertisement Management) – होर्डिंग और साइनबोर्ड की अनुमति से जुड़ा काम।
- ट्रेड लाइसेंस (Trade Licence) – दुकान या व्यापार शुरू करने और चलाने का लाइसेंस।
- पानी और सीवरेज कनेक्शन प्रबंधन – नए पानी के कनेक्शन और सीवरेज से जुड़ी सेवाएँ।
- संपत्ति प्रबंधन (Property Management) – नगर निकाय की संपत्तियों से जुड़ा काम।
- वाहन बेड़ा प्रबंधन (Vehicle Fleet Management) – नगर निकाय के वाहनों का प्रबंधन।
- नगर लेखा और वित्तीय प्रबंधन – नगर निकाय के खातों और वित्त से जुड़ा काम।
- भवन योजना अनुमोदन (Building Plan Approval) – मकान या भवन बनाने की योजना की ऑनलाइन मंजूरी।
- कानूनी मॉड्यूल (Legal Module) – नगर निकाय से जुड़े कानूनी काम।
- सामग्री प्रबंधन (Material Management) – नगर निकाय की सामग्री और खरीद से जुड़ा काम।
- जन शिकायत निवारण (Public Grievance Redressal) – नागरिकों की शिकायतें दर्ज करना और उनका समाधान।
इनमें से कुछ मॉड्यूल सीधे नागरिकों के काम के हैं, जैसे ट्रेड लाइसेंस, पानी का कनेक्शन और शिकायत। कुछ मॉड्यूल नगर निकाय के कर्मचारियों के काम के हैं, जैसे संपत्ति, वाहन बेड़ा और सामग्री प्रबंधन। बाकी 9 मॉड्यूल बाद के चरणों में शुरू किए जाएंगे, लेकिन उनकी पूरी समय-सारणी अभी आधिकारिक रूप से जारी नहीं हुई है।
UPYOG Portal Bihar पर मिलने वाली नागरिक सेवाएँ
पोर्टल के होम पेज पर नागरिकों के लिए ये मुख्य सेवाएँ दिखाई गई हैं:
- ट्रेड लाइसेंस जारी करना और भुगतान – नई दुकान या व्यापार के लिए लाइसेंस लेना और उसका नवीनीकरण।
- भवन योजना अनुमोदन – मकान बनाने की योजना ऑनलाइन जमा करना और मंजूरी की स्थिति देखना।
- जन शिकायत निवारण – सड़क, सफाई, पानी या किसी भी नगर सेवा से जुड़ी शिकायत दर्ज करना।
- पानी और सीवरेज कनेक्शन प्रबंधन – नया कनेक्शन लेना और बिल का भुगतान करना।
- विज्ञापन प्रबंधन – दुकान के बोर्ड, होर्डिंग या साइनबोर्ड की अनुमति लेना।
- प्रॉपर्टी टैक्स आकलन और भुगतान – संपत्ति कर की गणना और ऑनलाइन भुगतान।
- अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी करना – जरूरत के अनुसार NOC के लिए आवेदन।
- विविध संग्रह (Miscellaneous Collections) – अन्य नगर शुल्कों का भुगतान।
- ठोस कचरा प्रबंधन और पर्यावरण – कचरे से जुड़ी सेवाएँ और शिकायतें।
- स्वच्छता और स्वास्थ्य – सफाई और स्वास्थ्य से जुड़ी नगर सेवाएँ।
- जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र – जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन।
पोर्टल पर “अपनी यात्रा चुनें” जैसा एक खास हिस्सा भी है, जिसमें आपकी जरूरत के हिसाब से सेवाओं का क्रम बताया गया है। जैसे अगर आप व्यापार शुरू करना चाहते हैं, तो पहले ट्रेड लाइसेंस, फिर विज्ञापन की अनुमति और फिर शुल्क का भुगतान। अगर आप मकान बना रहे हैं, तो भवन योजना, NOC और पानी-सीवरेज कनेक्शन का क्रम बताया गया है।
UPYOG Portal Bihar पर रजिस्ट्रेशन कैसे करें?
पोर्टल पर एक ही खाते से कई सेवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया इस प्रकार है:
- सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट upyog.bihar.gov.in खोलें। ध्यान रखें कि यही सही पता है, किसी और मिलती-जुलती वेबसाइट पर अपनी जानकारी न डालें।
- होम पेज पर ऊपर की तरफ Register का बटन मिलेगा। उस पर क्लिक करें।
- रजिस्ट्रेशन फॉर्म में मांगी गई जानकारी भरें। आमतौर पर ऐसे पोर्टल पर नाम, मोबाइल नंबर और अपने शहर या नगर निकाय का नाम पूछा जाता है।
- मोबाइल नंबर पर आया OTP डालकर अपना नंबर सत्यापित करें।
- अपना पासवर्ड बनाएं और उसे सुरक्षित जगह पर लिखकर रखें।
- रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद आप अपने खाते से लॉगिन कर सकते हैं।
एक जरूरी बात: दस्तावेजों और शुल्क की जरूरत हर सेवा और हर नगर निकाय के हिसाब से अलग हो सकती है। इसलिए आवेदन शुरू करने से पहले अपने नगर निकाय के पेज पर उस सेवा की शर्तें जरूर पढ़ लें। पोर्टल पर भी यही सलाह दी गई है।
UPYOG Portal Bihar पर लॉगिन कैसे करें?
- वेबसाइट upyog.bihar.gov.in खोलें।
- होम पेज पर Login बटन पर क्लिक करें।
- अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या यूजर नाम और पासवर्ड डालें।
- अगर पासवर्ड भूल गए हैं, तो लॉगिन पेज पर दिए गए पासवर्ड भूलने के विकल्प का इस्तेमाल करें।
- लॉगिन के बाद आप अपने डैशबोर्ड से नई सेवा के लिए आवेदन कर सकते हैं, पुराने आवेदनों की स्थिति देख सकते हैं और भुगतान कर सकते हैं।
अपना पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। सरकारी पोर्टल कभी भी फोन या मैसेज पर आपसे पासवर्ड या OTP नहीं मांगता।
बिना लॉगिन के आवेदन की स्थिति कैसे देखें? (Track Application)
UPYOG Portal Bihar की सबसे अच्छी बात यह है कि आवेदन की स्थिति देखने के लिए लॉगिन करने की जरूरत नहीं है। पोर्टल के “Track, Verify or Pay – No Login Needed” वाले हिस्से में आप बिना खाते के भी ये तीन काम कर सकते हैं: आवेदन ट्रैक करना, प्रमाण पत्र की जाँच करना और बिल का भुगतान करना।
आवेदन की स्थिति देखने के तीन आसान चरण हैं:
- रेफरेंस नंबर डालें – आवेदन करते समय मिली पावती (acknowledgement receipt) पर लिखा आवेदन संख्या डालें। आप आवेदन संख्या या मोबाइल नंबर, दोनों में से किसी एक से भी खोज सकते हैं। पोर्टल पर नमूने के तौर पर ऐसे नंबर दिखाए गए हैं: TL/PAT/2026/0412 (ट्रेड लाइसेंस), WS/GAY/2026/0988 (पानी-सीवरेज) और AD/BGP/2026/0140 (विज्ञापन)।
- वर्तमान स्थिति देखें – आपका आवेदन किस चरण में है, यह स्क्रीन पर दिख जाएगा।
- अपडेट पाएं – आवेदन में कोई बड़ा बदलाव होने पर सूचना पाने का विकल्प भी है, जहाँ यह सुविधा उपलब्ध हो।
अपनी पावती और आवेदन संख्या को संभालकर रखें। यही नंबर आगे हर काम में काम आएगा।
ट्रेड लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
ट्रेड लाइसेंस UPYOG Portal Bihar की सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली सेवाओं में से एक है। पोर्टल पर व्यापार शुरू करने की यात्रा तीन चरणों में बताई गई है:
- ट्रेड लाइसेंस – अपने नगर निकाय में व्यापार शुरू करने या चलाने के लिए लाइसेंस के लिए आवेदन करें या पुराने लाइसेंस का नवीनीकरण करें।
- विज्ञापन अनुमति – दुकान के साइनबोर्ड या होर्डिंग की अनुमति और लागू शुल्क की जाँच करें।
- शुल्क की समीक्षा और जमा – अपने नगर निकाय की जरूरतों की पुष्टि करें और आवेदन पूरा करें।
ध्यान दें कि विज्ञापन मॉड्यूल BMAAAR 2026 नियमों के अनुसार चलता है, इसलिए अंतिम अधिसूचित नियमों से शर्तें मिलाकर देखना अच्छा रहेगा। विभाग के सोशल मीडिया पर बताया गया है कि ट्रेड लाइसेंस सेवा अब 40 और नगर निकायों में शुरू हो गई है, यानी इसका दायरा लगातार बढ़ रहा है।
शिकायत (Public Grievance) कैसे दर्ज करें?
- पोर्टल खोलकर Public Grievance Redressal (PGR) सेवा चुनें।
- अपने नगर निकाय और शिकायत की श्रेणी चुनें, जैसे सड़क, सफाई, पानी, कचरा या कोई और नगर सेवा।
- शिकायत का पूरा विवरण लिखें और अगर जरूरी हो तो फोटो या दस्तावेज जोड़ें।
- शिकायत जमा करने पर आपको एक रेफरेंस नंबर मिलेगा। उसे नोट करके रखें।
- बाद में उसी रेफरेंस नंबर से बिना लॉगिन के अपनी शिकायत की स्थिति देख सकते हैं।
शिकायत दर्ज करते समय सही मोबाइल नंबर देना जरूरी है, ताकि जरूरत पड़ने पर विभाग आपसे संपर्क कर सके। ध्यान रखें कि बिहार में सामान्य शिकायतों के लिए अलग से सह्योग पोर्टल (sahyog.bihar.gov.in) और हेल्पलाइन 1100 भी है, जो मई 2025 में शुरू हुआ था। UPYOG पर दर्ज शिकायत सीधे आपके नगर निकाय से जुड़ी होती है।
प्रॉपर्टी टैक्स और पानी का बिल ऑनलाइन कैसे भरें?
- पोर्टल के “Track, Verify or Pay” वाले हिस्से में Pay a Bill चुनें।
- प्रॉपर्टी टैक्स या पानी के बिल में से सही विकल्प चुनें।
- अपनी संपत्ति या कनेक्शन की जानकारी डालें।
- बकाया राशि देखें और ऑनलाइन भुगतान करें।
- भुगतान के बाद तुरंत रसीद मिलेगी। उसे सहेजकर रखें या प्रिंट निकाल लें।
ऑनलाइन भुगतान करते समय यह जरूर जाँच लें कि आप असली सरकारी पोर्टल upyog.bihar.gov.in पर ही हैं। भुगतान का पेज खुलने से पहले पते की जाँच करना सबसे सुरक्षित तरीका है।
प्रमाण पत्र की जाँच (Verify Certificate) कैसे करें?
अगर किसी ने आपको UPYOG Portal Bihar से जारी कोई प्रमाण पत्र या लाइसेंस दिखाया है, तो आप उसकी असलियत पोर्टल पर जाँच सकते हैं। इसके लिए भी लॉगिन की जरूरत नहीं है। पोर्टल पर Verify Certificate का विकल्प चुनें, प्रमाण पत्र का नंबर डालें और जाँच करें। यह सुविधा नकली प्रमाण पत्रों से बचने में मदद करती है।
राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन (NUDM) क्या है?
UPYOG Portal Bihar को समझने के लिए राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन को जानना जरूरी है। NUDM को आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने फरवरी 2021 में पायलट के रूप में शुरू किया था। इसका मकसद देश के सभी शहरों में एक जैसी डिजिटल व्यवस्था बनाना है, ताकि हर नगर निकाय को अपना अलग सिस्टम बनाने की जरूरत न पड़े।
संसद में 16 मार्च 2026 को दिए गए एक जवाब के अनुसार, UPYOG के तहत 18 मुख्य नगर ई-गवर्नेंस सेवाएँ तैयार की गई हैं, जिनमें प्रॉपर्टी टैक्स, फायर NOC, ऑनलाइन भवन योजना अनुमोदन, और जन्म-मृत्यु पंजीकरण जैसी सेवाएँ शामिल हैं। 17 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपने नगर निकायों में UPYOG की सेवाएँ लागू करने के अलग-अलग चरणों में हैं। मंत्रालय के अनुसार 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए हैं। UPYOG को डिजिटल पब्लिक गुड के रूप में पंजीकृत किया गया है और इसे 2025 में DigiTech Awards में गोल्ड अवार्ड भी मिला है।
UPYOG Portal Bihar से जुड़ी जरूरी सावधानियाँ
- सही वेबसाइट ही खोलें: पोर्टल का असली पता upyog.bihar.gov.in है। गूगल पर दिखने वाले विज्ञापनों या मिलते-जुलते नाम वाली वेबसाइटों से बचें।
- हेल्पलाइन नंबर को लेकर सावधानी: पोर्टल पर हेल्पलाइन के तौर पर “1800-XXX-XXXX” लिखा दिख रहा है, यानी अभी कोई पूरा नंबर प्रकाशित नहीं हुआ है। हम आपको कोई अनुमानित नंबर नहीं दे रहे हैं। मदद के लिए पोर्टल पर दिया गया ईमेल upyog@bihar.gov.in इस्तेमाल करें। विभाग के अनुसार ईमेल का जवाब आमतौर पर 24 घंटे में मिलता है।
- OTP और पासवर्ड साझा न करें: कोई भी सरकारी अधिकारी फोन पर आपसे OTP या पासवर्ड नहीं मांगता। ऐसा कोई फोन आए तो उसे नजरअंदाज करें।
- हर शहर में हर सेवा तुरंत नहीं: पोर्टल 264 नगर निकायों के लिए बना है, लेकिन हर सेवा हर शहर में एक साथ शुरू नहीं हुई है। आवेदन से पहले अपने शहर में उस सेवा की उपलब्धता जाँच लें।
- शुल्क की पुष्टि करें: हर सेवा का शुल्क आपके नगर निकाय के नियमों के अनुसार अलग हो सकता है। पोर्टल पर दिख रही राशि ही अंतिम मानी जाए।
UPYOG Portal Bihar: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. UPYOG Portal Bihar क्या है?
UPYOG Portal Bihar बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग का एकीकृत नगर सेवा पोर्टल है। इसका पूरा नाम Urban Platform for deliverY of Online Governance है। इस पर ट्रेड लाइसेंस, प्रॉपर्टी टैक्स, पानी-सीवरेज कनेक्शन, भवन योजना अनुमोदन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और जन शिकायत जैसी सेवाएँ ऑनलाइन मिलती हैं।
2. UPYOG Portal Bihar कब लॉन्च हुआ?
UPYOG Portal Bihar 31 अक्टूबर 2026, शनिवार को लॉन्च हुआ था। इसे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में लॉन्च किया था।
3. UPYOG Portal Bihar पर कौन-कौन सी सेवाएँ मिलती हैं?
पहले चरण में 10 मॉड्यूल शुरू हुए हैं, जिनमें ट्रेड लाइसेंस, भवन योजना अनुमोदन, पानी और सीवरेज कनेक्शन, विज्ञापन प्रबंधन, प्रॉपर्टी टैक्स, जन शिकायत निवारण, संपत्ति प्रबंधन, वाहन बेड़ा प्रबंधन, नगर लेखा और कानूनी मॉड्यूल शामिल हैं। पोर्टल पर जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और NOC जैसी सेवाएँ भी दिखाई गई हैं।
4. क्या UPYOG Portal Bihar पूरे बिहार में लागू है?
इस पोर्टल को बिहार के सभी 264 नगर निकायों के लिए लागू करने की योजना है। लेकिन हर सेवा हर शहर में एक साथ चालू नहीं हुई है। अपने शहर में सेवा की उपलब्धता पोर्टल पर जाँच लें।
5. UPYOG Portal Bihar पर आवेदन की स्थिति बिना लॉगिन के कैसे देखें?
बिना लॉगिन के भी स्थिति देखी जा सकती है। पोर्टल के होम पेज पर “Track Application” चुनें, अपनी आवेदन संख्या या मोबाइल नंबर डालें और स्थिति देखें। आवेदन संख्या आपकी पावती पर लिखी होती है।
6. UPYOG Portal Bihar पर शिकायत कैसे दर्ज करें?
पोर्टल पर Public Grievance Redressal (PGR) सेवा चुनें, अपना नगर निकाय और शिकायत की श्रेणी चुनें, विवरण लिखें और जमा करें। जमा करने पर मिलेगा रेफरेंस नंबर संभालकर रखें, उसी से बाद में स्थिति देखी जा सकती है।
7. UPYOG Portal Bihar की हेल्पलाइन क्या है?
पोर्टल पर हेल्पलाइन के तौर पर “1800-XXX-XXXX” लिखा है, यानी अभी कोई पूरा हेल्पलाइन नंबर प्रकाशित नहीं हुआ है। इसलिए हम यहाँ कोई नंबर नहीं दे रहे हैं। मदद के लिए आधिकारिक ईमेल upyog@bihar.gov.in पर लिखें। विभाग के अनुसार ईमेल का जवाब आमतौर पर 24 घंटे के अंदर मिलता है।
8. क्या UPYOG Portal Bihar पर शुल्क का भुगतान ऑनलाइन किया जा सकता है?
हाँ, पोर्टल पर प्रॉपर्टी टैक्स, पानी का बिल और अन्य नगर शुल्कों का ऑनलाइन भुगतान किया जा सकता है। भुगतान के बाद तुरंत रसीद मिलती है। भुगतान हमेशा असली पोर्टल upyog.bihar.gov.in पर ही करें।
महत्वपूर्ण लिंक
| सेवा / जानकारी | लिंक |
|---|---|
| UPYOG Portal Bihar (आधिकारिक पोर्टल) | upyog.bihar.gov.in |
| राष्ट्रीय UPYOG प्लेटफॉर्म (NIUA) | upyog.niua.in |
| नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार | राज्य सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर देखें |
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